विशेष लेख | सूरदास जयंती पर श्रद्धा और भक्ति का संदेश ✍️ रिपोर्ट: सूर्य प्रकाश पाण्डेय 📍 मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन भारत की भक्ति परंपरा में महान संत और कवि सूरदास जी का स्थान अत्यंत ऊँचा और सम्माननीय है। उनकी जयंती केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का पावन अवसर है। 15वीं शताब्दी में जन्मे सूरदास जी भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे, जिन्होंने अपने काव्य के माध्यम से भक्ति को जन-जन तक पहुंचाया। सूरदास जी दृष्टिहीन थे, लेकिन उनकी अंतर्दृष्टि इतनी प्रखर थी कि उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, स्नेह, वात्सल्य और प्रेम को शब्दों में जीवंत कर दिया। उनकी रचनाएं आज भी हर आयु वर्ग के लोगों को भावविभोर कर देती हैं। उनकी प्रसिद्ध कृति ‘सूरसागर’ में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का अत्यंत सुंदर और मार्मिक वर्णन मिलता है, जो भक्ति साहित्य की अमूल्य धरोहर है। उनकी भाषा सरल, मधुर और भावनाओं से परिपूर्ण है, जिससे हर पाठक और श्रोता सीधे जुड़ जाता है। सूरदास जी ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा ज्ञान और ईश्वर की अनुभूति आंखों से नहीं, बल्कि हृदय की गहराइयों से होती है। आज के आधुनिक युग में, जब मानव जीवन भागदौड़ और तनाव से घिरा हुआ है, सूरदास जी की शिक्षाएं हमें सच्ची भक्ति, समर्पण और प्रेम का मार्ग दिखाती हैं। उनके पदों में न केवल धार्मिक आस्था है, बल्कि जीवन जीने की सरल और सच्ची प्रेरणा भी निहित है। 📜 भक्ति की अमूल्य पंक्तियां: मैया! मोरी मैं नहीं माखन खायो, ख्याल परे ये सखा सबै मिलि, मुख लपटायो। देखत नंद जू झूठो हँसैं, जसुमति मुसकायो, सूरदास प्रभु बाल लीला, मन हरषायो। चरण कमल बांधव हरि राई, जाकी कृपा पंगु गिरी लांघे। अंधे को सब कुछ दर्शाई, बहरों सुने गूंग पन बोले। रंक चढ़े सिर छत्र चढ़ाई, सूरदास स्वामी करुणामय, बार-बार बंदौं उर लाई। अंततः, सूरदास जी की जयंती हमें यह संदेश देती है कि भक्ति में अपार शक्ति है। सच्चे मन से किया गया समर्पण जीवन को नई दिशा देता है और आत्मा को शांति प्रदान करता है। 🙏 सूरदास जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। विशेष लेख | सूरदास जयंती पर श्रद्धा और भक्ति का संदेश ✍️ रिपोर्ट: सूर्य प्रकाश पाण्डेय 📍 मानवाधिकार सुरक्षा एवं श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे, जिन्होंने अपने काव्य के माध्यम से भक्ति को जन-जन तक पहुंचाया। सूरदास जी दृष्टिहीन थे, लेकिन उनकी अंतर्दृष्टि इतनी प्रखर थी कि उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, स्नेह, वात्सल्य और प्रेम को शब्दों में जीवंत कर दिया। उनकी रचनाएं आज भी हर आयु वर्ग के लोगों को भावविभोर कर देती हैं। उनकी प्रसिद्ध कृति ‘सूरसागर’ में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का अत्यंत सुंदर और मार्मिक वर्णन मिलता है, जो भक्ति साहित्य की अमूल्य धरोहर है। उनकी भाषा सरल, मधुर और भावनाओं से परिपूर्ण है, जिससे हर पाठक और श्रोता सीधे जुड़ जाता है। सूरदास जी ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा ज्ञान और ईश्वर की अनुभूति आंखों से नहीं, बल्कि हृदय की गहराइयों से होती है। आज के आधुनिक युग में, जब मानव जीवन भागदौड़ और तनाव से घिरा हुआ है, सूरदास जी की शिक्षाएं हमें सच्ची भक्ति, समर्पण और प्रेम का मार्ग दिखाती हैं। उनके पदों में न केवल धार्मिक आस्था है, बल्कि जीवन जीने की सरल और सच्ची प्रेरणा भी निहित है। 📜 भक्ति की अमूल्य पंक्तियां: मैया! मोरी मैं नहीं माखन खायो, ख्याल परे ये सखा सबै मिलि, मुख लपटायो। देखत नंद जू झूठो हँसैं, जसुमति मुसकायो, सूरदास प्रभु बाल लीला, मन हरषायो। चरण कमल बांधव हरि राई, जाकी कृपा पंगु गिरी लांघे। अंधे को सब कुछ दर्शाई, बहरों सुने गूंग पन बोले। रंक चढ़े सिर छत्र चढ़ाई, सूरदास स्वामी करुणामय, बार-बार बंदौं उर लाई। अंततः, सूरदास जी की जयंती हमें यह संदेश देती है कि भक्ति में अपार शक्ति है। सच्चे मन से किया गया समर्पण जीवन को नई दिशा देता है और आत्मा को शांति प्रदान करता है। 🙏 सूरदास जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।
विशेष लेख | सूरदास जयंती पर श्रद्धा और भक्ति का संदेश ✍️ रिपोर्ट: सूर्य प्रकाश पाण्डेय 📍 मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन भारत की भक्ति परंपरा में महान संत और कवि सूरदास जी का स्थान अत्यंत ऊँचा और सम्माननीय है। उनकी जयंती केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का पावन अवसर है। 15वीं शताब्दी में जन्मे सूरदास जी भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे, जिन्होंने अपने काव्य के माध्यम से भक्ति को जन-जन तक पहुंचाया। सूरदास जी दृष्टिहीन थे, लेकिन उनकी अंतर्दृष्टि इतनी प्रखर थी कि उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, स्नेह, वात्सल्य और प्रेम को शब्दों में जीवंत कर दिया। उनकी रचनाएं आज भी हर आयु वर्ग के लोगों को भावविभोर कर देती हैं। उनकी प्रसिद्ध कृति ‘सूरसागर’ में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का अत्यंत सुंदर और मार्मिक वर्णन मिलता है, जो भक्ति साहित्य की अमूल्य धरोहर है। उनकी भाषा सरल, मधुर और भावनाओं से परिपूर्ण है, जिससे हर पाठक और श्रोता सीधे जुड़ जाता है। सूरदास जी ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा ज्ञान और ईश्वर की अनुभूति आंखों से नहीं, बल्कि हृदय की गहराइयों से होती है। आज के आधुनिक युग में, जब मानव जीवन भागदौड़ और तनाव से घिरा हुआ है, सूरदास जी की शिक्षाएं हमें सच्ची भक्ति, समर्पण और प्रेम का मार्ग दिखाती हैं। उनके पदों में न केवल धार्मिक आस्था है, बल्कि जीवन जीने की सरल और सच्ची प्रेरणा भी निहित है। 📜 भक्ति की अमूल्य पंक्तियां: मैया! मोरी मैं नहीं माखन खायो, ख्याल परे ये सखा सबै मिलि, मुख लपटायो। देखत नंद जू झूठो हँसैं, जसुमति मुसकायो, सूरदास प्रभु बाल लीला, मन हरषायो। चरण कमल बांधव हरि राई, जाकी कृपा पंगु गिरी लांघे। अंधे को सब कुछ दर्शाई, बहरों सुने गूंग पन बोले। रंक चढ़े सिर छत्र चढ़ाई, सूरदास स्वामी करुणामय, बार-बार बंदौं उर लाई। अंततः, सूरदास जी की जयंती हमें यह संदेश देती है कि भक्ति में अपार शक्ति है। सच्चे मन से किया गया समर्पण जीवन को नई दिशा देता है और आत्मा को शांति प्रदान करता है। 🙏 सूरदास जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। विशेष लेख | सूरदास जयंती पर श्रद्धा और भक्ति का संदेश ✍️ रिपोर्ट: सूर्य प्रकाश पाण्डेय 📍 मानवाधिकार सुरक्षा एवं श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे, जिन्होंने अपने काव्य के माध्यम से भक्ति को जन-जन तक पहुंचाया। सूरदास जी दृष्टिहीन थे, लेकिन उनकी अंतर्दृष्टि इतनी प्रखर थी कि उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, स्नेह, वात्सल्य और प्रेम को शब्दों में जीवंत कर दिया। उनकी रचनाएं आज भी हर आयु वर्ग के लोगों को भावविभोर कर देती हैं। उनकी प्रसिद्ध कृति ‘सूरसागर’ में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का अत्यंत सुंदर और मार्मिक वर्णन मिलता है, जो भक्ति साहित्य की अमूल्य धरोहर है। उनकी भाषा सरल, मधुर और भावनाओं से परिपूर्ण है, जिससे हर पाठक और श्रोता सीधे जुड़ जाता है। सूरदास जी ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा ज्ञान और ईश्वर की अनुभूति आंखों से नहीं, बल्कि हृदय की गहराइयों से होती है। आज के आधुनिक युग में, जब मानव जीवन भागदौड़ और तनाव से घिरा हुआ है, सूरदास जी की शिक्षाएं हमें सच्ची भक्ति, समर्पण और प्रेम का मार्ग दिखाती हैं। उनके पदों में न केवल धार्मिक आस्था है, बल्कि जीवन जीने की सरल और सच्ची प्रेरणा भी निहित है। 📜 भक्ति की अमूल्य पंक्तियां: मैया! मोरी मैं नहीं माखन खायो, ख्याल परे ये सखा सबै मिलि, मुख लपटायो। देखत नंद जू झूठो हँसैं, जसुमति मुसकायो, सूरदास प्रभु बाल लीला, मन हरषायो। चरण कमल बांधव हरि राई, जाकी कृपा पंगु गिरी लांघे। अंधे को सब कुछ दर्शाई, बहरों सुने गूंग पन बोले। रंक चढ़े सिर छत्र चढ़ाई, सूरदास स्वामी करुणामय, बार-बार बंदौं उर लाई। अंततः, सूरदास जी की जयंती हमें यह संदेश देती है कि भक्ति में अपार शक्ति है। सच्चे मन से किया गया समर्पण जीवन को नई दिशा देता है और आत्मा को शांति प्रदान करता है। 🙏 सूरदास जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।
- जौनपुर के कोइरीडीहा में स्थित R K डेंटल क्लिनिक , मरीजों के लिए बना वरदान , डॉ राज कुमार ने बताया कि दांत शरीर का एक अहम हिस्सा से इसके बिना चेहरे की सुंदरता और स्वाद दोनों की कमी होती है। जौनपुर के सबसे कम मूल्य पर चिकित्सा और परामर्श दिया जाता है ।1
- संख्या इतनी ज़्यादा है कि स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं । मज़दूर कह रहे हैं कि सिलेंडर की कमी के चलते भूखे मरने की हालत है । लेकिन इनके लिए मोदी जी के पास एक शब्द भी नहीं है..1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- उन्होंने हमें सिर्फ संविधान नहीं दिया, 👉 जीने का अधिकार दिया 👉 सम्मान से खड़े होने का साहस दिया 👉 शिक्षा के जरिए आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया आज जरूरत है कि हम उनके सपनों का भारत बनाएं— 📚 अपने बच्चों को शिक्षित करें 🤝 समाज में एकता और भाईचारा बढ़ाएं ⚖️ अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें 💥 याद रखिए: "जो समाज शिक्षित होता है, वही आगे बढ़ता है!" आइए संकल्प लें— 👉 बाबा साहब के विचारों को घर-घर पहुंचाएंगे 👉 सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएंगे 👉 शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएंगे जय भीम : जय संविधान1
- Post by The Live1
- मऊ में भीषण सड़क हादसा: ब्लैक स्कॉर्पियो ने बाइक सवार को कुचला, फिर खड़ी कार से टकराकर पलटी उत्तर प्रदेश के मऊ में तेज रफ्तार ब्लैक स्कॉर्पियो ने मंगलवार को कहर बरपा दिया। पहले अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मारते हुए कुचल दिया, इसके बाद हाईवे किनारे एक साइड खड़ी सफेद कार में जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो खुद भी पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और घायलों को वाहन से बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्कॉर्पियो काफी तेज रफ्तार में थी, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। हादसे में बाइक सवार समेत कई लोगों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे का वीडियो सामने आने के बाद लोग तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने पर सवाल उठा रहे हैं।1
- Post by अरुण कुमार दुबे ब्यूरो चीफ1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- पटना में दिनदहाड़े ज्वैलरी शोरूम में लूट, पिस्टल के बल पर 20 लाख के गहने लेकर फरार पटना में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आए, जहां एक ज्वैलरी शोरूम में घुसकर बदमाशों ने हथियार के बल पर बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, हेलमेट पहने कई लुटेरे शोरूम में पहुंचे और मालिक को पिस्टल की नोंक पर लेकर करीब 20 लाख रुपये की ज्वैलरी लूटकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि बदमाश अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहनकर आए थे। घटना के दौरान शोरूम में अफरा-तफरी मच गई। वारदात का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बदमाशों का बेखौफ अंदाज साफ दिखाई दे रहा है। ऑडियो से भी उनके दुस्साहस का अंदाजा लगाया जा सकता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। इस वारदात के बाद इलाके के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।1