*सोनभद्र से उठी आवाज़: गरीबों पर बोझ बनी स्मार्ट मीटर की प्रीपेड व्यवस्था पोस्टपेड बहाली की जोरदार मांग* *सोनभद्र से उठी आवाज़: गरीबों पर बोझ बनी स्मार्ट मीटर की प्रीपेड व्यवस्था पोस्टपेड बहाली की जोरदार मांग* सोनभद्र। जनपद के सामाजिक कार्यकर्ता राकेश केशरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को एक विस्तृत पत्र भेजकर स्मार्ट मीटर की प्रीपेड (रिचार्ज आधारित) व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर पूर्व की पोस्टपेड प्रणाली बहाल करने की जोरदार मांग की है। उन्होंने इस व्यवस्था को गरीब, आदिवासी और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए “अव्यवहारिक और जनविरोधी” बताते हुए सरकार से संवेदनशील हस्तक्षेप की अपील की है।अपने पत्र में राकेश केशरी ने स्पष्ट किया कि सोनभद्र जैसे आदिवासी बाहुल्य और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्र में अधिकांश लोग दिहाड़ी मजदूरी, खेती या छोटे-मोटे कामों पर निर्भर हैं। ऐसे में बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को रिचार्ज आधारित बना देना उनके जीवन को और कठिन बना रहा है। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त जानकारी और सहमति के लागू की गई यह व्यवस्था लोगों में असंतोष और असुरक्षा की भावना पैदा कर रही है।उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रीपेड सिस्टम में बैलेंस खत्म होते ही अचानक बिजली कट जाना सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, बुजुर्गों और बीमारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। साथ ही, अनियमित आय वाले परिवारों के लिए बार-बार रिचार्ज कराना संभव नहीं हो पाता, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां डिजिटल सुविधाएं भी सीमित हैं।राकेश केशरी ने यह भी कहा कि पहले की पोस्टपेड व्यवस्था में उपभोक्ताओं को बिल मिलने के बाद भुगतान का समय मिलता था, जिससे आर्थिक संतुलन बना रहता था। लेकिन वर्तमान प्रणाली ने इस मानवीय लचीलापन को समाप्त कर दिया है, जिससे गरीब परिवार सीधे प्रभावित हो रहे हैं।उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल तकनीकी बदलाव का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते इस पर निर्णय नहीं लिया गया तो यह जनमानस द्वारा व्यापक जनआक्रोश का कारण बन सकता है।अपने निवेदन में उन्होंने सरकार से मांग की है कि सोनभद्र सहित प्रदेश के सभी पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर पोस्टपेड प्रणाली बहाल की जाए। साथ ही, उपभोक्ताओं को विकल्प देने और गरीब वर्ग के लिए विशेष राहत नीति लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है, ताकि कोई भी परिवार बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे।पत्र की प्रतिलिपि ऊर्जा मंत्री, प्रमुख सचिव ऊर्जा, यूपीपीसीएल चेयरमैन, जिलाधिकारी सोनभद्र एवं संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर लोगों में चर्चा तेज हो गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार इस जनहित से जुड़े विषय पर गंभीरता से विचार कर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लेगी।
*सोनभद्र से उठी आवाज़: गरीबों पर बोझ बनी स्मार्ट मीटर की प्रीपेड व्यवस्था पोस्टपेड बहाली की जोरदार मांग* *सोनभद्र से उठी आवाज़: गरीबों पर बोझ बनी स्मार्ट मीटर की प्रीपेड व्यवस्था पोस्टपेड बहाली की जोरदार मांग* सोनभद्र। जनपद के सामाजिक कार्यकर्ता राकेश केशरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को एक विस्तृत पत्र भेजकर स्मार्ट मीटर की प्रीपेड (रिचार्ज आधारित) व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर पूर्व की पोस्टपेड प्रणाली बहाल करने की जोरदार मांग की है। उन्होंने इस व्यवस्था को गरीब, आदिवासी और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए “अव्यवहारिक और जनविरोधी” बताते हुए सरकार से संवेदनशील हस्तक्षेप की अपील की है।अपने पत्र में राकेश केशरी ने स्पष्ट किया कि सोनभद्र जैसे आदिवासी बाहुल्य और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्र में अधिकांश लोग दिहाड़ी मजदूरी, खेती या छोटे-मोटे कामों पर निर्भर हैं। ऐसे में बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को रिचार्ज आधारित बना देना उनके जीवन को और कठिन बना रहा है। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त जानकारी और सहमति के लागू की गई यह व्यवस्था लोगों में असंतोष और असुरक्षा की भावना पैदा कर रही है।उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रीपेड सिस्टम में बैलेंस खत्म होते ही अचानक बिजली कट जाना सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, बुजुर्गों और बीमारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। साथ ही, अनियमित आय वाले परिवारों के लिए बार-बार रिचार्ज कराना संभव नहीं हो पाता, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां डिजिटल सुविधाएं भी सीमित हैं।राकेश केशरी ने यह भी कहा कि पहले की पोस्टपेड व्यवस्था में उपभोक्ताओं को बिल मिलने के बाद भुगतान का समय मिलता था, जिससे आर्थिक संतुलन बना रहता था। लेकिन वर्तमान प्रणाली ने इस मानवीय लचीलापन को समाप्त कर दिया है, जिससे गरीब परिवार सीधे प्रभावित हो रहे हैं।उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल तकनीकी बदलाव का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते इस पर निर्णय नहीं लिया गया तो यह जनमानस द्वारा व्यापक जनआक्रोश का कारण बन सकता है।अपने निवेदन में उन्होंने सरकार से मांग की है कि सोनभद्र सहित प्रदेश के सभी पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर पोस्टपेड प्रणाली बहाल की जाए। साथ ही, उपभोक्ताओं को विकल्प देने और गरीब वर्ग के लिए विशेष राहत नीति लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है, ताकि कोई भी परिवार बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे।पत्र की प्रतिलिपि ऊर्जा मंत्री, प्रमुख सचिव ऊर्जा, यूपीपीसीएल चेयरमैन, जिलाधिकारी सोनभद्र एवं संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर लोगों में चर्चा तेज हो गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार इस जनहित से जुड़े विषय पर गंभीरता से विचार कर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लेगी।
- Pramod opretorRobertsganj, Sonbhadraसंसद चंद्र शेखर आजाद रावण भैया जी की आवाज और कम से एसा हो रहा है भाई जिओ हजारों साल जय भीमon 18 April
- पंछी बनाना1
- सोनभद्र जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने राजकीय मेडिकल कॉलेज लोढ़ी का किया औचक निरीक्षण। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, दवा उपलब्धता और इलाज व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए गए। डीएम ने साफ कहा—मरीजों को किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिजली व्यवस्था पर भी खास जोर—निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश, और समस्या होने पर तुरंत समाधान के आदेश। खास बात ये रही कि डीएम ने एक मरीज पूजा यादव के परिजन से फोन पर बात कर ब्लड रिपोर्ट की जानकारी भी ली। साथ ही, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी को लेकर उच्च स्तर पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया। तो कुल मिलाकर, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है।1
- Post by कालचिंतन समाचार1
- सोनभद्र के राजकीय मेडिकल कॉलेज लोढ़ी में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अचानक औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल की साफ-सफाई, इलाज व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया और खामियां मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए डीएम ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई किसी भी हाल में बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित निगरानी अनिवार्य होगी। साथ ही मरीजों को समय से दवा और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए बिजली व्यवस्था पर खास फोकस निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्युत आपूर्ति को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया गया कि मेडिकल कॉलेज में बिजली आपूर्ति हर हाल में निर्बाध रहे। किसी भी तरह की समस्या आने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए, वरना कार्रवाई तय मानी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल के लिए नया फीडर तैयार हो चुका है, जो जल्द चालू होगा। स्टाफ की कमी बनी चिंता निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सकों की कमी की समस्या रखी। इस पर डीएम ने भरोसा दिलाया कि उच्च स्तर पर पत्राचार कर जल्द समाधान कराया जाएगा। मरीज से फोन पर ली फीडबैक डीएम ने पूजा यादव नामक मरीज के परिजन से सीधे मोबाइल पर बात कर ब्लड जांच रिपोर्ट समय से मिलने की जानकारी ली। परिजनों ने संतोष जताते हुए बताया कि रिपोर्ट समय पर मिली है। ऑक्सीजन प्लांट का भी लिया जायजा निरीक्षण के दौरान डीएम ने ऑक्सीजन प्लांट का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज राय सहित मेडिकल कॉलेज के कई वरिष्ठ डॉक्टर और अधिकारी मौजूद रहे।1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel1
- Post by पत्रकार अशोक सिंह रेनुकूट2
- Post by कालचिंतन समाचार1