शिकारपुर के जहांगीराबाद चूंगी स्थित एक प्रसिद्ध वेज बिरयानी प्रतिष्ठान में परोसी गई बिरयानी में छिपकली मिलने का मामला गरमा गया है। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर इसका वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। खबर का बड़ा असर देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (फूड विभाग) की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उक्त दुकान से वेज बिरयानी का सैंपल भरा और उसे जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेज दिया है। इस कार्रवाई के दौरान जहां कुछ लोग और प्रतिष्ठान से जुड़े पक्ष यह दावा करते दिखे कि बिरयानी में छिपकली नहीं निकली थी, वहीं जनता और प्रत्यक्षदर्शियों के बीच इस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि यदि बिरयानी में छिपकली नहीं थी, तो आखिर वह वीडियो कहां से आया और क्यों वायरल हुआ। इसके अलावा, सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि जब खाद्य विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने पहुंचे, तो तथाकथित रूप से खुद को सही बताने वाले दुकानदारों या उनके समर्थकों ने कोई विरोध या चूं-चा तक नहीं की और चुपचाप सैंपल लेने दिया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि प्रतिष्ठान पूरी तरह पाक-साफ था, तो इस कार्रवाई का विरोध क्यों नहीं किया गया। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राजकीय प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। यदि सैंपल में मिलावट या असुरक्षित खाद्य पदार्थ की पुष्टि होती है, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से स्थानीय खाद्य व्यवसायियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, स्थानीय जनता का कहना है कि समाचार माध्यमों द्वारा जनहित के इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के बाद ही सोए हुए खाद्य विभाग की आंखें खुली हैं।
शिकारपुर के जहांगीराबाद चूंगी स्थित एक प्रसिद्ध वेज बिरयानी प्रतिष्ठान में परोसी गई बिरयानी में छिपकली मिलने का मामला गरमा गया है। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर इसका वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। खबर का बड़ा असर देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (फूड विभाग) की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उक्त दुकान से वेज बिरयानी का सैंपल भरा और उसे जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेज दिया है। इस कार्रवाई के दौरान जहां कुछ लोग और प्रतिष्ठान से जुड़े पक्ष यह दावा करते दिखे कि बिरयानी में छिपकली नहीं निकली थी, वहीं जनता और प्रत्यक्षदर्शियों के बीच इस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि यदि बिरयानी में छिपकली नहीं थी, तो आखिर वह वीडियो कहां से आया और क्यों वायरल हुआ। इसके अलावा, सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि जब खाद्य विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने पहुंचे, तो तथाकथित रूप से खुद को सही बताने वाले दुकानदारों या उनके समर्थकों ने कोई विरोध या चूं-चा तक नहीं की और चुपचाप सैंपल लेने दिया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि प्रतिष्ठान पूरी तरह पाक-साफ था, तो इस कार्रवाई का विरोध क्यों नहीं किया गया। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राजकीय प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। यदि सैंपल में मिलावट या असुरक्षित खाद्य पदार्थ की पुष्टि होती है, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से स्थानीय खाद्य व्यवसायियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, स्थानीय जनता का कहना है कि समाचार माध्यमों द्वारा जनहित के इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के बाद ही सोए हुए खाद्य विभाग की आंखें खुली हैं।
- उत्तर प्रदेश सरकार के "वृक्षारोपण महाअभियान" के तहत बुलंदशहर के चोला और ककोड़ थाना परिसरों में रविवार को वृहद पौधा रोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चोला थाना परिसर में इस अभियान की शुरुआत थाना प्रभारी बलराम सिंह सेंगर के नेतृत्व में हुई, जिसके तहत थाना गेट, बैरक और परेड ग्राउंड में लगभग 300 पौधे लगाए गए। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नीम, पीपल, बरगद, अशोक और अमरूद के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि "एक थाना-एक उपवन" की तर्ज पर थाना परिसर को पूरी तरह हरा-भरा बनाया जाएगा और सभी पुलिसकर्मियों को इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। इसी कड़ी में ककोड़ थाना परिसर में भी थाना प्रभारी सर्जेश कुमार यादव की अगुवाई में बड़े पैमाने पर पौधा रोपण किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय लेखपाल, ग्राम प्रधान और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यहाँ 280 से अधिक फलदार और छायादार पौधे रोपे गए और बच्चों को "पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ" का संदेश दिया गया। इस अभियान के दौरान एसडीएम दिनेश चंद ने कहा कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का काम भी करती है; थानों में इस तरह के पौधा रोपण से आम जनता को भी प्रेरणा मिलेगी। वहीं सीओ दीपक कुमार ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि लगाए गए सभी पौधों की 3 साल तक निरंतर देखभाल की जाए और गर्मियों में इनमें पानी देने की विशेष ड्यूटी तय की जाए। इस अवसर पर चोला और ककोड़ थानों के पुलिसकर्मियों ने प्लास्टिक का उपयोग कम करने और हर महीने कम से कम एक पौधा लगाने की शपथ ली। परिसर में "हरा-भरा थाना" बोर्ड भी लगाया गया। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने भी पूरे उत्साह के साथ पौधा रोपण किया और हरियाली की रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी, नगर पंचायत कर्मी और स्थानीय ग्रामवासी मौजूद रहे।1
- बुलंदशहर के खुर्जा जंक्शन चौकी क्षेत्र में फ्लाईओवर के पास रहने वाले दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस मामले में मृतक के भाई और मां पर ही हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की पूरी जांच में जुट गई है। दीपक अपनी पत्नी राजकुमारी और दो बच्चों, छह वर्षीय अवि व चार वर्षीय मेघना के साथ रहता था। करीब 15 दिन पहले ही उसकी पत्नी राजकुमारी अपने दोनों बच्चों को लेकर अपने मायके अनूपशहर के गांव एचौरा चली गई थी। बताया जा रहा है कि लगभग 10 दिन पहले दोनों भाइयों ने अपनी जमीन बेची थी। इसके बाद बीती रात शराब पीने के दौरान इनके बीच आपस में कोई विवाद हुआ था। पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद अस्पताल में एक अजीब स्थिति देखने को मिली, जहां लड़के पक्ष का कोई भी व्यक्ति पोस्टमार्टम के वक्त वहां मौजूद नहीं था। इसके विपरीत, लड़की पक्ष के लोग और उनके रिश्तेदार वहां पहुंच चुके थे। इस संवेदनशील मामले में मृतक की पत्नी राजकुमारी और उसकी साली रश्मि के बयान भी सामने आए हैं।3
- अलीगढ़ में एक युवक के घर में घुसकर उस पर हमला करने का मामला सामने आया है। इस घटना में युवक को जान से मारने की नीयत से हमला करने का आरोप लगाया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई है और मामले की जांच में जुट गई है।1
- नोएडा के थाना फेस वन पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पाइसजेट कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में नोएडा के सेक्टर-2 से रविवार को चार अभियुक्तों सुदेश सिंह, बृजेश भदौरिया, अर्जुन और संदीप कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, नौ डेबिट कार्ड, 13 सिम कार्ड, तीन बैंक पासबुक (म्यूल खाता) और चार यूपीआई साउंड बॉक्स बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध खातों से जुड़े बैंकों को हॉट स्पॉट और रेड जोन के रूप में चिन्हित किया था। इनमें से 19 रेड जोन में करीब 2500 मोबाइल फोन और एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर मिली शिकायतों की गहन जांच के बाद इस फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे नौकरी की तलाश कर रहे लोगों का डेटा 'क्विकर डॉट कॉम' (Quikr.com) और अन्य वेबसाइटों से हासिल करते थे। इसके बाद वे लोगों को स्पाइसजेट कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर कॉल करते थे और जाल में फंसने पर फर्जी जॉब ऑफर लेटर भेज देते थे। आरोपियों द्वारा रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये की रकम फर्जी बैंक खातों (म्यूल खातों) में ट्रांसफर करवा ली जाती थी। ठगी करने के बाद वे इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड को फेंक देते थे और पैसों का लालच देकर गरीब व अनजान लोगों के नाम पर नए सिम कार्ड हासिल कर लेते थे। इस गिरोह के खिलाफ विभिन्न राज्यों में एनसीआरपी पोर्टल पर 20 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं और इनके जरिए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने सभी शातिर जालसाजों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।2
- गौतमबुद्ध नगर के थाना सूरजपुर पुलिस ने अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मुठभेड़ के बाद 4 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान बदमाशों की घेराबंदी की, जिसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग हुई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम तिलपता गोल चक्कर पर चेकिंग कर रही थी, तभी डी-पार्क की तरफ से आ रही एक संदिग्ध सफेद रंग की स्विफ्ट टैक्सी गाड़ी को रोकने का प्रयास किया गया। गाड़ी में सवार बदमाशों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग कर दी और सूरजपुर वेटलैंड की तरफ भागने लगे। जवाबी फायरिंग में वीरपाल और विजयपाल नामक दो बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल भेजा गया है। मौके का फायदा उठाकर भागे दो अन्य बदमाशों, अर्जुन कश्यप और अवधेश, को भी पुलिस ने शॉर्ट कॉम्बिंग के बाद दबोच लिया। ये सभी मूल रूप से जनपद कासगंज के निवासी हैं। गिरफ्तार बदमाशों के पास से 4 अवैध तमंचे (.315 बोर), 4 खोखा, 4 जिंदा कारतूस, पैरामाउंट सोसाइटी में 4 जुलाई को की गई लूट का शत-प्रतिशत सोना, लगभग ₹15,000 की नकदी और विदेशी करेंसी बरामद हुई है। मुख्य आरोपी वीरपाल पर पहले से 17 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अन्य आरोपियों पर भी आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस द्वारा इन सभी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पुलिस ने दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।1
- बुलंदशहर के स्याना में बुगरासी रोड स्थित एक ओयो गेस्ट हाउस के बाहर बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर पति-पत्नी के बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। दिल्ली से अपने माता-पिता के साथ आए गुंजित सिंह और उनकी पत्नी के बीच बच्चों को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद और आपसी भिड़ंत में बदल गई। इस हंगामे को देखने के लिए बुगरासी रोड पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गुंजित सिंह और उनकी पत्नी की शादी 10 वर्ष पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें 4 वर्षीय फतह सिंह और 7 वर्षीय सुप्रीत सिंह शामिल हैं। दोनों के बीच बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। पति और उसके माता-पिता का आरोप है कि महिला गेस्ट हाउस में रहकर बच्चों की सुपुर्दगी देने के एवज में पैसे मांग रही थी। इसके साथ ही पति ने ओयो संचालक पर भी पत्नी के साथ मिलकर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। माहौल बिगड़ता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और उन्हें कोतवाली ले आई। कोतवाली प्रभारी राम नारायण सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच बच्चों की सुपुर्दगी का यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से अलग-अलग वार्ता कर मामले की बारीकी से जांच कर रही है और न्यायालय के आदेश के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है और कोर्ट में लंबित मामले को लेकर सड़क पर इस तरह का विवाद करना उचित नहीं है।2