अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव किया गया है। ट्रस्ट की अहम बैठक में लंबे समय से महामंत्री रहे चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। इसके साथ ही, ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बड़ा फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब हाल के दिनों में 'राम रत्न धन' से जुड़े चोरी और गबन विवाद को लेकर ट्रस्ट चर्चा में रहा था। बताया जा रहा है कि यह विवाद सामने आने के बाद संगठनात्मक बदलाव पर यह पहली महत्वपूर्ण बैठक थी। चंपत राय ने लंबे समय तक राम मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाई थीं, और अब कृष्ण मोहन अंतरिम महामंत्री के तौर पर ट्रस्ट के प्रशासनिक एवं संगठनात्मक कार्यों की कमान संभालेंगे। राम मंदिर ट्रस्ट में हुए इस बदलाव को हाल के वर्षों का सबसे बड़ा संगठनात्मक परिवर्तन माना जा रहा है। ट्रस्ट का मानना है कि नई जिम्मेदारियों के साथ मंदिर के कार्यों को पहले की तरह सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नई टीम मंदिर के विकास और ट्रस्ट के कार्यों को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।
अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव किया गया है। ट्रस्ट की अहम बैठक में लंबे समय से महामंत्री रहे चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। इसके साथ ही, ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बड़ा फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब हाल के दिनों में 'राम रत्न धन' से जुड़े चोरी और गबन विवाद को लेकर ट्रस्ट चर्चा में रहा था। बताया जा रहा है कि यह विवाद सामने आने के बाद संगठनात्मक बदलाव पर यह पहली महत्वपूर्ण बैठक थी। चंपत राय ने लंबे समय तक राम मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाई थीं, और अब कृष्ण मोहन अंतरिम महामंत्री के तौर पर ट्रस्ट के प्रशासनिक एवं संगठनात्मक कार्यों की कमान संभालेंगे। राम मंदिर ट्रस्ट में हुए इस बदलाव को हाल के वर्षों का सबसे बड़ा संगठनात्मक परिवर्तन माना जा रहा है। ट्रस्ट का मानना है कि नई जिम्मेदारियों के साथ मंदिर के कार्यों को पहले की तरह सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नई टीम मंदिर के विकास और ट्रस्ट के कार्यों को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।
- पटना के बांकीपुर चुनाव को लेकर जदयू सांसद संजय झा ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके बयान के अनुसार, भाजपा इस चुनाव में काफी बड़े अंतर से जीत हासिल कर रही है।1
- बिहार में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने एक नया प्लेटफॉर्म, 'IPRD हेडलाइन समाचार' लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य बिहार सरकार से जुड़ी प्रमुख खबरों को जनता तक पहुँचाना है। इन खबरों को एक AI एंकर द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा, जैसा कि 5 जुलाई 2026, सोमवार को इस प्लेटफॉर्म पर दिन की मुख्य खबरें सुनने के लिए उपलब्ध होंगी।1
- भूमिहार विकास परिषद के अध्यक्ष और वाइब्रेंट बिहार के पदाधिकारी पंकज क्रांतिकारी ने भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर को लेकर मचे बवाल पर एक विशेष बयान जारी किया है। यह बयान भरत तिवारी से जुड़े फर्जी एनकाउंटर के मुद्दे पर उत्पन्न हुए विवाद के संदर्भ में दिया गया है।1
- बिहार की राजनीति में बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज़ हो गई है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर द्वारा बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ने की घोषणा के बाद अब सत्ताधारी दल की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राजनीति में कोई भी चुनाव लड़ सकता है, लेकिन अंतिम फैसला जनता ही करती है। अशोक चौधरी ने आगे कहा कि चुनावी मैदान में उतरना एक बात है, जबकि जनता का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होती है। उनके इस बयान को प्रशांत किशोर की घोषणा पर एक राजनीतिक पलटवार के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें बांकीपुर उपचुनाव पर टिकी हैं, जहाँ आने वाले दिनों में राजनीतिक मुकाबला और भी दिलचस्प होने की संभावना है।1
- सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की बेंच ने सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम की धारा 8 (1) J और 8 (1) H पर एक धमाकेदार फैसला सुनाया है।1
- कोइलवर के गीधा सामुदायिक भवन में सोमवार को नई आशा संस्था की ओर से 'स्वस्थ नारी अभियान' के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सैनिटरी नैपकिन प्रदान कर मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में स्कूल बैग का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर आरा की एसडीओ शिप्रा विजय कुमार चौधरी ने महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और शिक्षा को प्राथमिकता देने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने गीधा में आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित कार्यों के लिए एक विशेष शिविर आयोजित करने की भी घोषणा की। कार्यक्रम में नई आशा संस्था के संरक्षक डॉ. भीम सिंह भवेश सहित कई अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- राजधानी पटना में मानसून ने अपनी रफ्तार बढ़ा ली है, जिसके चलते लगातार हो रही बारिश से शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है। सड़कों पर पानी भर जाने के कारण लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जहाँ एक ओर इस बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर जलजमाव और ट्रैफिक जाम ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पटना सहित बिहार के कई जिलों के लिए भारी बारिश, तेज़ हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें और खराब मौसम के दौरान पूरी सावधानी बरतें। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मानसून सक्रिय रहेगा, जिससे राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।1
- समस्तीपुर में आयोजित एक शादी के कार्यक्रम के दौरान खाटू श्याम का एक अनोखा स्टोल लगाया गया।1
- सोमवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने धनरूआ अंचल कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंचल क्लार्क शैलेश कुमार को ₹50,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद पूरे अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई तब हुई जब निगरानी विभाग को एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया था कि भूमि संबंधी फाइल का काम करने के बदले अंचल क्लार्क ₹50,000 की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद निगरानी टीम ने मामले की जांच की और आरोपों को सही पाया। इसके उपरांत, टीम ने एक जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता ने क्लार्क को ₹50,000 दिए, और जैसे ही उन्होंने रुपये लिए, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया। इस कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय में भारी अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई। निगरानी विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत तुरंत निगरानी विभाग से करें। फिलहाल, इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1