कलम की तेज धार से | अयोध्या "दो पहिये - मेहनत और अनुशासन के" रोटरी क्लब ने 30 साधनविहीन छात्राओं को दी साइकिल - स्कूल तक का सफर अब आसान अयोध्या। कनोसा कॉन्वेंट स्कूल। आज यहां 30 छात्राओं के चेहरे पर खुशी दौड़ गई। रोटरी क्लब फैजाबाद, GRS फाउंडेशन और फेडरल बैंक के संयुक्त सहयोग से 30 साधनविहीन छात्राओं को नई साइकिलें भेंट की गईं। मकसद एक ही -"बेटी पढ़े, बेटी आगे बढ़े" साइकिल सिर्फ सवारी नहीं, सीख भी है कार्यक्रम का संचालन रो. सजन अग्रवाल जी ने किया। उन्होंने बच्चों को बहुत खूबसूरत बात समझाई "साइकिल में ही जीवन का सार है। एक पहिया मेहनत का, दूसरा पहिया अनुशासन का। और हैंडल का संतुलन तुम्हारे विश्वास को बढ़ाता है। इन तीनों को साध लो, मंजिल खुद चलकर आएगी।" कौन-कौन रहे मौजूद? रोटरी क्लब फैजाबाद से अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, आनंद कुमार, सचिव नीरज श्रीवास्तव, सुशील अग्रवाल, मयुरेश चतुर्वेदी, अमित दिवाकर, विजय आचार्या, एस.एस. पांडेय फेडरल बैंक से - मैनेजर सनी त्यागी, दिव्यांशु कनोसा कॉन्वेंट स्कूल से सिस्टर लिंडा और कार्यक्रम के अंत में अध्यापिका सुश्री हेमलता ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कलम की तेज धार सवाल साइकिल से क्या बदलेगा? कई बच्चियां 3-4 किमी पैदल स्कूल आती थीं। अब 20 मिनट का रास्ता 5 मिनट में। समय बचेगा तो पढ़ाई होगी। पढ़ाई होगी तो भविष्य बनेगा। एक साइकिल = एक भविष्य की उड़ान। सवाल CSR और समाज का रोल रोटरी + फाउंडेशन + बैंक - तीनों ने मिलकर काम किया। यही मॉडल हर स्कूल में चाहिए। सरकार अकेली नहीं कर सकती। समाज आगे आए तो अयोध्या की कोई बेटी शिक्षा से वंचित नहीं रहेगी। सवाल जिम्मेदारी भी तय करें साइकिल दे दी, अच्छी बात है। अब स्कूल और अभिभावक मिलकर ये भी देखें कि बच्चियां हेलमेट लगाएं, सड़क के नियम मानें। सुरक्षित रहेंगी तभी सपने पूरे होंगे। अंतिम पंक्ति आज कनोसा की 30 बेटियों को सिर्फ साइकिल नहीं मिली, उन्हें "आगे बढ़ने का हौसला" मिला है। रोटरी क्लब ने दिखाया सेवा का मतलब भाषण नहीं, सहयोग है। और फेडरल बैंक ने साबित किया - बैंक सिर्फ लोन नहीं, लाइफ भी बदलता है। अयोध्या की बेटियां अब पैदल नहीं, पहियों पर दौड़ेंगी। और एक दिन देश को दौड़ाएंगी।
कलम की तेज धार से | अयोध्या "दो पहिये - मेहनत और अनुशासन के" रोटरी क्लब ने 30 साधनविहीन छात्राओं को दी साइकिल - स्कूल तक का सफर अब आसान अयोध्या। कनोसा कॉन्वेंट स्कूल। आज यहां 30 छात्राओं के चेहरे पर खुशी दौड़ गई। रोटरी क्लब फैजाबाद, GRS फाउंडेशन और फेडरल बैंक के संयुक्त सहयोग से 30 साधनविहीन छात्राओं को नई साइकिलें भेंट की गईं। मकसद एक ही -"बेटी पढ़े, बेटी आगे बढ़े" साइकिल सिर्फ सवारी नहीं, सीख भी है कार्यक्रम का संचालन रो. सजन अग्रवाल जी ने किया। उन्होंने बच्चों को बहुत खूबसूरत बात समझाई "साइकिल में ही जीवन का सार है। एक पहिया मेहनत का, दूसरा पहिया अनुशासन का। और हैंडल का संतुलन तुम्हारे विश्वास को बढ़ाता है। इन
तीनों को साध लो, मंजिल खुद चलकर आएगी।" कौन-कौन रहे मौजूद? रोटरी क्लब फैजाबाद से अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, आनंद कुमार, सचिव नीरज श्रीवास्तव, सुशील अग्रवाल, मयुरेश चतुर्वेदी, अमित दिवाकर, विजय आचार्या, एस.एस. पांडेय फेडरल बैंक से - मैनेजर सनी त्यागी, दिव्यांशु कनोसा कॉन्वेंट स्कूल से सिस्टर लिंडा और कार्यक्रम के अंत में अध्यापिका सुश्री हेमलता ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कलम की तेज धार सवाल साइकिल से क्या बदलेगा? कई बच्चियां 3-4 किमी पैदल स्कूल आती थीं। अब 20 मिनट का रास्ता 5 मिनट में। समय बचेगा तो पढ़ाई होगी। पढ़ाई होगी तो भविष्य बनेगा। एक साइकिल = एक भविष्य की उड़ान। सवाल CSR और समाज का रोल रोटरी + फाउंडेशन + बैंक - तीनों ने मिलकर काम किया।
यही मॉडल हर स्कूल में चाहिए। सरकार अकेली नहीं कर सकती। समाज आगे आए तो अयोध्या की कोई बेटी शिक्षा से वंचित नहीं रहेगी। सवाल जिम्मेदारी भी तय करें साइकिल दे दी, अच्छी बात है। अब स्कूल और अभिभावक मिलकर ये भी देखें कि बच्चियां हेलमेट लगाएं, सड़क के नियम मानें। सुरक्षित रहेंगी तभी सपने पूरे होंगे। अंतिम पंक्ति आज कनोसा की 30 बेटियों को सिर्फ साइकिल नहीं मिली, उन्हें "आगे बढ़ने का हौसला" मिला है। रोटरी क्लब ने दिखाया सेवा का मतलब भाषण नहीं, सहयोग है। और फेडरल बैंक ने साबित किया - बैंक सिर्फ लोन नहीं, लाइफ भी बदलता है। अयोध्या की बेटियां अब पैदल नहीं, पहियों पर दौड़ेंगी। और एक दिन देश को दौड़ाएंगी।
- सड़क चौड़ीकरण के बाद भी जाम, स्मार्ट सिटी का दावा फेल न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों खर्च करके जिस सड़क का चौड़ीकरण किया गया था वही सड़क आज वाराणसी की जनता के लिए गले की फांस बन गई है। साजन चौराहे से रथयात्रा होते हुए महमूरगंज तक जाने वाले इस मुख्य मार्ग पर जाम लग रहा है वीडियो में रात का नजारा साफ दिख रहा है-कार ई-रिक्शा, बाइक और ऑटो कार एक दूसरे से सटे हुए, और बीच में फंसी बेहाल जनता चौड़ीकरण हुआ, समस्या जस की तस नगर निगम और प्रशासन ने दावा किया था कि इस सड़क के चौड़ीकरण से ट्रैफिक की समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन हकीकत कुछ और है बिना लाइन के चलने वाले ई-रिक्शा और ऑटो पूरे रास्ते को ब्लॉक कर देते हैं। पीक आवर्स में भी ट्रैफिक पुलिस नदारद रहती है। नतीजा-रोज का जाम। जनता बेहाल, दावे हवा-हवाई ऑफिस जाने वाले, स्कूल के बच्चे, मरीज और व्यापारी-सब इस जाम की वजह से परेशान हैं। 10 मिनट का रास्ता 1 घंटे में तय हो रहा है। स्थानीय लोगों का गुस्सा है: स्मार्ट सिटी का पैसा आया, सड़क चौड़ी हुई, लेकिन सुविधा जीरो। ये कैसा विकास है? सवाल प्रशासन से चौड़ीकरण के बाद अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया गया? इस व्यस्त रूट पर ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती क्यों नहीं? स्मार्ट सिटी के फंड का हिसाब कौन देगा? सड़कें चौड़ी हुईं, लेकिन सोच नहीं बदली, जब तक अवैध कब्जे और अव्यवस्था पर लगाम नहीं लगेगी, तब तक वाराणसी की जनता ऐसे ही जाम में फंसती रहेगी। प्रशासन से मांग है कि तुरंत इस मार्ग का सर्वे कराकर अतिक्रमण हटाया जाए और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त की जाए NEWS 2 INDIA स्थिति पर नजर बनाए हुए है।1
- धोबी धर्म संसद में 15 अगस्त पर ध्वजारोहण क्रिकेटर मुस्कान कन्नौजिया सम्मानित बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी सदर अमीन न्यूज टू इंडिया से सम्पादक हाजी हफीजुल्ला वारसी की खास रिपोर्ट वाराणसी आज दिनांक 15 अगस्त 2026 दिन शनिवार को धोबी धर्म संसद पर कमेटी के अध्यक्ष श्री सदर अमीन और उपाध्यक्ष श्री डॉ.नंदलाल जी द्वारा ध्वजारोहण किया गया क्रिकेटर मुस्कान कन्नौजिया हुई सम्मानित कार्यक्रम में मुन्नालाल कन्नौजिया की बेटी मुस्कान कन्नौजिया को सम्मानित किया गया। मुस्कान क्रिकेट जगत में परचम लहरा रही हैं मुंबई के दहिसर स्पोर्ट क्लब के तत्वाधान में क्रिकेट खेलते हुए वे कई प्रांतीय स्तर पर अवार्ड से सम्मानित हो चुकी हैं ऐसी बहादुर बेटी अपने माता-पिता के साथ समाज का नाम रोशन कर रही है। कमेटी के अध्यक्ष सदर अमीन और उपाध्यक्ष डॉ. नंदलाल ने उन्हें बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा देकर सम्मानित किया विनोद कन्नौजिया ने स्वतंत्रता दिवस का पटका गले में डालकर उनका हौसला बढ़ाया। इस सम्मान से मुन्नालाल कन्नौजिया भावुक नजर आए बेटी किसी बेटे से कम नहीं सदर अमीन कमेटी अध्यक्ष सदर अमीन ने अपने वक्तव्य में कहा बेटी किसी बेटे से कम नहीं होती है। बेटा सिर्फ एक परिवार की जिम्मेदारी देखता है जबकि बेटियां दो परिवारों मायका और ससुराल की जिम्मेदारियां निभाती हैं। बेटियां पढ़ेंगी, बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी डॉ.नंदलाल ने रखे विचार विधानसभा अजगरा के भावी प्रत्याशी डॉ.नंदलाल ने 15 अगस्त 1947 में मिली आजादी और संविधान में शोषित-वंचितों को मिले समानता के अधिकार* पर अपने विचार रखे धन्यवाद ज्ञापन विजय कुमार कन्नौजिया ने किया। उपस्थित रहे कार्यक्रम में मुन्नाल कन्नौजिया,सदर अमीन,डॉ.नंदलाल, राजकुमार कन्नौजिया,विजय कुमार कन्नौजिया,विनोद कुमार कन्नौजिया सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- कलम की तेज धार से | अयोध्या कचहरी में कानून की पिटाई पारिवारिक विवाद के मुकदमे में अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव से मारपीट, हालत गंभीर मेडिकल कॉलेज रेफर अयोध्या। न्याय के मंदिर में ही अन्याय। कचहरी परिसर - जहां कानून की रक्षा होती है, वहीं एक अधिवक्ता के साथ मारपीट हो गई। पूरा मामला क्या है? घायल अधिवक्ता की पहचान विकास श्रीवास्तव उम्र 37 वर्ष पुत्र स्व. गिरीश चंद्र श्रीवास्तव निवासी सिहोरिया मलखानपुर, थाना महाराजगंज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गांव में पारिवारिक विवाद को लेकर पहले से झगड़ा चल रहा था। दोनों पक्षों ने क्रॉस FIR भी दर्ज कराई थी। इसी मामले की तारीख पर जब दोनों पक्ष कचहरी परिसर में आमने-सामने आए तो पहले कहासुनी हुई और फिर बात मारपीट तक पहुंच गई। आरोप है कि इसी दौरान अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव के साथ मारपीट की गई और वो गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में क्या हुआ? मारपीट के बाद घायल अधिवक्ता को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. पंकज कुमार ने बताया अधिवक्ता के अनुसार उनके साथ फिजिकल असॉल्ट हुआ है। प्राथमिक उपचार के बाद हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज दर्शननगर रेफर कर दिया गया। कलम की तेज धार - तीखी प्रतिक्रिया सवाल कचहरी सुरक्षित नहीं तो आम जनता कहां जाएगी? वकील कानून का रखवाला है। अगर कचहरी के अंदर ही वकील पिट रहा है तो मुकदमा लड़ने कौन आएगा? प्रशासन को तुरंत CCTV, पुलिस पिकेट और एंट्री गेट पर सख्ती करनी होगी। सवाल पारिवारिक विवाद = खूनी विवाद छोटा सा जमीनी या पारिवारिक झगड़ा। क्रॉस FIR से लेकर कचहरी में मारपीट तक। इसका मतलब है पंचायत स्तर पर सुलह-समझौता और काउंसलिंग की व्यवस्था फेल है। सवाल बार एसोसिएशन और पुलिस की जिम्मेदारी अधिवक्ताओं की सुरक्षा बार की जिम्मेदारी है। दोषियों पर गैंगस्टर और NSA जैसी कार्रवाई हो ताकि दोबारा कोई कचहरी में हाथ उठाने से पहले 100 बार सोचे। अंतिम पंक्ति विकास श्रीवास्तव आज मेडिकल कॉलेज में हैं, पर सवाल हम सबके जमीर में भर्ती है। न्याय मांगने आए थे, खुद न्याय के मोहताज हो गए। ये कचहरी की शर्म है, समाज की शर्म है। जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से मांग 24 घंटे में गिरफ्तारी हो। और कचहरी को "सुरक्षित क्षेत्र" घोषित किया जाए।2
- मानदेय नहीं मिलने से आक्रोशित संविदा कर्मियों ने किया प्रदर्शन जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली चहनियां (चंदौली)। बिजली विभाग में तैनात संविदा कर्मियों ने एक माह से अधिक समय से मानदेय नहीं मिलने पर मंगलवार को चहनियां बिजली विभाग उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मियों ने शीघ्र मानदेय भुगतान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वे कार्य बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। सकलडीहा तहसील क्षेत्र के चहनियां, मारूफपुर, सुरतापुर, सकलडीहा, कमालपुर और धानापुर बिजली उपकेंद्रों पर तैनात संविदा कर्मी मंगलवार को चहनियां उपकेंद्र पहुंचे और प्रदर्शन किया। कर्मियों का कहना था कि उन्हें प्रत्येक माह की पहली तारीख को मानदेय मिल जाता था, लेकिन इस बार 18 अगस्त तक भुगतान नहीं हुआ है। कर्मियों ने कहा कि मानदेय से ही उनके परिवार का भरण-पोषण होता है। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन, दवा सहित अन्य जरूरी खर्च पूरे करने में परेशानी हो रही है। मानदेय में देरी होने पर उन्हें उधार लेकर परिवार चलाना पड़ता है और भुगतान मिलने के बाद कर्ज चुकाते हैं। इस बार मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक संकट और बढ़ गया है। संविदा कर्मियों ने कहा कि कड़ाके की सर्दी, मूसलाधार बारिश और भीषण गर्मी में भी वे अपनी जान जोखिम में डालकर बिजली के पोल पर काम करते हैं। इसके बावजूद समय से मानदेय नहीं मिलना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक माह समय से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो सभी संविदा कर्मी कार्य बहिष्कार करेंगे। इसके लिए जिले स्तर पर संगठन के माध्यम से आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान रमेश विश्वकर्मा, संजय गुप्ता, शिवमोहन विश्वकर्मा, कृष्णा मौर्य, सतीश यादव, राकेश राम, सतीश सोनकर, राकेश मिश्रा, सुरेश प्रजापति, प्रमोद, अरविंद, जैनुद्दीन, अमृतलाल, प्रवीण, अमित, चंद्रशेखर सहित अन्य संविदा कर्मी मौजूद रहे।1
- आवारापन 2' ने अपने शुरुआती 4 दिनों में बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए आवारापन 2' ने अपने शुरुआती 4 दिनों में बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत में कुल ₹91 करोड़ (नेट कलेक्शन) और दुनिया भर में ₹130.82 करोड़ (ग्रॉस कलेक्शन) की ताबड़तोड़ कमाई कर ली है। लगभग ₹25 से ₹45 करोड़ के सीमित बजट में बनी इमरान हाशमी की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर आधिकारिक तौर पर हिट साबित हो चुकी है।14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के लंबे वीकेंड पर रिलीज हुई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में मजबूत पकड़ बनाई हुई है। फिल्म के दिन-वार कलेक्शन का आधिकारिक विवरण (Sacnilk के अनुसार) इस प्रकार है:1
- कैथी की बेटी बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ. निधि तिवारी की सफलता से गांव में खुशी1
- ग्राइंडर एप के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर लूटने वाले गिरोह का कपसेठी पुलिस ने किया पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार ग्राइंडर एप के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर लूटने वाले गिरोह का कपसेठी पुलिस ने किया पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार वाराणसी। कपसेठी पुलिस ने रविवार दोपहर बाद ग्राइंडर एप के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाकर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य सीधे-साधे लोगों को एप के माध्यम से अपने जाल में फंसाकर फोन पर मिलने के लिए बुलाते थे। इसके बाद उन्हें सुनसान स्थान पर ले जाकर मारपीट करते और वीडियो बनाकर धमकी देते हुए रुपये की वसूली करते थे। बताया जाता है कि क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह द्वारा इसी तरह की एक घटना बीते 10 अगस्त को अंजाम दी गई थी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। इसी दौरान रविवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य कुरु तिराहे के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए कुरु तिराहे के पास घेराबंदी कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम नितिन सिंह पुत्र सुरेश सिंह निवासी इसरवार, अभय मिश्रा उर्फ खलनायक पुत्र संजय मिश्रा निवासी शेरवानीपुर, बड़ागांव तथा हर्ष दुबे पुत्र प्रभाकर दुबे निवासी बरकी, कपसेठी बताया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 10 अगस्त को हुई घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करते हुए सोमवार दोपहर करीब 12 बजे न्यायालय में पेश किया।1
- बारिश में वाराणसी नगर निगम की पोल खुली, जलभराव से राहगीरों को परेशानी न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी में मानसून आते ही नगर निगम की तैयारियों की पोल खुलने लगी है वार्ड नंबर 1 चंदुआ-छित्तूपुर हबीबपुरा क्षेत्र में हल्की बारिश ने ही पूरे इलाके को जलमग्न कर दिया है वार्ड नंबर 1 के क्षेत्र में सड़कों पर पानी भरने से स्थानीय राहगीरों और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्या है हालात चंदुआ-छित्तूपुर की गलियों में बारिश का पानी जमा हो गया है। नालियां चोक हैं और जगह-जगह कीचड़ और गंदगी फैली हुई है। दुपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मानसून से पहले नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई नतीजा ये है कि आधे घंटे की बारिश में ही पूरा क्षेत्र तालाब बन गया राहगीरों का दर्द इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में राहगीर, और यहां के निवासीयो को रोजी-रोटी कमाना और भी मुश्किल हो गया है बगल में ही कैंसर हॉस्पिटल है जहां से मरीजों को आने-जाने में भी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है एक स्थानीय ने कहा, बारिश हुई नहीं कि रास्ते बंद। काम पर कैसे जाएं बच्चे स्कूल कैसे जाएं कई बार कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं। सवालों के घेरे में नगर निगम ये हालात सीधा सवाल खड़े करते हैं वाराणसी के नगर निगम के दावों पर स्मार्ट सिटी का ढिंढोरा पीटने वाले वाराणसी में अगर वार्ड नंबर 1 की ये हालत है तो बाकी वार्डों का क्या हाल होगा नगर निगम से मांग की है कि तुरंत पानी की निकासी कराई जाए, नालियों की सफाई हो और सड़कों को दुरुस्त किया जाए स्मार्ट सिटी के सपने, और हकीकत में जलभराव ये तस्वीर वाराणसी के विकास के दावों पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है। स्थिति पर हमारी नजर बनी हुई है। अपडेट के लिए जुड़े रहिए NEWS 2 INDIA के साथ।1