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शैलेन्द्र सिंह सतना जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हैं।
Ravi Shankar pathak
शैलेन्द्र सिंह सतना जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हैं।
More news from मैहर and nearby areas
- मध्यप्रदेश सहायक पटवारी संगठन ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन ने साफ तौर पर कहा है कि यदि यह आंदोलन होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- सतना में, व्यापारियों ने सड़कों पर बैठकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए, जहाँ उन्होंने सतना के विकास और स्मार्ट सिटी परियोजना को 'सत्यानाश' करार दिया। व्यापारियों ने 'मोती जी यादव जी भाजपा सरकार' पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने उन व्यापारियों को भी ठग लिया है, जिनके वोटों से यह सरकार सत्ता में आई है। उन्होंने सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए तीखे शब्दों में कहा कि 'ऐसा कोई सगा नहीं जिसे आपने डसा नहीं'।1
- मैहर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत जरियारी में जल संकट अब एक गंभीर समस्या का रूप ले चुका है, जिससे भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण पानी के लिए हाहाकार मचा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने जनपद CEO अशोक तिवारी से अपनी समस्या बताई और राहत की मांग की, तो उन्हें कथित तौर पर जवाब मिला कि "पानी नहीं आ रहा तो हम क्या करें, हम अपने तरीके से काम करेंगे।" इस कथित बयान के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई है। जनता का कहना है कि यदि प्रशासन आम लोगों को पानी जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं करा सकता, तो फिर जिम्मेदार पदों का कोई अर्थ नहीं रह जाता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एक तरफ प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने वाले कारोबारियों को पेड़ कटवाने और गहरी खदानें खोदने की खुली छूट दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों की सुनवाई तक नहीं हो रही। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रशासन पैसे वालों की चौखट पर तो सक्रिय दिखाई देता है, लेकिन आम जनता की प्यास और परेशानी को लेकर संवेदनहीन बना हुआ है। जरियारी के ग्रामीण अब सीधे सवाल उठा रहे हैं कि क्या मैहर प्रशासन की प्राथमिकता केवल कारोबारियों की सुविधा है, या फिर आम जनता का जीवन भी उसके लिए कोई मायने रखता है।1
- मैहर में समाजसेवा का पर्याय बन चुके धीरज पांडेय पिछले सात वर्षों से 'माई की रसोई' के माध्यम से हजारों जरूरतमंदों को भरपेट भोजन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराकर मानवता की एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। उनकी इस निःस्वार्थ सेवा से क्षेत्र के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। इसी बीच, धीरज पांडेय के सुपुत्र सौरज पांडेय ने मैहर की आम जनता से एक मार्मिक अपील की है, जिसमें उन्होंने सेवा कार्यों में सहयोग करने और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया है। सौरज का यह भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी लोग भावुक होकर सराहना कर रहे हैं।1
- मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश के बाद, जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह ने रानी दुर्गावती छात्रावास मैहर की अधीक्षिका पुष्पलता सिंह और जिला आदिम जाति कल्याण अधिकारी कमलेश शुक्ला को नोटिस जारी किया है।1
- केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी इस बहुचर्चित मौत मामले की चल रही जांच के तहत की गई है।1
- सतना शहर के सिंधी कैंप पुरुस्वानी मोहल्ले में एक कुत्ते के आतंक से स्थानीय निवासी बेहद डरे हुए हैं। यह कुत्ता कई दिनों से लगातार लोगों को अपना शिकार बना रहा है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया है। इस आक्रामक कुत्ते के कारण लोगों और छोटे बच्चों का घर से बाहर निकलना तक दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन और नगर निगम को शिकायत भी की है, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है, जब हाल ही में शहर में एक अन्य कुत्ते ने 40 से अधिक लोगों को काट कर शिकार बनाया था। अब उसी तरह के एक और कुत्ते का आतंक पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले चुका है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले की मैहर तहसील के ग्राम अजवाइन में L&T कंपनी से जुड़े एक ठेकेदार के कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि पानी पाइपलाइन सुधार कार्य के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, जबकि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों का अभाव है। एक वायरल वीडियो में श्रमिक बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे एक बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गाँव की सड़कों और गलियों में खुले गड्ढे छोड़ दिए गए हैं, जिनमें राहगीर, बच्चे या वाहन कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। ग्रामीणों ने कार्यस्थल पर चेतावनी बोर्ड न लगाने और सुरक्षा घेराबंदी न करने का भी आरोप लगाया है। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी और कार्रवाई नहीं हुई तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं।1
- धर्म नगरी चित्रकूट में दर्शन करने आए कुछ यात्रियों द्वारा शराब के नशे में हंगामा करने और सदगुरू बस चालक के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। यह घटना कार क्रमांक UP90AE 8629 द्वारा मरीजों से भरी सदगुरू की बस को ओवरटेक करने के दौरान हुए विवाद के बाद हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि कार सवार यात्रियों ने बस चालक के साथ जमकर मारपीट कर दी। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस दोनों पक्षों – कार सवार यात्रियों और बस चालक – को थाने ले गई, जहाँ मामले की जाँच की जा रही है। इस घटना से बस में सवार मरीजों में भय का माहौल फैल गया।2