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Nitish kumar (arwal)
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- अरवल। जिला पदाधिकारी अमृता बैंस के उपस्थिति साथ में कुथाॅ विधायक पप्पू कुमार वर्मा रेल आंदोलन के सूत्रधार अरवल विकास मंच के अध्यक्ष मनोज सिंह यादव के उपस्थिति में चिन्हित जमीन स्टेट हाईवे 68 पर स्थित बेलखारा शहर तेलपा केयाल पंचायत के तिनमोहन पर स्थित भूमि का फाइनल सीमांकन किया गया जिसमें सभी पदाधिकारी उप विकास आयुक्त प्रभारी पुलिस अधीक्षक अरवल अरवल पुलिस उपाधीक्षक प्रखंड विकास पदाधिकारी करपी समेत सभी पदाधिकारी गण उपस्थित होकर साथ में सभी किसान भाइयों के उपस्थिति में सीमांकन का कार्य संपन्न किया गया1
- गोह(औरंगाबाद) गोह थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव में अतिक्रमण हटाने की विवाद में हुए झगड़े में घायल व्यक्ति की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक की पहचान गोपालपुर गांव निवासी धर्मेंद्र चंद्रवंशी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार गांव के ही लक्ष्मण चंद्रवंशी का अतिक्रमण के चलते मकान पर प्रशासन द्वारा बुलडोजर की कार्रवाई की गई थी। इसी कार्रवाई से नाखुश लक्ष्मण चंद्रवंशी, पवन चंद्रवंशी, अरुण चंद्रवंशी, किशोरी चंद्रवंशी सहित दर्जनों लोगों ने बीते शनिवार को धर्मेंद्र चंद्रवंशी व उसकी पत्नी चंद्रवती देवी को जिम्मेवार बताते हुए लाठी डंडे व रड से पीट-पीट कर था अधमरा कर दिया था। जिसे गंभीर हालत में मगध मेडिकल कॉलेज गयाजी रेफर किया गया था। लेकिन वहां से भी धर्मेन्द्र की स्थिति गंभीर देखते हुए पटना पीएमसीएच में रेफर किया गया था जहां उसकी देर रात मौत हो गई। बुधवार की दोपहर करीब 2:00 बजे जैसे ही शव गोपालपुर गांव पहुँचा की पूरे गांव में मातम पसर गया। वहीं मृतक के पांच छोटे छोटे बच्चे हैं, जिसमें पुत्री रौशनी 13 वर्ष, रेशमी 10 वर्ष व शिवानी 8 वर्ष जबकि पुत्र सन्नी कुमार 6 वर्ष व मनीष कुमार 4 वर्ष शामिल हैं। मामले में थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि मामले में 24 लोगों नामजद आरोपी बनाया गया है। जिनमें पवन चंद्रवंशी, किशोर चंद्रवंशी व अरुण चंद्रवंशी को मारपीट के दिन ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शेष बच्चे हुए आरोपियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।1
- Post by Bihar News 241
- भोजपुर (आरा): बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बैनर तले आरा में कर्मचारियों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने “बिहार सरकार होश में आओ” के नारे लगाते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। धरना दे रहे कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार द्वारा सकारात्मक पहल नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- कशिश न्यूज़ घरेलू गैस की आपूर्ति में किल्लत से लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर जिलाधिकारी उदिता सिंह के निर्देश पर सासाराम एसडीएम डॉ नेहा कुमारी ने घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करते 10 सिलेंडर किया जब्त दो धंधेबाज पुलिस हीरासत में होने से मचा हड़कंप1
- श्री रामनवमी शोभायात्रा महोत्सव को लेकर सुनिए त्रिकालदर्शी बाबा शिवनाथ जी महाराज सहित अन्य सदस्यों की बातें6
- 10 मार्च जन सुराज पार्टी संगठन पुनः गठन के समय जनता के साथ जन सुराज कार्य कर्ता,बिहार सहित पूरे भारत को एक अच्छी पार्टी के रूप में आयी है,जनता को जन सुराज से जुड़ कर बिहार के साथ पूरे देश को आगे बढाने का कार्य करने की जरूरत है,प्रशांत किशोर!1
- अरवल। अहियापुर में किसानों के डेढ़ सौ से ज्यादा एकड़ में लगी फसल एवं बगीचा को बालू माफिया एवं प्रशासन द्वारा बुलडोजर से तहस-नहस किए जाने के खिलाफ पीड़ित किसानों का डीएम के समक्ष प्रदर्शन हुआ । प्रदर्शन में सैकड़ो किसान भाग लिए । किसान भारी आक्रोशित थे और परिवार के एक हजार से ज्यादा सदस्यों की रोजी-रोटी पर हमला करने वाले बालू माफिया एवं जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे थे । विदित हो कि अहियापुर के करीब 182 परिवार को मिला भूदान के जमीन पर खेती व लगे बगीचा को बालू माफिया द्वारा बुलडोजर के जरिए सब बर्बाद कर दिया । ज्यादातर जमीन के हिस्से को 10-12 फीट गहरा कर खेत को बर्बाद कर दिया गया । करीब 1000 (एक हजार) फलदार पेंड व छोटे - छोटे पेंड को शामिल किया जाए तो 4 से 5 हजार पेंड को बुलडोजर से उखाड़ कर लेकर चले गए । करीब 150 एकड़ में लगे बगीचा, फसल आलू, प्याज, लहसुन, सरसो, सब्जी के पौधा को बर्बाद कर दिया गया है । खनन विभाग द्वारा बिना जांच किए बालू माफिया के लिए खेती वाली जमीन को बुलडोजर के हवाले कर दिया गया । इस मामले में अरवल के अंचल पदाधिकारी से लेकर कई आला पदाधिकारी शामिल रहे । विदित हो कि बालू निकालने के लिए ज्यादा गहरा खुदाई नहीं कर सकते । ऊपर के एक डेढ़ फीट जमा मिट्टी युक्त बालू ही हटा सकते हैं । लेकिन खेती कर रहे किसानों की जमीन को 10 से 12 फीट तक गद्दा खोदे जाने के बावजूद वहां पर मिट्टी ही निकल रहा है । बालू के नाम पर खेत को बर्बाद किए जाने के जिम्मेवार बालू माफिया एवं इसमें संलिप्त पदाधिकारी पर कार्रवाई होनी चाहिए । बालू माफिया पर मुकदमा कर उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए । भूदान द्वारा 182 परिवारों को मिले पर्चा की सत्यता की जांच किए बगैर बालू माफिया से मोटी रकम लेकर एकतरफा कार्रवाई करना है । फसल व पेड़ लगे खेत को पदाधिकारी द्वारा खनन के लिए इजाजत देना ही कानून का उलंघन है । बालू खनन के लिए मिट्टी करीब 15 से 20 फिट गहरा खुदाई कर उसके नीचे के 15 - 20 फिट तक गहराई से बालू निकालने की छूट देने के लिए गरीबों को बेदखल करना खनन नियमावली के खिलाफ होगा । सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि हजारों पेंड काटने का कानूनन अधिकार किसी को नहीं है जिसे ताक पर रखकर पेंड काटा जाना पर्यावरण के खिलाफ तो है ही वन विभाग के नियमावली का भी उलंघन है । बालू माफिया जिला प्रशासन को अपने हिसाब से काम करवा रहा है जिससे माफिया राज का आगाज़ स्पष्ट दिखाई पड़ रहा है । जबसे भाजपा के प्रभाव वाली इसबार की एनडीए की सरकार बनी है बुलडोजर से गरीबों के घर अब खेती को ध्वस्त करने में लगी हुई है । चुनाव के पहले 10 हजार गरीबों को देकर और एसआईआर के जरिए भारी बहुमत से सरकार बनी है गरीबों के साथ उल्टा व्यवहार सरकार द्वारा किया जा रहा है । इंक्रोचमेंट के मामले में कानूनी पचड़ा बना दिया जा रहा है जो कहीं से उचित नहीं है । किसानों के जमीनी विवाद पदाधिकारी हल नहीं कर रहे हैं लेकिन बालू माफिया के एक इशारे पर सक्रिय हो जा रहे हैं । उपरोक्त बातें भाकपा माले के पूर्व विधायक व माले राज्य स्थाई समिति के सदस्य महानन्द सिंह ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कही । उन्होंने कहा कि किसानों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा । चार सूत्री मांग का स्मार-पत्र डीएम को सौंपा गया जिसमें बालू माफिया और पदाधिकारी पर कार्रवाई करने, किसानों को मुआवजा देने, अनियंत्रित बालू खनन पर रोक लगाने की मांग प्रमुख है । प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले जिला सचिव जितेंद्र यादव, रविन्द्र यादव, टुन्ना शर्मा, सुएब आलम, उपेंद्र पासवान मोहन पासवान, रंजीत चौधरी प्रमुख नेता थे ।1