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कल दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन प्राप्त हुआ।
कुमार राजेश चौधरी
कल दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन प्राप्त हुआ।
More news from राजस्थान and nearby areas
- सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 को लेकर कई प्रश्न उठ रहे हैं। प्रमुख रूप से यह जिज्ञासा बनी हुई है कि क्या मौसम विभाग द्वारा की गई भविष्यवाणी सत्य सिद्ध होगी। इसके साथ ही, देश और दुनिया में 2026 में क्या-कुछ घटित होगा, इस पर भी व्यापक चर्चा और अटकलें लगाई जा रही हैं।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) चूरू ने पूरे जिले में पर्यावरण संरक्षण और विधिक साक्षरता को लेकर विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए। इस अभियान का उद्देश्य आमजन को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में फैली कुरीतियों और महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों के प्रति भी संवेदनशील बनाना था। इस वृहद अभियान के तहत, चूरू जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन और पुराने बस स्टैंड जैसे स्थानों पर विशेष लीगल अवेयरनेस कैंप लगाए गए, जहाँ सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। इन शिविरों में पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLV) विक्रम प्रजापत और खुशी सैनी ने सीधे संवाद के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इसके अतिरिक्त, शहर के अन्य विभिन्न स्थानों पर भी गहन जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए, जिसमें पीएलवी ममता कड़वासरा, पिंकी, अंकिता शर्मा और संजू कलेरा ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व तथा इससे जुड़े कानूनी अधिकारों व कर्तव्यों की जानकारी देकर जन-जागरूकता फैलाई। इन सभी शिविरों में बाल विवाह की रोकथाम, बाल शिक्षा का महत्व और नशा मुक्ति जैसे संवेदनशील स्थानीय मुद्दों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) के निर्देशों के अनुसार, पीएलवी द्वारा कई महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी और विधिक योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचायी गई। इनमें वरिष्ठ जन अधिकार एवं सशक्तिकरण, गरिमा योजना, और महिलाओं व बालिकाओं के लिए संचालित 'जागृति स्कीम' प्रमुख रूप से शामिल थीं। साथ ही, जनोपयोगी सेवाओं के विवादों के निपटारे के लिए 'स्थाई लोक अदालत' और अपराध पीड़ितों को आर्थिक सहायता (मुआवजा) प्रदान करने वाली 'पीड़ित प्रतिकार योजना' के प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया। अभियान के दौरान, पीएलवी विक्रम प्रजापत ने एक स्वस्थ और विकसित समाज की नींव के लिए नशामुक्त परिवेश तथा वरिष्ठ जनों के सम्मान व अधिकारों पर जोर दिया, यह बताते हुए कि विधिक सेवा प्राधिकरण का लक्ष्य न्याय को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाना है। वहीं, पीएलवी खुशी सैनी ने बाल अधिकारों को रेखांकित करते हुए कहा कि बाल विवाह समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप है, जिसे शिक्षा और जागरूकता से ही मिटाया जा सकता है, और 'गरिमा' तथा 'जागृति' जैसी योजनाएँ महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ही चलाई जा रही हैं। इस व्यापक जागरूकता अभियान में आमजन ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने कानूनी व सामाजिक अधिकारों से संबंधित जिज्ञासाओं को शांत किया।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उदयपुर में णमोकार सेवा संस्थान द्वारा एक वृक्षारोपण एवं हरित अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व और मार्गदर्शन स्वच्छ भारत मिशन शहर के प्रदेश एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने किया, जहाँ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश दिया गया। के.के. गुप्ता ने जोर देते हुए कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरणीय संतुलन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण अपनाने और स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि एक वृक्ष केवल पर्यावरण को शुद्ध ही नहीं करता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, स्वास्थ्य और समृद्धि का आधार भी बनता है। उन्होंने सभी नागरिकों से "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान से जुड़कर कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उनके अनुसार, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं, और यदि स्वच्छ व हरित भारत का निर्माण करना है, तो पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक प्रयासों से जन-आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने अपने संदेश का समापन "एक कदम प्रकृति की ओर और एक कदम स्वच्छता की ओर" बढ़ाकर आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य देने की प्रेरणा के साथ किया। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी डॉ. राजश्री गांधी सहित समाज के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वृक्षारोपण किया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और प्रकृति संरक्षण के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान "एक पेड़ माँ के नाम" महाअभियान के अंतर्गत सभी नागरिकों से अपने जीवनकाल में कम से कम एक वृक्ष लगाने की अपील की गई। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन प्रकृति संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस मौके पर मुकेश जैन, अशोक अग्रवाल, दिलीप नागदा, हेमंत जैन, हजारी जैन, राजेंद्र जैन और बसंत जैन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- Post by Keshari chand1
- सीकर जिले के रानोली और पलसाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात हुई अच्छी बारिश ने किसानों को भीषण गर्मी और भूजल की कमी से बड़ी राहत दी है, जिससे उनके चेहरे खिल उठे हैं। इस वर्षा के बाद खेतों में पर्याप्त नमी आने से शुक्रवार सुबह से ही किसान कृषि कार्यों में जुट गए हैं। कई गांवों में ट्रैक्टरों से खेतों की जुताई का काम शुरू हो गया है, वहीं किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों में भी तेजी से लग गए हैं। किसान कालूराम कुमावत ने बताया कि इस अच्छी बारिश से खरीफ फसलों की बेहतर तैयारी की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पलसाना क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार कम होता जा रहा है, जिस कारण अधिकांश किसान बारिश के पानी पर ही निर्भर रहते हैं और यहां फसलों की खेती मुख्य रूप से वर्षा-आधारित होती है। इसलिए, समय पर होने वाली बारिश किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और रातभर हुई वर्षा से खेतों में नमी आ जाने के कारण खेती के कार्यों को गति मिली है। बारिश के बाद मौसम भी सुहावना हो गया है और तापमान में गिरावट आने से किसानों को खेतों में काम करने में भी राहत मिली है। किसानों को उम्मीद है कि यदि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की बुवाई समय पर होगी और उत्पादन बेहतर रहने की संभावना बढ़ेगी। क्षेत्र के किसानों का मानना है कि मानसून की यह अच्छी शुरुआत कृषि क्षेत्र के लिए एक शुभ संकेत है और इससे पूरे सीजन में खेती को लाभ मिल सकता है।1
- सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एक आगजनी की घटना में गद्दों के उपयोग से संभावित मौतों की संख्या को बढ़ने से रोका जा सका। बताया गया है कि यदि उस दौरान गद्दे नहीं बिछाए जाते तो आग से मरने वालों की संख्या काफी अधिक हो सकती थी। इन गद्दों की वजह से ही नुकसान को सीमित किया जा सका।1
- झुंझुनूं जिले के चिड़ावा शहर के वार्ड नंबर 18 में गुरुवार देर रात एक विद्युत तार टूटकर सड़क पर गिर गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। इस घटना के बाद आसपास के लोगों में भारी दहशत फैल गई और उन्होंने सावधानी बरतते हुए उस क्षेत्र से दूरी बनाए रखी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, टूटे हुए तार में विद्युत प्रवाह जारी रहने के कारण गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई थी। वार्डवासियों ने बताया कि इस टूटे हुए विद्युत तार के संपर्क में आने से कई छोटे जीवों की मौत हो गई, जबकि एक आवारा कुत्ता भी करंट की चपेट में आकर मौके पर ही दम तोड़ गया। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, तार गिरने के दौरान और उसके बाद क्षेत्र से गुजर रहे कुछ युवक भी हादसे का शिकार होते-होते बच गए। उनकी समय पर सतर्कता ने उन्हें करंट की चपेट में आने से बचा लिया। खबर मिलने तक मौके पर किसी भी विभागीय अधिकारी या प्रशासनिक टीम के पहुंचने की कोई सूचना नहीं थी, जिसके चलते लोगों में भारी नाराजगी भी देखने को मिली।1