Shuru
Apke Nagar Ki App…
Guru Reality Show
More news from Korea and nearby areas
- Post by Guru Reality Show1
- बैकुंठपुर / जम्मू नोनी बाबू मन हो खुशहाल, चलो मनाबव वजन त्यौहार 9 फ़रवरी से 18 फ़रवरी तक सभी आँगन बाड़ी केन्द्रो पर मनाया जायेगा1
- Post by Shivnath bagheL1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- अनूपपुर। जिले के राजेंद्रग्राम थाना अंतगर्त रीवा–अमरकंटक मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार पिकअप वाहन चालक ने सड़क पार कर रही तीन महिलाओं को जोरदार टक्कर मार दी जिसमें एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई वहीं दो की हालत गंभीर है। राजेंद्र ग्राम वेटरनरी चिकित्सालय तिराहा के पास यह दुर्घटना हुई। बताया गया कि तीनों महिलाएं बाजार से घर जाने के लिए मुख्य मार्ग को पार कर रही थी इसी दौरान अनूपपुर की तरफ से तेज रफ्तार पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 21 जी 2032 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए तीनों महिलाओं को टक्कर मार दी। इसके बाद अनियंत्रित होकर के सड़क किनारे खड़े बस के पीछे जा टकराया। इस दुघर्टना में बाजार करने आई 35 वर्षीय पप्पी बैगा पति अच्छे लाल बैगा निवासी ग्राम करौदापानी की चपेट में आने से मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं दो महिला 52 वर्षीय बतसिया बाई पति हेमराज लोकेश निवासी ग्राम जरही एवं 24 वर्षीय शिववती पति वृजमोहन निवासी ग्राम उमनिया गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसे स्थानीय लोगों ने पुष्पराजगढ़ समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां इलाज जारी हैं। रविवार को राजेंद्रग्राम में बाजार का दिन रहता हैं जहां लोगो की भीड होती हैं इसके बावजूद पिकअप चालक तेज रफ्तार में वाहन को चलाते हुए आ रहा था। यहां मुख्य मार्ग पर बस चालक वाहन को खड़ी कर यात्रियों का इंतजार भी करते रहते हैं जिसकी वजह से सड़क पर बेवजह ही जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मामले पर राजेंद्र ग्राम थाना प्रभारी प्रकाश चंद्र कोल ने बताया कि मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच की जा रही है इसके साथ ही घायलों के बयान लिए गए हैं और पिकअप वाहन को जप्त कर लिया गया है।4
- न्यूज़ चैनल में रिपोर्टर की आवश्यकता है2
- कुड़केला धान मंडी में हाथी का कहर, 30 हजार क्विंटल धान पर संकट के बादल छाल/धरमजयगढ़ - जिले के कुड़केला स्थित धान मंडी में बीती रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अचानक मंडी परिसर में घुस आया। हाथी ने मंडी में जमकर उत्पात मचाते हुए धान से भरी बोरियों को इधर-उधर पटक दिया, जिससे हजारों क्विंटल धान के क्षतिग्रस्त होने की आशंका गहरा गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी के अचानक प्रवेश से मंडी परिसर में हड़कंप मच गया। जान का खतरा देखते हुए मंडी में मौजूद कर्मचारी इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए। कर्मचारियों का कहना है कि “रात के अंधेरे में हाथी के सामने टिक पाना मुश्किल था, जान बचाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई।” जानकारी के अनुसार, वर्तमान में मंडी परिसर में करीब 30 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। ऐसे में एक ओर जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही का खतरा बना हुआ है, तो दूसरी ओर समय पर धान का उठाव नहीं होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलने की आशंका है। हाथी के उत्पात के बाद मंडी प्रबंधन और स्थानीय किसानों में दहशत का माहौल है। सामने आई तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह धान से भरी बोरियां अस्त-व्यस्त पड़ी हुई हैं, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। घटना के बाद वन विभाग ने सतर्कता बरतते हुए अलर्ट जारी किया है और रात के समय मंडी क्षेत्र की ओर आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बावजूद इसके सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में खुले में रखे धान की सुरक्षा आखिर कैसे सुनिश्चित की जाएगी? गौरतलब है कि कुड़केला धान मंडी पहले से ही अव्यवस्थाओं और विवादों को लेकर चर्चा में रही है। हाल ही में मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर खबरें सामने आई थीं और अब हाथी के आतंक ने मंडी प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि शीघ्र ही धान का उठाव एवं ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन, वन विभाग और मंडी प्रबंधन मिलकर इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।2
- Post by Guru Reality Show1