जनपद शाहजहाँपुर में समाजसेवी संस्था 'सहयोग' ने विकासखंड ददरौल की ग्राम पंचायत पिपरौली स्थित शिवराज सिंह शिक्षा केंद्र परिसर में बच्चों के साथ एक व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और एक हरित भविष्य के निर्माण का संदेश देना था, जहाँ प्रतिभागियों ने पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल का भी दृढ़ संकल्प लिया। ग्राम पिपरौली पहुँचने पर पूर्व प्रधान नत्थू लाल सक्सेना ने संस्था के पदाधिकारियों का हार्दिक स्वागत किया, जिसके उपरांत बच्चों और ग्रामीणों ने अत्यंत उत्साह के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। पौधारोपण कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. पुनीत मनीषी एवं सह प्रभारी संगीता गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि वृक्षारोपण करना प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था का लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि जन-जन में पर्यावरण के प्रति गहरी जागरूकता पैदा करना है। उनका मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी समुचित देखभाल करे, तो पूरा जनपद हरियाली से आच्छादित हो सकता है। इसी कड़ी में, संस्था की अध्यक्ष स्तुति गुप्ता एवं कोषाध्यक्ष महेंद्र दुबे ने बच्चों को सरल शब्दों में पर्यावरण का महत्व समझाया, यह बताते हुए कि पेड़ों की कमी के कारण ही बादल बिना बरसे लौट जाते हैं। उन्होंने कहा कि धरती पर जितने अधिक वृक्ष होंगे, वर्षा उतनी ही बेहतर होगी और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ वातावरण का उपहार मिलेगा। उन्होंने बच्चों से हर वर्ष पौधारोपण करने और दूसरों को भी इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। संस्था के संस्थापक अनिल गुप्ता एवं शाहनवाज खां एडवोकेट ने 'सहयोग' संस्था की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि यह संस्था समाजहित के हर कार्य में सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि 'सहयोग' पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निरंतर जनहित के कार्य करती रहेगी और जहाँ भी सहयोग की आवश्यकता होगी, संस्था वहाँ अवश्य पहुँचेगी। इस अवसर पर सुमन गुप्ता, ममता यादव, विकास सक्सेना, राजवेंद्र सिंह 'राजा', सरदार हरजीत सिंह, नितिन मिश्रा, आरती मिश्रा, हरसिमरत कौर, अवनीश वर्मा, डॉ. कैलाश यादव, लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष नवनीत प्रकाश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, बच्चे एवं संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिससे पिपरौली में पर्यावरण बचाने का संदेश गूँज उठा।
जनपद शाहजहाँपुर में समाजसेवी संस्था 'सहयोग' ने विकासखंड ददरौल की ग्राम पंचायत पिपरौली स्थित शिवराज सिंह शिक्षा केंद्र परिसर में बच्चों के साथ एक व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और एक हरित भविष्य के निर्माण का संदेश देना था, जहाँ प्रतिभागियों ने पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल का भी दृढ़ संकल्प लिया। ग्राम पिपरौली पहुँचने पर पूर्व प्रधान नत्थू लाल सक्सेना ने संस्था के पदाधिकारियों का हार्दिक स्वागत किया, जिसके उपरांत बच्चों और ग्रामीणों ने अत्यंत उत्साह के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। पौधारोपण कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. पुनीत मनीषी एवं सह प्रभारी संगीता गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि वृक्षारोपण करना प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था का लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि जन-जन में पर्यावरण के प्रति गहरी जागरूकता पैदा करना है। उनका मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी समुचित देखभाल करे, तो पूरा जनपद हरियाली से आच्छादित हो सकता है। इसी कड़ी में, संस्था की अध्यक्ष स्तुति गुप्ता एवं कोषाध्यक्ष महेंद्र दुबे ने बच्चों को सरल शब्दों में पर्यावरण का महत्व समझाया, यह बताते हुए कि पेड़ों की कमी के कारण ही बादल बिना बरसे लौट जाते हैं। उन्होंने कहा कि धरती पर जितने अधिक वृक्ष होंगे, वर्षा उतनी ही बेहतर होगी और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ वातावरण का उपहार मिलेगा। उन्होंने बच्चों से हर वर्ष पौधारोपण करने और दूसरों को भी इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। संस्था के संस्थापक अनिल गुप्ता एवं शाहनवाज खां एडवोकेट ने 'सहयोग' संस्था की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि यह संस्था समाजहित के हर कार्य में सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि 'सहयोग' पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निरंतर जनहित के कार्य करती रहेगी और जहाँ भी सहयोग की आवश्यकता होगी, संस्था वहाँ अवश्य पहुँचेगी। इस अवसर पर सुमन गुप्ता, ममता यादव, विकास सक्सेना, राजवेंद्र सिंह 'राजा', सरदार हरजीत सिंह, नितिन मिश्रा, आरती मिश्रा, हरसिमरत कौर, अवनीश वर्मा, डॉ. कैलाश यादव, लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष नवनीत प्रकाश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, बच्चे एवं संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिससे पिपरौली में पर्यावरण बचाने का संदेश गूँज उठा।
- शाहजहांपुर के पुवायां में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने विकास और साफ-सफाई के सभी दावों की हकीकत सामने ला दी है। पुवायां ब्लॉक परिसर, जो ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की निगरानी का केंद्र है और जहाँ सफाई कर्मचारी व ग्राम विकास अधिकारी प्रतिदिन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, वह पूरा परिसर जलभराव की चपेट में आ गया। बारिश के बाद यह परिसर एक तालाब में तब्दील हो गया, जिससे अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और लोगों को कीचड़ व गंदे पानी से होकर निकलना पड़ा। पहली ही बारिश में उत्पन्न हुई इस स्थिति ने जल निकासी व्यवस्था और रखरखाव की पूरी पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब विकास योजनाओं का संचालन करने वाला ब्लॉक कार्यालय ही जलभराव से सुरक्षित नहीं रह पाया, तो ग्रामीण क्षेत्रों की व्यवस्था का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। उन्होंने ब्लॉक परिसर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने और नियमित साफ-सफाई कराने की मांग की है। पुवायां ब्लॉक का यह हाल प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब तक करता है।1
- Post by MAHARAJ SINGH1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में स्थित बंडा नगर पंचायत के अध्यक्ष ने अपनी जान को खतरा बताते हुए एक सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने आशंका जताई है कि उनका मर्डर हो सकता है। अध्यक्ष ने एक इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके अनुसार उन्हें जान से मारने की धमकी देने वाले लोगों के सामने ही पुलिस थाने बुलाया जा रहा है। इन गंभीर दावों के मद्देनजर, नगर पंचायत अध्यक्ष ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।1
- धमास धमाका घरेलू उपाय पर आधारित एक वीडियो जारी किया गया है। दर्शकों से अपील की गई है कि वे इस वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और फॉलो करें।1
- लाल चौराहा रोड के अवरुद्ध हो जाने के कारण, पचराय वाले रोड पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।1
- उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जहाँ जलालाबाद का नाम बदलकर अब 'परशुरामपुरी' कर दिया गया है। सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया है, और क्षेत्रवासियों में इसे लेकर काफी उत्साह है। लोगों का मानना है कि यह निर्णय न केवल सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह हमारी प्राचीन मान्यताओं और गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने का माध्यम भी है। स्थानीय निवासी लंबे समय से इस बदलाव की मांग कर रहे थे। इस नाम परिवर्तन से क्षेत्र की पहचान उसकी पौराणिक जड़ों से फिर से जुड़ गई है, और 'परशुरामपुरी' अब एक नई पहचान के साथ विकास और आस्था का प्रतीक बनेगा। यह बदलाव हमारे इतिहास और संस्कृति के प्रति हमारी श्रद्धा का स्पष्ट प्रमाण है।1
- हरदोई के शाहाबाद में उपजिलाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा ने तहसील कार्यालय में हुए विवाद को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि एक महिला लेखपाल, उनके पिता और अन्य संबंधित लोगों से जुड़े घटनाक्रम को तथ्यों से हटकर प्रस्तुत किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी मिश्रा ने जोर देकर कहा कि पूरे मामले का रिकॉर्ड प्रशासन के पास मौजूद है, जिससे जांच निष्पक्ष रूप से सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।1
- मानसून की पहली अच्छी बारिश ने पुवायां तहसील की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। बारिश के बाद पूरा तहसील परिसर जलमग्न हो गया, जिससे यह किसी तालाब जैसा दिखाई देने लगा। इस जलभराव के कारण तहसील आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तहसील परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहा, जिसके चलते लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। इस स्थिति ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि पहली ही बारिश में यह हाल है, तो पूरे बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। नागरिकों ने आरोप लगाया कि हर वर्ष बरसात से पहले जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनका कोई असर नहीं दिखता। पहली ही बारिश में तहसील परिसर का तालाब में बदल जाना इन दावों की हकीकत को दर्शाता है। स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि तहसील परिसर में एक स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि आमजन और कर्मचारियों को बरसात के दौरान ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस समस्या का स्थायी समाधान करते हैं या हर बरसात में यही तस्वीर दोहराई जाती रहेगी।1