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सारनी थर्मल पावर प्लांट: 133 क्यूबिक मीटर कंक्रीट पोरिंग के साथ रखी गई बीटीजी फाउंडेशन की मजबूत नींव सारनी/ मध्यप्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सारनी में निर्माणाधीन 660 मेगावाट (MW) की नई सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना ने निर्माण कार्य का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक मील का पत्थर (Milestone) हासिल कर लिया है। कंपनी के प्रबंध संचालक के कुशल मार्गदर्शन और रणनीतिक दिशा-निर्देशों के तहत परियोजना के सबसे मुख्य हिस्से—बीटीजी (बॉयलर, टरबाइन और जनरेटर - BTG) क्षेत्र—के आरसीसी (RCC) राफ्ट फाउंडेशन में 133 क्यूबिक मीटर (Cubic Meter) के पहले कंक्रीट पोर (1st Concrete Pour in Raft) का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। इस बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी अवसर पर मुख्य अभियंता श्री सुशील लिल्लोरे, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ श्री एस. एन. सिंह, अधीक्षण अभियंता (सिविल) श्री अभय गुमास्ता और अधीक्षण अभियंता श्री उल्हास देशमुख की गरिमामयी उपस्थिति में इस कार्य का श्रीगणेश किया गया। यह पूरा निर्माण कार्य देश की प्रतिष्ठित ईपीसी (EPC) ठेकेदार कंपनी मैसर्स भेल (M/s BHEL) द्वारा तकनीकी मापदंडों के अनुसार किया जा रहा है। क्यों सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है बीटीजी (BTG) एरिया का आरसीसी राफ्ट कंक्रीट? - थर्मल पावर प्लांट के निर्माण में बीटीजी (BTG) एरिया को प्लांट का दिल और दिमाग माना जाता है, क्योंकि यहीं पर मुख्य बिजली उत्पादन उपकरण (बॉयलर, टरबाइन और जनरेटर) स्थापित होते हैं। इन गगनचुंबी और अत्यधिक वजनी मशीनों को संभालने के लिए सामान्य फाउंडेशन के बजाय एक विशालकाय आरसीसी राफ्ट (Raft Foundation) तैयार किया जाता है। इसमें भारी स्टील रीइन्फोर्समेंट (लोहे के मोटे सरिए के जाल) के साथ उच्च श्रेणी के कंक्रीट का बड़े पैमाने पर मिश्रण किया जाता है। 133 क्यूबिक मीटर का यह कंक्रीट पोर इसी मजबूत फाउंडेशन की मुख्य शुरुआत है। चूंकि चालू होने के बाद इन उपकरणों में अत्यधिक कंपन (Vibration) और उच्च तापमान होता है, इसलिए इस राफ्ट फाउंडेशन को बेहद कड़े मापदंडों के साथ चट्टान से भी ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनाया जा रहा है। परियोजना स्थल पर मौजूद मुख्य अभियंता श्री सुशील लिल्लोरे ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को सर्वोपरि बताया। अधीक्षण अभियंता (सिविल) श्री अभय गुमास्ता ने सिविल इंजीनियरिंग के कड़े मानकों और मैसर्स भेल (BHEL) के समन्वय की जानकारी दी। तकनीकी विशेषज्ञ श्री एस. एन. सिंह ने राफ्ट कंक्रीटिंग की जटिल बारीकियों पर प्रकाश डाला, जबकि अधीक्षण अभियंता श्री उल्हास देशमुख ने पूरी साइट की सुरक्षा व्यवस्था और टाइमलाइन की निगरानी की। राफ्ट कंक्रीट पोरिंग के शुभारंभ के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल (Safety Protocols) का विशेष ध्यान रखा गया। मुख्य अभियंता और विशेषज्ञों की देखरेख में कंक्रीट की मिक्सिंग, इसकी ग्रेडिंग, स्टील बाइंडिंग और तापमान नियंत्रण की पूरी प्रक्रिया की आधुनिक लैब टेस्टिंग की गई। ऑटोमैटिक सिस्टम और अत्याधुनिक ट्रांजिट मिक्सर मशीनों के जरिए इसकी सख्त निगरानी की जा रही है, ताकि भविष्य में प्लांट की नींव में रत्ती भर भी कोई कमी न रहे।

3 hrs ago
user_संदीप तायड़े
संदीप तायड़े
Local News Reporter घोड़ा डोंगरी, बैतूल, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago
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सारनी थर्मल पावर प्लांट: 133 क्यूबिक मीटर कंक्रीट पोरिंग के साथ रखी गई बीटीजी फाउंडेशन की मजबूत नींव सारनी/ मध्यप्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सारनी में निर्माणाधीन 660 मेगावाट (MW) की नई सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना ने निर्माण कार्य का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक मील का पत्थर (Milestone) हासिल कर लिया है। कंपनी के प्रबंध संचालक के कुशल मार्गदर्शन और रणनीतिक दिशा-निर्देशों के तहत परियोजना के सबसे मुख्य हिस्से—बीटीजी (बॉयलर, टरबाइन और जनरेटर - BTG) क्षेत्र—के आरसीसी (RCC) राफ्ट फाउंडेशन में 133 क्यूबिक मीटर (Cubic Meter) के पहले कंक्रीट पोर (1st Concrete Pour in Raft) का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। इस बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी अवसर पर मुख्य अभियंता श्री सुशील लिल्लोरे, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ श्री एस. एन. सिंह, अधीक्षण अभियंता (सिविल) श्री अभय गुमास्ता और अधीक्षण अभियंता श्री उल्हास देशमुख की गरिमामयी उपस्थिति में इस कार्य का श्रीगणेश किया गया। यह पूरा निर्माण कार्य देश की प्रतिष्ठित ईपीसी (EPC) ठेकेदार कंपनी मैसर्स भेल (M/s BHEL) द्वारा तकनीकी मापदंडों के अनुसार किया जा रहा है। क्यों सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है बीटीजी (BTG) एरिया का आरसीसी राफ्ट कंक्रीट? - थर्मल पावर प्लांट के निर्माण में बीटीजी (BTG) एरिया को प्लांट का दिल और दिमाग माना जाता है, क्योंकि यहीं पर मुख्य बिजली उत्पादन उपकरण (बॉयलर, टरबाइन और जनरेटर) स्थापित होते हैं। इन गगनचुंबी और अत्यधिक वजनी मशीनों को संभालने के लिए सामान्य फाउंडेशन के बजाय एक विशालकाय आरसीसी राफ्ट (Raft Foundation) तैयार किया जाता है। इसमें भारी स्टील रीइन्फोर्समेंट (लोहे के मोटे सरिए के जाल) के साथ उच्च श्रेणी के कंक्रीट का बड़े पैमाने पर मिश्रण किया जाता है। 133 क्यूबिक मीटर का यह कंक्रीट पोर इसी मजबूत फाउंडेशन की मुख्य शुरुआत है। चूंकि चालू होने के बाद इन उपकरणों में अत्यधिक कंपन (Vibration) और उच्च तापमान होता है, इसलिए इस राफ्ट फाउंडेशन को बेहद कड़े मापदंडों के साथ चट्टान से भी ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनाया जा रहा है। परियोजना स्थल पर मौजूद मुख्य अभियंता श्री सुशील लिल्लोरे ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को सर्वोपरि बताया। अधीक्षण अभियंता (सिविल) श्री अभय गुमास्ता ने सिविल इंजीनियरिंग के कड़े मानकों और मैसर्स भेल (BHEL) के समन्वय की जानकारी दी। तकनीकी विशेषज्ञ श्री एस. एन. सिंह ने राफ्ट कंक्रीटिंग की जटिल बारीकियों पर प्रकाश डाला, जबकि अधीक्षण अभियंता श्री उल्हास देशमुख ने पूरी साइट की सुरक्षा व्यवस्था और टाइमलाइन की निगरानी की। राफ्ट कंक्रीट पोरिंग के शुभारंभ के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल (Safety Protocols) का विशेष ध्यान रखा गया। मुख्य अभियंता और विशेषज्ञों की देखरेख में कंक्रीट की मिक्सिंग, इसकी ग्रेडिंग, स्टील बाइंडिंग और तापमान नियंत्रण की पूरी प्रक्रिया की आधुनिक लैब टेस्टिंग की गई। ऑटोमैटिक सिस्टम और अत्याधुनिक ट्रांजिट मिक्सर मशीनों के जरिए इसकी सख्त निगरानी की जा रही है, ताकि भविष्य में प्लांट की नींव में रत्ती भर भी कोई कमी न रहे।

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  • एक माह में ही टेढ़ा हुआ नया बिजली का खंभा, बिजली विभाग की लापरवाही से मंडरा रहा हादसे का खतरा पुराने थाने के पास नाली में लगाया गया था खंभा, नगर पालिका ने पहले ही जताई थी आपत्ति आमला। नगर के मुख्य मार्ग स्थित पुराने थाना परिसर के समीप बिजली विभाग द्वारा लगाया गया नया बिजली का खंभा महज एक माह के भीतर ही टेढ़ा हो गया है। खंभे की झुकी हुई स्थिति अब राहगीरों और आसपास के दुकानदारों के लिए चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद अब तक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार बिजली विभाग ने यह खंभा नाली के किनारे स्थापित किया था। नगर पालिका ने खंभा लगाए जाने के समय ही बिजली विभाग को इसकी जानकारी देते हुए आगाह किया था कि नाली के किनारे लगाया गया खंभा भविष्य में खतरा बन सकता है। इसके बावजूद विभाग ने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। लगातार हो रही बारिश के कारण खंभे के आसपास की जमीन कमजोर होती जा रही है, जिससे खंभा और अधिक झुक गया है। यदि समय रहते इसे सीधा कर सुरक्षित नहीं किया गया या किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो इसके गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। यह मार्ग नगर का व्यस्ततम मार्ग है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि खंभे का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और आवश्यक मरम्मत अथवा पुनः स्थापना की जाए। लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
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    एक माह में ही टेढ़ा हुआ नया बिजली का खंभा, बिजली विभाग की लापरवाही से मंडरा रहा हादसे का खतरा
पुराने थाने के पास नाली में लगाया गया था खंभा, नगर पालिका ने पहले ही जताई थी आपत्ति

आमला। नगर के मुख्य मार्ग स्थित पुराने थाना परिसर के समीप बिजली विभाग द्वारा लगाया गया नया बिजली का खंभा महज एक माह के भीतर ही टेढ़ा हो गया है। खंभे की झुकी हुई स्थिति अब राहगीरों और आसपास के दुकानदारों के लिए चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद अब तक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार बिजली विभाग ने यह खंभा नाली के किनारे स्थापित किया था। नगर पालिका ने खंभा लगाए जाने के समय ही बिजली विभाग को इसकी जानकारी देते हुए आगाह किया था कि नाली के किनारे लगाया गया खंभा भविष्य में खतरा बन सकता है। इसके बावजूद विभाग ने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया।
लगातार हो रही बारिश के कारण खंभे के आसपास की जमीन कमजोर होती जा रही है, जिससे खंभा और अधिक झुक गया है। यदि समय रहते इसे सीधा कर सुरक्षित नहीं किया गया या किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो इसके गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है। यह मार्ग नगर का व्यस्ततम मार्ग है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।
स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग से मांग की है कि खंभे का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और आवश्यक मरम्मत अथवा पुनः स्थापना की जाए। लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
    user_Dabang kesari amla mohd. asif
    Dabang kesari amla mohd. asif
    Local News Reporter आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • 9 लाख की लूट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, ₹10 हजार का इनामी बदमाश पुलिस के शिकंजे में पड़ोसी ने दी थी बैंक से रुपये ले जाने की सूचना, उसी इनपुट पर रची गई थी वारदात की साजिश; मुख्य आरोपी पर हत्या, लूट, चोरी समेत 8 से अधिक मामले दर्ज
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    9 लाख की लूट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, ₹10 हजार का इनामी बदमाश पुलिस के शिकंजे में

पड़ोसी ने दी थी बैंक से रुपये ले जाने की सूचना, उसी इनपुट पर रची गई थी वारदात की साजिश; मुख्य आरोपी पर हत्या, लूट, चोरी समेत 8 से अधिक मामले दर्ज
    user_AMLA NEWS
    AMLA NEWS
    आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Tnp न्यूज़ चैनल के खास प्रोग्राम मेरा जिला मेरी खबर में देखे मुलताई ताप्ती वार्ड रामनगर वासियों कों मिली 15 लाख की नई सीसी सड़क की सौगात
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    Tnp न्यूज़ चैनल के खास प्रोग्राम मेरा जिला मेरी खबर में देखे मुलताई ताप्ती वार्ड रामनगर वासियों कों मिली 15 लाख की नई सीसी सड़क की सौगात
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    1 hr ago
  • पुसली में कांग्रेस नेताओं ने मोहित गलफट मौत मामले में परिजनों से की मुलाकात, परिजनों से शोक संवेदना की व्यक्त 26 जुलाई रविवार को पुसली में एयरफोर्स में चयनित मोहित गलफट की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पुलिस ने कुएं से शव बरामद किया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है परन्तु आज तक मामले का खुलासा नहीं हो पाया वहीं कांग्रेस नेता हर्षवर्धन धोटे सहित नेताओं ने पुसली में मृतक मोहित गलफट के परिजनों और पिता से मुलाकात की शोक संवेदना व्यक्त की हर्षवर्धन धोटे ने पिता को भरोसा दिलाया की हम सब उनके साथ है मोहित के पिता मंचित गलफट ने जल्द बेटी की किन परिस्थितियों और किन कारणों से मौत हुई उसका खुलासा करने की बात कही कांग्रेस नेताओं ने उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया।
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    पुसली में कांग्रेस नेताओं ने मोहित गलफट मौत मामले में परिजनों से की मुलाकात, परिजनों से शोक संवेदना की व्यक्त
26 जुलाई रविवार को पुसली में एयरफोर्स में चयनित मोहित गलफट की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पुलिस ने कुएं से शव बरामद किया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है परन्तु आज तक मामले का खुलासा नहीं हो पाया वहीं कांग्रेस नेता हर्षवर्धन धोटे सहित नेताओं ने पुसली में मृतक मोहित गलफट के परिजनों और पिता से मुलाकात की शोक संवेदना व्यक्त की हर्षवर्धन धोटे ने पिता को भरोसा दिलाया की हम सब उनके साथ है मोहित के पिता मंचित गलफट ने जल्द बेटी की किन परिस्थितियों और किन कारणों से मौत हुई उसका खुलासा करने की बात कही कांग्रेस नेताओं ने उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया।
    user_आठनेर रिपोर्टर
    आठनेर रिपोर्टर
    पत्रकारिता आठनेर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • होशंगाबाद और सोहागपुर विधानसभा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इस जर्जर सड़क के कारण रोज़ाना 1,000 से अधिक छात्र-छात्राओं और लोहारिया कला, तारारोड़ा, ग्वाड़ी खुर्द, सोमलवाडा, हिम्मत कदई, रामपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों ने दोनों क्षेत्रीय विधायकों से इस मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। ​ताज़ा और सटीक खबरों के लिए 'इटारसी अपडेट' को फॉलो करें। ​5 हैशटैग (Hashtags): ​#ItarsiUpdate ​#HoshangabadNews ​#Sohagpur ​#RoadRepair ​#MPNews होशंगाबाद और सोहागपुर विधानसभा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इस जर्जर सड़क के कारण रोज़ाना 1,000 से अधिक छात्र-छात्राओं और लोहारिया कला, तारारोड़ा, ग्वाड़ी खुर्द, सोमलवाडा, हिम्मत कदई, रामपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों ने दोनों क्षेत्रीय विधायकों से इस मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। ​ताज़ा और सटीक खबरों के लिए 'इटारसी अपडेट' को फॉलो करें। ​5 हैशटैग (Hashtags): ​#ItarsiUpdate ​#HoshangabadNews ​#Sohagpur ​#RoadRepair ​#MPNews
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    होशंगाबाद और सोहागपुर विधानसभा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इस जर्जर सड़क के कारण रोज़ाना 1,000 से अधिक छात्र-छात्राओं और लोहारिया कला, तारारोड़ा, ग्वाड़ी खुर्द, सोमलवाडा, हिम्मत कदई, रामपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों ने दोनों क्षेत्रीय विधायकों से इस मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
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होशंगाबाद और सोहागपुर विधानसभा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इस जर्जर सड़क के कारण रोज़ाना 1,000 से अधिक छात्र-छात्राओं और लोहारिया कला, तारारोड़ा, ग्वाड़ी खुर्द, सोमलवाडा, हिम्मत कदई, रामपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों ने दोनों क्षेत्रीय विधायकों से इस मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
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    user_Itarsi_update_786
    Itarsi_update_786
    Newspaper publisher इटारसी, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *उफनती नदी पार कर स्कूल जाती हैं कौड़ी की 40 बच्चियां, 1 साल से पुलिया का प्रस्ताव पेंडिंग* *4 KM कीचड़-नदी पार करके पढ़ने जाते हैं बच्चे, जनपद पंचायत भैंसदेही में अटकी सड़क की फाइल* *कौड़िया पंचायत का कौड़ी गांव: शिक्षा के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर 35-40 छात्र-छात्राएं* भैंसदेही ग्राम पंचायत कौड़िया के ग्राम कौड़ी के 35 से 40 बच्चे और बच्चियां आज भी शिक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए इन बच्चों को रोजाना उफनती नदी, दुर्गम पहाड़ियों और कच्चे कीचड़ से भरे रास्ते से 4 किलोमीटर का सफर तय कर कौड़ी से कौड़िया जाना पड़ता है। *1 साल से अटका है प्रस्ताव* ग्रामवासियों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले ही गांव से कौड़िया तक पुलिया और पक्की सड़क बनाने का प्रस्ताव जनपद पंचायत भैंसदेही में भेजा गया था। लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है। नदी उफान पर रहती है और रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है। इसके बावजूद बच्चे स्कूल जाने से पीछे नहीं हटते। *शिक्षा के लिए संघर्ष* कौड़ी गांव में 9वीं से 12वीं तक कोई स्कूल नहीं है। ऐसे में माध्यमिक और हाईस्कूल के छात्रों को रोजाना इस कठिन रास्ते से गुजरना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि कई बार बच्चे गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें भेजना पड़ता है। लड़कियों के लिए यह सफर और भी खतरनाक है। *क्या कहते हैं ग्रामीण* ग्रामीणों की मांग है कि शासन-प्रशासन जल्द से जल्द पुलिया और सड़क का निर्माण कराए ताकि बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचने की सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। *प्रशासन से अपील* अब देखना यह है कि जनपद पंचायत भैंसदेही में पेंडिंग पड़ा यह प्रस्ताव कब स्वीकृत होता है और कब कौड़ी गांव के बच्चों को शिक्षा के लिए सुरक्षित रास्ता मिल पाता है। *जवाबदार अधिकारी का क्या कहना,,* बीईओ संदीप राठौर ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मौके का निरीक्षण किया है तथा समस्या के समाधान के लिए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं सीईओ जनपद पंचायत झलकन अहिरवार भैंसदेही ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। वे स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे और पुलिया एवं सड़क निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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    *उफनती नदी पार कर स्कूल जाती हैं कौड़ी की 40 बच्चियां, 1 साल से पुलिया का प्रस्ताव पेंडिंग*
*4 KM कीचड़-नदी पार करके पढ़ने जाते हैं बच्चे, जनपद पंचायत भैंसदेही में अटकी सड़क की फाइल*  
*कौड़िया पंचायत का कौड़ी गांव: शिक्षा के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर 35-40 छात्र-छात्राएं*
भैंसदेही
ग्राम पंचायत कौड़िया के ग्राम कौड़ी के 35 से 40 बच्चे और बच्चियां आज भी शिक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए इन बच्चों को रोजाना उफनती नदी, दुर्गम पहाड़ियों और कच्चे कीचड़ से भरे रास्ते से 4 किलोमीटर का सफर तय कर कौड़ी से कौड़िया जाना पड़ता है।
*1 साल से अटका है प्रस्ताव*  
ग्रामवासियों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले ही गांव से कौड़िया तक पुलिया और पक्की सड़क बनाने का प्रस्ताव जनपद पंचायत भैंसदेही में भेजा गया था। लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है। नदी उफान पर रहती है और रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है। इसके बावजूद बच्चे स्कूल जाने से पीछे नहीं हटते।
*शिक्षा के लिए संघर्ष*  
कौड़ी गांव में 9वीं से 12वीं तक कोई स्कूल नहीं है। ऐसे में माध्यमिक और हाईस्कूल के छात्रों को रोजाना इस कठिन रास्ते से गुजरना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि कई बार बच्चे गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें भेजना पड़ता है। लड़कियों के लिए यह सफर और भी खतरनाक है।
*क्या कहते हैं ग्रामीण*  
ग्रामीणों की मांग है कि शासन-प्रशासन जल्द से जल्द पुलिया और सड़क का निर्माण कराए ताकि बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचने की सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
*प्रशासन से अपील*  
अब देखना यह है कि जनपद पंचायत भैंसदेही में पेंडिंग पड़ा यह प्रस्ताव कब स्वीकृत होता है और कब कौड़ी गांव के बच्चों को शिक्षा के लिए सुरक्षित रास्ता मिल पाता है।
*जवाबदार अधिकारी का क्या कहना,,*
बीईओ संदीप राठौर ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मौके का निरीक्षण किया है तथा समस्या के समाधान के लिए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वहीं सीईओ जनपद पंचायत झलकन अहिरवार भैंसदेही ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। वे स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे और पुलिया एवं सड़क निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    user_भैंसदेही संवाददाता
    भैंसदेही संवाददाता
    Local News Reporter भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बोरदही पुलिस ने 10,000 के फरार आरोपी देवा उर्फ देवानंद इवने उमरी नवेगांव कों किया गिरफतार
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    बोरदही पुलिस ने 10,000 के फरार आरोपी देवा उर्फ देवानंद इवने उमरी नवेगांव कों किया गिरफतार
    user_Namdev gujre Khabar bhart news
    Namdev gujre Khabar bhart news
    घोड़ा डोंगरी, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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