आगरा के देहतोरा क्षेत्र स्थित राधिका पुरम कॉलोनी, ममता विहार, लक्ष्मी धाम, रेणुका धाम सहित कई कॉलोनियों के निवासी वर्षों से खराब पड़ी सड़कों के कारण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति से स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसके चलते कुछ लोगों ने तो अपने घरों पर "मकान बिकाऊ है" के पोस्टर तक लगा दिए हैं। उनका कहना है कि जब मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल रहीं, तो इस क्षेत्र में रहना मुश्किल हो गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे सड़क निर्माण की मांग को लेकर पार्षद, मेयर, विधायक और सांसद तक के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का आरोप है कि यह क्षेत्र सीमा विवाद में फंस गया है, जिसके कारण कोई भी जनप्रतिनिधि इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। वार्ड-71 के पार्षद वीरेंद्र राजपूत का कहना है कि यह इलाका उनके वार्ड में नहीं आता, जबकि वार्ड-42 के पार्षद भी इसे अपने क्षेत्र का हिस्सा मानने से इनकार कर रहे हैं। दोनों पार्षदों का तर्क है कि यह क्षेत्र नक्शे में दर्ज नहीं है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इसी मार्ग के आसपास तीन बड़े विद्यालय – राम स्वरूप स्कूल, ज्ञान इंटर कॉलेज और एस.बी.बी.एल. स्कूल – स्थित हैं। खराब सड़क और कीचड़ के कारण रोजाना स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राएं गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे अभिभावकों में भी भारी नाराजगी बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जब पार्षद, विधायक और सांसद सभी इस क्षेत्र को अपना मानने से पीछे हट रहे हैं, तब आखिर हजारों लोगों की इस गंभीर समस्या का समाधान कौन करेगा?
आगरा के देहतोरा क्षेत्र स्थित राधिका पुरम कॉलोनी, ममता विहार, लक्ष्मी धाम, रेणुका धाम सहित कई कॉलोनियों के निवासी वर्षों से खराब पड़ी सड़कों के कारण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति से स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसके चलते कुछ लोगों ने तो अपने घरों पर "मकान बिकाऊ है" के पोस्टर तक लगा दिए हैं। उनका कहना है कि जब मूलभूत
सुविधाएं ही नहीं मिल रहीं, तो इस क्षेत्र में रहना मुश्किल हो गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे सड़क निर्माण की मांग को लेकर पार्षद, मेयर, विधायक और सांसद तक के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का आरोप है कि यह क्षेत्र सीमा विवाद में फंस गया है, जिसके कारण कोई भी जनप्रतिनिधि इसकी जिम्मेदारी
लेने को तैयार नहीं है। वार्ड-71 के पार्षद वीरेंद्र राजपूत का कहना है कि यह इलाका उनके वार्ड में नहीं आता, जबकि वार्ड-42 के पार्षद भी इसे अपने क्षेत्र का हिस्सा मानने से इनकार कर रहे हैं। दोनों पार्षदों का तर्क है कि यह क्षेत्र नक्शे में दर्ज नहीं है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इसी मार्ग के आसपास तीन बड़े विद्यालय – राम स्वरूप स्कूल, ज्ञान इंटर
कॉलेज और एस.बी.बी.एल. स्कूल – स्थित हैं। खराब सड़क और कीचड़ के कारण रोजाना स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राएं गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे अभिभावकों में भी भारी नाराजगी बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जब पार्षद, विधायक और सांसद सभी इस क्षेत्र को अपना मानने से पीछे हट रहे हैं, तब आखिर हजारों लोगों की इस गंभीर समस्या का समाधान कौन करेगा?
- थाना एत्मादोला पुलिस और एसओजी सर्विलांस नगर जोन की संयुक्त कार्रवाई में एक ₹50,000 का इनामी अभियुक्त गिरफ्तार किया गया है। यह बड़ी कार्रवाई 7 जुलाई, 2026 को श्रीमान सहायक पुलिस आयुक्त एत्मादपुर के कुशल नेटवर्क में अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी के क्रम में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त का नाम सुनील है, जो नई सिंह का पुत्र है। सुनील थाना एत्मादपुर में पंजीकृत पुलिस अभिरक्षा से भाग जाने के अभियोग में लगभग 12 वर्षों से फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना और सर्विलांस से प्राप्त सटीक लोकेशन के आधार पर संयुक्त पुलिस टीम ने उसे दिल्ली के निगमबोध घाट पार्किंग, थाना कश्मीरी गेट क्षेत्र से नियमानुसार गिरफ्तार किया है।2
- राजस्थान में एक अत्यंत भयानक घटना सामने आई है, जहाँ एक 13 साल की बच्ची को एक रिक्शा चालक ने कथित तौर पर कुछ हज़ार रुपयों में बेच दिया। इसके बाद, बच्ची को 32 दरिंदों के हवाले कर दिया गया, जिन्होंने उसे लगातार पाँच दिनों तक होटल के कमरों में भीषण यातनाएँ दीं। इस दौरान उसके हाथ भी बंधे हुए थे, और उसे जानवरों की तरह घुमाया गया, साथ ही सबके सामने उसका शोषण भी किया गया। इस जघन्य मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित होटलों पर बुलडोज़र चला दिया है, और कुछ आरोपियों को गिरफ़्तार भी किया गया है। यह घटना समाज में गंभीर सवाल उठाती है कि इस तरह के दरिंदों को आखिर क्या सज़ा मिलनी चाहिए।1
- आगरा में विश्व प्रसिद्ध ताजमहल पर ताज सुरक्षा पुलिस का ‘ऑपरेशन टूरिस्ट डिलाइट’ लगातार पर्यटकों का दिल जीत रहा है। इस पहल के तहत अमेरिका, जर्मनी और पुर्तगाल जैसे कई देशों से आए विदेशी मेहमानों का भारतीय परंपरा ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के साथ भव्य स्वागत किया गया। वहीं, देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों ने भी ताज सुरक्षा पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली, सुरक्षा व्यवस्था और आत्मीय व्यवहार की खुलकर सराहना की। यह जानकारी अली सैफी की एक खास रिपोर्ट में सामने आई है।1
- आगरा शहर के सुभाष बाजार कपड़े की मार्केट में उस समय अफरा-तफरी और अपराध का माहौल बन गया, जब बारिश के माहौल में एक कपड़े की दुकान अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। यह दुकान एक नाले के ऊपर बनी हुई थी, जिसे हादसे की वजह बताया जा रहा है। इस बड़े हादसे में एक महिला सहित 4 से 5 लोगों के मलबे में दबने की आशंका है, जिससे काफी लोगों का नुकसान हुआ है। थाना मंटोला क्षेत्र में हुई इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत कार्य टीम मौके पर पहुंच गई है। राहत बचाव अभियान जारी है और मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है।2