मध्यप्रदेश के रायसेन जिले से सामने आए एक कथित वायरल वीडियो ने पूरे प्रदेश में कानून, न्याय और मानवाधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में कुछ युवकों को कथित रूप से करंट देकर प्रताड़ित किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, यह वीडियो कितना पुराना है, इसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और उन पर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है, यह अभी जांच का विषय है। इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले का संज्ञान लेते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह भारत है, तालिबान नहीं; यहां संविधान और कानून का शासन चलता है, भीड़ या निजी फैसलों का नहीं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति या संगठन को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी को अपराधी घोषित कर खुद ही सजा तय कर दे। भारत का संविधान हर नागरिक को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार देता है और किसी भी दोषी को सजा सुनाने का अधिकार केवल न्यायालय के पास है। यदि किसी व्यक्ति पर चोरी, लूट या धोखाधड़ी का संदेह है, तो कानून उसके खिलाफ कार्रवाई के पर्याप्त प्रावधान देता है। लेकिन किसी को सार्वजनिक रूप से यातना देना, मारपीट करना या उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना स्वयं में एक गंभीर अपराध है। रायसेन के इस मामले की जांच पूरी होने के बाद, यदि किसी व्यक्ति या समूह द्वारा कानून को हाथ में लेकर कथित यातना देने की बात सच साबित होती है, तो उनके खिलाफ भी वैसी ही कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में न्याय का रास्ता अदालत से होकर जाता है, किसी भीड़ या निजी फैसले से नहीं।
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले से सामने आए एक कथित वायरल वीडियो ने पूरे प्रदेश में कानून, न्याय और मानवाधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में कुछ युवकों को कथित रूप से करंट देकर प्रताड़ित किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, यह वीडियो कितना पुराना है, इसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और उन पर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है, यह अभी जांच का विषय है। इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले का संज्ञान लेते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह भारत है, तालिबान नहीं; यहां संविधान और कानून का शासन चलता है, भीड़ या निजी फैसलों का नहीं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति या संगठन को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी को अपराधी घोषित कर खुद ही सजा तय कर दे। भारत का संविधान हर नागरिक को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार देता है और किसी भी दोषी को सजा सुनाने का अधिकार केवल न्यायालय के पास है। यदि किसी व्यक्ति पर चोरी, लूट या धोखाधड़ी का संदेह है, तो कानून उसके खिलाफ कार्रवाई के पर्याप्त प्रावधान देता है। लेकिन किसी को सार्वजनिक रूप से यातना देना, मारपीट करना या उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना स्वयं में एक गंभीर अपराध है। रायसेन के इस मामले की जांच पूरी होने के बाद, यदि किसी व्यक्ति या समूह द्वारा कानून को हाथ में लेकर कथित यातना देने की बात सच साबित होती है, तो उनके खिलाफ भी वैसी ही कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में न्याय का रास्ता अदालत से होकर जाता है, किसी भीड़ या निजी फैसले से नहीं।
- ललितपुर जनपद की मड़ावरा तहसील के अंतर्गत ग्राम पटना और चांदौरा में स्थित मंदिरों की करीब 36 एकड़ कृषि भूमि के मालिकाना हक का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस भूमि पर मालिकाना हक को लेकर ललितपुर और महरौनी के सिविल न्यायालय में मामला विचाराधीन है। इस बीच, महरौनी सिविल न्यायालय जूनियर डिवीजन से एक स्थगन आदेश भी प्राप्त किया गया है, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी द्वारा जमीन पर जुताई और बुआई कर कोर्ट के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन करने का आरोप लगा है। ग्राम पटना निवासी और मंदिर के मुन्तजिमकार शोभाराम ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मड़ावरा को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। शोभाराम का कहना है कि मंदिर की इस कृषि भूमि से होने वाली आय से ही मंदिर की पूजा-पाठ और अन्य व्यवस्थाएं संचालित होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना नाराहट की बरौदिया पुलिस चौकी की मिलीभगत के कारण ही विपक्षी दल कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद कृषि भूमि पर खेती करने में कामयाब रहा है। इस पूरे मामले को लेकर अब मंदिर के मुन्तजिमकार की बेटी ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया है, जो काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में एसडीएम मड़ावरा से स्थगन आदेश का उल्लंघन करने वाले विपक्षी पर कार्रवाई करने और कब्जा वापस दिलाने की गुहार लगाई गई है। फिलहाल इस मामले पर एसडीएम या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शिकायती पत्र मिलने के बाद कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई करने की सलाह दी जा सकती है।4
- ललितपुर के मड़ावरा में शनिवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नवीन गल्ला मंडी से लेकर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय तक जुलूस निकाला और "जय भीम" व "हमारी मांगें पूरी करो" जैसे नारे लगाए। इसके बाद, बीडीओ को संबोधित एक ज्ञापन सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) को सौंपा गया, जिसमें जल्द कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने कई गंभीर जनसमस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर सड़कों के निर्माण, नालियों की नियमित सफाई, विशेषकर हंसरी और गिदवाहा गांव में मुक्तिधाम की व्यवस्था करने, पात्र परिवारों के राशन कार्ड बनवाने और प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल परिसर का निर्माण कराने की मांग की गई है। साथ ही, जहां सोलर लाइट नहीं लगी हैं वहां उन्हें स्थापित करने, सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, और पात्र गरीब परिवारों को आवास, पेंशन व सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ किसानों की फसलों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित पोषाहार वितरण, मनरेगा में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क वाले गांवों में बाउंड्रीवाल व प्रतिमा स्थापित कराने की मांग भी शामिल है। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भीम आर्मी चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के तहसील अध्यक्ष सोनू चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष गोलू चौधरी, सीताराम चौधरी, संदीप, सुनील चौधरी हंसरी, नीरज, अजय, हरीशचंद, धर्मेंद्र, सोनू धुरवारा, अनीश कुमार, भागीरथ, संजय, अनिकेत, राजकुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।1
- ललितपुर जनपद के मड़ावरा में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर शनिवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नवीन गल्ला मंडी से खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय तक जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। बीडीओ कार्यालय पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने खंड विकास अधिकारी को संबोधित ज्ञापन सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) को सौंपा। इस ज्ञापन में क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समयबद्ध निराकरण नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में भीम आर्मी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे, वहीं प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।2
- ललितपुर के मड़ावरा में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर शनिवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नवीन गल्ला मंडी से लेकर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय तक जुलूस निकाला और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। बीडीओ कार्यालय पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने खंड विकास अधिकारी को संबोधित ज्ञापन सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) को सौंपा, जिसमें क्षेत्र की जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान बीडीओ कार्यालय में बड़ी संख्या में भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जनसमस्याओं का समयबद्ध निराकरण नहीं किया गया तो संगठन अपने आंदोलन को और तेज करेगा। वहीं, प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।2
- छतरपुर के घुवारा में अच्छी बारिश और उत्तम कृषि उत्पादन की कामना को लेकर जनपद पंचायत परिसर स्थित देवी मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन पूर्व विधायक कुंवर प्रद्युम्न सिंह जी लोधी द्वारा किया गया, जिसमें पूरे क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई। इस धार्मिक आयोजन के दौरान परिसर में सुंदरकांड का सामूहिक पाठ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान राम का गुणगान किया। पाठ के समापन के बाद मंगल भवन में प्रसाद वितरण और सहभोज का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने बताया कि क्षेत्र में अच्छी वर्षा होने, फसलें लहलहाने और किसानों की समृद्धि के संकल्प के साथ यह आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय और उल्लासपूर्ण रहा, जिसमें जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- ललितपुर की ग्राम पंचायत बुधनी के मजरा धुरवारा को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 'हर घर नल, जल जीवन मिशन' के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने के दौरान ठेकेदार ने सड़क को कई स्थानों पर खोद दिया और पाइप डालने के बाद उसकी मरम्मत कराए बिना ही छोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार कार्य पूरा कर भुगतान लेकर चला गया है, लेकिन सड़क आज भी क्षतिग्रस्त पड़ी है। इससे धुरवारा से बुधनी आने-जाने वाले ग्रामीणों और स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में मार्ग की स्थिति और अधिक खराब होने से लगातार दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस समस्या से परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है।1
- ललितपुर के मदनपुर थाना पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के सागर जिले के थाना रहली के अंतर्गत ग्राम नवलपुर कछरा निवासी रज्जू (उम्र करीब 20 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय गनेश के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ मदनपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था, जिसके बाद से वह लगातार पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था। थानाध्यक्ष राजपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की सरगर्मी से तलाश करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मदनपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। इस कार्रवाई पर पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह प्रभावी और कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1