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बिहार के सीमांचल स्थित अमौर प्रखंड में आज़ादी के 80 साल बाद भी लोग नाव और कश्ती के सहारे जीवन गुज़ार रहे हैं। यह इलाका इतना पिछड़ा है कि सरकारी योजनाएँ भी स्थानीय बाधाओं के चलते ज़मीन पर नहीं उतर पातीं।
Md Imran
बिहार के सीमांचल स्थित अमौर प्रखंड में आज़ादी के 80 साल बाद भी लोग नाव और कश्ती के सहारे जीवन गुज़ार रहे हैं। यह इलाका इतना पिछड़ा है कि सरकारी योजनाएँ भी स्थानीय बाधाओं के चलते ज़मीन पर नहीं उतर पातीं।
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- बिहार में पिछले 24 घंटों के भीतर दो हत्याओं से सनसनी फैल गई है। राज्य में 'सम्राट मॉडल' लागू होने के बावजूद अपराधों का यह सिलसिला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। अब देखना यह है कि नया मॉडल अपराधियों पर कितनी लगाम लगा पाता है।1
- Post by Abhishek Kumar1
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- पूर्णिया के जलालगढ़ रैक प्वाइंट पर किसानों से मक्का खरीद का कार्य शुरू हो गया है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल रही है और उन्हें उचित बाजार मिलने की उम्मीद है।1
- कृपया एक वास्तविक समाचार प्रविष्टि प्रदान करें। दिया गया टेक्स्ट Gboard क्लिपबोर्ड का एक सामान्य संदेश है और इसमें कोई समाचार योग्य जानकारी नहीं है।1
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