फर्रुखाबाद में संकिसा बौद्ध तीर्थ स्थल को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज़ हो गई है। स्थानीय लोगों और बौद्ध अनुयायियों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि विकास परियोजनाओं के दौरान संकिसा की अंतरराष्ट्रीय पहचान का जिक्र तो करते हैं, लेकिन जब बौद्ध समाज अपने धार्मिक अधिकारों और सम्मान की बात करता है, तो उनकी आवाज़ अनसुनी कर दी जाती है। हाल ही में, एक सांसद द्वारा लिखे गए पत्र में संकिसा को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बौद्ध तीर्थ स्थल बताया गया था, जिसमें यहां आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं का उल्लेख किया गया और बाबा नीम करौरी धाम का नाम भी जोड़ा गया, ताकि क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन और विकास को बढ़ावा मिल सके। हालांकि, इस पर स्थानीय बौद्ध समाज और सामाजिक संगठनों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से संकिसा के प्राचीन बौद्ध स्तूप पर पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियों को लेकर संघर्ष जारी है, जहां प्रशासनिक प्रतिबंधों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को अक्सर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब स्थानीय बौद्ध समुदाय अपने धार्मिक अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की मांग करता है, तो जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई देती। लेकिन जब बड़े विकास प्रोजेक्ट्स या वीआईपी सुविधाओं की बात आती है, तो संकिसा की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को प्रमुखता से सामने रखा जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी विकास योजना से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि संकिसा की मूल पहचान, बौद्ध विरासत और स्थानीय समाज के अधिकारों का सम्मान हो। उनके अनुसार, वास्तविक विकास वही होगा, जिसमें विरासत संरक्षण, धार्मिक स्वतंत्रता और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्राथमिकता मिले। इस मुद्दे ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास के साथ-साथ उनसे जुड़े समुदायों की भावनाओं और अधिकारों को कितना महत्व दिया जा रहा है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें केवल कागजी घोषणाएं नहीं, बल्कि संकिसा की विरासत और स्थानीय समाज के सम्मान की वास्तविक गारंटी चाहिए।
फर्रुखाबाद में संकिसा बौद्ध तीर्थ स्थल को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज़ हो गई है। स्थानीय लोगों और बौद्ध अनुयायियों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि विकास परियोजनाओं के दौरान संकिसा की अंतरराष्ट्रीय पहचान का जिक्र तो करते हैं, लेकिन जब बौद्ध समाज अपने धार्मिक अधिकारों और सम्मान की बात करता है, तो उनकी आवाज़ अनसुनी कर दी जाती है। हाल ही में, एक सांसद द्वारा लिखे गए पत्र में संकिसा को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बौद्ध तीर्थ स्थल बताया गया था, जिसमें यहां आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं का उल्लेख किया गया और बाबा नीम करौरी धाम का नाम भी जोड़ा गया, ताकि क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन और विकास को बढ़ावा मिल सके। हालांकि, इस पर स्थानीय बौद्ध समाज और सामाजिक संगठनों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से संकिसा के प्राचीन बौद्ध स्तूप पर पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियों को लेकर संघर्ष जारी है, जहां प्रशासनिक प्रतिबंधों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को अक्सर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब स्थानीय बौद्ध समुदाय अपने धार्मिक अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की मांग करता है, तो जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई देती। लेकिन जब बड़े विकास प्रोजेक्ट्स या वीआईपी सुविधाओं की बात आती है, तो संकिसा की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को प्रमुखता से सामने रखा जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी विकास योजना से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि संकिसा की मूल पहचान, बौद्ध विरासत और स्थानीय समाज के अधिकारों का सम्मान हो। उनके अनुसार, वास्तविक विकास वही होगा, जिसमें विरासत संरक्षण, धार्मिक स्वतंत्रता और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्राथमिकता मिले। इस मुद्दे ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास के साथ-साथ उनसे जुड़े समुदायों की भावनाओं और अधिकारों को कितना महत्व दिया जा रहा है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें केवल कागजी घोषणाएं नहीं, बल्कि संकिसा की विरासत और स्थानीय समाज के सम्मान की वास्तविक गारंटी चाहिए।
- गाजीपुर जनपद के जमानिया थाना पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 29 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर गंगा पुल तिराहा से हुई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त का नाम इमरान शाह है, जो जहांगीर का पुत्र और मुहल्ला बुद्धीपुर कोट, कस्बा जमानिया, थाना जमानिया का निवासी है। उसकी उम्र लगभग 30 वर्ष बताई गई है। इमरान शाह मुकदमा अपराध संख्या 165/2026, धारा 85 एवं 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत लंबे समय से वांछित था। गिरफ्तारी के बाद, उसके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है, और पुलिस टीम द्वारा आगे की जांच तथा पूछताछ जारी है।1
- मऊ क्रांति न्यूज के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है, जिससे अपराधियों में खौफ का माहौल बन गया है। इस खबर को पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी ने प्रस्तुत किया है, जिनका उल्लेख प्रचार मंत्री, उत्तर प्रदेश के रूप में भी किया गया है। मऊ क्रांति न्यूज खुद को जनता की आवाज़ का सफर और सच के साथ खड़ा होने वाला मंच बताता है, जहाँ हर खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है। पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनकी कलम वही सच लिखती है जो जनता की आवाज़ है, और यही उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माफिया चाहे कितना भी मजबूत हो जाए, सच्ची पत्रकारिता की हमेशा जीत होती है। यह मंच अपने दर्शकों को मऊ क्रांति न्यूज के साथ बने रहने का आह्वान करता है, जहाँ वे सच की आवाज़ को जनता के विश्वास के साथ प्रस्तुत करने का दावा करते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के धानापुर सकलडीहा से युवा नेता राजकुमार सनातनी ने अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।1
- सकलडीहा में कुंदन राज कपूर ने स्थानीय जनता की समस्याओं का निदान किया।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कथित किल्लत को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर कालाबाजारी में मिले होने का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे 'लापता गैस' का नाम दिया। मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि किसी 'योगी' से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह झूठ बोलें, और जो लोग 'विश्व गुरु' बनने का दावा करते थे, उन्होंने आज देश की आम जनता को लाइनों में लाकर खड़ा कर दिया है। अखिलेश यादव ने जनता की परेशानियों को उजागर करते हुए कहा कि नोटबंदी, कोविड महामारी और ऑक्सीजन की किल्लत जैसी पिछली समस्याओं के बाद अब आम लोग एलपीजी के लिए लंबी लाइनों में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने नोएडा की एक तस्वीर का हवाला देते हुए बताया कि एक माँ सुबह 4 बजे से लाइन में खड़ी है और अपने बच्चों को खाना भी नहीं खिला पा रही है। उन्होंने सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब पहले यह आश्वासन दिया गया था कि किसी चीज की कोई कमी नहीं है, तो अब गैस सिलेंडर उपलब्ध क्यों नहीं कराए जा रहे हैं, और इसके पीछे का असली कारण क्या है। अखिलेश ने सीधे आरोप लगाया कि सरकार को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय अपनी कमियों को देखना चाहिए, क्योंकि कालाबाजारी सरकार और उसमें मिले हुए लोग ही कर रहे हैं। सपा प्रमुख ने अपने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि जहां भी गैस सिलेंडरों के लिए लाइनें लगी हों, वहां की तस्वीरें और वीडियो खींचकर पार्टी कार्यालय भेजें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि "कम से कम सरकार को यह तो पता चले कि लाइनें कहां लगी हैं," क्योंकि उनका मानना है कि कई मीडियाकर्मी इन लाइनों को दिखाने में झिझकते हैं। इस प्रकार, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सीधे पार्टी कार्यालय को इन लाइनों की तस्वीरें भेजकर 'लापता गैस' के मुद्दे को उजागर करेंगे, जिसके लिए जनता को आज भी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है।1
- चंदौली जिले के सकलडीहा क्षेत्र के बरठीं गांव में बिजली के तार बेहद नीचे झूल रहे हैं, जो लोगों के सिर से भी थोड़ा ही ऊपर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इन तारों से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की प्रबल संभावना है। ग्रामीणों ने इस संबंध में विभाग से कई बार शिकायत भी की है और इन तारों को ऊपर करवाने या हटवाने का अनुरोध किया है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। गांव के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और उचित कदम उठाने की अपील की है।1
- मऊ के जिलाधिकारी (डीएम) ने एक अपील की है, जिसे लोगों से विशेष रूप से आग्रह किया गया है कि वे एक बार ज़रूर देखें और सुनें।1
- शादियाबाद थाना क्षेत्र के प्रधान मोड़ पर स्थित महादेव हीरो एजेंसी के गोदाम में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जिससे भारी क्षति होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इस घटना में गोदाम में खड़ी कई गाड़ियां जलकर राख हो गईं। एजेंसी के मालिक आंचल मिश्रा ने बताया कि गोदाम में बहुत सारी गाड़ियां मौजूद थीं। वे रोज की तरह गोदाम बंद करके अपने घर सादात चले गए थे, जो शादियाबाद से 8 किलोमीटर दूर है। देर रात उनके मैनेजर ने उन्हें गोदाम से धुआं निकलने की सूचना दी, जिसके बाद वे तुरंत मौके पर पहुंचे और देखा कि गोदाम के अंदर से भारी मात्रा में धुआं निकल रहा था। मिश्रा ने तत्काल 112 पर इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची 112 की टीम ने थाना प्रभारी पवन उपाध्याय शादियाबाद और फायर ब्रिगेड को घटना से अवगत कराया। शादियाबाद के एसएचओ पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। काफी मशक्कत के बाद देर रात्रि आग पर काबू पाया जा सका।4