Shuru
Apke Nagar Ki App…
मंझनपुर के पत्रकार अरविंद सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे जीवन में कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगे और भारत के लिए अपनी अंतिम सांस तक लड़ते रहेंगे।
पत्रकार अरविन्द सिंह
मंझनपुर के पत्रकार अरविंद सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे जीवन में कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगे और भारत के लिए अपनी अंतिम सांस तक लड़ते रहेंगे।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नए यमुना ब्रिज से एक प्रेमी युगल ने छलांग लगा दी। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंचकर युगल की तलाश कर रही है।1
- कौशांबी में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया गया कि जीवन में किसी भी अन्याय के सामने कभी हार नहीं माननी चाहिए। यह सीख हर व्यक्ति के लिए है कि अपने हक के लिए हमेशा डटकर खड़े रहें।1
- कौशांबी पुलिस ने पुलिस लाइन में बलवा ड्रिल का अभ्यास किया। यह अभ्यास दंगों और आपात स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस की तैयारियों और उनकी क्षमता को परखने के उद्देश्य से किया गया था। इसमें पुलिस कर्मियों के समन्वय का भी मूल्यांकन किया गया।1
- कौशांबी के मंझनपुर क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं ने अवैध रूप से आधा दर्जन हरे महुआ के विशाल पेड़ काट डाले हैं। ग्रामीणों ने चर्चित माफियाओं पर वन विभाग और पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कौशांबी में बैलगाड़ी के ज़रिए अनोखे अंदाज़ में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जो इस राष्ट्रीय मुद्दे पर बढ़ते आक्रोश को दर्शाता है।1
- कौशांबी की पुलिस लाइन में 14 दिवसीय समर कैंप का आयोजन किया गया। बच्चों ने योगा, डांस और क्राफ्ट प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।1
- कौशाम्बी के नगरेहा गांव में रात के अंधेरे में खनन माफिया बेखौफ होकर पोकलैंड मशीनों से अवैध मिट्टी निकाल रहे हैं। सीएसआईएल कंपनी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर हो रहे इस खनन पर प्रशासन और सराय अकिल पुलिस की मिलीभगत के गंभीर आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों में आक्रोश है, और सवाल है कि आखिर कब इस अवैध कारोबार पर रोक लगेगी।1
- कौशाम्बी पुलिस ने पुलिस लाइन में बलवा ड्रिल का अभ्यास किया। इस दौरान आपातकालीन स्थितियों में भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों को परखा गया। यह अभ्यास पुलिस की मुस्तैदी और प्रतिक्रिया क्षमता को दर्शाता है।1