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मुड़ह बहाल कच्चे अध्यापक यूनियन ने दिड़बा के बाज़ार में रोष प्रदर्शन किया।
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਕੋਹਲੀ
मुड़ह बहाल कच्चे अध्यापक यूनियन ने दिड़बा के बाज़ार में रोष प्रदर्शन किया।
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- भेरुंदा नगर में विश्वकर्मा युवा वाहिनी चैरिटेबल ट्रस्ट के चौथे स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की व्यवस्था ट्रस्ट के संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष दीपक विश्वकर्मा और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती माधवी विश्वकर्मा द्वारा की गई थी।1
- मध्य प्रदेश के गाडरवारा में एक डंपर ने युवक को कुचल दिया। इस घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल धरने पर बैठ गई हैं।1
- रमन रेती को ब्रजभूमि (गोकुल, मथुरा) के अत्यंत पवित्र, शांत और अनूठे धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। यह स्थान सीधे भगवान श्रीकृष्ण के बचपन की अठखेलियों और उनकी बाल-लीलाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में इंसान और जानवर के अटूट प्रेम की एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ अपने मालिक की मृत्यु के बाद एक वफादार बछड़ा रस्सी तुड़ाकर श्मशान घाट पहुँच गया और अंतिम संस्कार की रस्मों में एक पुत्र की तरह शामिल हुआ। इस मार्मिक दृश्य को देख वहाँ मौजूद सभी लोगों की आँखें नम हो गईं। यह घटना चौपारण प्रखंड के चैथी गांव की है, जहाँ निवासी मेवालाल ठाकुर का हाल ही में निधन हो गया था। मेवालाल नि:संतान थे और अपने पशुओं से बच्चों जैसा प्यार करते थे। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने करीब तीन महीने पहले अपने एक बछड़े को दूसरे गांव के एक व्यक्ति को बेच दिया था। मेवालाल की अंतिम यात्रा जैसे ही श्मशान घाट पहुँची, वह बछड़ा, जिसे तीन महीने पहले बेचा गया था, अचानक वहाँ आ गया। बताया जा रहा है कि बछड़ा खूंटे से अपनी रस्सी तुड़ाकर सीधे श्मशान घाट तक पहुँचा। शुरुआत में उपस्थित लोगों ने उसे आवारा पशु समझकर भगाने का प्रयास किया, लेकिन बछड़ा बार-बार शव के पास आने लगा। जब लोगों ने बछड़े को शव के पास जाने दिया, तो उसने मृतक के चेहरे को चूमा और जोर-जोर से रंभाने (रोने) लगा। ग्रामीणों ने बताया कि बछड़े ने न केवल अर्थी की परिक्रमा की, बल्कि मुखाग्नि के समय भी वह चिता के पास अडिग खड़ा रहा। जब तक पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन नहीं हो गया, वह बेजुबान वहीं मौजूद रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मेवालाल ठाकुर के निस्वार्थ प्रेम का ही नतीजा है कि एक पशु तीन महीने बाद भी अपने मालिक को नहीं भूला और उन्हें अंतिम विदाई देने सही समय पर पहुँच गया।1
- नर्मदा नदी में दो युवक डूब गए थे, जिसके बाद स्थानीय नाविकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें सकुशल बाहर निकाला। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- आज शाम विदिशा की सड़कों पर बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और पुरुष हाथों में कैंडल लेकर मौन जुलूस के साथ गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष पहुंचे। यह मार्च रीवा में बीते दिनों हुए एक एक्सीडेंट में सत्य अहिंसा के पुजारी जैन साध्वियों के हताहत होने के विरोध में आयोजित किया गया था, जिससे समाजजन आहत हैं। इस कैंडल मार्च के माध्यम से समाज ने रीवा की घटना के लिए न्याय की मांग की है और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है। इसी क्रम में, यह भी बताया गया कि कल पूरे भारत देश में अधिकांश जगहों पर पुनः मौन जुलूस निकाले जाएंगे, जिसमें संतों की सुरक्षा की मांग उठाई जाएगी।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्थित बरमान घाट पर पिछले 12 दिनों के भीतर यह छठवां हादसा है। स्काई इंडिया टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, रेत घाट पर नर्मदा नदी में नहाने आए एक युवक को डूबते समय नाविकों ने बचा लिया। यह घटना बरमान घाट पर हुई, जहाँ ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के बरमान घाट पर नर्मदा नदी में नहाने आए एक युवक को डूबने से नाविकों ने बचा लिया। यह पिछले 12 दिनों में छठवीं घटना है, जहाँ अचानक बढ़ती गहराई के कारण पहले ही दो युवकों की जान जा चुकी है। लगातार हादसों के बावजूद प्रशासन की लापरवाही जारी है और लोग भी सतर्कता नहीं बरत रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत, नरसिंहपुर जिले की संवेदनशील कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह और जिला सीईओ गजेंद्र सिंह नागेश ने आदिवासी ग्राम पंचायत ढिलवार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नरवर शाह डेलन शाह जी के स्मारक से शुरू होकर पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने जल संवर्धन के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नदी, तालाब, कुएं और बावड़ी सहित सभी जल स्रोतों में पानी का संरक्षण कैसे किया जाए, इस पर मध्य प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि आज तेंदूखेड़ा तहसील के अंतर्गत ढिलवार ग्राम में बने तालाबों का भी निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि इस क्षेत्र में पानी का वाटर लेवल अक्सर नीचे चला जाता है, जिसके समाधान के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। श्रीमती रजनी सिंह पूरे जिले में जल संवर्धन और संरक्षण की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी कर रही हैं।1