लखनऊ के चारबाग में शर्मा होटल के पास स्थित रेवड़ी वाली गली (दुकान संख्या-9, लेआउट प्लान CHAR/2/99) में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की सुस्ती और भ्रष्टाचार का बड़ा मामला उजागर हुआ है। मास्टरप्लान में जिस ज़मीन को जनता के पार्क और भविष्य की सुरक्षित भूमि (L-D-A Land For Future) के तौर पर चिन्हित किया गया था, उस पर दबंगों ने कब्ज़ा जमाकर एक भव्य होटल खड़ा कर दिया है। इस कहानी का सबसे हास्यास्पद पहलू यह है कि यहाँ जिन दुकानदारों के नाम दुकानें आवंटित थीं, उनकी बहुत पहले ही मृत्यु हो चुकी है। भू-माफियाओं ने 10x10 की छोटी सी दुकान वाली जगह पर मुर्दों के नाम का सहारा लेकर एक विशालकाय महलनुमा होटल तैयार कर दिया। इस अवैध निर्माण के खिलाफ मोहम्मद शारिक जैसे जागरूक नागरिकों द्वारा 19 मई 2026 को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। पहली बार दर्ज शिकायत की फाइलों में केवल पहली मंजिल का जिक्र था, लेकिन अधिकारियों की ढीली कार्रवाई के बीच बिल्डर ने ताबड़तोड़ चार से पाँच मंजिला भारी-भरकम इमारत तान दी। जब इमारत बनकर तैयार हो गई, तब अधिकारियों ने 20 जुलाई 2026 को लाव-लश्कर के साथ पहुँचकर उस पर सील जड़ दी। हालांकि, बिल्डर ने सील लगने के कुछ ही देर बाद उसे उखाड़कर मलबे में मिला दिया और इसका लाइव वीडियो भी बाजार में सरेआम वायरल हो गया। अधिकारियों की इस कागजी सीलिंग और बयानों की नौटंकी के बीच शातिर बिल्डर इमारत को पक्की शक्ल देने में लगा है। जब तक एसी कमरों से बाहर निकलकर बुलडोजर हकीकत की जमीन पर नहीं उतरेंगे, तब तक एलडीए के पार्क सिर्फ फाइलों में ही हरे-भरे रहेंगे और धरातल पर कंक्रीट के अवैध महल खड़े होते रहेंगे।
लखनऊ के चारबाग में शर्मा होटल के पास स्थित रेवड़ी वाली गली (दुकान संख्या-9, लेआउट प्लान CHAR/2/99) में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की सुस्ती और भ्रष्टाचार का बड़ा मामला उजागर हुआ है। मास्टरप्लान में जिस ज़मीन को जनता के पार्क और भविष्य की सुरक्षित भूमि (L-D-A Land For Future) के तौर पर चिन्हित किया गया था, उस पर दबंगों ने कब्ज़ा जमाकर एक भव्य होटल खड़ा कर दिया है। इस कहानी का सबसे हास्यास्पद पहलू यह है कि यहाँ जिन दुकानदारों के नाम दुकानें आवंटित थीं, उनकी बहुत पहले ही मृत्यु हो चुकी है। भू-माफियाओं ने 10x10 की छोटी सी दुकान वाली जगह पर मुर्दों के नाम का सहारा लेकर एक विशालकाय महलनुमा होटल तैयार कर दिया। इस अवैध निर्माण के खिलाफ मोहम्मद शारिक जैसे जागरूक नागरिकों द्वारा 19 मई 2026 को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। पहली बार दर्ज शिकायत की फाइलों में केवल पहली मंजिल का जिक्र था, लेकिन अधिकारियों की ढीली कार्रवाई के बीच बिल्डर ने ताबड़तोड़ चार से पाँच मंजिला भारी-भरकम इमारत तान दी। जब इमारत बनकर तैयार हो गई, तब अधिकारियों ने 20 जुलाई 2026 को लाव-लश्कर के साथ पहुँचकर उस पर सील जड़ दी। हालांकि, बिल्डर ने सील लगने के कुछ ही देर बाद उसे उखाड़कर मलबे में मिला दिया और इसका लाइव वीडियो भी बाजार में सरेआम वायरल हो गया। अधिकारियों की इस कागजी सीलिंग और बयानों की नौटंकी के बीच शातिर बिल्डर इमारत को पक्की शक्ल देने में लगा है। जब तक एसी कमरों से बाहर निकलकर बुलडोजर हकीकत की जमीन पर नहीं उतरेंगे, तब तक एलडीए के पार्क सिर्फ फाइलों में ही हरे-भरे रहेंगे और धरातल पर कंक्रीट के अवैध महल खड़े होते रहेंगे।
- बिहार के मोतिहारी में एक प्रदर्शनकारी ने पुलिस की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारी ने सीधे पुलिस पर तंज कसते हुए पूछा, "आपके पास टियर गैस की व्यवस्था नहीं है क्या? आपके पास कुछ भी नहीं है क्या?"1
- लखनऊ के मदेयगंज थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाया जा रहा है। रामलीला ग्राउंड के पास स्थित देसी शराब के ठेके पर नियमों को ताक पर रखकर पूरी रात अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। शराब पीने के बाद नशेड़ी देर रात तक सड़कों पर ही बेसुध पड़े रहते हैं, जिससे स्थानीय राहगीरों और महिलाओं का निकलना दूभर हो गया है। खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या थाने की नाक के नीचे चल रहे इस खेल से पुलिस पूरी तरह अनजान है या फिर खाकी की मेहरबानी से यह सब बेखौफ जारी है।1
- लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र में सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े किए जा रहे वाहनों की वजह से आए दिन भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। व्यस्त समय में मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों, मरीजों और राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क के दोनों ओर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण मार्ग काफी संकरा हो जाता है, जिससे यातायात बार-बार बाधित होता है। लंबे समय से जारी अवैध पार्किंग की इस समस्या पर कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और ट्रैफिक विभाग से मांग की है कि वजीरगंज क्षेत्र में नियमित व विशेष अभियान चलाकर अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।1
- सुप्रीम कोर्ट ने पेपर लीक जांच की रिपोर्ट मांगी है, वहीं सुरक्षा उपायों के तहत नई दिल्ली समेत 18 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार कॉकरोच पार्टी और सरकार के बीच बैठक भी हुई है। दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने का कारण सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था बनाए रखना या बड़े राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन होते हैं। दिल्ली पुलिस के निर्देश पर सुरक्षा कारणों से समय-समय पर चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों को बंद किया जाता है और इसका पेपर लीक मामले की अदालती कार्रवाई से कोई सीधा जुड़ाव नहीं है।1
- लखनऊ के नगर निगम जोन-7 के अंतर्गत इंदिरा नगर स्थित मैथिलीशरण गुप्त वार्ड के बी-ब्लॉक, सी-ब्लॉक समेत कई स्थानों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि कई दिनों से समय पर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है, जिससे इलाके में गंदगी फैल रही है और तेज दुर्गंध के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। सरकारी दावों और जमीनी हकीकत पर सवाल उठाते हुए स्थानीय नागरिकों ने पूछा है कि क्या संबंधित अधिकारी और जिम्मेदार कर्मचारी क्षेत्र का नियमित निरीक्षण नहीं करते? एक ओर सरकार स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर गली-मोहल्लों में फैली गंदगी पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाकर कूड़ा हटाने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और जिम्मेदार अधिकारियों से क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- लखनऊ के विभूतिखंड क्षेत्र स्थित सम्मिट बिल्डिंग के सामने शुक्रवार को विभूतिखंड पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सख्त चेकिंग अभियान चलाया। सड़क पर अवैध रूप से खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए क्रेन की मदद से कई वाहनों को उठाकर हटाया गया। लंबे समय से सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से गाड़ियां खड़ी करने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था, जिस पर प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। जैसे ही लोगों ने क्रेन को आते देखा, अपनी-अपनी गाड़ियां वहां से हटाने के लिए अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। विभूतिखंड पुलिस यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। पुलिस के अनुसार, पिछले लगभग एक महीने के भीतर 100 से अधिक वाहनों को सीज किया जा चुका है। यह चेकिंग अभियान डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के दिशा-निर्देशों पर चलाया गया। इस दौरान इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह, सम्मिट बिल्डिंग चौकी प्रभारी, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की टीम संयुक्त रूप से कार्रवाई करती नजर आई। पुलिस ने साफ कर दिया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन हुई चोरी की वारदातों से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। चोरों ने अलग-अलग स्थानों पर लाखों रुपये के जेवरात और मोबाइल फोन पर हाथ साफ कर दिया। इसके अलावा बीती रात चोर 13 बकरियां भी चोरी कर फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी नाराजगी है। पीड़ितों ने चोरों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी का खुलासा करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में रात की गश्त प्रभावी नहीं है और काकोरी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चोरों को पकड़ने में नाकाम पुलिस की ढिलाई को लेकर क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि "काकोरी पुलिस गश्त में पस्त, चोर चोरी में मस्त।" फिलहाल पुलिस घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। चोरों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है और मामले की जांच जारी है।1