आठ दिन बाद भी लापता युवती का सुराग नहीं, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल। बाराबंकी जिले के सूरतगंज क्षेत्र में एक युवती के लापता होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। घटना के आठ दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है, जिससे परिजनों में आक्रोश व्याप्त है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र की रहने वाली लगभग 20 वर्षीय युवती 23 मार्च 2026 को दोपहर करीब 12 बजे सूरतगंज जाने की बात कहकर घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने संभावित सभी स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों का आरोप है कि पीलीभीत जिले के गजरौला थाना क्षेत्र निवासी एक युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। साथ ही इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने पुलिस को नामजद तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है, जिसके चलते अब तक युवती का कोई सुराग नहीं मिल सका है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द युवती की बरामदगी की मांग की है। वहीं, थाना प्रभारी आशुतोष मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पुलिस टीम युवती की तलाश में जुटी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही युवती को बरामद कर लिया जाएगा। फिलहाल, मामले में हो रही देरी से क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
आठ दिन बाद भी लापता युवती का सुराग नहीं, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल। बाराबंकी जिले के सूरतगंज क्षेत्र में एक युवती के लापता होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। घटना के आठ दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है, जिससे परिजनों में आक्रोश व्याप्त है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र की रहने वाली लगभग 20 वर्षीय युवती 23 मार्च 2026 को दोपहर करीब 12 बजे सूरतगंज जाने की बात कहकर घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने संभावित सभी स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजनों का आरोप है कि पीलीभीत जिले के गजरौला थाना क्षेत्र निवासी एक युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। साथ ही इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने पुलिस को नामजद तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है, जिसके चलते अब तक युवती का कोई सुराग नहीं मिल सका है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द युवती की बरामदगी की मांग की है। वहीं, थाना प्रभारी आशुतोष मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पुलिस टीम युवती की तलाश में जुटी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही युवती को बरामद कर लिया जाएगा। फिलहाल, मामले में हो रही देरी से क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
- बालेंद्र सिंह रिपोर्टरफतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश4 hrs ago
- लखनऊ में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सेविकाओं को माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी स्वास्थ्य सम्बन्धी उपकरण वितरित करते हुए1
- सड़क हादसे में मृत देवरानी-जेठानी के जेवर पोस्टमार्टम हाउस से गायब होने का आरोप सामने आया है। दोनों महिलाओं की तहसील फतेहपुर के इसेपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रक की टक्कर में मौके पर मौत हो गई थी, जबकि पंचनामा रिपोर्ट में उनके सोने-चांदी के जेवर पहने होने का उल्लेख बताया गया है। परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस में शव की सील खोलकर जेवर गायब किए गए। जेवर वापस न मिलने पर परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और मौके पर हंगामा किया। बताया गया कि घंटों समझाने के बाद भी परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। हादसे में एक 3 साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई है, पीड़ित परिवार सीतापुर के महमूदाबाद क्षेत्र का निवासी है। मामला कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित पोस्टमार्टम हाउस से जुड़ा बताया जा रहा है1
- *वाराणसी में एबीवीपी कार्यकर्ताओं में आपसी झड़प* वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच आपसी झड़प हुई है। नवीन कार्यकारणी के दौरान हंगामा हुआ, जिसमें बाहरी लोगों को कार्यभार देने का आरोप लगाया गया है। बैठक के दौरान हंगामे का वीडियो वायरल हो गया है ¹ ²। *क्या है मामला?* एबीवीपी और आइसा संगठन के छात्रों के बीच जमकर बवाल हुआ, जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को खदेड़ा। आरोप है कि आइसा और बीएसएम के सदस्यों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया, जिसमें कई छात्राएं घायल हो गईं ³। *एबीवीपी का आरोप* एबीवीपी ने एक बयान जारी कर दावा किया कि आइसा और बीएसएम के गुंडों द्वारा किये गये हमले में उनकी कार्यकर्ता अदिति और मेघा घायल हो गयीं। एबीवीपी ने दोनों छात्राओं की तस्वीर भी जारी की, जिसमें एक के पैर और एक के हाथ में प्लास्टर लगा दिख रहा है ³। क्या आप जानना चाहेंगे कि इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है या एबीवीपी ने इस पर क्या बयान दिया है?1
- बाराबंकी के फतेहपुर में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सुबह से ही विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सोमवार सुबह श्रद्धालुओं ने प्रभात फेरी निकाली, जो श्री महावीर चैत्यालय तक पहुंची। इस दौरान पूरे नगर में 'जियो और जीने दो' का संदेश गूंजता रहा। इसके बाद श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन, अभिषेक और शांतिधारा का आयोजन किया गया। दोपहर में नगर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो आकर्षण का केंद्र रही। फूलों से सुसज्जित रथ पर भगवान महावीर की मनमोहक प्रतिमा विराजमान थी। अनमोल जैन को भगवान को रथ पर विराजमान कराने का सौभाग्य मिला। उमाशंकर जैन ने सारथी की भूमिका निभाई, जबकि आशीष जैन और राहुल जैन ने चंवर डुलाकर सेवा की। शोभायात्रा पचघरा, जोशीटोला, मेन रोड और भगवान महावीर मार्ग से होती हुई जैन धर्मशाला पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया और प्रसाद वितरित किया। भजनों की धुन पर युवा श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आए। विभिन्न आकर्षक झांकियों ने शोभायात्रा की भव्यता को बढ़ाया। नेता सुभाष चौराहे पर विधायक साकेन्द्र वर्मा ने शोभायात्रा का स्वागत किया और भगवान की आरती उतारी। शाम को जैन धर्मशाला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें भगवान महावीर के जीवन, सिद्धांतों और उपदेशों को भावपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया।1
- बाराबंकी। जनपद के विकास खंड निन्दूरा अंतर्गत पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय घुघटेर में निपुण विद्यालय सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना तथा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को साकार करना रहा। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “हर बच्चे को भाषा और गणना जैसी बुनियादी शिक्षा में दक्ष बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण की नींव बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर निन्दूरा ब्लॉक के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों एवं शिक्षकों को विधायक द्वारा वस्त्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर शिक्षकों में उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक एवं खंड शिक्षा अधिकारी सुनीता सैंगर ने निपुण लक्ष्य प्राप्त करने वाले विद्यालयों और शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बुनियादी शिक्षा में दक्ष बनाना तथा शिक्षकों को प्रोत्साहित करना रहा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके1
- 🚨डीसीपी ट्रैफिक के सख्त निर्देशों के बावजूद दुबग्गा चौराहे पर अवैध डग्गामार बस स्टैंड, स्थानीय यातायात स्टाफ पर उठे सवाल लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक ओर डीसीपी ट्रैफिक के निर्देशन में शहरभर में सघन चेकिंग अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने, जाम से राहत दिलाने और अवैध डग्गामार वाहनों पर शिकंजा कसने का कार्य लगातार किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर दुबग्गा चौराहे पर इन सख्त निर्देशों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, दुबग्गा चौराहे पर लंबे समय से अवैध डग्गामार बसों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे वहां अवैध बस स्टैंड जैसी स्थिति बन गई है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह सब उस समय हो रहा है जब यातायात पुलिस के उच्च अधिकारी लगातार अभियान चलाकर सड़कों को जाममुक्त करने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में जुटे हैं। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर तैनात टीआई, सहायक टीआई और टीएसआई की लापरवाही या कथित मिलीभगत के कारण अवैध डग्गामार बसों का संचालन बेखौफ जारी है। सूत्रों की मानें तो “इकजाई” के नाम पर हर माह मोटी रकम वसूली की चर्चा भी क्षेत्र में जोरों पर है, जिसके चलते इन अवैध वाहनों का जमावड़ा लगातार बना रहता है। जहां एक तरफ डीसीपी ट्रैफिक और उच्च अधिकारी शहर में नियम व्यवस्था मजबूत करने के लिए सख्त कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुबग्गा चौराहे पर अवैध बसों का कब्जा स्थानीय पुलिसिंग पर सवाल खड़े कर रहा है। सड़क किनारे खड़ी डग्गामार बसें न केवल यातायात बाधित कर रही हैं, बल्कि आम जनता, यात्रियों और राहगीरों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उच्च अधिकारियों के निर्देशों का सही तरीके से पालन कराया जाए, तो दुबग्गा चौराहे पर लगने वाला यह अवैध बस अड्डा तत्काल खत्म हो सकता है। अब जरूरत है कि यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले का संज्ञान लें, जांच कराएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें, ताकि अवैध डग्गामार बसों के इस खेल पर पूरी तरह रोक लग सके। जनता का सवाल: जब डीसीपी ट्रैफिक शहर को जाममुक्त बनाने में जुटे हैं, तो दुबग्गा चौराहे पर आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है अवैध डग्गामार बस स्टैंड? डीसीपी ट्रैफिक के अभियान को पलीता! दुबग्गा चौराहे पर अवैध डग्गामार बसों का अड्डा कायम : उच्च अधिकारियों के सख्त निर्देश बेअसर! दुबग्गा चौराहे पर स्थानीय स्टाफ की नाक के नीचे अवैध बस1
- बाराबंकी में गन्ना संस्थान में भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत के जिला अध्यक्ष विनोद वर्मा ने भारत सरकार से उत्पादों पर जो एक्सपायरी डेट चेतावनी आदि अंग्रेजी में लिखी रहती है उसको हिंदी में लिखने की मांग की है और उन्होंने मंगलवार करीब साढ़े बारह बजे इस संबंध में क्या कुछ बताया आप भी सुने1
- बाराबंकी के घुघटेर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सैदर गावं के चोलिहापुरवा स्थित अवैध एक्वा पाम आयरलैंड पर सोमवार को तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया और पूरे परिसर को अपने कब्जे में ले लिया, प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पर्यटन स्थल तालाब की भूमि पर नियमों के विपरीत संचालित किया जा रहा था यहां पर रिस्टो रेट, रूम पार्क मोटर बोटिंग जैसी सुविधाएं विकसित कर व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थी जो राजस्व अभिलेखों के अनुसार अवैध पाई गईं सोमवार को फतेहपुर नायब तहसीलदार अंकिता पांडे, और प्रभारी निरीक्षक घुघटेर बेचू सिंह यादव के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर की कार्रवाई शुरू की गई, बुलडोजर के माध्यम से अवैध निर्माण को गिराया गया और पूरे परिसर को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था रोकने के लिए भारी पुलिस बल मैहजूद रहा,1