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गोला रोड पर एक हादसा हुआ, जिसमें यह गनीमत रही कि जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। इस हादसे की वजह ड्राइवर को अचानक नींद आ जाना बताई जा रही है।
Mandeep Singh
गोला रोड पर एक हादसा हुआ, जिसमें यह गनीमत रही कि जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। इस हादसे की वजह ड्राइवर को अचानक नींद आ जाना बताई जा रही है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- सुहेलदेव पर एआईएमआईएम (AIMIM) प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, ओम प्रकाश राजभर ने उन्हें 'अनपढ़, जाहिल, गंवार और बकचो*' बताया। राजभर ने इन कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वे सब 'बकचो*ई' दिखा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही बरेली के दौरे पर आएंगे, जहाँ वे शहर में तैयार की गई रामायण वाटिका का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से की जा रही हैं, जिसके तहत सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन स्थल का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। यह रामायण वाटिका धार्मिक और सांस्कृतिक थीम पर विकसित की गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को भगवान राम के जीवन प्रसंगों की जानकारी देना है। मुख्यमंत्री अपने इस दौरे पर विकास परियोजनाओं की सौगात भी लेकर आएंगे, जिसे लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।1
- good night1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में फायरिंग से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- पीलीभीत के पूरनपुर में शारदा नदी पर बने धनाराघाट पेंटून पुल को सोमवार शाम से बंद कर हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुल बंद होने के साथ ही ट्रांस शारदा क्षेत्र के करीब डेढ़ लाख लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। अब इस क्षेत्र के निवासियों को तहसील मुख्यालय पूरनपुर आने-जाने के लिए लगभग 130 किलोमीटर लंबा अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। ट्रांस शारदा क्षेत्र में कुल 17 ग्राम पंचायतें आती हैं, जहाँ की बड़ी आबादी का सीधा संपर्क धनाराघाट पैंटून पुल के माध्यम से पूरनपुर तहसील मुख्यालय से बना रहता था। हर वर्ष बरसात के मौसम में शारदा नदी में जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन द्वारा 15 जून को पुल को हटाया जाता है और बारिश समाप्त होने के बाद 15 अक्टूबर को इसे दोबारा स्थापित किया जाता है। पुल के निर्माण और हटाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सोमवार शाम छह बजे के बाद पुल पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया, जिसके बाद पुल तक पहुंचने वाले मार्ग से लोहे की प्लेटें और अन्य संरचनाएं हटाने का काम शुरू किया गया। मंगलवार से मुख्य पैंटून संरचना को हटाने का काम तेज गति से किया जाएगा। पुल बंद होने से मुरैनिया गांधीनगर, शांति नगर, राणा प्रताप नगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, सिद्धनगर, भरतपुर, रामनगर, बैल्हा, अशोकनगर, कंबोजनगर, टिल्ला नंबर चार, राघवपुरी, बाजारघाट और धर्मपुरी सहित कई गांवों के लोगों को दैनिक कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी कामकाज के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। अब क्षेत्र के लोगों को पूरनपुर पहुंचने के लिए लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर, पलिया और मैलानी तथा शाहजहांपुर के खुटार मार्ग से होकर गुजरना होगा। इससे यात्रा की दूरी चार गुना से अधिक बढ़ जाएगी, साथ ही समय और परिवहन खर्च भी काफी बढ़ जाएगा। ग्रामीणों ने बरसात के दौरान आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- लखीमपुर खीरी जिले के खालेपुरवा गाँव में एक मगरमच्छ ने बालगोविंद, पुत्र स्वर्गीय रामकुमार, पर हमला कर उनका एक पैर खा लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल व्याप्त है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी पीड़ित परिवार से मिलने खालेपुरवा गाँव पहुँचे। उन्होंने घायल बालगोविंद का हालचाल जाना और उनके परिवार को ढांढस बंधाया। परिवार की आर्थिक तंगी को देखते हुए विधायक ने घायल के इलाज के लिए उनकी पत्नी धनदेवी को ₹20,000 की तत्काल आर्थिक सहायता दी। इसके अतिरिक्त, बच्चों को पर्याप्त कपड़ों के अभाव में देखकर, विधायक ने कपड़ों की व्यवस्था के लिए ₹5,000 की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की। विधायक रोमी साहनी ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं। ग्रामीणों ने विधायक द्वारा की गई इस सहायता और संवेदनशीलता की सराहना की। इस घटना के बाद, गाँव के लोगों ने क्षेत्र में बढ़ते मगरमच्छों के खतरे को देखते हुए प्रशासन से सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग भी की है।1
- निघासन, खीरी के ग्राम दुबहा में सोमवार रात लगी भीषण आग ने अवधेश पाल के घर को पूरी तरह राख कर दिया। इस अग्निकांड में घर में रखे 85 हजार रुपये नगद, जो हाल ही में एक भैंस बेचकर आए थे, सहित घरेलू सामान, फर्नीचर, कपड़े, कागजात, रसोई के उपकरण और अन्य मूल्यवान वस्तुएँ जलकर खाक हो गईं। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन परिवार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग रात करीब 8:30 बजे घर के दक्षिण-पश्चिम हिस्से से अचानक भड़क उठी। पहले केवल धुआँ दिखाई दिया, और कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। जहाँ कुछ ग्रामीणों ने तेजी से आग फैलने का कारण घरेलू विद्युत शॉर्ट सर्किट बताया, वहीं कुछ अन्य लोग गैस सिलेंडर की चिंगारी को भी संभावित वजह मान रहे हैं। आग के सटीक कारण की पुष्टि आग विभाग और बिजली विभाग की जांच के बाद ही हो पाएगी। आग लगते ही गांव के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और मिट्टी, पानी तथा बर्तनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। पास के कुछ गांवों से भी लोग मदद के लिए आए। हालाँकि, दुर्गम इलाके के कारण दमकल गाड़ी देर से पहुँची, लेकिन ग्रामीणों की तत्परता और सामूहिक प्रयास से आग को आसपास के अन्य मकानों तक फैलने से रोका जा सका। परिवार के सदस्यों ने भी समय रहते बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे किसी बड़ी जनहानि को टाला जा सका। आग में मकान की संरचना गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई है और उसे रहने योग्य नहीं माना जा रहा है; प्रभावित परिवार फिलहाल पड़ोसियों और रिश्तेदारों के यहाँ ठहरा हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का आकलन किया। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रेटीय जांच के साथ-साथ बिजली और अग्निशमन विभाग से तकनीकी जांच भी करवाई जाएगी। प्रभावित परिवार को प्राथमिक राहत के तौर पर अनाज, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री पहुँचाने का आश्वासन दिया गया है, और जिलास्तरीय अधिकारियों को भी जानकारी दे दी गई है। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ने बताया कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई, पर कुछ लोगों को धुएँ के संपर्क से बेचैनी और सांस लेने में कठिनाई हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। ग्राम प्रधान ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए गांव में अग्नि सुरक्षा के प्राथमिक उपकरण और आपातकालीन प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की बात कही है। ग्रामीणों ने गांव में आग बुझाने के उपकरणों की कमी और दमकल सेवा की देरी पर चिंता जताते हुए प्रशासन से अग्नि सुरक्षा के साधन प्रदान करने और बिजली लाइनों की नियमित जांच कराने का आग्रह किया है। अवधेश पाल ने तत्काल आर्थिक सहायता और निवास की समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है, क्योंकि उनका अधिकतर सामान नष्ट हो चुका है। पंचायत और स्थानीय समाज ने प्रभावित परिवार के लिए प्राथमिक राहत इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही सरकारी सहायता और पुनर्वास के विकल्पों पर निर्णय लिया जाएगा। दुबहा गांव में हुई इस आगजनी ने एक परिवार की आजीविका और घरबार पर गहरा असर डाला है, और अब आर्थिक हानि व पुनर्वास की चुनौती प्रमुख है, जिसके लिए तकनीकी जांच व प्रशासनिक कदमों की प्रतीक्षा है।2
- बरेली में राष्ट्रीय हिंदू महासभा के एक पदाधिकारी की दिनदहाड़े अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप और सनसनी फैल गई, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग घटना स्थल पर जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे और उन्होंने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इस घटना को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने यह भी बताया है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- पीलीभीत जिले के पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के टंडोला गांव में मंगलवार तड़के एक घर में अचानक आग लगने से भारी हड़कंप मच गया। इस भीषण अग्निकांड में घर में खड़ी एक बाइक, साइकिल समेत सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया, जिससे पीड़ित परिवार को गहरा आर्थिक नुकसान हुआ है। यह घटना मंगलवार सुबह करीब तीन बजे टंडोला निवासी इरशाद अहमद पुत्र रफीक अहमद के घर में हुई, जब परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। आग लगने के अज्ञात कारणों से देखते ही देखते घर से धुआं और लपटें उठने लगीं, जिससे परिवार के लोग नींद से जाग गए। आग का भयावह रूप देखकर घर में अफरा-तफरी मच गई और सभी ने अपनी जान बचाकर तुरंत घर से बाहर निकलना उचित समझा। परिजनों का शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और बाल्टियों व अन्य साधनों से आग बुझाने का अथक प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन तब तक घर में रखा कपड़ा, बिस्तर, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य आवश्यक सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका था। हालांकि, इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, फिर भी परिवार की पूरी गृहस्थी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी सहानुभूति जताई। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भारी नुकसान झेल रहे परिवार को कुछ राहत मिल सके। इरशाद अहमद के परिवार ने भी प्रशासन से मामले की जांच कर उचित मुआवजा देने की अपील की है। फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन आशंका है कि किसी अन्य वजह से आग लगी होगी। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले की जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं पीड़ित परिवार इस भीषण हादसे के बाद गहरे सदमे में है और अपने नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।1