कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट के हवाले से, जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास कुल 245 प्लॉट में 335 एकड़ जमीन है। पटवारी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस भूमि में नीलेश यादव के नाम 108 एकड़, गोविंद यादव के नाम 47 एकड़, मोहन यादव के नाम 17 एकड़, सीमा यादव के नाम 11 एकड़, वैभव यादव के नाम 17 एकड़, शालिनी यादव के नाम 10 एकड़, नारायण यादव के नाम 19 एकड़, नंदलाल यादव के नाम 17 एकड़, कलावती के नाम 17 एकड़, अभय यादव के नाम 16 एकड़ और रेखा यादव के नाम 6 एकड़ जमीन शामिल है। इस मामले में चार रियल एस्टेट कंपनियों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें सीमा यादव और मोहन यादव की बहुमत हिस्सेदारी बताई गई है। इसके अतिरिक्त, मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और उनके पुत्र वैभव से 25 एकड़ जमीन जुड़ी है, जबकि मोहन यादव की बहन कलावती की भाभी सुनीता से 47 एकड़ जमीन संबंधित है। परिवार के करीबी रिश्तेदारों की तीन अलग-अलग कंपनियों में भी बड़ी हिस्सेदारी का उल्लेख किया गया है। जीतू पटवारी ने यह भी बताया कि मोहन यादव के मंत्री और बाद में मुख्यमंत्री बनने के दौरान कई सड़क परियोजनाएं इन्हीं जमीनों के आसपास से होकर गुजरी हैं।
कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट के हवाले से, जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास कुल 245 प्लॉट में 335 एकड़ जमीन है। पटवारी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस भूमि में नीलेश यादव के नाम 108 एकड़, गोविंद यादव के नाम 47 एकड़, मोहन यादव के नाम 17 एकड़, सीमा यादव के नाम 11 एकड़, वैभव यादव के नाम 17 एकड़, शालिनी यादव के नाम 10 एकड़, नारायण यादव के नाम 19 एकड़, नंदलाल यादव के नाम 17 एकड़, कलावती के नाम 17 एकड़, अभय यादव के नाम 16 एकड़ और रेखा यादव के नाम 6 एकड़ जमीन शामिल है। इस मामले में चार रियल एस्टेट कंपनियों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें सीमा यादव और मोहन यादव की बहुमत हिस्सेदारी बताई गई है। इसके अतिरिक्त, मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और उनके पुत्र वैभव से 25 एकड़ जमीन जुड़ी है, जबकि मोहन यादव की बहन कलावती की भाभी सुनीता से 47 एकड़ जमीन संबंधित है। परिवार के करीबी रिश्तेदारों की तीन अलग-अलग कंपनियों में भी बड़ी हिस्सेदारी का उल्लेख किया गया है। जीतू पटवारी ने यह भी बताया कि मोहन यादव के मंत्री और बाद में मुख्यमंत्री बनने के दौरान कई सड़क परियोजनाएं इन्हीं जमीनों के आसपास से होकर गुजरी हैं।
- भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र के सुदामा नगर में एक बंद घर से पति-पत्नी के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक दंपत्ति की उम्र लगभग 50 वर्ष से अधिक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, यह घटना तब सामने आई जब कई दिनों से बंद घर का दरवाजा किराएदार द्वारा किराया देने पहुंचने पर खोला गया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। फ़िलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, और पुलिस सभी संभावित पहलुओं से गहनता से जाँच कर रही है।1
- हज 2027 के इच्छुक व्यक्ति भोपाल जिला हज कमेटी के अध्यक्ष अस्लम इलियास से संपर्क कर सकते हैं। यह जानकारी हज यात्रा के संबंध में दी गई है।1
- भोपाल में शुक्रवार को मुहर्रम के मातमी जुलूसों की शुरुआत हो गई है। ये जुलूस करबला की शहादत की याद में निकाले जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हो रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में कई बड़े फैसले घोषित किए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों को विशेष ट्रेन के माध्यम से तीर्थ यात्रा कराएगी और उनके ठहरने के लिए रेस्ट हाउस में व्यवस्था की जाएगी। उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए, शासकीय भवन, पार्क या सड़क का नाम लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर रखने का भी ऐलान किया गया है। इन घोषणाओं में यह भी शामिल है कि मध्य प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों और स्वतंत्रता सेनानियों दोनों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी। गंभीर बीमारियों की स्थिति में, उन्हें निःशुल्क एयर एंबुलेंस की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इन फैसलों को राज्य सरकार द्वारा लोकतंत्र सेनानियों के प्रति एक बड़े सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।1
- राजधानी भोपाल में मोहर्रम के मौके पर शिया समाज द्वारा एक पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जो 'या हुसैन' की सदाएं लगाते हुए और मातम करते हुए निर्धारित मार्गों से कर्बला पहुंचे। कर्बला में पहुंचकर, हजरत इमाम हुसैन और करबला के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस पूरे आयोजन के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।1
- भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक रामेश्वर शर्मा ने मोहर्रम के जुलूस में ब्लास्ट दिखाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक ‘सुनियोजित साजिश’ बताया है। उन्होंने इस मामले में शामिल आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने और ‘अटेम्प्ट टू मर्डर’ की धाराओं के तहत मुकदमा चलाने की मांग की है। विधायक शर्मा ने इस घटना की तुलना दिल्ली में लाल किले के बाहर हुए एक गाड़ी ब्लास्ट से करते हुए सवाल उठाया कि आरोपी इस ब्लास्ट से क्या दिखाना चाहते थे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि एक पूर्व-नियोजित साजिश थी जिसकी योजना इन लोगों ने पहले से बनाई थी। शर्मा ने चिंता व्यक्त करते हुए पूछा कि यदि ब्लास्ट के बाद गाड़ी के टुकड़े, कांच या आग लोगों पर गिरती तो उसका जिम्मेदार कौन होता। उन्होंने पुलिस से यह भी मांग की है कि आरोपियों से पूछा जाए कि वे ब्लास्ट के लिए बारूद कहां से लाए। विधायक ने ‘ले फिर आ गए’ वाक्यांश का जिक्र करते हुए पूछा कि उनका इससे क्या मतलब था, और क्या वे धमाका करने आए थे या आतंकवादी थे। उन्होंने पुलिस से इन आरोपियों पर रासुका लगाने और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर मामले की सख्ती से जांच करने का आग्रह किया।1
- भोपाल शहर युवा कांग्रेस ने मोहन यादव के पदभार संभालने के बाद उनके गृह नगर उज्जैन में सामने आए कथित भूमि घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अपना विरोध जताया है। जिलाध्यक्ष अमित खत्री के नेतृत्व में, लालघाटी स्थित हलालपुरा बस स्टैंड पर उज्जैन जाने वाले यात्रियों को पर्चे वितरित किए गए, जिसमें इन आरोपों की जानकारी दी गई। युवा कांग्रेस ने महाकाल की नगरी में हुए इन कथित भूमि घोटालों के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।1
- राजधानी भोपाल में मोहर्रम के पावन पर्व की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। इसी कड़ी में, ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक और राष्ट्रीय अध्यक्ष शमशुल हसन ने कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ वीआईपी रोड स्थित कर्बला पहुंचकर मोहर्रम की तैयारियों और विभिन्न व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने कर्बला परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, सुरक्षा इंतजामों और श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों से चर्चा कर यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि मोहर्रम के दौरान आने वाले हजारों अकीदतमंदों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर, शमशुल हसन ने बताया कि मोहर्रम केवल शोक और इबादत का पर्व नहीं है, बल्कि यह सब्र, कुर्बानी, इंसानियत और भाईचारे का संदेश भी देता है। उन्होंने सभी ताजियादारों, अंजुमनों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और पर्व को शांति, अनुशासन तथा आपसी सौहार्द के साथ मनाएं। कमेटी पदाधिकारियों ने लोगों से विशेष आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध जानकारी की पुष्टि संबंधित अधिकारियों से अवश्य करें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भोपाल हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब, भाईचारे और आपसी सद्भाव का प्रतीक रहा है, और मोहर्रम के अवसर पर भी इसी परंपरा को कायम रखा जाएगा। कमेटी ने प्रशासन, पुलिस विभाग और नगर निगम द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि सभी के सहयोग से मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और गरिमामय वातावरण में संपन्न होगा। शमशुल हसन ने अंत में कहा कि “आपसी भाईचारा, शांति और अनुशासन ही मोहर्रम की असली पहचान है। सभी लोग मिल-जुलकर पर्व मनाएं और शहर की अमन-चैन की परंपरा को मजबूत करें।”1
- मध्य प्रदेश के रतलाम में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया है, जहाँ हाईटेंशन बिजली लाइन से ताजिया टकराने के कारण तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में दस से अधिक लोग झुलस गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँच गए। प्रशासन ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है।1