सिस्टम की ढिलाई से खड़ा हुआ ‘भस्मासुर’, अब प्रशासन को ही दे रहा चुनौती... विशेष रिपोर्ट:-शहडोल में खनिज विभाग के दफ्तर तक पहुंचकर निरीक्षक को धमकाने की घटना ने पूरे प्रशासनिक ढांचे पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही लापरवाही, ढिलाई और अंदरूनी समझौतों का नतीजा है। सूत्रों के मुताबिक, रेत के अवैध खनन और परिवहन पर शुरुआती दौर में सख्ती नहीं बरती गई। छोटे उल्लंघनों को नजरअंदाज किया गया, विभागों के बीच तालमेल की कमी रही और कई बार अंदरखाने समझौते भी होते रहे। यही वजह है कि माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते गए। अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि वही तत्व, जिन्हें समय रहते रोका जा सकता था, आज “भस्मासुर” बनकर सिस्टम को ही चुनौती दे रहे हैं। खनिज कार्यालय में घुसकर हंगामा और धमकी देना इस बात का साफ संकेत है कि कानून का खौफ तेजी से खत्म हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकारी अधिकारी ही अपने दफ्तर में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की क्या गारंटी है? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल माफियाओं को दोष देकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। सिस्टम को अपनी कमजोरियों—चाहे वह निगरानी की कमी हो, भ्रष्टाचार की गुंजाइश या कार्रवाई में देरी—को स्वीकार करना होगा। अब जरूरी है: अवैध खनन पर त्वरित और सख्त कार्रवाई विभागों के बीच मजबूत समन्वय पारदर्शी जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई अगर अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं सिर्फ खबर नहीं रहेंगी, बल्कि शासन-प्रशासन की साख पर स्थायी दाग बनती जाएंगी।
सिस्टम की ढिलाई से खड़ा हुआ ‘भस्मासुर’, अब प्रशासन को ही दे रहा चुनौती... विशेष रिपोर्ट:-शहडोल में खनिज विभाग के दफ्तर तक पहुंचकर निरीक्षक को धमकाने की घटना ने पूरे प्रशासनिक ढांचे पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही लापरवाही, ढिलाई और अंदरूनी समझौतों का नतीजा है। सूत्रों के मुताबिक, रेत के अवैध खनन और परिवहन पर शुरुआती दौर में सख्ती नहीं बरती गई। छोटे उल्लंघनों को नजरअंदाज किया गया, विभागों के बीच तालमेल की कमी रही और कई बार अंदरखाने समझौते भी होते रहे। यही वजह है कि माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते गए। अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि वही तत्व, जिन्हें समय रहते रोका जा सकता था, आज “भस्मासुर” बनकर सिस्टम को
ही चुनौती दे रहे हैं। खनिज कार्यालय में घुसकर हंगामा और धमकी देना इस बात का साफ संकेत है कि कानून का खौफ तेजी से खत्म हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकारी अधिकारी ही अपने दफ्तर में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की क्या गारंटी है? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल माफियाओं को दोष देकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। सिस्टम को अपनी कमजोरियों—चाहे वह निगरानी की कमी हो, भ्रष्टाचार की गुंजाइश या कार्रवाई में देरी—को स्वीकार करना होगा। अब जरूरी है: अवैध खनन पर त्वरित और सख्त कार्रवाई विभागों के बीच मजबूत समन्वय पारदर्शी जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई अगर अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं सिर्फ खबर नहीं रहेंगी, बल्कि शासन-प्रशासन की साख पर स्थायी दाग बनती जाएंगी।
- मैहर | विशेष रिपोर्ट मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन के दौरान मैहर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इसे समाजिक समरसता और बेटियों के सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहारा देती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूत करती है। कलेक्टर ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े, उनके परिजन और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। आयोजन के दौरान सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया, जिससे पूरे कार्यक्रम में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। कलेक्टर मुखर्जी ने यह भी कहा कि शासन की यह पहल समाज में समानता और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।1
- Post by पार्षद सिल्लू रजक1
- शहडोल रविवार को लगभग 4:00 बजे जिला ब्राह्मण समाज के युवा सदस्य अनुपम गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर जयस्तंभ चौक से भव्य रूप से शोभा यात्रा निकाली जाएगी शोभा यात्रा में सैकड़ो की तादाद पर लोग मौजूद रहेंगे इस अवसर पर जय स्तंभ चौक पर विशाल स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया जाएगा आइए जाने क्या कहा युवा सदस्य अनुपम गौतम ने।1
- बाघ के सामने उतरे लोग, मौत को दिया खुला न्योता उमरिया तपस गुप्ता जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सामने आया एक वीडियो लोगों की गंभीर लापरवाही को उजागर कर रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में ताला-मानपुर रोड पर एक बाघ सड़क पार करता दिखाई दे रहा है, लेकिन उससे भी ज्यादा चौंकाने वाला नजारा इसके बाद देखने को मिलता है। वीडियो में साफ दिखता है कि जैसे ही बाघ नजर आता है, कुछ लोग अपने वाहन बीच सड़क पर रोक देते हैं। हैरानी तब बढ़ जाती है जब कुछ लोग वाहन से उतरकर सीधे बाघ के करीब पहुंच जाते हैं और मोबाइल से वीडियो बनाने लगते हैं। यह हरकत न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ाती है, बल्कि सीधे-सीधे मौत को न्योता देने जैसी है। जानकारी के मुताबिक यह वीडियो रविवार का बताया जा रहा है। बाघ जैसे खतरनाक और संवेदनशील वन्यजीव के इतने करीब जाना किसी भी वक्त गंभीर हादसे में बदल सकता था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां बाघ को उकसा सकती हैं, जिससे वह आक्रामक हो सकता है और हमला कर सकता है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही कई सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर वन विभाग लगातार जागरूकता और नियमों का पालन कराने की कोशिश करता है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग महज कुछ सेकंड के वीडियो के लिए अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। यह घटना साफ दिखाती है कि रोमांच के नाम पर लोग किस हद तक गैरजिम्मेदार हो सकते हैं। अगर समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं हुई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- *नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 5 में सूने घर में लाखों रुपए की चोरी* नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 5 स्थिति डां अशोक द्विवेदी जी के सूने घर में नगदी सहित लाखों रुपए के सोने चांदी के आभूषण चोरों द्वारा पार कर लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है जानकारी के मुताबिक श्री द्विवेदी पिछले कुछ समय से घर से बाहर है उनके सूने घर में बीती रात चोरों ने मेन गेट से अंदर जाकर घर का दरवाजा तोड़कर घर में रखा नगद 45 हजार के लगभग एवं बे शकीमती सोने चांदी के आभूषण पार कर लिया गया जिसकी कीमत लगभग लाखों रुपए बताई जा रही है जिसकी शिकायत पीड़ित परिजन द्वारा पुलिस थाने मानपुर में दर्ज करवाई गई है अब देखना होगा कि पुलिस इन्वेस्टीगेशन में क्या इन अज्ञात सातिर चोरों की पतासाजी हो पाती है की नहीं।2
- शहडोल। जिले के ब्यौहारी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खड्डा में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाना एक ग्रामीण को भारी पड़ गया। सरपंच द्वारा पत्थर लेकर ग्रामीण को दौड़ाने की पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है पूछा- क्या गुणवत्ता के मानकों का पालन हो रहा जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत खड्डा के इमली टोला से करीब 300 मीटर दांडीटोला पहुंच मार्ग लंबी ग्रेवल पीसी सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। मौके पर सरपंच संतोष कोल खुद काम की निगरानी कर रहे थे, इसी दौरान गांव के ही संदीप पटेल ने निर्माण में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि निर्माण में मानक के विपरीत सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाते हुए सरपंच से पूछा कि क्या सड़क निर्माण में तीन-एक के अनुपात से मसाला डाला जा रहा है और क्या गुणवत्ता के मानकों का पालन हो रहा है। सार्वजनिक धन से बन रही सड़क की गुणवत्ता की जांच वायरल वीडियो में सरपंच न सिर्फ भड़क गए, बल्कि उन्होंने जमीन से एक बड़ा पत्थर उठाया और ग्रामीण को मारने के लिए दौड़ पड़े। सरपंच बार-बार वीडियो बंद करने की धमकी देते रहे और अभद्र भाषा का प्रयोग करते नजर आए। ग्रामीण का कसूर सिर्फ इतना था कि वह सार्वजनिक धन से बन रही सड़क की गुणवत्ता की जांच चाहता था, लेकिन जवाब देने के बजाय हिंसा पर उतारू होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण बल्लू पटेल ने आरोप लगाया है कि सड़क पूरी तरह से गुणवत्ताहीन बनाई जा रही है और पूछने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।1
- भीम आर्मी का प्रदर्शन जारी?1
- “देश में सबसे आगे—MP में 17 महिला कलेक्टर, कई जिलों में SP-कलेक्टर दोनों महिलाएं” भोपाल। Dr Mohan Yadav ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश महिला सशक्तिकरण के मामले में देश में मिसाल बन रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 17 महिला कलेक्टर पदस्थ हैं, जो प्रशासनिक नेतृत्व में महिलाओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है। इतना ही नहीं, 10 से ज्यादा जिलों में कलेक्टर और SP दोनों पदों पर महिलाएं तैनात हैं, जो देश में एक अनूठा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार महिलाओं को नेतृत्व के अवसर दे रही है, जिससे शासन-प्रशासन में संवेदनशीलता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ी है। “महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, मध्य प्रदेश इस बदलाव का नेतृत्व कर रहा है।” – CM डॉ. मोहन यादव1