गया टावर चौक, जिसे आधिकारिक तौर पर राजेंद्र टावर के नाम से जाना जाता है, बिहार के गया शहर का एक प्रमुख और ऐतिहासिक स्थल है। इसका निर्माण 1910-1914 के बीच ब्रिटिश कलेक्टर जॉर्ज ओल्डहम ने कराया था। यह शहर का एक व्यस्त व्यापारिक केंद्र और प्रसिद्ध लैंडमार्क है, जो पुराने और नए गया को जोड़ता है। गया टावर चौक के बारे में मुख्य जानकारी: ऐतिहासिक महत्व: मूल रूप से इसे टावर चौक के नाम से जाना जाता था, लेकिन 1981 में बिहार सरकार द्वारा इसका नाम बदलकर 'राजेंद्र टावर' कर दिया गया, जो Wikipedia भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को समर्पित है। अवस्थिति: यह गया शहर के केंद्र में स्थित है, जो Bihar Tourism फाल्गु नदी के तट पर बसा है और जिले का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। व्यापारिक केंद्र: यह चौक अपने आसपास के बाजारों, जैसे कि विपिन बिहारी बाजार और पुरानी गोदाम के कारण एक प्रमुख वाणिज्यिक गतिविधि का केंद्र है। आवागमन: यह चौक शहर के विभिन्न हिस्सों, जैसे कि गया जंक्शन (रेलवे स्टेशन) और बोधगया की ओर जाने वाले मार्गों के लिए एक प्रमुख मिलन बिंदु है। पर्यटन: यह शहर का एक केंद्रीय बिंदु होने के कारण पर्यटकों के लिए भी एक जाना-माना स्थान है, जो स्थानीय संस्कृति और शहर की हलचल को दर्शाता है। यह स्थान न केवल ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि गया की दैनिक गतिविधियों का केंद्र भी है।
गया टावर चौक, जिसे आधिकारिक तौर पर राजेंद्र टावर के नाम से जाना जाता है, बिहार के गया शहर का एक प्रमुख और ऐतिहासिक स्थल है। इसका निर्माण 1910-1914 के बीच ब्रिटिश कलेक्टर जॉर्ज ओल्डहम ने कराया था। यह शहर का एक व्यस्त व्यापारिक केंद्र और प्रसिद्ध लैंडमार्क है, जो पुराने और नए गया को जोड़ता है। गया टावर चौक के बारे में मुख्य जानकारी: ऐतिहासिक महत्व: मूल रूप से इसे टावर चौक के नाम से जाना जाता था, लेकिन 1981 में बिहार सरकार द्वारा इसका नाम बदलकर 'राजेंद्र टावर' कर दिया गया, जो Wikipedia भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को समर्पित है। अवस्थिति: यह गया शहर के केंद्र में स्थित है, जो Bihar Tourism फाल्गु नदी के तट पर बसा है और जिले का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। व्यापारिक केंद्र: यह चौक अपने आसपास के बाजारों, जैसे कि विपिन बिहारी बाजार और पुरानी गोदाम के कारण एक प्रमुख वाणिज्यिक गतिविधि का केंद्र है। आवागमन: यह चौक शहर के विभिन्न हिस्सों, जैसे कि गया जंक्शन (रेलवे स्टेशन) और बोधगया की ओर जाने वाले मार्गों के लिए एक प्रमुख मिलन बिंदु है। पर्यटन: यह शहर का एक केंद्रीय बिंदु होने के कारण पर्यटकों के लिए भी एक जाना-माना स्थान है, जो स्थानीय संस्कृति और शहर की हलचल को दर्शाता है। यह स्थान न केवल ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि गया की दैनिक गतिविधियों का केंद्र भी है।
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- Post by Navin Nischal Kr Sinha Navin1
- आज दिनांक 22.02.2026 को दिनांक (22.02.2026 से 27.02.2026 तक आयोजित) पुलिस सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर 05 K.M. मैराथन दौड़ एवं जन-जागरूकता वाहनों के उद्घाटन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कर हरी झंडी दिखाकर मैराथन प्रतिभागियों एवं जागरूकता वाहनों को रवाना किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक, गया, नगर पुलिस अधीक्षक, गया तथा जिले के समस्त वरीय पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में युवाओं, पुलिसकर्मियों एवं आम नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। पुलिस सप्ताह का उद्देश्य जनसुरक्षा को सुदृढ़ करना, जनसहभागिता को बढ़ावा देना तथा पुलिस-जन संबंधों को और अधिक मजबूत बनाना है। आगामी दिनों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सुरक्षा, विश्वास एवं सहयोग की भावना को प्रोत्साहित किया जाएगा। “सेवा, सुरक्षा और सहयोग” के संकल्प के साथ गया पुलिस सदैव जनता की सुरक्षा एवं विश्वास के लिए प्रतिबद्ध है।1
- गयाजी जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के अकोथरा गांव में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम के साथ हुई हाथापाई के मामले में दर्ज गुरुआ थाना कांड संख्या 48/26 के दूसरे मुख्य अभियुक्त को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। थानाध्यक्ष मनेश कुमार ने बताया कि मोरहर नदी के अकोथरा घाट से अवैध रूप से बालू लोड कर रहे ट्रैक्टर को जब्त करने के लिए पुलिस टीम पहुंची थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए झड़प और हाथापाई की। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांड संख्या 48/26 के दूसरे मुख्य अभियुक्त हरी यादव, पिता घनश्याम यादव, निवासी अकोथरा गांव को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- होली मिलन सामारोह वज़ीरगंज कुर्कीहार1
- रफीगंज के बिजुलिया गांव में रविवार संध्या में दो पक्षों में गाली गलौज का विरोध करने पर मारपीट की घटना घटित हुई। मारपीट में दिनेश दास के 18 वर्षीय पुत्री सुलेखा कुमारी एवं 13 वर्षीय पुत्री संजू कुमारी घायल हो गई। घायल को इलाज के लिए रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया। रविवार संध्या करीब 7:00 बजे डॉक्टर लालजी यादव ने बताया कि घायल खतरे से बाहर है प्राथमिक उपचार किया गया है।1
- आमस थाने के पुलिस ने एक फरार वारंटी को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया है।गिरफ्तार वारंटी बाबनी दास पिता चनारिक दास थाना क्षेत्र के बुधौल गांव के रहने वाले है।आरोपी लम्बे समय से न्यायालय में लंबित एक मामले में फरार चल रहा था।जिसके कारण उसके विरुद्ध अजमानतीय वारंट जारी किया गया था।थानाध्यक्ष ने बताया कि रविवार को सूचना मिली कि फरार आरोपी अपने घर पर मौजूद है।सूचना के सत्यापन के बाद एक टीम गठित की गई । टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधौल गांव में छापेमारी कर वारंटी को गिरफ्तार किया गया है।जिसे रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।1
- dj end1