खटिक समाज के लोगों का जाति प्रमाणपत्र आवेदन निरस्त करने पर तिर्वा तहसीलदार के खिलाफ खटिक समाज ने किया प्रदर्शन राजेन्द्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। तिर्वा तहसीलदार के खिलाफ मंगलवार को तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन खटिक समाज के लोगों द्वारा किया गया। समाज के लोगों का आरोप था कि, तहसीलदार जाति प्रमाणपत्र जारी करने की बजाय उनके आवेदनों को ही निरस्त कर रहे हैं। उपरोक्त मामले में कार्यवाही को लेकर एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की दोपहर खटिक समाज का एक कुनवा जिसमें नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग शामिल थे, नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां समाज के लोगों ने नारेबाजी करते हुए तहसीलदार अवनीश कुमार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन की सूचना जब एसडीएम राजेश कुमार को हुई तो वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात की। एसडीएम के पहुंचने पर प्रदर्शन कर रहे खटिक समाज के लोगों ने बताया कि, तहसीलदार द्वारा उनके जाति प्रमाणपत्र के आवेदनों को निरस्त किया जा रहा है,जबकि उनके जाति प्रमाणपत्रों को जारी किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि,आवेदन के उपरांत जाति प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का अधिकार केबल समिति को है, कोई अधिकारी आवेदन निरस्त नहीं कर सकता। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम से मामले में कार्यवाही की मांग करते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना था कि, उनके समाज के लोगों के जाति प्रमाणपत्रों को लेकर आवेदन निरस्त किए गए हैं उनको जारी किया जाय,और प्रमाणपत्र दिए जाएं। मामले को संज्ञान में लेने के बाद एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को आश्वाशन दिया कि, पूरे मामले की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्यवाही भी की जाएगी। एसडीएम के आश्वाशन पर उपरोक्त समाज के लोगों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। जिसके बाद स्थित सामान्य हो सकी। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों की भीड़ बड़ी संख्या में मौजूद रही।
खटिक समाज के लोगों का जाति प्रमाणपत्र आवेदन निरस्त करने पर तिर्वा तहसीलदार के खिलाफ खटिक समाज ने किया प्रदर्शन राजेन्द्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। तिर्वा तहसीलदार के खिलाफ मंगलवार को तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन खटिक समाज के लोगों द्वारा किया गया। समाज के लोगों का आरोप था कि, तहसीलदार जाति प्रमाणपत्र जारी करने की बजाय उनके आवेदनों को ही निरस्त कर रहे हैं। उपरोक्त मामले में कार्यवाही को लेकर एसडीएम को ज्ञापन
भी सौंपा गया। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की दोपहर खटिक समाज का एक कुनवा जिसमें नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग शामिल थे, नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां समाज के लोगों ने नारेबाजी करते हुए तहसीलदार अवनीश कुमार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन की सूचना जब एसडीएम राजेश कुमार को हुई तो वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात की। एसडीएम के पहुंचने पर प्रदर्शन कर रहे
खटिक समाज के लोगों ने बताया कि, तहसीलदार द्वारा उनके जाति प्रमाणपत्र के आवेदनों को निरस्त किया जा रहा है,जबकि उनके जाति प्रमाणपत्रों को जारी किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि,आवेदन के उपरांत जाति प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का अधिकार केबल समिति को है, कोई अधिकारी आवेदन निरस्त नहीं कर सकता। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम से मामले में कार्यवाही की मांग करते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना था कि, उनके समाज के लोगों के
जाति प्रमाणपत्रों को लेकर आवेदन निरस्त किए गए हैं उनको जारी किया जाय,और प्रमाणपत्र दिए जाएं। मामले को संज्ञान में लेने के बाद एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को आश्वाशन दिया कि, पूरे मामले की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्यवाही भी की जाएगी। एसडीएम के आश्वाशन पर उपरोक्त समाज के लोगों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। जिसके बाद स्थित सामान्य हो सकी। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों की भीड़ बड़ी संख्या में मौजूद रही।
- रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रैक्टर ने दो बाइकों को कुचला, तीन युवकों की दर्दनाक मौत कन्नौज। सदर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रॉन्ग साइड से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दो बाइकों को कुचल दिया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक सदर कोतवाली क्षेत्र के अटारा गांव के पास एनएच-34 जीटी रोड पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर अचानक रॉन्ग साइड से आ गया और सामने से आ रही दो बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान इनायतपुर निवासी अरबाज, अहद तथा छिबरामऊ निवासी अमित के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि छिबरामऊ निवासी अमित अपने बीमार पिता को कानपुर में भर्ती कराकर घर लौट रहा था, जबकि अरबाज और अहद गांव से पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए आए थे। हादसे के बाद ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि घायल ट्रैक्टर चालक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया।2
- Post by पंकज सिंह1
- Post by अर्चना अर्चना1
- फर्रुखाबाद की सातनपुर आलू मंडी, जो एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडियों में गिनी जाती है, वहां इन दिनों किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है। बीते कई दिनों से किसान अपनी आलू की फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें दो-दो और तीन-तीन दिन तक मंडी में बैठना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि कई दिन इंतजार करने के बाद भी जब आलू का भाव खुलता है तो मात्र ₹50 प्रति पैकेट मिलता है। किसानों का कहना है कि इतना कम दाम मिलना उनके लिए आत्महत्या के बराबर है। मंडी में मौजूद किसानों ने बताया कि वे अपनी बहन-बेटियों की शादी और परिवार के खर्चों के लिए कर्ज लेकर आलू की खेती करते हैं, लेकिन जब फसल बेचने का समय आता है तो उन्हें लागत भी नहीं मिल पाती। गुस्साए कई किसानों ने बताया कि मजबूरी में कुछ किसान मंडी से ट्रैक्टर में आलू वापस ले जाकर सड़क किनारे या नालों में फेंकने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब इतना सस्ता दाम मिलता है तो मंडी में बेचने से बेहतर है कि आलू वापस ले जाएं। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसी तरह आलू का भाव गिरता रहा तो वे मंडी में आलू नहीं लाएंगे। उनका कहना है कि अगर सरकार और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं देंगे तो किसान नेताओं और अधिकारियों के घरों पर आलू पलटने को मजबूर होंगे। मंडी में मौजूद एक किसान ने बताया, "हमने अपनी आलू की फसल को बेचने के लिए कर्ज लिया था, लेकिन अब हमें लागत भी नहीं मिल पा रही है। हम क्या करें, नेताओं से कहो, हमारी सुनो, हमारी फसल का दाम दो।" एक अन्य किसान ने कहा, "हम सरकार से मांग करते हैं कि वे हमारी समस्या को समझें और आलू का उचित मूल्य तय करें।"4
- Post by मोनू शुक्ला1
- जति प्रमाणपत्र खारिज किये जाने से नाराज खटिक समाज ने किया प्रदर्शन1
- हरदोई। बेनीगंज थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। घटना से इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। #sadantak #HardoiPolice #hardoinews #hardoi_city #kisan #hilights #hardoi #garmin #LocalNews #accident1
- कन्नौज में मौसम का बदला मिजाज, सुबह घना कोहरा तो दिन में तेज धूप से लोग परेशान राजेन्द्र सिंह धुऑंधार कन्नौज। होली के बाद तेजी से बढ़ रहे तापमान के बीच मंगलवार और बुधवार सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। जिले में सुबह घना कोहरा छा गया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। करीब एक महीने बाद मार्च में इस तरह का कोहरा देखने को मिला। हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही तेज धूप निकलने से गर्मी का असर फिर से महसूस होने लगा। मंगलवार सुबह जिले में कई स्थानों पर घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण सुबह करीब 9 बजे तक धूप नजर नहीं आई और वातावरण में हल्की ठंडक महसूस हुई। मौसम के इस बदले हुए रुख ने लोगों को चौंका दिया, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी और गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा था। इससे पहले जिले का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं मंगलवार को कोहरे के कारण तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिली और सुबह का तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार मार्च की शुरुआत में ही गर्मी का अहसास होने लगा है। हालात यह हैं कि बिना पंखा चलाए बैठना मुश्किल हो जाता है और लोगों को पसीना आने लगता है। हालांकि मंगलवार सुबह कोहरे के कारण मौसम कुछ समय के लिए सुहावना जरूर हो गया, लेकिन दोपहर में तेज धूप निकलने से लोगों को फिर गर्मी का सामना करना पड़ा।मौसम के इस उतार-चढ़ाव को लेकर लोग दिनभर चर्चा करते नजर आए।1