रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के टिकरान गांव में रविवार देर रात नशे की हालत में पिता और पुत्र के बीच हुए विवाद ने एक दुखद मोड़ ले लिया, जहाँ पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे परिवार में गहरा कोहराम मच गया है और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए मृतक के पुत्र को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवाद के दौरान पुत्र द्वारा पिता की कथित रूप से पिटाई किए जाने की बात सामने आ रही है, हालाँकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस विभिन्न पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है।
रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के टिकरान गांव में रविवार देर रात नशे की हालत में पिता और पुत्र के बीच हुए विवाद ने एक दुखद मोड़ ले लिया, जहाँ पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे परिवार में गहरा कोहराम मच गया है और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए मृतक के पुत्र को हिरासत
में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवाद के दौरान पुत्र द्वारा पिता की कथित रूप से पिटाई किए जाने की बात सामने आ रही है, हालाँकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस विभिन्न पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है।
- सुलतानपुर में एक वायरल खबर के संबंध में जिलाधिकारी महोदय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। यह खबर तहसील लम्भुआ के अंतर्गत झाड़ियों में पुराने प्रपत्र फेंके जाने से जुड़ी थी। जिलाधिकारी महोदय ने इस वायरल खबर के संबंध में एक 'बाइट' जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।1
- लखनऊ के पारा कोतवाली क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने से नाराज स्थानीय निवासियों ने बुद्धेश्वर क्षेत्र में आलमनगर मेन रोड को जाम कर दिया, विशेषकर एएलवाई मैनपुरिया स्कूल के पास। बिजली न मिलने के कारण क्षेत्र निवासियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और मौके पर पारा पुलिस भी मौजूद रही। हैरानी की बात यह है कि पुलिस भी भ्रष्ट बिजली से संबंधित अधिकारियों के पक्ष में है, इसीलिए क्षेत्र के निवासियों...1
- जनपद प्रतापगढ़ के ग्राम राजमतीपुर स्थित सांगीपुर थाने में एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में थानाध्यक्ष गौरव त्रिवेदी ने उपस्थित लगभग 200 व्यक्तियों को साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने विशेष रूप से विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों जैसे APK फाइल स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, फेक लोन, ऑनलाइन लॉटरी और फर्जी शॉपिंग वेबसाइट आदि के बारे में बैनर और पोस्टर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इस रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा के साथ-साथ मिशन शक्ति के प्रति भी समुदाय में जागरूकता बढ़ाना था।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी में योगाभ्यास किया। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी में योग करते हुए दिखाई दिए।1
- अमेठी में रविवार को केपीएस विद्यालय परिसर में वित्तविहीन प्रबंधक फाउंडेशन की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 23 जून को संगठन के स्थापना दिवस और प्रांतीय सम्मेलन के आयोजन की कार्य योजना तैयार करना था। यह प्रांतीय सम्मेलन स्थानीय अमेठी कस्बे के नरेंद्र गार्डन में आयोजित किया जाएगा। संगठन के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में महिला कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष कमलावती सिंह मुख्य अतिथि होंगी। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधक हिस्सा लेंगे, जहाँ उन्हें विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए नई दिशा प्रदान की जाएगी। जिलाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि यह सम्मेलन वित्तविहीन विद्यालयों की समस्याओं और शैक्षिक सुधारों पर मंथन का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। बैठक के दौरान, राघवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रांतीय सम्मेलन की तैयारियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसमें मुख्य अतिथि और प्रदेश भर से आने वाले पदाधिकारियों के रुकने तथा सम्मेलन स्थल तक पहुँचने की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। महिला प्रबंधकों को सम्मेलन स्थल तक लाने की जिम्मेदारी ममता मिश्रा को सौंपी गई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में सुनील मिश्रा, आशीष सिंह सहित दर्जनों प्रबंधक उपस्थित रहे। जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने सभी पदाधिकारियों से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की।1
- अमेठी कोतवाली पुलिस ने 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' अभियान के तहत तीन शातिर बाइक चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चोरी की तीन मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। पुलिस संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु और वाहन की चेकिंग कर रही थी, तभी मोटरसाइकिल सवार तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान सचिन पुत्र कल्पनाथ (निवासी ग्राम नोहरेपुर, थाना मुंशीगंज), शिवा पुत्र पिन्टू (निवासी ग्राम स्वयंवर सिंह का पुरवा मजरे जंगल रामनगर, थाना कोतवाली अमेठी) और साहिल पुत्र उदयराज (निवासी ग्राम नोहरेपुर, थाना मुंशीगंज जनपद अमेठी) के रूप में हुई है। पुलिस ने जब स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल संख्या यूपी 36 एच 0133 के कागजात मांगे तो अभियुक्त प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह मोटरसाइकिल लगभग 25 दिन पहले पनियार नहर थानाक्षेत्र मुंशीगंज के पास से चुराई गई थी। अभियुक्तों ने यह भी बताया कि उन्होंने मिलकर दो अन्य मोटरसाइकिलें चोरी कर दुर्गापुर रोड पर हेलीपैड के पास छिपा रखी हैं। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने हेलीपैड के पास से एक सुपर स्प्लेंडर (बिना नंबर प्लेट) और एक स्प्लेंडर प्लस (बिना नंबर प्लेट) बरामद की। अभियुक्तों ने बताया कि सुपर स्प्लेंडर को प्लाजा मैरिज लॉन कस्बा अमेठी से और स्प्लेंडर प्लस को थानाक्षेत्र जगदीशपुर से चोरी कर उनकी नंबर प्लेटें निकालकर फेंक दी थीं। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में थाना अमेठी पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- रायबरेली जनपद के विकासखंड सरेनी क्षेत्र की ग्राम सभा भोजपुर में विकास के बड़े-बड़े दावों और जमीनी हकीकत के बीच गहरा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। गांव की दलित बस्ती पिछले लगभग पाँच वर्षों से टूटी नालियों, गंदगी और जर्जर रास्तों की विकट समस्या से जूझ रही है, जो स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण सड़क विकास के सरकारी दावों की पोल खोलती है। जानकारी के अनुसार, भल्लर के दरवाजे से लेकर रामसहाय, श्यामलाल, शीतल दीन और जीतू के घरों तक जाने वाला मार्ग करीब पाँच वर्षों से बदहाल स्थिति में है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने कई बार प्रधान, संबंधित अधिकारियों और उच्च स्तर तक शिकायतें की हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2022 में केवल कुछ स्थानों पर नालियों का सीमित निर्माण कराया गया था, जबकि दलित बस्ती के कई घरों के सामने आज भी नालियां टूटी पड़ी हैं। नियमित सफाई व्यवस्था के अभाव में लोग अपने घरों के सामने की नालियां खुद साफ करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब कीचड़ और गंदे पानी के कारण लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो जाता है। इस गंभीर स्थिति पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब गांवों के विकास और स्वच्छता पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जाते हैं, तो फिर ये योजनाएं इस दलित बस्ती तक क्यों नहीं पहुंच पा रही हैं? क्या जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी सिर्फ कागजों पर विकास दिखाकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेंगे? इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी रायबरेली से हुई बातचीत में उन्होंने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब ग्रामीणों की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि उन्हें कब तक गंदगी और बदहाल रास्तों से मुक्ति मिलेगी और उनके गांव में भी विकास की किरण कब पहुंचेगी।2
- कौशांबी में एक पीड़ित पिता ने भरवारी पुलिस चौकी पर पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित का आरोप है कि उनकी बेटी 11 दिन से लापता है, लेकिन भरवारी चौकी इंचार्ज और कोखराज थाना इंचार्ज उसे खोजने में असमर्थ दिख रहे हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि पुलिसकर्मी थाने और चौकी में बैठे रहते हैं, जबकि उन्हें अपनी लापता बेटी को ढूंढने के लिए अलग-अलग स्टेशनों पर भटकने को कहा जा रहा है। परिवार का कहना है कि 11 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है और वे अपनी बेटी की तलाश में खुद जुटे हुए हैं, रो-रोकर उनका बुरा हाल है। पिता ने आरोप लगाया है कि बेटी के लापता होने की तुरंत सूचना भरवारी पुलिस चौकी पर दी गई थी, लेकिन चौकी इंचार्ज और थाना इंचार्ज ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने न तो सीसीटीवी फुटेज खंगाले, न ही आसपास पूछताछ की और न ही कोई टीम बनाई, बल्कि पीड़ित को ही इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से, खासकर कौशांबी के एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से, मामले की निष्पक्ष जांच करने और बेटी को तुरंत बरामद करने की गुहार लगाई है। उन्होंने लापरवाह पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की भी मांग की है। इस मामले में अभी तक पुलिस प्रशासन का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कानून के अनुसार, लापता नाबालिग या महिला की सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज कर 24 घंटे के भीतर जांच शुरू करना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इस मामले में 11 दिन की महत्वपूर्ण अवधि बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।1
- लखनऊ में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विभूतिखंड स्थित पिकअप भवन पर हुआ, जहाँ ग्राम पंचायत अधिकारी और जूनियर असिस्टेंट भर्ती के साथ-साथ विभिन्न अन्य लंबित भर्तियों के अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर एकत्रित हुए। अलग-अलग जिलों से सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। उनकी मुख्य शिकायत यह थी कि तीन साल बीत जाने के बाद भी उनकी भर्तियों के परिणाम जारी नहीं किए गए हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग से मांग की कि वे लंबित भर्तियों का परिणाम जल्द से जल्द घोषित करें और नियुक्ति प्रक्रिया को एक समयबद्ध तरीके से पूरा करें।1