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बिहार में बस यात्रा अब अधिक महंगी हो गई है, जिसकी नई दरें 1 जून से प्रभावी होंगी। किलोमीटर के अनुसार किराए में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। 50 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए यात्रियों को अधिकतम 15 प्रतिशत अधिक किराया देना होगा। वहीं, 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 14 प्रतिशत, 150 किलोमीटर तक के लिए 13 प्रतिशत, 200 किलोमीटर तक के लिए 12 प्रतिशत और 250 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए 11 प्रतिशत की वृद्धि लागू की गई है। इसके अतिरिक्त, जो यात्री 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेंगे, उनके किराए में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
SUDHANSU KUMAR
बिहार में बस यात्रा अब अधिक महंगी हो गई है, जिसकी नई दरें 1 जून से प्रभावी होंगी। किलोमीटर के अनुसार किराए में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। 50 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए यात्रियों को अधिकतम 15 प्रतिशत अधिक किराया देना होगा। वहीं, 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 14 प्रतिशत, 150 किलोमीटर तक के लिए 13 प्रतिशत, 200 किलोमीटर तक के लिए 12 प्रतिशत और 250 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए 11 प्रतिशत की वृद्धि लागू की गई है। इसके अतिरिक्त, जो यात्री 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेंगे, उनके किराए में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
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- मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के बैठनिया भानाचक पंचायत के वार्ड संख्या 11 से बीते 25 मई से एक 15 वर्षीय छात्र कार्तिक कुमार रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। भानाचक निवासी विनय कुशवाहा के पुत्र कार्तिक के गायब होने से उसके परिवार और पूरे गांव में गहरी चिंता और सदमे का माहौल है। कार्तिक मोतीलाल हाई स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र है, जो अपने दो भाइयों में सबसे छोटा और एक बहन का भाई है। परिजनों ने बताया कि 25 मई को वह अपनी साइकिल से मझौलिया बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था। देर शाम तक घर वापस न लौटने पर परिवार को चिंता हुई, और रात होने पर उन्होंने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। इसके बाद रिश्तेदारों, मित्रों और ग्रामीणों की मदद से आसपास के गांवों, बाजारों और सभी संभावित स्थानों पर कार्तिक की खोजबीन की गई, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। काफी प्रयासों के बावजूद सफलता न मिलने पर, कार्तिक के पिता विनय कुशवाहा ने 27 मई को मझौलिया थाना में आवेदन देकर अपने पुत्र की सुरक्षित बरामदगी की मांग की। कार्तिक के लापता होने से उसकी माँ उर्मिला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरा परिवार किसी अनहोनी की आशंका से परेशान है। गांव के लोग भी कार्तिक की सकुशल वापसी के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। इस मामले को लेकर थानाध्यक्ष अमर कुमार ने जानकारी दी कि आवेदन प्राप्त होने के बाद पुलिस सक्रियता से काम कर रही है। बच्चे की तलाश के लिए एक टीम गठित की गई है जो विभिन्न स्थानों पर खोजबीन कर रही है, और उसे सकुशल बरामद करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मझौलिया पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को कार्तिक कुमार के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तत्काल मझौलिया थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। परिवार और ग्रामीणों की निगाहें अब पुलिस कार्रवाई और जनसहयोग पर टिकी हुई हैं, और पूरा क्षेत्र कार्तिक के सुरक्षित घर लौटने की कामना कर रहा है।4
- बिहार के नालंदा ज़िले के चंडी थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ दीपिका कुमारी की हत्या और उनके शव को गायब करने का आरोप ससुराल वालों पर लगा है। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि आखिर दीपिका कुमारी के साथ क्या हुआ और उनका शव कहाँ है।1
- पूर्वी चंपारण के चिरैया थाना क्षेत्र स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की महुआवां शाखा में देर रात शातिर चोरों ने चोरी करने का प्रयास किया, लेकिन वे बैंक से नगदी ले जाने में नाकाम रहे। चोरों ने बैंक के पिछले हिस्से से जांगला (ग्रिल) तोड़कर अंदर प्रवेश किया और बैंक परिसर में रखे कुछ सामान को क्षतिग्रस्त भी कर दिया, हालांकि वे नगदी तक नहीं पहुंच पाए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोरों ने पहले बैंक की दीवार तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता न मिलने पर उन्होंने एक खिड़की तोड़ी और लोहे की सरिया काटकर बैंक के भीतर प्रवेश किया। अंदर जाने के बाद चोरों ने कई सामानों को नुकसान पहुंचाया, पर वे नगदी रखने वाले हिस्से तक नहीं पहुंच सके। घटना की सूचना मिलते ही चिरैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत जांच शुरू की। पुलिस बैंक परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। चिरैया थानाध्यक्ष महेश कुमार ने पुष्टि की है कि प्रथम दृष्टया बैंक से किसी प्रकार की नगदी या अन्य मूल्यवान सामग्री की चोरी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सिकरहना SDPO अभिषेक कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) टीम को जांच के लिए बुलाया है, जो घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद बैंक कर्मियों और स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा। पुलिस गहन जांच में जुटी है और मामले का जल्द खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- आईपीएल से जुड़ी एक चर्चा में यह सवाल उठाया गया है कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) और गुजरात टाइटन्स में से कौन सी टीम पहले खेलेगी या फाइनल में अपनी जगह बनाएगी।1
- बवासीर की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों के लिए एक दावा किया गया है कि एक विशेष जड़ी बूटी से इस बीमारी का इलाज संभव है। इस संबंध में अधिक जानकारी या सहायता के लिए 9262932087 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।1
- सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदि शक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय भागवत कथा कार्यक्रम का पाँचवाँ दिन संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए पूतना वध की कथा श्रवण कराई। संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल्यावस्था में ही राक्षसी पूतना का वध किया था। पूतना को कंस ने भेजा था, क्योंकि कंस को यह भविष्यवाणी मिली थी कि देवकी का आठवाँ पुत्र उसका वध करेगा। इस भय से कंस ने अपने आस-पास के सभी नवजात शिशुओं को मारने का आदेश दिया था और इसी उद्देश्य से पूतना को गोकुल भेजा गया था। पूतना एक सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल पहुँची और यशोदा से श्रीकृष्ण को गोद में लेने की इच्छा जताई। उसने अपने स्तनों पर विष लगाया हुआ था, किंतु जब उसने श्रीकृष्ण को स्तनपान कराया, तो भगवान ने उसके स्तनों से विष और उसके प्राण दोनों खींच लिए। पूतना अपने असली राक्षसी रूप में लौटते हुए प्राण त्याग दिए। कथाओं के अनुसार, पूतना अपने पूर्व जन्म में राजा बली की पुत्री रत्नमाला थी। जब वामन भगवान राजा बली से भिक्षा मांगने आए थे, तब रत्नमाला ने वामन रूप में भगवान को देखकर उनसे पुत्र के रूप में स्नेह करने की इच्छा की थी। परंतु, बाद में जब वामन भगवान ने अपने विराट रूप में बली से तीन पग भूमि मांगी और सब कुछ ले लिया, तो रत्नमाला ने क्रोधवश उन्हें मारने की इच्छा जताई। भगवान ने उसके दोनों भावों को स्वीकार किया, जिसके कारण अगले जन्म में उसे पूतना के रूप में जन्म मिला और भगवान श्रीकृष्ण को स्तनपान कराने का अवसर प्राप्त हुआ। श्रीकृष्ण द्वारा वध होने पर उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई। पूतना के वध के बाद, गोकुलवासी उसके विशाल राक्षसी रूप को देखकर भय और आश्चर्य से भर गए। उन्होंने पूतना के शरीर को जलाने का निर्णय लिया, और इस दौरान एक अद्भुत घटना घटी—उसके शरीर से एक दिव्य सुगंध फैलने लगी। ऐसा माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के स्पर्श से पूतना को मोक्ष प्राप्त हुआ था और उसका शरीर पवित्र हो गया था। इसलिए, जब उसका अंतिम संस्कार किया गया, तो वह सुगंधित धुआँ में परिवर्तित हो गया, जो देवताओं की कृपा का प्रतीक था। गोकुलवासियों ने इस घटना को भगवान श्रीकृष्ण की लीला और उनकी दिव्यता का प्रमाण माना और भगवान की जय-जयकार की। उन्होंने श्रीकृष्ण को भगवान के रूप में मानना शुरू कर दिया और उनके प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति और अधिक बढ़ गई। पूतना, जो भगवान श्रीकृष्ण के हाथों मारी गई थी, अंत में गोलोक धाम को प्राप्त हुई। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान किसी भी व्यक्ति की भावना को महत्व देते हैं, चाहे वह कैसी भी हो। पूतना ने भगवान श्रीकृष्ण को माँ के रूप में स्तनपान कराने का प्रयास किया था, भले ही उसका उद्देश्य बुरा था, किंतु श्रीकृष्ण ने उसकी इस सेवा को माँ के समान माना। इस प्रकार, श्रीकृष्ण ने पूतना को मातृत्व का दर्जा दिया और उसे मोक्ष प्रदान किया, जिससे वह अपनी मृत्यु के बाद गोलोक धाम चली गई, जहाँ उसे भगवान श्रीकृष्ण के साथ रहने का सौभाग्य मिला। यह भगवान की करुणा और अनुग्रह का प्रतीक है कि उन्होंने अपने शत्रु को भी मोक्ष प्रदान कर दिया। आज के भागवत कथा कार्यक्रम में अमरेंद्र कुमार कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी, श्री जगलाल प्रसाद कुशवाहा अपनी अर्धांगिनी श्रीमती देवी, बहु सह शिक्षिका श्रीमती शर्मिला सिन्हा, श्रीमती मीना देवी, श्रीमती चंदा देवी, उपेंद्र प्रसाद कुशवाहा, श्री गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा अपनी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ, एवं श्री यादों लाल सहनी अपनी पत्नी श्रीमती अर्धांगिनी के साथ उपस्थित रहे। दैनिक सिरहा टाइम्स के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव भी अपनी अर्धांगिनी श्रीमती प्रियंका भार्गव और छोटे पुत्र राजकुमार हार्षित कुमार भार्गव के साथ, साथ ही इटवा के श्री गजाधर पासवान सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।1
- बैरिया प्रखंड क्षेत्र के शाही टोला, भितहा वार्ड संख्या-14 में अभिलाषा फिसरी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा आयोजित सीईओ एवं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को दोपहर करीब तीन बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों एवं एफपीओ सदस्यों को आधुनिक और जैविक कृषि तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था। प्रशिक्षक गिरधारी राम ने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जैविक सब्जी खेती, बहु-स्तरीय सब्जी उत्पादन, घरेलू पोषण वाटिका (किचन गार्डन) के विकास, जैविक कीटनाशक के निर्माण एवं उसके उपयोग के साथ-साथ बकरी पालन की उन्नत तकनीकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसके अतिरिक्त, किसानों को कृषि एवं पशुपालन से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षक ने इस बात पर जोर दिया कि जैविक खेती को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी बनाए रख सकते हैं, जिससे आत्मनिर्भर कृषि मॉडल विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम के समापन समारोह में कंपनी के निदेशक बिंदा देवी, रेयाज अहमद, अब्दुल्ला खान, अर्जुन चौधरी, सीईओ धनंजय शर्मा, शेयरहोल्डर अब्दुल गद्दी, दशरथ कुमार, संजय प्रसाद, जाकिर मियां, चंदन सिंह समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों और गणमान्य लोगों ने इस प्रशिक्षण पहल को किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी और प्रेरणादायक बताया।1
- मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. राजीव रंजन कुमार ने औचक निरीक्षण किया, जिससे केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान, बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए चार स्वास्थ्यकर्मियों की हाजिरी काट दी गई। बकरीद की छुट्टी के बाद शुक्रवार को डॉक्टर, एएनएम और संविदा आधारित कई कर्मचारी अपनी ड्यूटी से गायब मिले, जिनमें हकीम से लेकर अर्दली तक शामिल थे। BDO ने ड्यूटी रोस्टर की जांच की और मौके पर उपस्थित लोगों से अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बीसीएम के साथ मिलकर कई संकायों का निरीक्षण किया और सीएचसी परिसर में उगे घास-पात को साफ कराने का निर्देश भी दिया। डॉ. रंजन ने विशेष रूप से उन एएनएम की उपस्थिति पर सवाल उठाए जिनकी ड्यूटी दोपहर 2 बजे से और रात में थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहना गंभीर श्रेणी का कदाचार है। BDO ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन को सुधार के लिए दो दिन का समय दिया है, चेतावनी दी कि अन्यथा उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। यह निरीक्षण लगभग दो घंटे तक चला।3