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जबलपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले आम शराब की दुकान में चल रहे आहेता, शराब ठेका बदलने के बाद क्यों होता है जबलपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले आम शराब की दुकान में चल रहे आहेता, शराब ठेका बदलने के बाद क्यों होता है नेताओं का विरोध प्रदर्शन, उसके पहले कहां रहे नेताओं का विरोध प्रदर्शन
Deepak Vishawakarma
जबलपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले आम शराब की दुकान में चल रहे आहेता, शराब ठेका बदलने के बाद क्यों होता है जबलपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले आम शराब की दुकान में चल रहे आहेता, शराब ठेका बदलने के बाद क्यों होता है नेताओं का विरोध प्रदर्शन, उसके पहले कहां रहे नेताओं का विरोध प्रदर्शन
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- मध्य प्रदेश का किसान एक बार फिर व्यवस्था की चक्की में पिसने को मजबूर है। एक तरफ राज्य की मोहन सरकार ने 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी का ढिंढोरा पीटा, तो दूसरी तरफ हकीकत के धरातल पर किसान अपनी उपज लेकर दर-दर भटक रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार, कई संभागों में खरीदी की तारीख को आगे बढ़ाकर 10 से 15 अप्रैल कर दिया गया है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। शिवराज सिंह के '8 गुना आय' वाले दावे पर सवाल सदन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में दावा किया कि केंद्र के प्रयासों से किसानों की आय कई मामलों में 8 गुना तक बढ़ गई है। लेकिन विपक्ष और किसान संगठनों का कहना है कि ये दावे केवल कागजों और दूरबीनों तक सीमित हैं। हकीकत का आईना: जमीनी स्तर पर किसान कर्ज के बोझ तले दबा है। तारीखों का खेल: कर्ज की किश्त (KCC) चुकाने की आखिरी तारीख (31 मार्च) निकल चुकी है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खरीदी शुरू न होने के कारण किसान को मजबूरी में अपना अनाज कम दामों पर व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है। "मध्य प्रदेश का लाल, किसानों का हाल बेहाल" सबसे बड़ा कटाक्ष देश के कृषि मंत्री पर हो रहा है, जो स्वयं मध्य प्रदेश की माटी से आते हैं। आरोप लग रहे हैं कि जिस राज्य ने उन्हें इस ऊंचाई तक पहुँचाया, आज वहीं का किसान सुरक्षा, संवेदना और समाधान के लिए तरस रहा है। "सरकार ने पहले 16 मार्च की तारीख दी, फिर 1 अप्रैल और अब इसे फिर बढ़ा दिया गया है। क्या सरकार के पास बारदाने (जूट बैग) की कमी है या किसान की मेहनत की कोई कीमत नहीं?" — विपक्षी दलों का तीखा हमला। मुख्य मुद्दे जो किसानों को सता रहे हैं: कर्ज का चक्र: 31 मार्च तक कर्ज न चुका पाने पर ब्याज की छूट (Interest Subvention) खत्म हो जाती है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ गया है। लापरवाही का आलम: बार-बार खरीदी की तारीखें बदलना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। मजबूरी में कम दाम: सरकारी तुलाई शुरू न होने से बिचौलिए सक्रिय हैं और किसान ₹2625 (बोनस सहित MSP) की जगह औने-पौने दामों पर फसल बेच रहा है। निष्कर्ष: क्या कृषि मंत्री के 'आठ गुना आय' वाले दावों में मध्य प्रदेश के उन किसानों की गिनती भी शामिल है जो आज अपनी फसल के सही दाम के लिए उपार्जन केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं? यह सवाल आज प्रदेश के हर खेत-खलिहान में गूंज रहा है।1
- जबलपुर के करमचंद चौक 11 baje रात्रि एक imarat में अचानक आग लगने से अफरताफरि ka माहौल बना मौके पे police प्रशासन नगर निगम फायरबिर्गेट pahuch के आग बुझाने का lagatar प्रयास कर रहे1
- viral video अशोक खरात (जिन्हें उनके अनुयायी 'कैप्टन' के नाम से भी पुकारते थे) मार्च 2026 में महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए एक बड़े यौन शोषण और धोखाधड़ी मामले का मुख्य आरोपी है। इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक गलियारों में काफी हलचल मचा दी थी। अशोक खरात और उससे जुड़े विवाद की मुख्य बातें यहाँ दी गई हैं: 1. गंभीर आरोप और गिरफ्तारी अशोक खरात को मार्च 2026 में नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर एक महिला ने बेहद गंभीर आरोप लगाए थे: • यौन शोषण: पीड़िता का आरोप था कि खरात ने कई वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। • ब्लैकमेलिंग: आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता के आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर उसे चुप रखा था। • आर्थिक धोखाधड़ी: खरात पर पीड़िता से करोड़ों रुपये ठगने का भी आरोप लगा। 2. 'आध्यात्मिक गुरु' का चोला खरात खुद को एक आध्यात्मिक गुरु या 'बाबा' के रूप में पेश करता था। उसने नासिक और उसके आसपास के इलाकों में अपना एक बड़ा प्रभाव बना रखा था। वह अक्सर सफेद कपड़ों में दिखता था और खुद को 'कैप्टन' कहलवाना पसंद करता था। 3. हाई-प्रोफाइल संबंध पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि खरात के संबंध कई प्रभावशाली राजनेताओं और अधिकारियों के साथ थे। • रुपाली चाकणकर विवाद: महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की तत्कालीन अध्यक्षा रुपाली चाकणकर के साथ उसके पुराने वीडियो वायरल हुए, जिसमें वह उसके पैर धोती नजर आ रही थीं। इसी विवाद के चलते चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। • SIT जांच: मामले की गंभीरता और राजनीतिक कनेक्शन को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इस केस की जांच के लिए एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया है। 4. पुलिस की बरामदगी गिरफ्तारी के बाद खरात के ठिकानों पर की गई छापेमारी में पुलिस को कई चौंकाने वाली चीजें मिलीं: • कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें। • बड़ी मात्रा में नकदी और संपत्ति के दस्तावेज। • कुछ ऐसे सबूत जिनसे संकेत मिले कि वह महिलाओं को डरा-धमका कर उनका शोषण करता था। वर्तमान स्थिति अशोक खरात फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और SIT उसके द्वारा किए गए अन्य संभावित अपराधों और उसके 'वित्तीय साम्राज्य' की जांच कर रही है। इस मामले ने महाराष्ट्र में धर्म के नाम पर शोषण करने वाले 'स्वयंभू बाबाओं' के खिलाफ एक नई बहस छेड़ दी है।1
- रायपुर से हुई मास्टरमाइंड की गिरफ्तारीजमीन धोखाधड़ी मामले में ढीमरखेडा पुलिस को मिली सफलता1
- kayangi jabalpur madhya pradesh katangi chaupati me gandi naliyo se bahut kharab smell ati hai or kuch kha bhi nahi pate hai esliye esko jaldi se clen kro1
- जबलपुर में लूट की वारदात के बाद फरार हो रहे बदमाशों में से एक की बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। --- 📍 घटना कैसे हुई ▪ कलेक्शन एजेंट से नकदी और सामान लूटा गया ▪ वारदात को 5 आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया ▪ तीन अलग-अलग बाइक से पहुंचे थे आरोपी --- ⚠ पकड़ा कैसे गया ▪ भागते समय एक आरोपी की बाइक बंद हो गई ▪ ग्रामीणों ने पीछा कर घेराबंदी की ▪ मौके पर ही पकड़कर रोका गया --- 👊 ग्रामीणों की भूमिका ▪ आरोपी को भागने नहीं दिया ▪ हाथ-पैर बांधकर रोके रखा ▪ तुरंत पुलिस को सूचना दी --- 🚔 पुलिस की कार्रवाई ▪ पूछताछ में गैंग का खुलासा ▪ सभी आरोपी हिरासत में ▪ लूटा गया सामान बरामद --- ⚠ जांच में खुलासा ▪ वारदात से पहले साथ बैठकर प्लान बनाया ▪ शराब पीने के बाद किया अपराध ▪ अन्य मामलों की भी जांच जारी --- 📍 स्थान: जबलपुर, मध्यप्रदेश 🎤 रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा1
- जबलपुर में कलेक्शन एजेंट से लूट कर भाग रहे एक आरोपी की बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और हाथ-पैर बांधकर पुलिस के हवाले कर दिया। --- 📍 क्या है पूरा मामला ▪ 5 लुटेरों ने कलेक्शन एजेंट को निशाना बनाया ▪ नकदी, लैपटॉप और दस्तावेज लूटकर फरार ▪ 3 बाइक से आए थे सभी आरोपी --- ⚠ कैसे हुआ खुलासा ▪ भागते समय एक आरोपी की बाइक का पेट्रोल खत्म ▪ ग्रामीणों ने पीछा कर दबोचा ▪ मौके पर ही पकड़कर पुलिस को सौंपा --- 👊 ग्रामीणों की कार्रवाई ▪ आरोपी को बांधकर रोके रखा ▪ मौके पर ही पकड़ लिया गया ▪ बाद में पुलिस के हवाले किया गया --- 🚔 पुलिस कार्रवाई ▪ पूछताछ में आरोपी ने साथियों के नाम बताए ▪ सभी 5 आरोपी गिरफ्तार ▪ लूट का सामान बरामद --- ⚠ क्या था प्लान ▪ पहले साथ बैठकर शराब पी ▪ फिर लूट की योजना बनाई ▪ सुनसान जगह पर वारदात को अंजाम दिया --- 📍 स्थान: जबलपुर (मध्यप्रदेश) 🎤 रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा1
- आसमान छूती लपटों से दहला इलाका,कपड़ों के कारखाने तक पहुँची आग, मची भारी अफरा-तफरी,दमकल की कई गाड़ियाँ मौके पर: आग बुझाने का युद्ध स्तर पर प्रयास जारी#news1