मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा ग्रीष्मकालीन मूंग उत्पादक जिला नर्मदापुरम इस समय रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद खरीदी संकट का सामना कर रहा है। तवा बांध से समय पर सिंचाई का पानी मिलने और अनुकूल मौसम के कारण जिले में मूंग की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन सरकार की नई उपार्जन नीति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान समर्थन मूल्य पर 100 प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन कर रहे हैं और विरोध स्वरूप कलेक्ट्रेट तक भिक्षाटन रैली निकाली है। कृषि विभाग के अनुमान के अनुसार, इस वर्ष नर्मदापुरम जिले में करीब ढाई से तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई मूंग से लगभग चार लाख मीट्रिक टन उत्पादन होने की संभावना है। किसान इस बात से नाराज़ हैं कि केंद्र सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत कुल उत्पादन का केवल 25 प्रतिशत ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है। इसके कारण, किसानों को अपनी शेष 75 प्रतिशत उपज खुले बाजार में कम कीमत पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का यह भी आरोप है कि सीमित टोकन व्यवस्था और खरीदी संबंधी प्रतिबंधों के कारण कई छोटे किसान अपनी उपज उपार्जन केंद्रों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, और जिले में 132 उपार्जन केंद्रों पर 1 जुलाई से 10 अगस्त तक खरीदी चलेगी, जिसमें फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है। भारतीय किसान संघ, किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में जिलेभर में आंदोलन तेज हो गया है। पीपल चौक पर किसानों ने सरकार और प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए यज्ञ किया। इसके बाद ढोलक-मंजीरे के साथ हाथों में दोने लेकर कलेक्ट्रेट तक भिक्षाटन रैली निकाली और सांकेतिक रूप से भीख मांगकर अपनी नाराजगी जताई। जिले के कई गांवों में मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के पुतले भी फूंके गए, तथा कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बढ़ते किसान आंदोलन और रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए, राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से खरीदी सीमा को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का आग्रह किया है। हालांकि, किसान संगठनों का कहना है कि यह वृद्धि समस्या का समाधान नहीं करेगी और वे प्रत्येक पंजीकृत किसान की 100 प्रतिशत मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा ग्रीष्मकालीन मूंग उत्पादक जिला नर्मदापुरम इस समय रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद खरीदी संकट का सामना कर रहा है। तवा बांध से समय पर सिंचाई का पानी मिलने और अनुकूल मौसम के कारण जिले में मूंग की बंपर पैदावार हुई है, लेकिन सरकार की नई उपार्जन नीति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान समर्थन मूल्य पर 100 प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन कर रहे हैं और विरोध स्वरूप कलेक्ट्रेट तक भिक्षाटन रैली निकाली है। कृषि विभाग के अनुमान के अनुसार, इस वर्ष नर्मदापुरम जिले में करीब ढाई से तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई मूंग से लगभग चार लाख मीट्रिक टन उत्पादन होने की संभावना है। किसान इस बात से नाराज़ हैं कि केंद्र सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत कुल उत्पादन का केवल 25 प्रतिशत ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है। इसके कारण, किसानों को अपनी शेष 75 प्रतिशत उपज खुले बाजार में कम कीमत पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का यह भी आरोप है कि सीमित टोकन व्यवस्था और खरीदी संबंधी प्रतिबंधों के कारण कई छोटे किसान अपनी उपज उपार्जन केंद्रों
तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, और जिले में 132 उपार्जन केंद्रों पर 1 जुलाई से 10 अगस्त तक खरीदी चलेगी, जिसमें फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है। भारतीय किसान संघ, किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में जिलेभर में आंदोलन तेज हो गया है। पीपल चौक पर किसानों ने सरकार और प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए यज्ञ किया। इसके बाद ढोलक-मंजीरे के साथ हाथों में दोने लेकर कलेक्ट्रेट तक भिक्षाटन रैली निकाली और सांकेतिक रूप से भीख मांगकर अपनी नाराजगी जताई। जिले के कई गांवों में मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के पुतले भी फूंके गए, तथा कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बढ़ते किसान आंदोलन और रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए, राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से खरीदी सीमा को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का आग्रह किया है। हालांकि, किसान संगठनों का कहना है कि यह वृद्धि समस्या का समाधान नहीं करेगी और वे प्रत्येक पंजीकृत किसान की 100 प्रतिशत मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
- सुहागपुर विधानसभा में पुष्पराज सिंह पटेल अन्नदाताओं की छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। विशेष रूप से मूंग खरीदी के मुद्दे पर उनके नेतृत्व में जगह-जगह रैलियाँ, प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दादा पुष्पराज सिंह पटेल ने सरकार पर अन्नदाताओं के साथ अन्याय और अत्याचार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार किसानों की बात नहीं मानती है, तो वे सड़कों को जाम कर देंगे। उन्होंने बताया कि अन्नदाता किसान हर जगह परेशान हैं और उनका शोषण हो रहा है। ऐसे समय में, पुष्पराज सिंह पटेल ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो अन्नदाताओं की आवाज को बुलंद कर रहे हैं, जबकि अन्य जन प्रतिनिधियों ने चुप्पी साध रखी है। श्री पटेल ने जोर दिया कि आम जनता भी इस बात को बखूबी समझ गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में आम जनता वोट के माध्यम से इसका करारा जवाब देगी। पुष्पराज सिंह पटेल को सुहागपुर विधानसभा की बुलंद आवाज बताया गया है, जो लगातार किसानों के हितों के लिए आवाज़ उठा रहे हैं।1
- क्रिस्टियानो रोनाल्डो भले ही अपने करियर में FIFA विश्व कप की ट्रॉफी कभी हासिल न कर पाए हों, लेकिन उन्होंने दुनिया भर में करोड़ों लोगों का दिल जीता है। यही वजह है कि उनका नाम सिर्फ रिकॉर्ड्स में ही नहीं, बल्कि प्रशंसकों की यादों में हमेशा ज़िंदा रहेगा। उनकी आँखों में आज जो आँसू हैं, वे किसी हार की वजह से नहीं, बल्कि उस गहरे अधूरे सपने के प्रतीक हैं जिसे हर खिलाड़ी अपने दिल में संजोकर रखता है। रोनाल्डो ने दुनिया को यह सिखाया कि अथक मेहनत, बेजोड़ अनुशासन और कभी हार न मानने का जज़्बा ही किसी खिलाड़ी की असली विरासत होती है। अफ़सोस इस बात का रहेगा कि हम उन्हें FIFA विश्व कप जीतते हुए नहीं देख पाए, लेकिन यह सुकून हमेशा रहेगा कि हम उस ऐतिहासिक दौर के गवाह बने जब CR 7 फुटबॉल के मैदान पर नए कीर्तिमान रच रहे थे। यह साबित करता है कि कुछ सपने भले ही पूरे न हों, फिर भी वे किसी व्यक्ति की महानता को कम नहीं कर पाते, और कुछ खिलाड़ी खेल के मैदान से भले ही विदा हो जाएं, पर वे खेल के इतिहास से कभी नहीं जाते।1
- इटारसी के शीतला माता चौराहा पर आज एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई, जहाँ कुछ अज्ञात लोगों ने एक बुजुर्ग ई-रिक्शा चालक को एक घंटे तक परेशान किया। इन शरारती तत्वों ने मोबाइल ऐप का उपयोग करके ई-रिक्शा को लॉक कर दिया, जिससे बुजुर्ग चालक अपनी आजीविका कमाने से वंचित हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर, समाजसेवी राहिल सोनकर और अनु चौकसे जी तुरंत मौके पर पहुँचे और तकनीकी सहायता की मदद से रिक्शा को फिर से चालू करवाया। इस हरकत की कड़ी निंदा की गई है, क्योंकि यह रिक्शा किसी गरीब परिवार की रोज़ी-रोटी का एकमात्र साधन है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे जिम्मेदार नागरिक बनें और दूसरों की आजीविका का सम्मान करें, ऐसी निंदनीय गतिविधियों को बंद करें जो केवल 'मजे लेने' के लिए किसी गरीब के पेट पर लात मारती हैं।1
- सिवनी मालवा के शासकीय कुसुम महाविद्यालय में बुधवार शाम करीब 4 बजे, छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने प्रभारी प्राचार्य ए.के. यादव को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। इन ज्ञापनों के माध्यम से महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई। दोनों छात्र संगठनों ने महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उनका तर्क था कि हर वर्ष बड़ी संख्या में योग्य विद्यार्थी सीमित सीटों के कारण प्रवेश से वंचित रह जाते हैं, इसलिए छात्र हित में सीटों में वृद्धि आवश्यक है। इसके अलावा, लंबे समय से बंद पड़े महाविद्यालय के मुख्य जनरेटर को शीघ्र चालू कराने की भी मांग की गई। छात्र संगठनों ने बताया कि जनरेटर बंद होने से बिजली कटौती होने पर कक्षाओं का संचालन, कंप्यूटर लैब और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है। ज्ञापन में परिसर में आने वाले अभिभावकों के लिए एक व्यवस्थित प्रतीक्षालय (वेटिंग एरिया) बनाने की भी मांग की गई। उनका कहना था कि वर्तमान में अभिभावकों के बैठने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। साथ ही, महाविद्यालय परिसर के बाहरी हिस्से में शौचालय की व्यवस्था किए जाने की मांग भी रखी गई, जिससे बाहरी आगंतुकों को सुविधा मिल सके और मुख्य भवन के अंदर अनावश्यक भीड़ कम हो। दोनों छात्र संगठनों ने प्रभारी प्राचार्य से अपील की कि वे इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करें और महाविद्यालय में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं मिल सकें।1
- सोहागपुर ब्लॉक के सरपंच संगठन ने बुधवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करने, मूंग खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने, किसानों को प्रतिदिन कम से कम 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने और डीएपी टोकन व्यवस्था को नियमित रूप से संचालित करने की प्रमुख मांगें रखी गईं हैं। सरपंच संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो सभी सरपंच किसानों के समर्थन में आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। इस ज्ञापन पर ब्लॉक की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों के हस्ताक्षर भी किए गए हैं।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद, थाना अयोध्या नगर पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए राह चलती युवती से अभद्रता करने वाले एक बदमाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह वीडियो रात में इंस्टाग्राम पर प्रसारित हुआ था, जिसमें एक युवती ने बाइक सवार युवक द्वारा उसके साथ बदतमीजी करने की बात बताई थी। अयोध्या नगर पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और मार्गदर्शन में तत्काल वीडियो की पड़ताल शुरू की और बदमाश की लगातार तलाश की। गहन छानबीन के बाद, अज्ञात बदमाश की पहचान अभिषेक विश्वकर्मा पुत्र रमेश विश्वकर्मा के रूप में हुई। पुलिस ने उसे अरेहड़ी के पास से गिरफ्तार किया और कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया। इस पूरे मामले में थाना प्रभारी महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, प्रआर अमित व्यास, प्रआर बृजेश सिंह सहित पूरी थाना टीम की भूमिका सराहनीय रही।1
- मूंग खरीदी के मुद्दे पर कांग्रेस ने मोहन सरकार के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। इस उग्र विरोध के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोहन सरकार का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।1