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नालंदा में महिला से दरिंदगी की कोशिश, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
BHOLA KUMAR
नालंदा में महिला से दरिंदगी की कोशिश, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
- Md sadruddin md Sadruddinगोराडीह, भागलपुर, बिहारhindustan me sirf musalman ke liye kanun hai Baki sabhi jati ko chhot hai kuchh kare us ko koi nahi kuchh kar sakte hai ye pure bharat desh ka hal bipakchh nahi hona chahiye nahi to bo pad bhi dega to bam marne ka ilzam lagaya jayega aur BJP pati me samil hojayega to un ke liye sab kuchh hai ye dogla rajniti5 hrs ago
- User4783Sultanganj, Bhagalpur🙏1 hr ago
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- मिड-डे मील बना ‘जहर’! स्कूल का खाना खाते ही 15 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मचा हड़कंप "मासूमों की जान से खिलवाड़: खट्टा छोला खाने से 15 बच्चे बीमार भागलपुर शहर के हबीबपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहजंगी गंगोटा मैदान स्थित प्राथमिक विद्यालय में आज उस वक्त कोहराम मच गया, जब मिड-डे मील (MDM) खाने के बाद एक साथ 15 बच्चों की तबीयत खराब हो गई। बच्चों को आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने शिक्षा विभाग और भोजन आपूर्ति करने वाली संस्था की भारी लापरवाही को उजागर कर दिया है। अस्पताल में भर्ती बच्चों ने बताया कि आज स्कूल में खाने के लिए छोले-चावल दिए गए थे। बच्चों के मुताबिक, छोले का स्वाद बहुत अजीब और खट्टा था। मासूमों को अंदाजा नहीं था कि यह खाना उनके लिए मुसीबत बन जाएगा। भूख के कारण बच्चों ने खाना तो खा लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें तेज पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने लगे। देखते ही देखते एक-एक कर 15 बच्चों की हालत नाजुक हो गई। घटना की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब बच्चों को तड़पती हालत में अस्पताल लाया गया, तो वहां स्कूल का कोई भी शिक्षक या प्रधानाचार्य मौजूद नहीं था। बच्चों को बेसहारा देख परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। सूचना मिलते ही हबीबपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए बच्चों के बेहतर इलाज में जुट गई। जानकारी के अनुसार, जिले के स्कूलों में आज से ही एक एनजीओ (NGO) के माध्यम से मिड-डे मील वितरण की नई शुरुआत की गई थी। हालांकि यह खाना अन्य स्कूलों में भी भेजा गया था, लेकिन शाहजंगी विद्यालय में ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने से भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या भोजन बासी था या उसे बनाने में लापरवाही बरती गई। जिला शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे और यदि एनजीओ या स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई चूक पाई जाती है, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
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