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सुनिए एसएसपी झाँसी बीबीजीटीएस मूर्ति क्या कह रहे है!!... सुनिए एसएसपी झाँसी बीबीजीटीएस मूर्ति क्या कह रहे है!!...
Harsh Samvad
सुनिए एसएसपी झाँसी बीबीजीटीएस मूर्ति क्या कह रहे है!!... सुनिए एसएसपी झाँसी बीबीजीटीएस मूर्ति क्या कह रहे है!!...
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- उरई (जालौन)। प्रेम-प्रसंग के चलते युवक की बेरहमी से हत्या कर शव जलाकर साक्ष्य मिटाने के मामले का कैलिया थाना पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में प्रेमिका, उसके पति समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 24 मार्च की रात ब्यौना रोड पर एक युवक का अधजला शव मिला था। मृतक की पहचान अमित नरवरिया निवासी ग्राम ऊमरी का पुरा (थाना रेंढर) के रूप में हुई थी। मृतक के पिता गिरजाशंकर ने हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए सीओ के नेतृत्व में थाना कैलिया, सर्विलांस और एसओजी टीमों को लगाया गया था। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर चार आरोपी कुलदीप दोहरे, अमित दोहरे, शीतला और मिथलेशी को जगनपुरा रोड से सलैया खुर्द मार्ग के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी कुलदीप दोहरे ने बताया कि मृतक अमित का उसकी पत्नी शीतला से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसी से आक्रोशित होकर उसने हत्या की साजिश रची। 24 मार्च की शाम शीतला ने फोन कर अमित को घर बुलाया, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद मुंह में कपड़ा ठूंसकर डंडे और हथौड़े से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बेडशीट व कंबल में लपेटकर तिरपाल से ढका और बाइक से सुनसान स्थान पर ले जाकर आग लगा दी, ताकि साक्ष्य नष्ट किए जा सकें। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा, डंडा, दो बाइक, हेलमेट, मृतक का आधार कार्ड और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि सभी आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है । खुलासा करने वाली टीम को 15 हजार रुपये का इनाम भी दिया गया है।3
- जनपद जालौन के कालपी विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में इन दिनों एक नाम तेजी से उभरकर सामने आ रहा है—रश्मि पाल। समाजवादी पार्टी की सक्रिय युवा नेत्री के रूप में पहचान बना चुकी रश्मि पाल अब अपनी लगातार सक्रियता और जनसंपर्क के चलते क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत दावेदारी पेश करती नजर आ रही हैं। रश्मि पाल लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रही हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें उठाने का प्रयास कर रही हैं। उनकी यह कार्यशैली आम जनता के बीच उन्हें एक जमीनी और भरोसेमंद नेता के रूप में स्थापित कर रही है। खासतौर पर युवा और महिला वर्ग में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि रश्मि पाल शिक्षित, सरल और सहज स्वभाव की नेता हैं, जो हर समय जनता के बीच मौजूद रहती हैं। यही कारण है कि कम समय में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। रश्मि पाल ने कहा कि अगर पार्टी मुझे मौका देती है, तो मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से चुनाव लड़ूंगी। मेरी प्राथमिकता क्षेत्र का विकास, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं और आम जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना रहेगा। राजनीति मेरे लिए सेवा का माध्यम है।" पार्टी में भी रश्मि पाल लगातार सक्रिय नजर आ रही हैं, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत होती दिख रही है। वर्तमान समय में कालपी की सियासत में वह एक उभरते हुए और सकारात्मक विकल्प के रूप में देखी जा रही हैं, जिनसे क्षेत्र की जनता को नई उम्मीदें जुड़ी हैं। वाइट-रश्मि पाल। रिपोर्ट–जनपद जालौन से के लिए अमित कुमार।2
- हत्या के मामले में तीन लोगों को हुआ आजीवन कारावास - पत्नी के साथ छेड़छाड़ करने की की शिकायत पर पति की थी हत्या, आरोप सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने सुना दिया फैसला उरई। न्यायालय में विचाराधीन हत्या के मामले में आरोप सिद्ध होने के बाद न्यायाधीश ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपए से अधिक जुर्माना भी लगाया। नदीगांव थाना क्षेत्र के सिकरी गांव निवासी काशीप्रसाद ने थाना पुलिस को पांच जुलाई 2020 को तहरीर दी थी। जिसमें आरोप लगाते हुए बताया था कि 4 जुलाई वर्ष 2020 को उसका पुत्र अरविंद कुमार उसका भाई करन सिंह रमजू चौराह के पास दुकान पर सामान ले रहे थे। तभी दीपांशु व अंशु और अभिनेंद्र वहां आ गए और सभी को जाती सूचक गालियां देते हुए बोले तुम लोगों की औकात है कि हम लोगों की शिकायत करने घर जाओ। उसने बताया कि उक्त लोगों ने घटना के एक दिन पहले उसके पुत्र अरविंद की पत्नी शीला देवी को मिलन केंद्र पर अकेला पाकर बुरी नीयत से छेड़खानी की थी! जिसकी शिकायत करने घर पर गए थे। इसी बात की खुन्नस मानकर उक्त लोगों ने एक राय होकर उसके पुत्र को घेर लिया व एक राय होकर अपने हाथों में लिए अवैध तमाचे से गोली मार दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने जांच पड़ताल कर आरोपियों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट कोर्ट में 12 मार्च 2021 को आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। कोर्ट में चले ट्रायल के दौरान वादी सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज हुए। सोमवार को मामले की सुनवाई पूरी हुई जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता ने दीपांशु, अंशु उर्फ अनुरुद्ध , अभिनेंद्र सिंह को हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख चार हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।1
- Post by मुजीब आलम पत्रकार1
- *ग्रामीण व दुरस्त क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्यनरत बच्चों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा* अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, आलोक सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन (एकल कानपुर चैप्टर) द्वारा संचालित एवं फ्रंटियर एलॉय स्टील्स लिमिटेड द्वारा वित्तपोषित “एकल ऑन व्हील्स कंप्यूटर बस-2” का लोकार्पण रनिया स्थित फैक्ट्री परिसर से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह, जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, फ्रंटियर एलॉय स्टील्स लिमिटेड के प्रवर्तक निदेशक कुंदन लाल भाटिया एवं एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन के प्रेसीडेंट डॉ0 ए0एस0 प्रसाद उपस्थित रहे। सभी अतिथियों द्वारा फीता काटकर एवं हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह ने अपने संबोधन में इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन द्वारा संचालित “कंप्यूटर ऑन व्हील्स” जैसी पहलें ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 52 बसों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है और आज एक और बस जुड़ने से यह प्रयास और सशक्त हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि डिजिटल साक्षरता के साथ-साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी भी बच्चों एवं युवाओं को दी जानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में यदि प्रारंभिक स्तर पर ही बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग एवं साइबर कानूनों की जानकारी दी जाए, तो समाज को एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने सभी संस्थाओं एवं नागरिकों से इस अभियान से जुड़कर डिजिटल सशक्तिकरण के साथ-साथ साइबर जागरूकता को भी जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “एकल ऑन व्हील्स” केवल एक बस नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्ग के बच्चों के लिए अवसरों का द्वार है। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के पारंपरिक स्वरूप को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक नई दिशा प्रदान कर रही है। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि आज के युग में डिजिटल ज्ञान ही वास्तविक सशक्तिकरण का आधार है और इस प्रकार की मोबाइल शिक्षा इकाइयाँ उन बच्चों तक भी ज्ञान पहुंचा रही हैं, जो किसी कारणवश विद्यालय नहीं पहुंच पाते। उन्होंने प्रशासन की ओर से इस प्रकार की पहलों को हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया तथा इसे “समावेशी विकास” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए शिक्षा सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि समाज का एक जागरूक नागरिक भी किसी एक वंचित बच्चे को सही मार्गदर्शन दे दे, तो उसके जीवन की दिशा बदल सकती है। उन्होंने बच्चों में नैतिक शिक्षा, अनुशासन एवं जागरूकता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें बच्चों को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाती हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बच्चों को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं की जानकारी भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया जाए, जिससे वे स्वयं एवं समाज की सुरक्षा में योगदान दे सकें। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास एवं मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को दी जा रही शिक्षा के प्रभाव का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रशिक्षण के बाद उनके जीवन में वास्तविक सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की योजनाओं को अन्य विकास कार्यक्रमों से जोड़कर और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर फ्रंटियर एलॉय स्टील्स लिमिटेड के प्रवर्तक निदेशक कुंदन लाल भाटिया ने कहा कि उनकी कंपनी अपने सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा एवं ग्रामीण उत्थान के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रही है और आगे भी इस दिशा में सहयोग जारी रखा जाएगा। एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन के प्रेसीडेंट डॉ0 ए0एस0 प्रसाद ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “यदि बच्चे विद्यालय नहीं आ सकते, तो विद्यालय को बच्चों तक पहुंचना होगा।” उन्होंने बताया कि एकल की विचारधारा इसी सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अंतर्गत मोबाइल कंप्यूटर बसों के माध्यम से ग्रामीण एवं वनवासी क्षेत्रों के बच्चों को डिजिटल शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि इस बस में 8 लैपटॉप के माध्यम से एक समय में 16 बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा तीन माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत उन्हें कंप्यूटर का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। प्रतिदिन दो गांवों में सुबह एवं शाम की पाली में बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बस में विद्युत आपूर्ति हेतु सोलर पैनल की व्यवस्था की गई है, जिससे यह पहल पूर्णतः पर्यावरण अनुकूल भी है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं आयुषी, कीर्ति एवं कृतिका द्वारा एकल ऑन व्हील्स के माध्यम से दी जाने वाली शिक्षा का सजीव प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह को इस पहल की उपयोगिता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में इस अभियान के अंतर्गत 52 बसें संचालित हैं और आज एक नई बस के जुड़ने से यह अभियान और अधिक व्यापक हो गया है। “एकल ऑन व्हील्स” डिजिटल साक्षरता, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक समावेशन की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है, जो आने वाले समय में ग्रामीण भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।1
- खास खबर है जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र के जालौन नगर क्षेत्र से जुड़ी हुई जहां आज़ किन्नरों के बीच मारपीट हुई है और मामला कोतवाली पहुंचा है पुलिस मामले की जांच में जुटी है देखें खास रिपोर्ट देवेश कुमार स्वर्णकार के साथ1
- जनपद के कोंच कस्बे में पशुपालन विभाग की मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट वैन के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो मंगलवार सुबह 10 बजे सामने आया है, आरोप है कि पशुओं के इलाज और आपात सेवाओं के लिए चलाई जा रही विभागीय वैन का इस्तेमाल निजी कार्यों और सामान ढुलाई के लिए किया जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पशुपालन विभाग द्वारा संचालित मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट वैन का उद्देश्य गांव-गांव जाकर पशुओं का इलाज करना और आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। लेकिन कोंच कस्बे में इस वैन का उपयोग निजी सामान ढुलाई के लिए किया जा रहा है, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार इस वैन को पशुओं के इलाज के बजाय निजी कार्यों में उपयोग करते हुए देखा गया है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की जानकारी में ही वाहन से निजी सामान की ढुलाई की जा रही है। इससे पशुपालकों को मिलने वाली सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब जरूरत पड़ती है, तब मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट उपलब्ध नहीं होती, जबकि वही वाहन अन्य निजी कार्यों में व्यस्त दिखाई देता है। इससे पशुपालकों में नाराजगी देखी जा रही है और उन्होंने मामले की जांच की मांग की है। इस मामले में जब संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। हालांकि, सूत्रों के अनुसार मामला संज्ञान में आने के बाद जांच की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर रोक लगाई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि पशुपालकों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित न हों। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या पशुपालन विभाग की इस मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट के दुरुपयोग पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।1
- जालौन का पीड़ित पंहुचा एसपी कार्यालय जहां पर दबंगों के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाकर की शिकायत1