41 डिग्री की तपिश में झुलस रहा घाटशिला, स्कूल से लौटते बच्चे गमछा-छाता का सहारा लेने को मजबूर घाटशिला प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, हालांकि शाम के समय हल्की बारिश और हवा से कुछ राहत मिल रही है. सोमवार को तापमान लगभग 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित दिखा. दोपहर 12 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों से निकलने से बचते नजर आए. गर्मी का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर देखने को मिला. स्कूल छुट्टी के बाद घर लौटते समय बच्चे चिलचिलाती धूप से बचने के लिए कोई छाता तो कोई गमछा ओढ़कर चलते दिखे. घाटशिला ब्लॉक के पास भी कई छात्र-छात्राएं तेज धूप में परेशान नजर आए. स्थानीय छोटे दुकानदारों ने भी बताया कि दोपहर के समय ग्राहक नहीं के बराबर आ रहे हैं, जिससे उनके व्यवसाय पर असर पड़ रहा है. छात्रों ने बताया कि भीषण गर्मी में घर तक पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है. धूप इतनी तेज है कि बिना सिर ढंके चलना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गमछा और छाता का सहारा लेना पड़ता है, एक छात्र ने कहा.
41 डिग्री की तपिश में झुलस रहा घाटशिला, स्कूल से लौटते बच्चे गमछा-छाता का सहारा लेने को मजबूर घाटशिला प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, हालांकि शाम के समय हल्की बारिश और हवा से कुछ राहत मिल रही है. सोमवार को तापमान लगभग 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित दिखा. दोपहर 12 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों से निकलने से बचते नजर आए. गर्मी का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर देखने को मिला. स्कूल छुट्टी के बाद घर लौटते समय बच्चे चिलचिलाती धूप से बचने के लिए कोई छाता तो कोई गमछा ओढ़कर चलते दिखे. घाटशिला ब्लॉक के पास भी कई छात्र-छात्राएं तेज धूप में परेशान नजर आए. स्थानीय छोटे दुकानदारों ने भी बताया कि दोपहर के समय ग्राहक नहीं के बराबर आ रहे हैं, जिससे उनके व्यवसाय पर असर पड़ रहा है. छात्रों ने बताया कि भीषण गर्मी में घर तक पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है. धूप इतनी तेज है कि बिना सिर ढंके चलना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गमछा और छाता का सहारा लेना पड़ता है, एक छात्र ने कहा.
- सरायकेला खरसावां जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी के साथ छोटे बड़े जंगलों में तराई में धड़ल्ले से चल रही मिनी देसी महुआ शराब की भट्ठियां ना सिर्फ जंगलों को बंजर बना रही है , बल्कि गजराजों के लिए भी खतरा बन गई है। ग्रामीण का आरोप है कि गजराजों कि झुंड महुआ शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले जावा यानी रासायनिक पदार्थ वाले अवशेष को खा रहा है। नशे में धुत होकर मस्त हाथी गांव में प्रवेश कर उत्पादन मचा रहे हैं। फसलों को रौंदने के साथ-साथ घरों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। जंगल में कट रहे पेड़ विभाग मौन ,: दारू माफिया द्वारा जंगल की तराई में बड़े पैमाने पर देसी महुआ शराब की भट्ठियां संचालित की जा रही है। चौंकाने वाले बात यह है कि इन भट्ठियों में शराब चुलाई के लिए गैस का नहीं बल्कि जंगल से कटी गए लकड़ी के इस्तेमाल होता है। प्रतिदिन कई टन लकड़ी खपत हो रही है लेकिन इसका कोई हिसाब नहीं है। सवालों में घेरे में विभाग , स्थानीय लोगों कहना है कि जिला पुलिस , मद्य उत्पाद विभाग और वन विभाग के पदाधिकारी को इसकी पूरी जानकारी है ,फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। सवाल यह उठ रहा है कि जब ग्रामीण सूखी लकड़ियों भी लाने जाते हैं तो वन विभाग धमकी देते हैं। लेकिन अवैध भट्ठियों में प्रतिदिन , सैकड़ो पेड़ जलकर क स्वाह रहे हैं उस पर वन वन की पदाधिकारी मौन क्यों है ? बंजर हो रहे जंगल , अवैध कटाई और भट्ठियों में जलवान के लिए पेड़ों की इस्तेमाल से दिन प्रतिदिन जंगल काट रहे हैं और वन क्षेत्र बंजर होता जा रहा है। इसे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि वन जीवन का प्राकृतिक आवास भी खत्म हो रहा है। भोजन -पानी की कमी से हाथी रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अवैध महुआ भट्ठियों पर रोक लगाने और जंगल की अवैध कटाई पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- बुंडू मे navratri मेल लग चुका है 9दिनों का1
- Post by ARBIND KUMAR1
- झरिया से नयन मोदक की रिपोर्ट ... झरिया के डायमंड क्लब में समाजसेवा की एक मिसाल लगातार देखने को मिल रही है। यहां साल 2016 से छोटे-छोटे बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जा रही है। डायमंड क्लब की इस पहल के तहत गरीब और जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाया जाता है, ताकि वे शिक्षा से जुड़कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें। स्थानीय स्तर पर यह प्रयास काफी सराहनीय माना जा रहा है और लोगों का समर्थन भी लगातार मिल रहा है। इस सामाजिक कार्य में शबनम खातून और जैसी महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करती हैं। यह पहल झरिया में शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में अहम कदम साबित हो रही है।1
- आगामी 3 मई को झारखंड के धनबाद में देशभर के पत्रकार एकजुट होकर अपनी सुरक्षा , हक और अधिकार की लड़ाई का 👉 फूकेंगे बिगुल....1
- Post by संतोष कुमार दे1
- सरायकेला-खरसावां जिले में नई एसपी निधि द्विवेदी ने दिया योगदान एंकर: सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में योगदान देते ही निधि द्विवेदी ने स्पष्ट कर दिया कि महिला एवं बच्चों से जुड़े मामलों पर जिला पुलिस की विशेष फोकस रहेगी। उन्होंने संवेदनशील प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों को कानूनी सहारा और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। एसपी ने सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को कानून-व्यवस्था के प्रति अधिक सतर्क और जवाबदेह रहने के निर्देश दिए। नवपदस्थापित एसपी का जिला पुलिस बल ने गॉड ऑफ़ ऑनर देकर भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर समीर कुमार सवैया, अरविंद बिंद्रा और पूजा कुमारी सहित सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे। एसपी ने पुलिस-जन सहयोग मजबूत कर भरोसे का वातावरण बनाने का भरोसा दिलाया। बाईट:निधि द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक1
- Post by ARBIND KUMAR1
- आज पत्रकारिता का गिरता स्तर : मोदी मीडिया का धब्बा लग चुका है और पत्रकारिता दिशा से भटक गई है1