पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर, सिंहस्थ-2028 महापर्व को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज सभागार में सोमवार को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के चतुर्थ बैच का शुभारंभ हुआ। इंदौर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर इस प्रशिक्षण का उद्घाटन किया, जिसमें उप पुलिस अधीक्षक हेडक्वार्टर उमाकांत चौधरी भी उपस्थित रहे। इस बैच में जिला पुलिस, बाल थाना सिमरोल, थाना कार्यालय और ऑफिस से कुल 37 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक वर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजनों में अनुशासन, सेवा भावना, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन, घाट प्रबंधन, आपातकालीन व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर केंद्रित रहने के निर्देश दिए। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में निरीक्षक दीपक खत्री, निरीक्षक अरुण सोलंकी, सूबेदार विनोद यादव और प्रधान उपनिरीक्षक त्रिलोक बोरासी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागियों को भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, प्राथमिक उपचार, सीपीआर, जल बचाव, संचार और सुरक्षा प्रबंधन का सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर, सिंहस्थ-2028 महापर्व को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज सभागार में सोमवार को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के चतुर्थ बैच का शुभारंभ हुआ। इंदौर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर इस प्रशिक्षण का उद्घाटन किया, जिसमें उप पुलिस अधीक्षक हेडक्वार्टर उमाकांत चौधरी भी उपस्थित रहे। इस बैच में जिला पुलिस, बाल थाना सिमरोल, थाना कार्यालय और ऑफिस से कुल 37 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक वर्मा
ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजनों में अनुशासन, सेवा भावना, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन, घाट प्रबंधन, आपातकालीन व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर केंद्रित रहने के निर्देश दिए। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में निरीक्षक दीपक खत्री, निरीक्षक अरुण सोलंकी, सूबेदार विनोद यादव और प्रधान उपनिरीक्षक त्रिलोक बोरासी द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागियों को भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, प्राथमिक उपचार, सीपीआर, जल बचाव, संचार और सुरक्षा प्रबंधन का सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा।
- नव चेतन पार्टी ने लोगों का स्वागत किया है। यह पार्टी की ओर से दिया गया एक आमंत्रण है।1
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र पर आयोजित री-NEET परीक्षा के दौरान तीन छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह गईं। इन छात्राओं को अलग-अलग कारणों से परीक्षा में शामिल नहीं किया जा सका। जानकारी के अनुसार, स्नेहा दुबे और रागिनी विश्वकर्मा नामक दो छात्राएं निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के लगभग दो मिनट बाद परीक्षा केंद्र पहुँचीं। नोडल अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद उन्हें केंद्र के अंदर तो जाने दिया गया, लेकिन बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पाने के कारण वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाईं। वहीं, अक्षता श्रीवास्तव नामक एक अन्य छात्रा पुराने परीक्षा के एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुँची थी। इस कारण उनका प्रवेश मान्य नहीं किया गया और वह भी परीक्षा देने से रह गईं।1
- मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री और सीनियर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंदौर विधानसभा-1 के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यदि कुछ लोग उन्हें 'काफिर' कहते हैं, तो उन्हें सरकार द्वारा बनाई गई सड़कों और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं का लाभ नहीं लेना चाहिए। विजयवर्गीय ने इंदौर में मंच से कहा कि जब यहां सड़क बन रही है, तो यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों भाई रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मुस्लिम भाई उन्हें 'काफिर' कहते हैं। इसी पर उन्होंने चुनौती दी कि अगर वे 'काफिर' हैं, तो उनकी बनाई सड़क पर न चलें। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर 'काफिर' होने के बावजूद लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का पैसा उनके घरों में आ रहा है, तो वे उसे भी न लें। कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' ही उनकी नीति रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही जनता उन्हें वोट दे या न दे, उनका काम जनता की सेवा करना है, हालांकि वोट मिलने पर वे 'ज्यादा दिल लगाकर काम करेंगे'। इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्ष और अपने आलोचकों पर तीखा निशाना साधा। उनके इस 'काफिर' वाले बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में जमकर चर्चा और बवाल हो रहा है।1
- इंदौर में NEET परीक्षा के नाम पर छात्रों के साथ ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक लॉ स्टूडेंट ChatGPT और अन्य AI टूल्स का उपयोग करके NEET परीक्षा का एक फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर रहा था। वह इस फर्जी पेपर को असली बताकर छात्रों को 100 से 200 रुपये में बेच रहा था। शिकायत मिलने के बाद इंदौर पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है।1
- इंदौर में कनाडिया पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई युवक का चाकू से केक काटते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद की गई है। पुलिस ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए युवक पर एक्शन लिया।1
- इंदौर शहर में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे पुलिस कमिश्नरेट के अभियान के तहत, तिलक नगर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस उपायुक्त (DCP) जोन 2 श्री अमन सिंह राठौड़ और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Addl. DCP) श्री अमरेंद्र सिंह के कुशल निर्देशन में टीम ने ब्रजेश्वरी एक्सटेंशन में हुई चोरी का चंद घंटों में खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी के जेवरात और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। चोरी की घटना के बाद, तिलक नगर पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की जिसने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल और उसके आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखे संदिग्धों और पुलिस के सक्रिय मुखबिर तंत्र से मिली सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को धरदबोचा गया। बताया जा रहा है कि वारदात के दौरान या पुलिस से बचने के प्रयास में गिरने के कारण दोनों आरोपियों के पैरों में चोटें आई हैं। पुलिस टीम ने मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखते हुए उन्हें तुरंत इंदौर के एमवाई (MY) अस्पताल उपचार के लिए रवाना किया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फरियादी के घर से चुराए गए सोने-चांदी के आभूषण शत-प्रतिशत बरामद कर लिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पकड़े गए दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है और शहर में हुई अन्य चोरी तथा नकबजनी की वारदातों के संबंध में उनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है, जिससे कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।1
- यह पोस्ट शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त दोहरे मापदंडों की तीखी आलोचना करता है, जिसे "लीक पर ढील, दो मिनट पर सील!" के नारे से बखूबी दर्शाया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि जब पेपर लीक होते हैं, तो व्यवस्था निष्क्रिय रहती है, और घोटालों के दौरान जिम्मेदार कुर्सियां मौन साध लेती हैं। लेकिन, जब कोई मासूम छात्र परीक्षा केंद्र पर मात्र दो मिनट की देरी से पहुँचता है, तो सभी नियम अचानक सक्रिय हो जाते हैं और कठोरता से लागू किए जाते हैं। यह लघु नाटक, जैसा कि पोस्ट में बताया गया है, इसी विरोधाभासी रवैये और उस गहरी पीड़ा को व्यक्त करता है जिसे आज देश का हर छात्र महसूस कर रहा है। पोस्ट अंत में नियमों के इस तराजू की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है और लोगों से अपनी राय साझा करने का आग्रह करता है।1
- नमो नमो शंकरा संस्था ने इंदौर की सिंधी धर्मशाला में आठवीं से बारहवीं क्लास तक के मेघावी छात्रों का सम्मान किया। जिन बच्चों ने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करते हुए अच्छे अंक प्राप्त किए, उन्हें प्रमाण पत्र और शील्ड के साथ नगद राशि भी प्रदान की गई। यह जानकारी नमो नमो शंकरा संस्था के अध्यक्ष पंकज फतेहचंदानी ने दी।1
- जनता की सेवा करते हुए एक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद, उसके परिवार को इलाज में लाखों रुपये खर्च करने पड़े। इतना सब कुछ होने के बावजूद, पीड़ित परिवार को अभी भी न्याय मिलने का इंतजार है।1