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*सुल्तानपुर के जिलाधिकारी कुमार हर्ष का हुआ तबादला इंद्रजीत सिंह होने नए जिलाधिकारी* जनपद सुल्तानपुर के जिलाधिकारी कुमार हर्ष का तबादला हो गया इनकी जगह पर इंद्रजीत सिंह होंगे नए जिलाधिकारी।।
Prashant Yadav
*सुल्तानपुर के जिलाधिकारी कुमार हर्ष का हुआ तबादला इंद्रजीत सिंह होने नए जिलाधिकारी* जनपद सुल्तानपुर के जिलाधिकारी कुमार हर्ष का तबादला हो गया इनकी जगह पर इंद्रजीत सिंह होंगे नए जिलाधिकारी।।
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- Post by Press IKN1
- लम्भुआ/सुल्तानपुर भीषण गर्मी और हीट वेव का असर अब जानलेवा साबित होने लगा है। कोतवाली लम्भुआ क्षेत्र के डकाही बाईपास के समीप एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां परसरामपुर निवासी 27 वर्षीय युवक सुनील कुमार पुत्र रामलौट अचानक हीट वेव की चपेट में आकर बेहोश हो गए और पास में खड़े टेंपो से जा टकराए। घटना में सुनील के सिर में गंभीर चोट लग गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची 108 एम्बुलेंस की मदद से घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लम्भुआ लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने जिला चिकित्सालय, सुल्तानपुर रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल घायल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन सिर में चोट होने के कारण स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। 👉 प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की अपील: तेज गर्मी और लू से बचाव के लिए लोग दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।3
- गोसाईगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: लकड़ी चोर गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार, 43 बोटे बरामद सुलतानपुर। जनपद के थाना गोसाईगंज क्षेत्र में पुलिस ने लकड़ी चोरी की घटना का सफल खुलासा करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक चारू निगम के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 को वादी रविशंकर शुक्ला ने अपने खेत से 24 यूकेलिप्टस के पेड़ चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच उपनिरीक्षक अशोक कुमार द्वारा की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर 20 अप्रैल को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में शुभम यादव, करन, रोशनलाल और आदित्य पटेल शामिल हैं, जो अयोध्या जनपद के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से सफेदा (यूकेलिप्टस) के कुल 43 बोटे बरामद किए हैं, जिनमें 25 बोटे 4 फीट और 18 बोटे 3 फीट के हैं। घटना में प्रयुक्त वाहन को भी सीज कर दिया गया है। पुलिस टीम की इस सफलता से क्षेत्र में अपराधियों में हड़कंप मच गया है।3
- Post by PUBLIC TALK NEWS1
- Post by Dharmendra Mishra1
- *चोरी की घटना का सफल अनावरण:* गोसाईगंज पुलिस ने लकड़ी चोर गिरोह के 4 सदस्यों को वाहन सहित चोरी के लकड़ी के 43 बोटे के साथ गिरफ्तार कर मा0 न्यायालय भेजा गया । उक्त के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर रामकृष्ण चतुर्वेदी की बाइटः-2
- Post by 24News उत्तर प्रदेश1
- *जिला कारागार में खुलेआम ‘सब कुछ उपलब्ध’ का राज!* अम्बेडकर नगर । जिला कारागार वह जगह है जहाँ अपराधी सुधरने और समाज से दूर रखे जाने की उम्मीद की जाती है। लेकिन अंबेडकर नगर की जेल में हालात बिल्कुल उलटे नजर आ रहे हैं। रिहा हो चुके कई कैदियों ने दावा किया है कि यहाँ “ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जो उपलब्ध न हो” — बस सही कीमत चुकानी पड़े। ड्रग्स, गांजा, नशीले पदार्थों से लेकर सब कुछ जेल के अंदर “उचित कीमत” पर मिल जाता है। एक रिहा कैदी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,“जेल के अंदर सब कुछ चलता है। ड्रग्स से लेकर वाइन तक। बाहर से सामान आता है, अंदर बिकता है। कीमत अच्छी लगे तो कोई समस्या नहीं।” सिर्फ नशीले पदार्थ ही नहीं, जेल में ब्याज पर पैसे उधार देने का भी धंधा चल रहा है। कैदी एक-दूसरे को सूदखोरी पर पैसा देते हैं और मुनाफा कमाते हैं। रिहा कैदियों का कहना है कि यहाँ “कैदियों द्वारा ब्याज पर पैसे बांटे जाते हैं”। एक अन्य पूर्व कैदी ने कहा,“मैं खुद यह नहीं खाता, लेकिन जो लोग अंदर रह चुके हैं उन्होंने बताया है कि जेल अब सजा काटने की जगह नहीं, बल्कि एक छोटा सा बाजार बन चुकी है।” यह खुलासा अंबेडकर नगर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अगर रिहा कैदियों की बात सही है तो जेल प्रशासन की नाकामी या मिलीभगत दोनों ही चिंता का विषय हैं। जेल महकमा अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं कर पाया है। स्थानीय पुलिस और जेल अधीक्षक से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने “जांच कर रहे हैं” कहकर टाल दिया।क्या जेल अब अपराधियों का सुधार गृह है या अपराध का अड्डा?क्या अंबेडकर नगर जिला कारागार में “सब कुछ उपलब्ध” का मॉडल राज्य भर में फैल चुका है? अब सच्चाई सामने आ रही है कि जेल की दीवारें अपराध को रोकने के बजाय उसे पनपने दे रही हैं।1