दृष्टिबाधित बुंदेली गायक सुनील लोधी को CM हाउस में मिला सम्मान: 'हनुमान अंश' के गायक को ₹1 लाख की सहायता, सरकार कराएगी आंखों का इलाज भोपाल प्रतिभा कभी परिस्थितियों की मोहताज़ नहीं होती—इस बात को सागर के दृष्टिबाधित लोकगायक सुनील लोधी ने अपनी सुरीली आवाज़ से साबित कर दिखाया है। गुरुवार को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक भावुक और गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनील लोधी और उनके माता-पिता को सम्मानित किया। सुनील ने हाल ही में प्रदर्शित फिल्म 'हनुमान अंश' में अपनी आवाज़ में एक बुंदेली गीत गाया है, जिसने प्रदेशभर के संगीत प्रेमियों को भाव-विभोर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने उनकी इस उपलब्धि पर ₹1 लाख की सम्मान निधि देने की घोषणा की, साथ ही उनकी आंखों का इलाज सरकारी खर्च पर कराने का भरोसा दिलाया। लोककला की साधना ने दिलाया मुकाम सागर जिले के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुनील लोधी बचपन से ही संगीत के प्रति समर्पित रहे हैं। आंखें न होने के बावजूद उन्होंने लोककला की साधना नहीं छोड़ी। फिल्म 'हनुमान अंश' में उनके गाए बुंदेली भक्ति गीत ने राष्ट्रीय स्तर पर बुंदेलखंडी संस्कृति की छाप छोड़ी है। मुख्यमंत्री निवास में जब सुनील ने अपनी सुरीली तान छेड़ी, तो वहां मौजूद सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए। डॉ. मोहन यादव ने उनके हुनर की तारीफ करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सुनील ने बुंदेली माटी की महक को बड़े पर्दे तक पहुंचाया है, जो समूचे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। रोशनी की नई उम्मीद: विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे जांच सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए निर्देश दिए कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम से सुनील लोधी की आंखों का विस्तृत परीक्षण कराया जाएगा। यदि मेडिकल साइंस के ज़रिए उनकी आंखों की रोशनी वापस आने की कोई भी संभावना बनती है, तो राज्य सरकार उनका पूरा इलाज अपने खर्च पर कराएगी। "सुनील लोधी जी का संघर्ष और उनकी सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। सरकार उनकी कला को सहेजने और उनके बेहतर भविष्य के लिए हर संभव मदद करेगी।" — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री माता-पिता का शॉल-श्रीफल से सम्मान समारोह में सुनील के साथ आए उनके माता-पिता को भी मुख्यमंत्री ने शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दृष्टिबाधित बच्चे की प्रतिभा को पहचानकर उसे इस मुकाम तक पहुंचाने में उसके माता-पिता का संघर्ष व समर्पण अनुकरणीय है। मुख्य बिंदुविवरणप्रतिभाशाली कलाकारश्री सुनील लोधी (बुंदेली लोक गायक)गृह जिलासागर, मध्य प्रदेशविशेष उपलब्धिफिल्म 'हनुमान अंश' में लोकप्रिय बुंदेली गीत का गायनप्रोत्साहन राशि₹1,00,000 (एक लाख रुपये)विशेष पहलआंखों के इलाज के लिए विशेषज्ञ मेडिकल जांच की घोषणा सागर के ग्रामीण अंचल से निकलकर राजधानी के मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचे सुनील लोधी की यह सफलता प्रदेश की उभरती लोक प्रतिभाओं के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है।
दृष्टिबाधित बुंदेली गायक सुनील लोधी को CM हाउस में मिला सम्मान: 'हनुमान अंश' के गायक को ₹1 लाख की सहायता, सरकार कराएगी आंखों का इलाज भोपाल प्रतिभा कभी परिस्थितियों की मोहताज़ नहीं होती—इस बात को सागर के दृष्टिबाधित लोकगायक सुनील लोधी ने अपनी सुरीली आवाज़ से साबित कर दिखाया है। गुरुवार को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक भावुक और गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनील लोधी और उनके माता-पिता को सम्मानित किया। सुनील ने हाल ही में प्रदर्शित फिल्म 'हनुमान अंश' में अपनी आवाज़ में एक बुंदेली गीत गाया है, जिसने प्रदेशभर के संगीत प्रेमियों को भाव-विभोर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने उनकी इस उपलब्धि पर ₹1 लाख की सम्मान निधि देने की घोषणा की, साथ ही उनकी आंखों का इलाज सरकारी खर्च पर कराने का भरोसा दिलाया। लोककला की साधना ने दिलाया मुकाम सागर जिले के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुनील लोधी बचपन से ही संगीत के प्रति समर्पित रहे हैं। आंखें न होने के बावजूद उन्होंने लोककला की साधना नहीं छोड़ी। फिल्म 'हनुमान अंश' में उनके गाए बुंदेली भक्ति गीत ने राष्ट्रीय स्तर पर बुंदेलखंडी संस्कृति की छाप छोड़ी है। मुख्यमंत्री निवास में जब सुनील ने अपनी सुरीली तान छेड़ी, तो वहां मौजूद सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए। डॉ. मोहन यादव ने उनके हुनर की तारीफ करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सुनील ने बुंदेली माटी की महक को बड़े पर्दे तक पहुंचाया है, जो समूचे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। रोशनी की नई उम्मीद: विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे जांच सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए निर्देश दिए कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम से सुनील लोधी की आंखों का विस्तृत परीक्षण कराया जाएगा। यदि मेडिकल साइंस के ज़रिए उनकी आंखों की रोशनी वापस आने की कोई भी संभावना बनती है, तो राज्य सरकार उनका पूरा इलाज अपने खर्च पर कराएगी। "सुनील लोधी जी का संघर्ष और उनकी सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। सरकार उनकी कला को सहेजने और उनके बेहतर भविष्य के लिए हर संभव मदद करेगी।" — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री माता-पिता का शॉल-श्रीफल से सम्मान समारोह में सुनील के साथ आए उनके माता-पिता को भी मुख्यमंत्री ने शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दृष्टिबाधित बच्चे की प्रतिभा को पहचानकर उसे इस मुकाम तक पहुंचाने में उसके माता-पिता का संघर्ष व समर्पण अनुकरणीय है। मुख्य बिंदुविवरणप्रतिभाशाली कलाकारश्री सुनील लोधी (बुंदेली लोक गायक)गृह जिलासागर, मध्य प्रदेशविशेष उपलब्धिफिल्म 'हनुमान अंश' में लोकप्रिय बुंदेली गीत का गायनप्रोत्साहन राशि₹1,00,000 (एक लाख रुपये)विशेष पहलआंखों के इलाज के लिए विशेषज्ञ मेडिकल जांच की घोषणा सागर के ग्रामीण अंचल से निकलकर राजधानी के मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचे सुनील लोधी की यह सफलता प्रदेश की उभरती लोक प्रतिभाओं के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है।
- कोतवाली पुलिस ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार, भेजा जेल दिनांक 04/09/2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि जिला बदर आरोपी *राहुल वेदी पिता रतनसिंह वेदी, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम पठारी, थाना कोतवाली रायसेन* अपने घर पर मौजूद है। सूचना की तस्दीक हेतु पुलिस टीम ग्राम पठारी स्थित आरोपी के घर पहुँची, जहाँ आरोपी पुलिस को देखकर घर के पिछले हिस्से की ओर भागने लगा। पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर हमराह स्टाफ की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया। आरोपी राहुल वेदी के विरुद्ध जिला दण्डाधिकारी महोदय, रायसेन के आदेश क्रमांक/पृ./क्रं. 29/जिला बदर/2024, दिनांक 11/05/2026 के माध्यम से रायसेन जिले की सीमाओं से लगे जिला भोपाल, विदिशा, सागर, होशंगाबाद, सीहोर एवं नरसिंहपुर की राजस्व सीमाओं से 06 माह के लिए जिला बदर की कार्रवाई की गई थी। इस प्रकार आरोपी द्वारा जिला दण्डाधिकारी महोदय, रायसेन के जिला बदर आदेश का उल्लंघन करना पाए जाने पर उसके विरुद्ध *धारा 223(बी) बीएनएस एवं धारा 14 मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल दाखिल किया गया। उक्त कार्रवाई में SDOP श्रीमती प्रतिभा शर्मा के उचित मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र गोयल, उनि. शैलेन्द्र दायमा, उनि. दीपक वर्मा, प्रआर. 219 सतेन्द्र लोधी, आर. 511 संदीप जैन, आर. 225 विशाल रघुवंशी, म.आर. 793 वर्षा एवं प्रआर. चालक गोविन्द बरडे की अहम भूमिका रही।2
- बेगमगंज में 25 फीट ऊंची मटकी फोड़कर श्री दुर्गा अखाड़ा फिर बना विजेता, जन्माष्टमी पर 1 हजार लीटर दही का वितरण बेगमगंज में 25 फीट ऊंची मटकी फोड़कर श्री दुर्गा अखाड़ा फिर बना विजेता, जन्माष्टमी पर 1 हजार लीटर दही का वितरण1
- जिला बदर आदेश की अवहेलना पड़ी भारी: रायसेन थाना कोतवाली पुलिस ने आरोपी राहुल वेदी को दबोचा, भेजा जेल1
- कोतवाली पुलिस ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार भेजा जेल रिपोर्ट,,,, अरुण कुमार शेन्डे कोतवाली पुलिस ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार भेजा जेल दिनांक 04/09/2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि जिला बदर आरोपी राहुल वेदी पिता रतनसिंह वेदी उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम पठारी थाना कोतवाली रायसेन अपने घर पर मौजूद है सूचना की तस्दीक हेतु पुलिस टीम ग्राम पठारी स्थित आरोपी के घर पहुँची जहाँ आरोपी पुलिस को देखकर घर के पिछले हिस्से की ओर भागने लगा पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर हमराह स्टाफ की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया आरोपी राहुल वेदी के विरुद्ध जिला दण्डाधिकारी महोदय रायसेन के आदेश क्रमांक/पृ./क्रं. 29/जिला बदर/2024, दिनांक 11/05/2026 के माध्यम से रायसेन जिले की सीमाओं से लगे जिला भोपाल विदिशा सागर होशंगाबाद सीहोर एवं नरसिंहपुर की राजस्व सीमाओं से 06 माह के लिए जिला बदर की कार्रवाई की गई थी इस प्रकार आरोपी द्वारा जिला दण्डाधिकारी महोदय रायसेन के जिला बदर आदेश का उल्लंघन करना पाए जाने पर उसके विरुद्ध धारा 223(बी) बीएनएस एवं धारा 14 मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहाँ से उसे जेल दाखिल किया गया। उक्त कार्रवाई में SDOP श्रीमती प्रतिभा शर्मा के उचित मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र गोयल, उनि. शैलेन्द्र दायमा, उनि. दीपक वर्मा, प्रआर. 219 सतेन्द्र लोधी, आर. 511 संदीप जैन, आर. 225 विशाल रघुवंशीम.आर. 793 वर्षा एवं प्रआर. चालक गोविन्द बरडे की अहम भूमिका रही।1
- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेष: रायसेन का जामगढ़, जहां 'दामाद' के रूप में पूजे जाते हैं द्वारकाधीश; 27 दिनों के युद्ध के बाद हुआ था जामवंती से विवाह रायसेन (मध्य प्रदेश): कृष्ण जन्माष्टमी पर जहां पूरा देश और दुनिया भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और लीलाओं के उत्सव में डूबी रहती है, वहीं मध्य प्रदेश के रायसेन जिले का एक गांव भगवान श्रीकृष्ण को अपना 'दामाद' मानकर उनका जन्मोत्सव और पूजन करता है। विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं की तलहटी में बसा ग्राम 'जामगढ़' द्वारकाधीश की ससुराल के रूप में पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान रखता है। स्यमंतक मणि और 27 दिनों तक चला घमासान युद्ध पौराणिक मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण पर स्यमंतक मणि चोरी करने का मिथ्या कलंक लगा था। इस कलंक को मिटाने और सत्य को सामने लाने के लिए श्रीकृष्ण मणि की खोज में निकले। खोज करते हुए वे विंध्याचल की पहाड़ियों में स्थित जामवंत की गुफा तक पहुंचे। यहां स्यमंतक मणि को लेकर त्रेतायुग के अमर योद्धा जामवंत और द्वापरयुग के अवतारी श्रीकृष्ण के बीच 27 दिनों तक भीषण युद्ध चला। जब युद्ध के अंत में जामवंत को अहसास हुआ कि श्रीकृष्ण स्वयं श्रीराम के अवतार हैं, तो उन्होंने न केवल प्रभु के समक्ष समर्पण किया, बल्कि स्यमंतक मणि भेंट कर अपनी पुत्री जाम्बवती का विवाह भी श्रीकृष्ण के साथ संपन्न कराया। मध्य प्रदेश से श्रीकृष्ण की तीन पटरानियों का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की आठ प्रमुख पटरानियों (रुक्मिणी, सत्यभामा, जाम्बवती, कालिंदी, मित्रविंदा, सत्या, भद्रा और लक्ष्मणा) में से तीन महारानियों का सीधा संबंध मध्य प्रदेश की पावन धरा से माना जाता है: माता रुक्मिणी: कुंडलपुर (धार/अमझेरा क्षेत्र से संबंधित मान्यताएं) माता मित्रविंदा: उज्जैन (अवंती) माता जाम्बवती: जामगढ़ (रायसेन) इसी कारण मध्य प्रदेश को न केवल भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा-दीक्षा की तपोभूमि (सांदीपनि आश्रम, उज्जैन) होने का गौरव प्राप्त है, बल्कि इसे द्वारकाधीश की ससुराल होने का सौभाग्य भी हासिल है। गुफा और पौराणिक धरोहरें आज भी मौजूद रायसेन ज़िला मुख्यालय से लगभग 105 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम जामगढ़ के पास विंध्याचल पर्वत की ऊंचाइयों पर वह प्राचीन गुफा आज भी मौजूद है, जहां जामवंत जी का निवास था। स्थानीय ग्रामीणों का द्वारकाधीश से आज भी वही त्रेता-द्वापर कालीन अनूठा रिश्ता जुड़ा हुआ है। जन्माष्टमी पर गांव के लोग भगवान कृष्ण को गांव के दामाद के रूप में विशेष आदर-सत्कार और भक्ति भाव के साथ पूजते हैं। स्थानीय निवासियों और पुजारियों का कहना है: "जामगढ़ केवल एक गांव नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का साक्षी रहा जीवंत तीर्थ है। हम आज भी द्वारकाधीश को अपने गांव का जामाता (दामाद) मानते हैं और जन्माष्टमी का पर्व इसी आत्मीय भाव के साथ मनाया जाता है।"4
- किले अंदर सरस्वती शिशु मंदिर में मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव विदिशा - स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर अंदर किला में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उत्सव में सर्वप्रथम मां सरस्वती पूजन-वंदना के साथ ही भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप की पूजा अर्चना भी की गई। इस अवसर पर शिशुवाटिका के भैया-बहिनों द्वारा बालकृष्ण के प्रतिरूप, नृत्य एवं आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया गया। तत्पश्चात संस्था प्राचार्य श्री दिनेश जी शर्मा ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भूमिका प्रस्तुत की। ज्ञातव्य हो कि उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में लायंस क्लब संघमित्रा के अध्यक्ष श्री राजेंद्र जी कटारे, जाने-माने फोटोग्राफर एवं लायंस क्लब संघमित्रा के उपाध्यक्ष श्री आर.के. वासुदेव आदि विशेष रूप से उपस्थित थे। श्री कटारे ने अपने उद्बोधन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के संदर्भ में बाल लीलाओं के वृतांत सुनाए। तथा सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए शिशु मंदिरों में धूमधाम से मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का वर्णन किया और कहा कि शिशु मंदिर ने इन अनोखी परंपराओं को आज भी जीवंत रखा है। दीदियों ने भी भजन कीर्तन कर पूरे वातावरण को कृष्णमयी बना दिया। सांस्कृतिक गतिविधियों में कन्हैया और राधा के रूप में सज कर आए नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी व बहिनों के द्वारा मटकियां सजाई गईं, तत्पश्चात् मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी सम्पन्न कराई गई जिसमें भैया/बहिनों ने आनंद पूर्वक हिस्सा लिया। अंत में आमंत्रित मुख्य अतिथि द्वारा सहभागिता करने वाले भैया-बहिनों को पुरस्कार वितरित किये गए। इस कार्यक्रम में अभिभावक गण, पूर्व छात्र,भैया-बहिन, समस्त दीदी-आचार्य आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का कुशल संचालन सुश्री रीनू विश्वकर्मा एवं रितिका दुबे ने किया। अतिथि परिचय श्री रमेश जी राठौर द्वारा व्यक्त किया गया। ज्ञातव्य हो कि सम्पूर्ण कार्यक्रम प्राचार्य श्री दिनेश जी शर्मा के मार्गदर्शन एवं शिशुवाटिका प्रभारी श्रीमती अखिलेश माहेश्वरी के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उक्त जानकारी शिशु मंदिर की जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख चेतना शर्मा द्वारा दी गई है।1
- बासौदा देहात पुलिस ने नकबजनी का किया खुलासा, 03 आरोपी गिरफ्तार* *प्रेस नोट* *दिनांक : 04 सितंबर 2026* *जिला : विदिशा* *बासौदा देहात पुलिस ने नकबजनी का किया खुलासा, 03 आरोपी गिरफ्तार* *सोने-चांदी के आभूषण एवं ₹72 हजार नगद सहित करीब ₹3 लाख का मशरूका बरामद* विदिशा जिले के थाना देहात बासौदा पुलिस ने नकबजनी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी गया सम्पूर्ण मशरूका, जिसमें सोने-चांदी के आभूषण एवं नगदी शामिल है, बरामद किया गया है। बरामद मशरूके की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) है। *वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन/मार्गदर्शन में गठित की गई विशेष टीम* पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी तथा एसडीओपी बासौदा श्रीमती शिखा भलावी के मार्गदर्शन में थाना देहात बासौदा के अपराध क्रमांक 386/26, धारा 305A, 331(4) बीएनएस में चोरी गए माल एवं आरोपियों की तलाश हेतु थाना प्रभारी बासौदा देहात के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। विशेष टीम द्वारा घटना दिनांक से ही लगातार जानकारी एवं साक्ष्य एकत्र किए जा रहे थे। विश्वसनीय मुखबिर सूचना तंत्र, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य भौतिक साक्ष्यों के आधार पर तीन संदेहियों से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपराध करना स्वीकार किया गया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी गया सम्पूर्ण मशरूका बरामद किया गया। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। *गिरफ्तार आरोपी:* 👉रोहित पिता रामनारायण कुशवाह, उम्र 21 वर्ष, निवासी रजोदा, थाना देहात बासौदा। 👉आशिफ पिता इकबाल खान, उम्र 22 वर्ष, निवासी रजोदा, थाना देहात बासौदा। 👉विशाल पिता तोरण सिंह अहिरवार, उम्र 18 वर्ष, निवासी रजोदा। *बरामद मशरूका:* 👉सोने की हार – 01 नग 👉सोने की अंगूठी – 01 नग 👉सोने का मंगलसूत्र – 01 नग 👉चांदी की पायल – 02 जोड़ी 👉बिछिया – 04 जोड़ी 👉नगदी – ₹72,000 👉कुल अनुमानित कीमत – करीब ₹3,00,000 *पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका:* उक्त नकबजनी के खुलासे एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी उप निरीक्षक जय कुमार सिंह, फिंगर प्रिंट शाखा प्रभारी निरीक्षक श्री योगेंद्र साहू, सउनि मनोज तिवारी, सियाराम, प्रआर कृष्ण कुमार मिश्रा, प्रआर रवि राव, आरक्षक राकेश जाटव, आरक्षक ध्रुव विश्वकर्मा, आरक्षक राहुल, आरक्षक सतवीर एवं आरक्षक रामनिवास मीना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- जिला बदर आरोपी घर पर मिला, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल जिला बदर आरोपी घर पर मिला, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल1