32 लाख आबादी, पर एक्स-रे पेपर तक नहीं — प्रतापगढ़ जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर प्रतापगढ़। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। जनपद के जिला अस्पताल में मूलभूत संसाधनों की कमी ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। अधिवक्ता राहुल यादव द्वारा उठाया गया मामला न सिर्फ एक मरीज की परेशानी को दर्शाता है, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही को बेनकाब करता है। बताया गया कि राहुल यादव अपने मित्र आशीष को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे, जिनके पैर में गिरने से फ्रैक्चर हो गया था। इलाज की प्रक्रिया में जब वे एक्स-रे कराने पहुंचे, तो वहां जो स्थिति सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। अस्पताल में एक्स-रे प्रिंट करने वाला पेपर ही उपलब्ध नहीं था। नतीजतन, कर्मचारियों ने एक्स-रे की प्रिंट कॉपी देने के बजाय मोबाइल से फोटो खींचकर मरीज को थमा दिया और डॉक्टर को वही दिखाने की सलाह दे डाली। सवाल यह उठता है कि करोड़ों के बजट और बड़ी आबादी वाले जनपद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में यदि एक सामान्य एक्स-रे पेपर तक उपलब्ध नहीं है, तो आखिर स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताएं क्या हैं? क्या मरीजों को अब “मोबाइल इलाज” के भरोसे छोड़ दिया गया है? यह घटना केवल संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता और निगरानी तंत्र की विफलता को भी उजागर करती है। अगर समय रहते ऐसी खामियों को दूर नहीं किया गया, तो आम जनता का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से भरोसा उठना तय है। स्थानीय नागरिकों ने इस लापरवाही पर आक्रोश व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, साथ ही अस्पताल में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
32 लाख आबादी, पर एक्स-रे पेपर तक नहीं — प्रतापगढ़ जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर प्रतापगढ़। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। जनपद के जिला अस्पताल में मूलभूत संसाधनों की कमी ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। अधिवक्ता राहुल यादव द्वारा उठाया गया मामला न सिर्फ एक मरीज की परेशानी को दर्शाता है, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही को बेनकाब करता है। बताया गया कि राहुल यादव अपने मित्र आशीष को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे, जिनके पैर में गिरने से फ्रैक्चर हो गया था। इलाज की प्रक्रिया में जब वे एक्स-रे कराने पहुंचे, तो वहां जो स्थिति सामने आई, वह चौंकाने वाली थी। अस्पताल में एक्स-रे प्रिंट करने वाला पेपर ही उपलब्ध नहीं था। नतीजतन, कर्मचारियों ने एक्स-रे की प्रिंट कॉपी देने के बजाय मोबाइल से फोटो खींचकर मरीज को थमा दिया और डॉक्टर को वही दिखाने की सलाह दे डाली। सवाल यह उठता है कि करोड़ों के बजट और बड़ी आबादी वाले जनपद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में यदि एक सामान्य एक्स-रे पेपर तक उपलब्ध नहीं है, तो आखिर स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताएं क्या हैं? क्या मरीजों को अब “मोबाइल इलाज” के भरोसे छोड़ दिया गया है? यह घटना केवल संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता और निगरानी तंत्र की विफलता को भी उजागर करती है। अगर समय रहते ऐसी खामियों को दूर नहीं किया गया, तो आम जनता का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से भरोसा उठना तय है। स्थानीय नागरिकों ने इस लापरवाही पर आक्रोश व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, साथ ही अस्पताल में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
- Vishva Guru Bharat🫡1
- Post by RAMA SHANKAR SHUKLA1
- उत्कृष्ट समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने अपने बहुआयामी सेवा भाव से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। वृद्धाश्रम के वृद्ध माता-पिता की सेवा, महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की सेवा, दीन- हीनो को वस्त्र- कम्बल दान, निरीह पशुओं को चारा तथा जाड़े में बोरे के कोट पहनाने का कार्य, बीमारी को दवा की व्यवस्था प्रदान करना, खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर उनका प्रोत्साहन करना इत्यादि ऐसे कार्य हैं जिनको रोशनलाल उमरवैश्य धर्म का अंग मानकर संपादित करते हैं।1
- प्रतापगढ़ के थाना दिलीपपुर क्षेत्र के पिपरी खालसा गाँव में प्राथमिक विद्यालय में योगेश मिश्र और उनके गुर्गे परवेज एवं एक दर्जन से अधिक अज्ञात गुंडे तोड़ फोड़ कर किये गए निर्माण को क्षति ग्रस्त कर दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया और दिलीपपुर की पुलिस मौके पर पहुँची तो तनाव को देखते हुए और फोर्स की माँग की थी।1
- प्रतापगढ़। पत्रकार रवि गर्गवंशी की दिल्ली पुलिस द्वारा कथित नाजायज गिरफ्तारी को लेकर विरोध तेज हो गया है। इस मामले में नीरज सिंह के नेतृत्व में अवधकेसरी सेना ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कड़ी आपत्ति जताई। अवधकेसरी सेना के पदाधिकारियों का आरोप है कि पत्रकार रवि गर्गवंशी को बिना उचित कारण गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। संगठन ने कहा कि एक पत्रकार की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि रवि गर्गवंशी को तत्काल तिहाड़ जेल से रिहा किया जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की गई। अवधकेसरी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र रिहाई नहीं होती है तो संगठन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।1
- अमेठी के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बाबूपुर सरैया गांव में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। गेहूं के खेत में लगी भीषण आग बुझाने के दौरान 55 वर्षीय किसान मुख्तार अहमद की तबीयत बिगड़ गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी बाबादीन के खेत में लगे ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट होने से चिंगारी निकली, जिसने खेत में पड़े गेहूं के अवशेष में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के कई खेतों तक फैल गई। इस अग्निकांड में मोईद, मोईन, शायजहां, वसीम और उम्मर के करीब तीन बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल है।1
- गर्व करों की आप भारत में हैं, अपने यहां के सब्जी के भाव देखों और अमरीका में सब्जी के भाव देखों... "सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा" 🇮🇳🙏👍1
- Post by Raja Kumar1