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नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहना चाहते हैं। उन्होंने यह बात इसलिए कही है ताकि वे 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा संसद तक निकाले जाने वाले मार्च में शामिल हो सकें, जो इसी दिन आयोजित होना है। दूसरी ओर, लगातार अनशन के कारण सोनम वांगचुक की सेहत नाजुक होती जा रही है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि शरीर का वजन तेजी से घटने के कारण उनके अंगों (ऑर्गन) के फेल होने का खतरा काफी बढ़ गया है।
आशीष कुमार मिश्रा
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहना चाहते हैं। उन्होंने यह बात इसलिए कही है ताकि वे 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा संसद तक निकाले जाने वाले मार्च में शामिल हो सकें, जो इसी दिन आयोजित होना है। दूसरी ओर, लगातार अनशन के कारण सोनम वांगचुक की सेहत नाजुक होती जा रही है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि शरीर का वजन तेजी से घटने के कारण उनके अंगों (ऑर्गन) के फेल होने का खतरा काफी बढ़ गया है।
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद के एकलव्य स्टेडियम में लगभग ₹14,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जींद की पवित्र धरती पर आकर उनका मन गद्गद हो गया है। उन्होंने जींद को इतिहास, वीरता, धर्म और गौरव की भूमि बताते हुए अटूट विश्वास जताया कि इस नगर पर शक्तिपीठ माता जयंती देवी का आशीर्वाद सदैव बना रहेगा। प्रधानमंत्री ने जींद के साथ अपने व्यक्तिगत जुड़ाव को साझा करते हुए कहा कि यहाँ आना उनके लिए पुरानी यादों का झरोखा खोलने जैसा है। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि संगठन के कार्य के दौरान कई दशक पहले वे पहली बार जींद आए थे। यहाँ के लोगों से उन्हें जो अपनत्व और स्नेह मिला था, उसे वे आज भी नहीं भूले हैं।1
- लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मड़ियांव के दाऊद नगर, मामा कॉलोनी में आज भी सड़क न होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद यहाँ भयंकर जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाई होती है और स्थानीय निवासियों का दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग किए जाने के बावजूद आज तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। यदि राजधानी के मड़ियांव क्षेत्र में ही विकास का यह हाल है, तो दूरदराज़ के ग्रामीण इलाकों की बदहाली का सहज ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि वे इस गंभीर समस्या का शीघ्र संज्ञान लेकर यहाँ सड़क निर्माण एवं जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।1
- जब से तुम्हें देखा है, दिल पूरी तरह से मदहोश हो गया है और अब इस ज़माने की कोई फ़िक्र नहीं बची है, क्योंकि तुम ही एकमात्र मंज़िल बन गए हो। बिना कुछ पिए ही तुम्हारी मोहब्बत का यह खुमार इस कदर चढ़ चुका है कि तुम्हारी हर एक अदा पर बार-बार बेइंतहा प्यार आ रहा है। निगाहों के इस गहरे नशे और इश्क़ के जादू ने दिल को पूरी तरह अपने काबू में कर लिया है।1