खूंटी। आज दिनांक 27/07/2026 को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 88वें स्थापना दिवस का आयोजन बड़ी धूमधाम के साथ 94 बटालियन CRPF के तजना स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, खुंटी (झारखण्ड) में किया गया। 88 वर्ष पूर्व 27 जुलाई 1939 को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की स्थापना क्राउन रिप्रेजेन्टेटिव पुलिस के नाम से नीमच में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद "क्राउन रिप्रेजेन्टेटिव पुलिस" से नाम बदलकर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) किया गया। अतः केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के लिए 27 जुलाई एक विशेष महत्व का दिन है तथा प्रत्येक वर्ष इस दिन को CRPF के स्थापना दिवस के रूप में केरिपुबल के समस्त बटालियनों / कार्यालयों में मनाया जाता है। समय बीतने के साथ-साथ इस बल की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। देश स्तर पर किसी भी प्राकृतिक आपदा, चुनाव ड्यूटी, अमरनाथ ड्यूटी, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान ड्यूटी के साथ-साथ कानून व्यवस्था ड्यूटी हेतु देश के सभी राज्यों द्वारा केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की मांग प्राथमिकता के तौर पर की जाती है। CRPF की स्थापना के दिन से ही इसका इतिहास वीरता भरे कारनामों और शौर्य गाथाओं से भरा हुआ है। CRPF इस प्रकार की चुनौतियों से निपटने के कारण दिन-प्रतिदिन अपनी कार्यक्षमता की ओर अग्रसर होते जा रही है। आज इसकी ड्यूटियां आतंकवाद और विद्रोहियों से मुकाबले के लिए इसके मूल कार्यक्षेत्र से परे और अधिक बढ़ती जा रही हैं। इस स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर सर्वप्रथम अशोक कुमार सिंह, कमांडेंट-94 बटालियन CRPF ने शहीदों को याद करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्पमाला अर्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और सम्मान गार्ड से सलामी ली। साथ ही उन्होंने क्वार्टर गार्ड में सलामी ली एवं कैंप परिसर में वृक्षारोपण किए और सैनिक सम्मेलन के माध्यम से वार्तालाप किया। उन्होंने अपने संबोधन में बल के इतिहास, वीरता एवं राष्ट्र सेवा में बल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला तथा बल के जवानों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस दिवस के शुभ अवसर पर अशोक कुमार सिंह, कमांडेंट-94 बटालियन, रवि शंकर, उप-कमांडेंट, इंस्पेक्टर अजीत कुमार ठाकुर के साथ इस वाहिनी के अन्य अधिकारी गण तथा जवान उपस्थित थे।
खूंटी। आज दिनांक 27/07/2026 को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 88वें स्थापना दिवस का आयोजन बड़ी धूमधाम के साथ 94 बटालियन CRPF के तजना स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, खुंटी (झारखण्ड) में किया गया। 88 वर्ष पूर्व 27 जुलाई 1939 को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की स्थापना क्राउन रिप्रेजेन्टेटिव पुलिस के नाम से नीमच में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद "क्राउन रिप्रेजेन्टेटिव पुलिस" से नाम बदलकर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) किया गया। अतः केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के लिए 27 जुलाई एक विशेष महत्व का दिन है तथा प्रत्येक वर्ष इस दिन को CRPF के स्थापना दिवस के रूप में केरिपुबल के समस्त बटालियनों / कार्यालयों में मनाया जाता है। समय बीतने के साथ-साथ इस बल की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। देश स्तर पर किसी भी प्राकृतिक आपदा, चुनाव ड्यूटी, अमरनाथ ड्यूटी, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान ड्यूटी के साथ-साथ कानून व्यवस्था ड्यूटी हेतु देश के सभी राज्यों द्वारा केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की मांग प्राथमिकता के तौर पर की जाती है। CRPF की स्थापना के दिन से ही इसका इतिहास वीरता भरे कारनामों और शौर्य गाथाओं से भरा हुआ है। CRPF इस प्रकार की चुनौतियों से निपटने के कारण दिन-प्रतिदिन अपनी कार्यक्षमता की ओर अग्रसर होते जा रही है। आज इसकी ड्यूटियां आतंकवाद और विद्रोहियों से मुकाबले के लिए इसके मूल कार्यक्षेत्र से परे और अधिक बढ़ती जा रही हैं। इस स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर सर्वप्रथम अशोक कुमार सिंह, कमांडेंट-94 बटालियन CRPF ने शहीदों को याद करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्पमाला अर्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और सम्मान गार्ड से सलामी ली। साथ ही उन्होंने क्वार्टर गार्ड में सलामी ली एवं कैंप परिसर में वृक्षारोपण किए और सैनिक सम्मेलन के माध्यम से वार्तालाप किया। उन्होंने अपने संबोधन में बल के इतिहास, वीरता एवं राष्ट्र सेवा में बल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला तथा बल के जवानों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस दिवस के शुभ अवसर पर अशोक कुमार सिंह, कमांडेंट-94 बटालियन, रवि शंकर, उप-कमांडेंट, इंस्पेक्टर अजीत कुमार ठाकुर के साथ इस वाहिनी के अन्य अधिकारी गण तथा जवान उपस्थित थे।
- दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित WBC Amateur Muay Thai Open Championship में झारखंड के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 गोल्ड मेडल और 2 सिल्वर मेडल जीतकर राज्य का नाम पूरे देश में रोशन किया। इस जीत के साथ, झारखंड के खिलाड़ियों ने साबित कर दिया कि राज्य के खेल, मेहनत और जज़्बे की कोई तुलना नहीं है। रांची रेलवे स्टेशन पहुंचने पर खिलाड़ियों का फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ भव्य स्वागत किया गया। यह नज़ारा झारखंड की जनता के उत्साह और गौरव का प्रतीक था। मेडल विजेताओं में शिवदत्त लोहरा, अंश कुमार सिंह, तेजस्वी कुमार, सनिया ख़ातून गोल्ड मेडल जीते, जबकि रौनिका राशि और रौनक कुमार ने सिल्वर मेडल हासिल किए। यह जीत न सिर्फ़ व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे झारखंड के लिए एक प्रेरणा है। झारखंड के खेल जगत में यह उपलब्धि एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है।1
- सांसद पप्पू यादव प्रशांत किशोर पर जमकर भड़क गए हैं। बोलते-बोलते उनका गुस्सा इस कदर बढ़ गया कि उन्होंने आवेश में आकर बहुत कुछ कह डाला। सांसद पप्पू यादव के इस तीखे तेवर और आक्रामक रुख ने प्रशांत किशोर के खिलाफ उनके भारी आक्रोश को पूरी तरह उजागर कर दिया है।1
- रांची में ग्रामीण एसपी के मार्गदर्शन और डीएसपी रामनारायण चौधरी के नेतृत्व वाली विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। पुलिस की इस विशेष टीम की त्वरित कार्रवाई के बाद मामले के सभी आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।1
- रांची नगर निगम ने पहली बार 'सखुआ महोत्सव-2026' का आयोजन करने का ऐलान किया है। यह महाअभियान अगस्त माह से शुरू होगा और केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहेगा; इसका उद्देश्य सखुआ (साल) वृक्ष के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ इसे जनआंदोलन में बदलना है। सोमवार को निगम कार्यालय में आयोजित एक बैठक में मेयर रौशनी खलखो ने विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ महोत्सव की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की। मेयर ने कहा कि कार्यक्रम का लक्ष्य न केवल अधिक से अधिक पौधे लगाने का है, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की सुरक्षा, नियमित देखभाल और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना भी है। बैठक में महोत्सव के दौरान किए जाने वाले प्रमुख कार्यों पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं: सखुआ व अन्य स्थानीय प्रजाति के पौधों का संयोजित वृक्षारोपण अभियान, समुदाय-आधारित पौधा संरक्षण समितियाँ और स्कूल/कॉलेजों में हरियाली क्लब का गठन, प्रेरक कार्यक्रम और कार्यशालाएँ ताकि नागरिकों में पेड़ों के पारिस्थितिक और सांस्कृतिक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़े, पौधों की नियमित निगरानी, जल-प्रबंध और रख-रखाव के लिए स्थानीय और निगम स्तरीय जवाबदेही तंत्र। मेयर रौशनी खलखो ने नागरिकों से अपील की कि वे 'एक पौधा लगाओ, एक पौधा बचाओ' के संकल्प के साथ इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि आने वाली पीढ़ियाँ हरित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल रांची पायें — इसके लिए प्रत्येक नागरिक की भूमिका निर्णायक होगी।' नगर निगम ने अबतक महोत्सव के दौरान शामिल होने वाले संगठनों और भाषाई/क्षेत्रीय इकाइयों के साथ समन्वय बढ़ाने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। आगामी दिनों में विस्तृत कार्यक्रम तालिका, पौधा वितरण केंद्रों और रख-रखाव के निर्देश सार्वजनिक किए जाएंगे। नागरिकों से आग्रह है कि वे सखुआ महोत्सव-2026 में शामिल होकर हरियाली की इस मुहिम का हिस्सा बनें और अपने आस-पास के सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों व आवासीय क्षेत्रों में पेड़ लगाने व उनकी देखभाल के लिए आगे आयें।1
- झारखंड के रामगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत सदर अस्पताल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा और उपायुक्त ऋतुराज ने अस्पताल में जन्मी नवजात बच्चियों की माताओं को सम्मानित किया और उन्हें 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' किट वितरित की। अधिकारियों ने इस अवसर पर बेटियों के सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण का संदेश दिया और अभिभावकों से बेटियों को समान अवसर देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्तनपान, टीकाकरण और पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई। इस आयोजन ने समुदाय में बेटियों के प्रति जागरूकता और सम्मान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के वार्ड 20 में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ गई है। इस वार्ड में सड़क और नाली निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। नगर निगम के प्रयासों से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। विकास कार्यों के पूरा होने के बाद वार्ड के निवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।1
- खूंटी जिले के कर्रा थाना क्षेत्र में चोरी की मोटरसाइकिल बेचने की कोशिश कर रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कर्रा थाना से करीब दो किलोमीटर पूर्व रेलवे क्रॉसिंग के पास तथा बेलवादागा गांव स्थित लोधा लोहरा के घर पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान बेलवादागा निवासी 42 वर्षीय लोधा लोहरा (पिता किशनों लोहरा) को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा आरोपी करण लोहरा मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनमें अपाची (JH02AT-8745), टीवीएस राइडर (JH24J-7204) और एक बिना नंबर प्लेट की जेमिनार मोटरसाइकिल शामिल हैं। इस संबंध में कर्रा थाना में कांड संख्या 46/26, दिनांक 25 जुलाई 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 303(2), 317(2), 318(4), 336(3), 338 एवं 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले के अनुसंधानकर्ता सअनि मनोरंजन सिंह हैं। वहीं छापेमारी दल में थाना प्रभारी राजू कुमार, पुअनि रोशन कुमार-1, पुअनि जितेंद्र राम, सअनि मनोज कुमार ठाकुर और कर्रा थाना रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे। पुलिस बरामद वाहनों की जांच कर रही है और फरार आरोपी करण लोहरा की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।1
- रांची पुलिस ने चेन स्नैचिंग गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से सोने के आभूषण और अपराध में इस्तेमाल किया गया वाहन बरामद किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। रांची पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है और जनता को चेन स्नैचिंग से राहत दिलाने की कोशिश की है। यह वीडियो उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर केवल सूचना एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष मानना उचित नहीं है।1
- रांची जिले के बुढ़मू प्रखण्ड अंतर्गत छापर में रविवार को विश्व हिन्दू परिषद सह बजरंग दल की एक अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता विक्की जी ने की, जबकि रांची जिला बजरंग दल के संयोजक बिनोद विश्वकर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन का विस्तार करना, गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाना और सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था। कार्यक्रम के दौरान गौ रक्षा, सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और सामाजिक समरसता पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं को नए युवाओं को संगठन से जोड़ने, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और तन-मन-धन से संगठन के कार्यों में सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया। आयोजकों ने स्थानीय स्तर पर जनसमर्थन बढ़ाने और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए सक्रिय अभियान चलाने का आह्वान किया। इस बैठक में स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। इसमें मुख्य रूप से दिनेश उरांव, विनोद राणा, पीपरवार मंडल सामाजिक समरसता प्रमुख मुकेश राणा, दिपक कुमार प्रसाद, बालक लोहार, शंकर लोहार, छोटू नायक, सूरज सिंह, जगदेव पासवान, सीताराम भूईया, बालक लोहरा, विक्रम भूईया, लाला मोहन सिंह, राजेश भूईया, करामचंद लोहरा, भोला मुंडा, रोहित चंद्रवंशी और अजय कुमार पासवान सहित कई लोग शामिल थे।1