गिद्धौर के दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ सोमवार रात करीब 7:55 बजे ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. राहुल कुमार और जीएनएम नूतन कुमारी ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज करने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों द्वारा सोनो प्रखंड के डुमरी गांव निवासी घायल तनोज कुमार को केशवपुर गांव के समीप हुई सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल लाया गया था। हालाँकि, अस्पताल पहुँचने पर ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने यह कहते हुए इलाज से मना कर दिया कि उनकी ड्यूटी खत्म हो चुकी है और आने वाला डॉक्टर ही इलाज करेगा। इस घटना के बाद घायल व्यक्ति के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। रिपोर्ट के अनुसार, दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की विधि-व्यवस्था खुद "बीमार पड़ी हुई है"। डॉ. राहुल कुमार और जीएनएम नूतन कुमारी पर पहले भी मरीजों के साथ अच्छे ढंग से व्यवहार न करने के आरोप लगते रहे हैं, जिससे आम ग्रामीण और मरीज लगातार परेशान रहते हैं। इस डॉक्टर से संबंधित खबरें अखबारों में कई बार छपती रही हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में पूछे जाने पर डॉ. राहुल कुमार ने बताया कि उनकी ड्यूटी 8:00 बजे ऑफ हो चुकी थी और उनकी ड्यूटी के दौरान कोई भी मरीज नहीं आया था। वहीं, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरोत्तम कुमार ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि वीडियो मंगवाकर जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि इस बार कोई ठोस कार्रवाई होती है या पूर्व की तरह इस मामले को भी दबा दिया जाता है।
गिद्धौर के दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ सोमवार रात करीब 7:55 बजे ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. राहुल कुमार और जीएनएम नूतन कुमारी ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज करने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों द्वारा सोनो प्रखंड के डुमरी गांव निवासी घायल तनोज कुमार को केशवपुर गांव के समीप हुई सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल लाया गया था। हालाँकि, अस्पताल पहुँचने पर ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने यह कहते हुए इलाज से मना कर दिया कि उनकी ड्यूटी खत्म हो चुकी है और आने वाला डॉक्टर ही इलाज करेगा। इस घटना के बाद घायल व्यक्ति के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। रिपोर्ट के अनुसार, दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की विधि-व्यवस्था खुद "बीमार पड़ी हुई है"। डॉ. राहुल कुमार
और जीएनएम नूतन कुमारी पर पहले भी मरीजों के साथ अच्छे ढंग से व्यवहार न करने के आरोप लगते रहे हैं, जिससे आम ग्रामीण और मरीज लगातार परेशान रहते हैं। इस डॉक्टर से संबंधित खबरें अखबारों में कई बार छपती रही हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में पूछे जाने पर डॉ. राहुल कुमार ने बताया कि उनकी ड्यूटी 8:00 बजे ऑफ हो चुकी थी और उनकी ड्यूटी के दौरान कोई भी मरीज नहीं आया था। वहीं, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरोत्तम कुमार ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि वीडियो मंगवाकर जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि इस बार कोई ठोस कार्रवाई होती है या पूर्व की तरह इस मामले को भी दबा दिया जाता है।
- तारापुर थाना क्षेत्र के पढ़भरा गांव में पुलिस ने रविवार को भरण-पोषण की न्यायालय द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान न करने के मामले में वर्षों से फरार चल रहे वारंटी राणा राकेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी सुलोचना कुमारी द्वारा दायर किए गए एक वाद के संबंध में हुई है, जिसमें परिवार न्यायालय ने 24 मई 2014 को राणा राकेश सिंह को 1 लाख 19 हजार 600 रुपये भरण-पोषण राशि देने का आदेश दिया था। आदेश का पालन न करने के कारण 17 जून 2023 को उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। रविवार सुबह थानाध्यक्ष राजकुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पढ़भरा गांव में छापेमारी कर उसे दबोचा। पुलिस ने बताया कि आरोपित इसी मामले में करीब पांच माह पूर्व भी जेल जा चुका है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में न्यायालय भेज दिया गया है।1
- खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 15 स्थित गोगरी नगर परिषद क्षेत्र में दो बहनों के साथ मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पीड़िता तराना परवीन ने गोगरी थाने में एक आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि मंगलवार सुबह करीब दस बजे आरोपी सुलेमान अंसारी, उनकी पत्नी नुसरत खातून, पुत्र मो. जिसान, मो. असद और पुत्री तनिषा खातून ने पहले तराना परवीन के साथ मारपीट की। जब उनकी बहन तमन्ना खातून उन्हें बचाने आईं, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इस मारपीट का कारण बकरे से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। आरोप है कि आरोपी बकरे को मार रहे थे, जिसका विरोध करने पर उन्होंने दोनों बहनों के साथ मारपीट की। गोगरी थाना पुलिस ने अब इस मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है।1
- बिहार के मुंगेर में वीडियो मंडल की शव यात्रा एक असाधारण तरीके से निकाली गई, जिसने रास्ते भर लोगों का ध्यान खींचा। मिली जानकारी के अनुसार, दिल का दौरा पड़ने से निधन हुए वीडियो मंडल के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए डीजे पर नाचते हुए ले जाया गया। इस अनोखी अंतिम यात्रा को देखने के लिए लोग रास्ते भर रुक कर देखते रह गए, जिससे यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।1
- बांकीपुर उपचुनाव को जन सुराज के लिए एक परीक्षा की घड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। इस संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनावी रणनीति पर एक तीखा सवाल उठाया गया है, जिसमें पूछा गया है कि क्या भाजपा इस चुनाव में 'कुत्ता बिल्ली' को उतारेगी।1
- लखीसराय जिले में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। भाजपा जिला कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें स्मरण पर्व पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए की जीत सुनिश्चित है। प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने संबंधी सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का अधिकार सभी को प्राप्त है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दीपक कुमार ने की, जिसमें विजय सिन्हा और पूर्व मंत्री जनक राम मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने अपने संबोधन में डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें तथा सरकारी योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाएँ। कार्यक्रम का समापन डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ।1
- गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में आशा कार्यकर्ताएँ मंगलवार को पंद्रहवें दिन भी काम का बहिष्कार करते हुए हड़ताल पर डटी रहीं। दर्जनों आशा कार्यकर्ताएँ मंगलवार सुबह आठ बजे से अनुमंडलीय अस्पताल में धरने पर बैठी रहीं, जिसके चलते पल्स पोलियो और आरआई टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए हैं। गोगरी प्रखंड के आशा संघ से जुड़े नेताओं ने बताया कि उनकी कई प्रमुख माँगें हैं, जिनमें आशा कार्यकर्ताओं को बकाया वेतन का भुगतान, स्थायी कर्मचारी का दर्जा, इक्कीस हज़ार रुपये का निश्चित वेतन, रिटायरमेंट पैकेज और आजीवन पेंशन लागू करना शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हड़ताल 23 जून से लगातार जारी है। संघ नेताओं के अनुसार, इन मांगों को पूरा कराने के लिए सरकार को पहले ही अल्टीमेटम दिया जा चुका है और विभिन्न स्थानों पर मांग पत्र भी सौंपे गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी माँगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा, जिसमें सड़कों और रेल पटरियों को जाम कर उग्र प्रदर्शन करना शामिल होगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताएँ मौजूद थीं।1
- इन्द्रुख पूर्वी पंचायत में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं। शिविर के दौरान, डीएम ने ग्रामीणों की शिकायतों और मुद्दों पर ध्यान दिया और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान एक महीने के भीतर कर दिया जाएगा।1
- मुंगेर में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ फर्श पर सो रहे एक इंटर पास छात्र को कोबरा सांप ने डस लिया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद, छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन दुखद रूप से वह अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ चुका था। इस आकस्मिक घटना से छात्र के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।1