प्रतिरक्षण सेवाओं की निगरानी, डेटा गुणवत्ता में सुधार और साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने के उद्देश्य से, पूर्णिया के लाइन बाजार स्थित आरटीपीसीआर मीटिंग हॉल में शनिवार को एक जिला स्तरीय संवेदनशीलता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम "Strengthening Immunization Data Systems and Review Mechanisms" विषय पर केंद्रित था, जिसका आयोजन डेटा एनालिटिक्स प्रोजेक्ट के तहत जेएसआई आरटी इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले और प्रखंड स्तर के स्वास्थ्य पदाधिकारियों, चिकित्सा पदाधिकारियों, ब्लॉक स्वास्थ्य प्रबंधकों, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन कर्मियों के साथ-साथ संबंधित स्वास्थ्य साझेदार संस्थाओं के कुल 47 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के पंजीकरण और एक प्री-टेस्ट के साथ हुई। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान, प्रतिभागियों को प्रतिरक्षण कार्यक्रम से संबंधित डेटा प्रबंधन, डेटा गुणवत्ता आश्वासन, रिपोर्टिंग तंत्र और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों के प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (ACMO) डॉ. आर. पी. मंडल ने संबोधित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध डेटा ही प्रतिरक्षण कार्यक्रम की सफलता का आधार है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से डेटा की शुद्धता और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया। वहीं, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) श्री एस. के. दास ने अपने संबोधन में बताया कि सुदृढ़ डेटा संरचना और प्रभावी विश्लेषण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है, जिससे बेहतर योजना निर्माण और निगरानी संभव हो पाती है। प्रशिक्षण के तकनीकी सत्रों में जेएसआई टीम ने प्रतिरक्षण डेटा स्रोतों, डेटा विश्लेषण, डेटा अंतरालों की पहचान और उनके समाधान के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों को एचएमआईएस (HMIS) एवं यू-विन (U-WIN) प्लेटफॉर्म की रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं, डेटा प्रवाह और डेटा सत्यापन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया। प्रायोगिक सत्रों में, प्रतिभागियों को प्रतिरक्षण संबंधी डैशबोर्ड और फैक्टशीट का विश्लेषण करके प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) की पहचान और मूल्यांकन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर, एक जिला समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें नियमित प्रतिरक्षण और निगरानी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन जेएसआई आरटी इंडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय डेटा विश्लेषक श्री अरविंद कुमार और क्षमता निर्माण प्रशिक्षण पदाधिकारी श्री मैपाक द्वारा किया गया, जिसमें जिला प्रतिरक्षण कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
प्रतिरक्षण सेवाओं की निगरानी, डेटा गुणवत्ता में सुधार और साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने के उद्देश्य से, पूर्णिया के लाइन बाजार स्थित आरटीपीसीआर मीटिंग हॉल में शनिवार को एक जिला स्तरीय संवेदनशीलता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम "Strengthening Immunization Data Systems and Review Mechanisms" विषय पर केंद्रित था, जिसका आयोजन डेटा एनालिटिक्स प्रोजेक्ट के तहत जेएसआई आरटी इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले और प्रखंड स्तर के स्वास्थ्य पदाधिकारियों, चिकित्सा पदाधिकारियों, ब्लॉक स्वास्थ्य प्रबंधकों, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन कर्मियों के साथ-साथ संबंधित स्वास्थ्य साझेदार संस्थाओं के कुल 47 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के पंजीकरण और एक प्री-टेस्ट के साथ हुई। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान, प्रतिभागियों को प्रतिरक्षण कार्यक्रम से संबंधित डेटा प्रबंधन, डेटा गुणवत्ता आश्वासन, रिपोर्टिंग तंत्र और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों के प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (ACMO) डॉ. आर. पी. मंडल ने संबोधित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध डेटा ही प्रतिरक्षण कार्यक्रम की सफलता का आधार है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से डेटा की शुद्धता और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया। वहीं, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) श्री एस. के. दास ने अपने संबोधन में बताया कि सुदृढ़ डेटा संरचना और प्रभावी विश्लेषण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है, जिससे बेहतर योजना निर्माण और निगरानी संभव हो पाती है। प्रशिक्षण के तकनीकी सत्रों में जेएसआई टीम ने प्रतिरक्षण डेटा स्रोतों, डेटा विश्लेषण, डेटा अंतरालों की पहचान और उनके समाधान के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों को एचएमआईएस (HMIS) एवं यू-विन (U-WIN) प्लेटफॉर्म की रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं, डेटा प्रवाह और डेटा सत्यापन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया। प्रायोगिक सत्रों में, प्रतिभागियों को प्रतिरक्षण संबंधी डैशबोर्ड और फैक्टशीट का विश्लेषण करके प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) की पहचान और मूल्यांकन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर, एक जिला समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें नियमित प्रतिरक्षण और निगरानी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन जेएसआई आरटी इंडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय डेटा विश्लेषक श्री अरविंद कुमार और क्षमता निर्माण प्रशिक्षण पदाधिकारी श्री मैपाक द्वारा किया गया, जिसमें जिला प्रतिरक्षण कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में, कटिहार जिले के कोढ़ा स्थित प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय के ऐतिहासिक प्रांगण में पतंजलि योग परिवार के तत्वावधान में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, योगाभ्यास किया, और स्वस्थ व निरोग जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। कोढ़ा विधानसभा की विधायक कविता देवी इस आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं। उनके साथ कटिहार जिला परिषद अध्यक्षा रश्मि सिंह, विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश सिंह, भाजपा जिला महामंत्री रामनाथ पाण्डेय, जिला किसान मोर्चा उपाध्यक्ष अरविंद सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष डोमन चौधरी, सुमित सिंह, प्रीति यादव, उपाध्यक्ष माला देवी, अखिलेश मेहता, और पतंजलि योग परिवार के सभी सम्मानित सदस्य भी उपस्थित थे। योग प्रशिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में, उपस्थित प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। वक्ताओं ने इस अवसर पर योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया, जो न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन भी प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि नियमित योगाभ्यास से कई बीमारियों से बचाव संभव है, जिससे व्यक्ति स्वस्थ, प्रसन्न और ऊर्जावान जीवन जी सकता है। विधायक कविता देवी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है, और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर हम स्वयं को स्वस्थ रखने के साथ-साथ समाज को भी निरोग बनाने में योगदान दे सकते हैं। जिला परिषद अध्यक्षा रश्मि सिंह ने योग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक और अनुशासित पद्धति करार दिया, और सभी से नियमित योग करने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी लोगों ने "करें योग, रहें निरोग" और "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस योग दिवस आयोजन ने स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक एकता का एक प्रेरणादायक संदेश दिया।1
- पूर्णिया को एक नया SP साहब मिला है। इस पोस्ट में नए SP साहब का उत्साहपूर्ण स्वागत करते हुए उनसे बिहार के पूर्णिया में आकर लोगों से मिलने का आग्रह किया गया है। पोस्ट नए SP साहब को 'दुनिया का नया SP साहब' कहकर संबोधित करती है।1
- कटिहार जिले के कदवा प्रखंड स्थित पुस्तकालय के पास के ग्रामीण पिछले पाँच दिनों से बिजली की समस्या का सामना कर रहे हैं। लगातार पाँच दिनों से बिजली न मिलने के कारण ग्रामीणों ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।1
- कटिहार शहर के चौधरी मोहल्ला चौक स्थित जुबेदा हॉल में रविवार को एक दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करना था, जिसमें जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क जाँच, परामर्श और उपचार की सुविधा दी गई। स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में मरीज पहुँचे, जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विभिन्न बीमारियों से संबंधित जाँच और परामर्श प्रदान किया। शिविर के आयोजक चिकित्सक डॉ. इमरान आलम ने बताया कि यह फ्री मेडिकल हेल्थ कैंप इलेक्ट्रो होम्योपैथी, हर्बल रिसर्च और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से संचालित किया गया। यहाँ आने वाले मरीजों की स्वास्थ्य जाँच के बाद उन्हें आवश्यक दवाएँ भी पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई गईं। डॉ. आलम के अनुसार, शिविर में ट्यूमर, मधुमेह (शुगर), मानसिक रोग और लीवर संबंधी बीमारियों सहित अन्य गंभीर समस्याओं से पीड़ित मरीज आए थे। इस दौरान 50 से अधिक मरीजों की स्वास्थ्य जाँच कर उन्हें उचित चिकित्सकीय सलाह दी गई। कई ऐसे मरीज भी शिविर में पहुँचे थे जिन्हें विभिन्न अस्पतालों और चिकित्सकों से उपचार कराने के बाद भी राहत नहीं मिली थी, और उन्हें भी आवश्यक परामर्श एवं दवाएँ प्रदान की गईं। शिविर में महिला मरीजों की सुविधा को विशेष प्राथमिकता दी गई। महिला रोगियों के स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श के लिए महिला चिकित्सक डॉ. संगीता कुमारी और लाखों खातून भी मौजूद थीं, जिन्होंने महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर आवश्यक सलाह दी। आयोजकों ने बताया कि ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुँचाना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। शिविर में उपस्थित मरीजों और उनके परिजनों ने नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मिलने पर संतोष व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की।2
- पूर्णिया जिले के एक प्रखंड में आयोजित प्रखंड सह जन कल्याण शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे DDC ने शिविर में मौजूद आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सरकारी योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली और उन्हें निर्देश दिए कि लोगों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और आवेदनों के साथ पहुंचे थे, जिनकी समस्याओं के समाधान हेतु DDC ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जनता की समस्याओं का समाधान समय पर होना चाहिए और सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।1
- 21 जून 2026 के लिए भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र की महत्वपूर्ण खबरें सामने आई हैं।1
- कटिहार के आजमनगर थाना क्षेत्र के कन्हरिया स्थित महानंदा नदी में बीती रात एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां मछली पकड़ने गए एक 35 वर्षीय युवक की ठनका (आकाशीय बिजली) गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दर्जनों अन्य लोग भी झुलसकर जख्मी हो गए। मृतक की पहचान चौलहर पंचायत के बैरिया चांदपुर निवासी साबिर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, साबिर बीती रात अपने गांव के तकरीबन 40 से 50 अन्य लोगों के साथ महानंदा नदी में मछली पकड़ने गया था, तभी तेज बारिश शुरू हो गई और इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से वह उसकी चपेट में आ गया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी। इस घटना में मोहम्मद इश्तहार, मोहम्मद शमीर, मोहम्मद तंजीर, मोहम्मद हुसना, मोहम्मद गुजरिया, मोहम्मद तोसिफ, मोहम्मद इकराम, मोहम्मद मतिफुल और मोहम्मद मुस्ताक सहित दर्जनों लोग ठनके की चपेट में आकर झुलस गए। इन सभी जख्मी लोगों का इलाज गांव में ही चल रहा है। मोहम्मद साबिर की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिसमें उनकी पत्नी गुफरेना खातून और एक मात्र 3 माह का मासूम बच्चा शामिल है, जिसके सिर से पिता का साया उठ गया है। घटना के बाद से पूरे बैरिया चांदपुर गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटनास्थल पर पहुंचे राजद नेता जाकिर हुसैन, जिला परिषद प्रतिनिधि मसूद आलम, पंचायत समिति सदस्य शमशाद आलम, मोहम्मद शहाबुद्दीन और परवेज आलम सरपंच सहित दर्जनों जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों के लिए अंचल अधिकारी एवं बिहार सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।3
- कदवा प्रखंड के धंनगामा पंचायत क्षेत्र में महानंदा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके चलते खेत खलिहान और लिलजी धार में पानी का बहाव शुरू हो गया है। इस स्थिति के कारण धंनगामा पंचायत के निवासियों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या तब और गंभीर हो गई है जब संवेदक की लापरवाही के कारण समय पर पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। धंनगामा पंचायत के मुखिया सागर राय ने इस मामले पर गहरी चिंता व्यक्त की है। महानंदा नदी के उफनने और लिलजी धार डायवर्सन में पानी फैल जाने से राहगीरों की परेशानी काफी बढ़ गई है।1