भोपाल के रवींद्र भवन में 10 जुलाई को आयोजित राज्य स्तरीय अतिथि विद्वान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिथि विद्वानों को पावन मंदिर का पुजारी बताया। उन्होंने अतिथि विद्वानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि विद्वान समिति के माध्यम से जिस भी राज्य के मॉडल को लागू करवाना चाहते हैं, उसका प्रस्ताव तैयार कर लाएं; सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें केवल काम अटकाती थीं, लेकिन अब समय आगे बढ़ने का है। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, संवेदना और नैतिक मूल्यों के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज खोले गए हैं और उच्च शिक्षा व तकनीकी विभाग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार द्वारा अतिथि विद्वानों के लिए 13 आकस्मिक और 3 ऐच्छिक अवकाशों के साथ-साथ महिला विद्वानों के लिए प्रसूति अवकाश की व्यवस्था की गई है। साथ ही, लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा में 25 प्रतिशत पद आरक्षित करते हुए 10 वर्ष की छूट भी प्रदान की गई है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि अतिथि विद्वानों के कल्याण के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो उच्च और तकनीकी शिक्षा व्यवस्था का अध्ययन कर सिफारिशें सौंपेगी। वहीं, भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के कदमों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि अब सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशन में 2029 तक राज्य को नशा मुक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा।
भोपाल के रवींद्र भवन में 10 जुलाई को आयोजित राज्य स्तरीय अतिथि विद्वान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिथि विद्वानों को पावन मंदिर का पुजारी बताया। उन्होंने अतिथि विद्वानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिथि विद्वान समिति के माध्यम से जिस भी राज्य के मॉडल को लागू करवाना चाहते हैं, उसका प्रस्ताव तैयार कर लाएं; सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें केवल काम अटकाती थीं, लेकिन अब समय आगे बढ़ने का है। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, संवेदना और नैतिक मूल्यों के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज खोले गए हैं और उच्च शिक्षा व तकनीकी विभाग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार द्वारा अतिथि विद्वानों के
लिए 13 आकस्मिक और 3 ऐच्छिक अवकाशों के साथ-साथ महिला विद्वानों के लिए प्रसूति अवकाश की व्यवस्था की गई है। साथ ही, लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा में 25 प्रतिशत पद आरक्षित करते हुए 10 वर्ष की छूट भी प्रदान की गई है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि अतिथि विद्वानों के कल्याण के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो उच्च और तकनीकी शिक्षा व्यवस्था का अध्ययन कर सिफारिशें सौंपेगी। वहीं, भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के कदमों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि अब सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशन में 2029 तक राज्य को नशा मुक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा।
- विदिशा तहसील के ग्राम गुरारिया सेमरा का रहने वाला एक अहिरवार परिवार मारपीट के आरोपियों पर ठोस कार्रवाई न होने से परेशान होकर जिला मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय पहुंचा। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सांची निवासी एक युवक और उसके साथी ने बीते 23 मई को उनके साथ मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण पीड़ित परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। पीड़ितों ने बताया कि करारिया पुलिस द्वारा इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें गाली-गलौज कर धमकी दे रहे हैं। इस संबंध में पीड़ित परिवार ने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द साझा किया और एसपी से मारपीट के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।4
- दतिया में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के फैसले के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया है। इस निर्णय का विरोध करते हुए हजारों की संख्या में कार्यकर्ता जिला भाजपा कार्यालय के सामने जमा हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं के गुस्से का आलम यह रहा कि उन्होंने हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन का असर शहर के जनजीवन पर भी देखने को मिला, जिसके चलते दतिया के कई बाजार बंद रहे। टिकट बदलने के पार्टी के फैसले को लेकर कार्यकर्ताओं की यह नाराजगी अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है और पूरे घटनाक्रम ने हलचल मचा दी है।1
- विदिशा के जिला अस्पताल में नवजात शिशु और अस्पताल गेट पर हुई डिलीवरी को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस मामले में जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा तीन नर्स स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है। इस निलंबन कार्रवाई के विरोध में अस्पताल की सभी नर्सों ने एकजुट होकर जिला मुख्यालय का रुख किया और वहां पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। आक्रोशित नर्सों ने इस मामले में वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करने और पूरे प्रकरण की स्पष्ट जांच कराने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई है। इस संबंध में जिला अस्पताल की नर्सों ने मीडिया से चर्चा कर अपनी बात साझा की है।4
- विदिशा रेलवे स्टेशन पर एक युवक के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों का पुलिस ने जुलूस निकाला है।1