BKT में ‘मिट्टी माफिया’ का तांडव: आधी रात को खाकी और प्रशासन की शह पर खोदी जा रही धरती का सीना! BKT में ‘मिट्टी माफिया’ का तांडव: आधी रात को खाकी और प्रशासन की शह पर खोदी जा रही धरती का सीना! प्रशासनिक मिलीभगत या अंधा कानून? बाबा पुरवा और रौथा में बेखौफ चल रहे पीले पंजे, गुमनाम रातों में लुट रही सरकारी संपदा। बक्शी का तालाब (लखनऊ): राजधानी के बक्शी का तालाब (BKT) तहसील क्षेत्र में इन दिनों कानून के रखवाले ही ‘लूट’ के मूकदर्शक बने बैठे हैं। बीकेटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाबा पुरवा और रौथा गाँवों में अवैध मिट्टी खनन का काला कारोबार अपनी चरम सीमा पर है। रात के सन्नाटे में जब दुनिया सोती है, तब प्रशासन की नाक के नीचे खनन माफिया बेखौफ होकर जेसीबी मशीनों से धरती का सीना छलनी कर रहे हैं। *किसानों को गुमराह कर बिछाया जा रहा जाल* सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह खेल बेहद शातिराना तरीके से खेला जा रहा है। खनन माफिया सीधे-सादे और भोले-भाले किसानों को गुमराह कर रहे हैं। उन्हें विकास का झांसा देकर या मामूली रकम का लालच देकर उनके खेतों से अवैध रूप से मिट्टी उठाई जा रही है। किसानों को इस बात का आभास भी नहीं है कि उनकी अज्ञानता का फायदा उठाकर माफिया करोड़ों की सरकारी संपदा पर डाका डाल रहे हैं। *पुलिस और प्रशासन की ‘सांठगांठ’ के बिना मुमकिन नहीं!* सबसे बड़ा सवाल बीकेटी पुलिस और तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना परमिशन के घंटों तक चलने वाले इस अवैध खनन की जानकारी अधिकारियों को न हो, ऐसा मुमकिन नहीं है। *आधी रात का खेल*: आखिर क्यों पुलिस की गश्त इन खनन वाले रास्तों पर नहीं पहुँचती? मौन स्वीकृति: क्या सफेदपोशों और खाकी के संरक्षण में यह पीला पंजा चल रहा है? *गायब परमिशन*: बिना किसी वैध कागजात के धड़ल्ले से डंपर और ट्रक सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन कोई उन्हें रोकने वाला नहीं है। "बीकेटी के इन क्षेत्रों में रात भर भारी मशीनों का शोर गूँजता है। सूत्रों की मानें तो पुलिस और खनन माफिया के बीच 'मोटा खेल' चल रहा है, जिसके कारण शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।" *निष्कर्ष: कब जागेगा प्रशासन?* क्षेत्र में चर्चा है कि यदि जल्द ही उच्च अधिकारियों ने इस पर संज्ञान नहीं लिया, तो माफिया पूरे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बिगाड़ देंगे। क्या जिलाधिकारी लखनऊ इस खुलेआम हो रही लूट पर लगाम लगाएंगे या बीकेटी में ‘अंधेर नगरी-चौपट राजा’ का खेल यूं ही जारी रहेगा?
BKT में ‘मिट्टी माफिया’ का तांडव: आधी रात को खाकी और प्रशासन की शह पर खोदी जा रही धरती का सीना! BKT में ‘मिट्टी माफिया’ का तांडव: आधी रात को खाकी और प्रशासन की शह पर खोदी जा रही धरती का सीना! प्रशासनिक मिलीभगत या अंधा कानून? बाबा पुरवा और रौथा में बेखौफ चल रहे पीले पंजे, गुमनाम रातों में लुट रही सरकारी संपदा। बक्शी का तालाब (लखनऊ): राजधानी के बक्शी का तालाब (BKT) तहसील क्षेत्र में इन दिनों कानून के रखवाले ही ‘लूट’ के मूकदर्शक बने बैठे हैं। बीकेटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाबा पुरवा और रौथा गाँवों में अवैध मिट्टी खनन का काला कारोबार अपनी चरम सीमा पर है। रात के सन्नाटे में जब दुनिया सोती है, तब प्रशासन की नाक के नीचे खनन माफिया बेखौफ होकर जेसीबी मशीनों से धरती का सीना छलनी कर रहे हैं। *किसानों को गुमराह कर बिछाया जा रहा जाल* सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह खेल बेहद शातिराना तरीके से खेला जा रहा है। खनन माफिया सीधे-सादे और भोले-भाले किसानों को गुमराह कर रहे हैं। उन्हें विकास का झांसा देकर या मामूली रकम का लालच देकर उनके खेतों से अवैध रूप से मिट्टी उठाई जा रही है। किसानों को इस बात का आभास भी नहीं है कि उनकी
अज्ञानता का फायदा उठाकर माफिया करोड़ों की सरकारी संपदा पर डाका डाल रहे हैं। *पुलिस और प्रशासन की ‘सांठगांठ’ के बिना मुमकिन नहीं!* सबसे बड़ा सवाल बीकेटी पुलिस और तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना परमिशन के घंटों तक चलने वाले इस अवैध खनन की जानकारी अधिकारियों को न हो, ऐसा मुमकिन नहीं है। *आधी रात का खेल*: आखिर क्यों पुलिस की गश्त इन खनन वाले रास्तों पर नहीं पहुँचती? मौन स्वीकृति: क्या सफेदपोशों और खाकी के संरक्षण में यह पीला पंजा चल रहा है? *गायब परमिशन*: बिना किसी वैध कागजात के धड़ल्ले से डंपर और ट्रक सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन कोई उन्हें रोकने वाला नहीं है। "बीकेटी के इन क्षेत्रों में रात भर भारी मशीनों का शोर गूँजता है। सूत्रों की मानें तो पुलिस और खनन माफिया के बीच 'मोटा खेल' चल रहा है, जिसके कारण शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।" *निष्कर्ष: कब जागेगा प्रशासन?* क्षेत्र में चर्चा है कि यदि जल्द ही उच्च अधिकारियों ने इस पर संज्ञान नहीं लिया, तो माफिया पूरे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बिगाड़ देंगे। क्या जिलाधिकारी लखनऊ इस खुलेआम हो रही लूट पर लगाम लगाएंगे या बीकेटी में ‘अंधेर नगरी-चौपट राजा’ का खेल यूं ही जारी रहेगा?
- सीतापुर: लालपुर पट्टी में गूंजा सामाजिक एकता का संदेश, भव्य आयोजन संपन्न अरुन कुमार यादव स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश सीतापुर के ग्राम पंचायत लालपुर पट्टी में 26 से 30 मार्च तक महात्मा गौतम बुद्ध और भीमराव अंबेडकर के विचारों पर आधारित पाँच दिवसीय भव्य सांस्कृतिक व शैक्षिक कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम में दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने महापुरुषों की जीवनी से प्रेरणा ली, वहीं आकर्षक झांकियों और प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। समापन पर आयोजित सर्वसमाज भंडारे में हर धर्म व वर्ग के लोगों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण कर भाईचारे की मिसाल पेश की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि धर्मेंद्र प्रधान सहित समिति अध्यक्ष डॉ. रमेश यादव सिंह, शिव कुमार भारती, सुखदेव चौबे, रमेश चौबे, बब्बी अंसारी, सुमेरी बुद्धसागर, कमलेश भार्गव, नफीस इसरार, हिमांशु यादव, आनंद यादव, मुन्ना जादूगर, बेचे लाल विश्वकर्मा, माठू खान और बदन्ने भार्गव समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन ने क्षेत्र में सामाजिक एकता, जागरूकता और भाईचारे का मजबूत संदेश दिया।1
- सीतापुर: लालपुर पट्टी में गूंजा सामाजिक एकता का संदेश, भव्य आयोजन संपन्न अरुन कुमार यादव स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ उत्तर प्रदेश/अपना रिपोर्टर अशोक यादव सीतापुर के ग्राम पंचायत लालपुर पट्टी में 26 से 30 मार्च तक महात्मा गौतम बुद्ध और भीमराव अंबेडकर के विचारों पर आधारित पाँच दिवसीय भव्य सांस्कृतिक व शैक्षिक कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम में दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने महापुरुषों की जीवनी से प्रेरणा ली, वहीं आकर्षक झांकियों और प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। समापन पर आयोजित सर्वसमाज भंडारे में हर धर्म व वर्ग के लोगों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण कर भाईचारे की मिसाल पेश की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि धर्मेंद्र प्रधान सहित समिति अध्यक्ष डॉ. रमेश यादव सिंह, शिव कुमार भारती, सुखदेव चौबे, रमेश चौबे, बब्बी अंसारी, सुमेरी बुद्धसागर, कमलेश भार्गव, नफीस इसरार, हिमांशु यादव, आनंद यादव, मुन्ना जादूगर, बेचे लाल विश्वकर्मा, माठू खान और बदन्ने भार्गव समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन ने क्षेत्र में सामाजिक एकता, जागरूकता और भाईचारे का मजबूत संदेश दिया।2
- Sitapur- अटरिया की बेटी ने किया कमाल, पहले ही प्रयास में PCS फतह, अंशू सिंह बनीं वाणिज्य कर अधिकारी!1
- लखनऊ। सोशल मीडिया पर यूपी 112 की गाड़ियों को लेकर वायरल हो रहे एक वीडियो को उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यूपी 112 द्वारा ई-रिक्शा का कोई प्रयोग नहीं किया जा रहा है और न ही ऐसी कोई योजना प्रस्तावित है। यूपी 112 ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी सभी पीआरवी (पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल) गाड़ियां पर्याप्त ईंधन के साथ निर्बाध रूप से कार्य कर रही हैं और प्रदेशभर में नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध करा रही हैं। विभाग के अनुसार, यूपी 112 प्रतिदिन औसतन 30,000 लोगों को आपातकालीन सहायता प्रदान कर रहा है। पुलिस विभाग ने आमजन से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या वीडियो को साझा न करें, जिससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल 112 नंबर डायल करने की सलाह दी गई है।2
- ➡️ उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर से बड़ी खबर ➡️ जिला अस्पताल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक का शव संदिग्ध हालत1
- झूठी सूचना देकर 112 पुलिस टीम को बुलाया गया। मौके पर पहुंचे सिपाहियों पर लाठी-डंडों से हमला। पुलिस कर्मियों के साथ गाली-गलौज और अभद्रता। ईंट-पत्थर चलाकर किया गया हमला। होमगार्ड श्रवण कुमार की वर्दी फाड़ने की कोशिश। नामजद आरोपियों में धीरज, रामस्वरूप, निर्मल उर्फ छोटू, रामदीन, भूपेंद्र। पुलिस पर हमले से क्षेत्र में हड़कंप, कड़ी कार्रवाई की मांग। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा इटौंजा थाना क्षेत्र स्थित कल्याणपुर गांव की पूरी घटना।। #वीडियो_वायरल #यूपी #uppolic1
- लखनऊ में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सेविकाओं को माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी स्वास्थ्य सम्बन्धी उपकरण वितरित करते हुए1
- राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर सेक्टर-13 स्थित मेजर मेहरा भारत गैस सर्विस के बाहर आज उस समय हंगामा हो गया, जब बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस न मिलने से नाराज़ होकर इकट्ठा हो गए। लोगों का आरोप है कि बुकिंग कराने के बावजूद भी पिछले 10 दिनों से उनके घरों तक गैस सिलेंडर नहीं पहुंच रहा है। उपभोक्ताओं ने बताया कि बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है, लेकिन गैस की डिलीवरी नहीं हो रही। इस समस्या के चलते कई परिवारों को खाना बनाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुस्साए लोगों ने एजेंसी के बाहर प्रदर्शन करते हुए जल्द से जल्द गैस सप्लाई बहाल करने की मांग की। मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की अपील की है।1