*कौशाम्बी न्यूज़* सड़क हादसे में घायल युवक को मेडिकल कालेज मे इलाज ना मिलने से मौत के बाद परिजनों का हंगामा* *वरिष्ठ पत्रकार फैजी जाफरी कौशाम्बी ----मो०न०---९६५१९६५१२७* *मेडिकल कॉलेज में भले ही मरीज की हो जाए मौत प्रिंसिपल के तुगलकी फरमान पर नहीं होगा परिवर्तन एक सरकारी अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर के बाद तीसरे सरकारी अस्पताल में रेफर करने की प्रक्रिया के दौरान खून अधिक बह जाने से मरीजों की होती है मौत* *कौशाम्बी*संदीपन घाट थाना क्षेत्र के पंसौर गांव के पास सोमवार की देर रात 10 बजे बाइक सवार राम अवतार उम्र 40 वर्ष निवासी कोखराज वा उसके साथी को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी जिससे बाइक सवार घायल हो गए दुर्घटना के बाद घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज में ले जाया गया लेकिन अस्पताल मे डाक्टर मौजूद नहीं थे घायलों को इलाज नहीं मिल सका और वही रटा रटाया जवाब स्वास्थ्य कर्मियों ने दिया है कि घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है आधी रात को परिवार के लोग घायलों को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे लेकिन वहां भी घायलों को सही इलाज नहीं मिला मेडिकल कॉलेज में औपचारिकता निभाने के बाद मरीज को गंभीर बता कर दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह डॉक्टर देने लगे आखिर इन डॉक्टरों की योग्यता में क्या कमी थी या फिर मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था में क्या-क्या समस्या थी जिससे मेडिकल कॉलेज में घायल को समुचित इलाज नहीं मिल सका तब तक 2 घंटे का समय बीत चुका था और सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के चलते घायलों का इतना अधिक खून बह गया कि घायलों की हालत गंभीर हो गई घायलों के इलाज के मामले में सामान्य सी बात है कि उनके चोट के स्थान पर टांके लगा दिए जाएं तो खून बहना बंद हो जाएगा और मौत नहीं होगी लेकिन घायलों को टांके नहीं लगाए जाते हैं और उनका खून बहाने दिए जाते हैं जिससे मरीज गंभीर हो जाते हैं यह छोटा सी प्रक्रिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी किया जा सकता है लेकिन सरकारी अस्पतालों में घायल मरीजों के टांके नहीं लगाए जाते हैं और उन्हें गंभीर बता करके रेफर के बाद रेफर कर अपने ड्यूटी से पीछा छुड़ाया जाता है मेडिकल कॉलेज मे समुचित इलाज न मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने घायल राम अवतार को इलाहाबाद ले जाने के लिए रेफर किया लेकिन मौके पर स्वास्थ्य विभाग की कोई भी एंबुलेंस नहीं थी परिवार के लोग घायल को निजी एंबुलेंस से ले जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन मेडिकल कॉलेज के गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्ड ने निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के गेट के अंदर नहीं जाने दिया इस बात को लेकर परिवार के लोगों की डॉक्टर और सुरक्षा गार्ड से बहस भी हुई लेकिन उसके बाद भी घायल मरीज को ले जाने के लिए निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के गेट के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई और सरकारी एंबुलेंस मौजूद नहीं थी जिससे देखते-देखते एक घंटे का समय बीत गया और एक घंटे के दौरान मेडिकल कॉलेज मे घायल राम अवतार को इलाज न मिलने से दर्दनाक मौत हो गई घायल की मौत के बाद परिवार के लोगों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रकट करना शुरू कर दिया मरीज का इलाज ना करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने अपने बचाव में पुलिस का सहारा ले लिया मौत के दुख पर दुख व्यक्त करने के बजाय परिवार पर हंगामा का आप डॉक्टर लगाने लगे और पुलिस बुला ली पुलिस पहुंची तो मृतक के परिवार पर दबाव बनाया कि वह मेडिकल कॉलेज में हंगामा कर रहे हैं शांत हो जाओ वरना गिरफ्तार करके जेल भेज देंगे जिससे परिवार के लोग भयभीत हो गए और मजबूर हो गए परिजनों को शांत कराने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दूसरे घायल की हालत गंभीर है उसका भी इलाज चल रहा है दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है लेकिन मेडिकल कॉलेज की इस रवैया के बाद एक बार फिर प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज और उनकी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज क्यों नहीं मिल पाता है निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के अंदर क्यों नहीं जाने दिया गया है यदि मरीज को दूसरे अस्पताल लेकर परिवार के लोग पहुंच जाते तो उसकी जान बचाई जा सकती थी लेकिन जान बचाने के बजाय मरीज को मौत देने की व्यवस्था करने में मेडिकल कॉलेज के लोग अधिक लगे थे जो बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है आखिर कब तक बेवजह मरीजों की मौत होती रहेगी और मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य के तुगलकी फरमान में बदलाव नहीं होगा इस बात का जवाब आम जनता सूबे की योगी सरकार से चाहती है मामले को संज्ञान लेकर कब मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई होगी और मेडिकल कॉलेज सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वा ट्रामा सेंटर की चौपट व्यवस्था में सुधार कर मरीजों की बेवजह मौत रोकने का प्रयास होगा।।।
*कौशाम्बी न्यूज़* सड़क हादसे में घायल युवक को मेडिकल कालेज मे इलाज ना मिलने से मौत के बाद परिजनों का हंगामा* *वरिष्ठ पत्रकार फैजी जाफरी कौशाम्बी ----मो०न०---९६५१९६५१२७* *मेडिकल कॉलेज में भले ही मरीज की हो जाए मौत प्रिंसिपल के तुगलकी फरमान पर नहीं होगा परिवर्तन एक सरकारी अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर के बाद तीसरे सरकारी अस्पताल में रेफर करने की प्रक्रिया के दौरान खून अधिक बह जाने से मरीजों की होती है मौत* *कौशाम्बी*संदीपन घाट थाना क्षेत्र के पंसौर गांव के पास सोमवार की देर रात 10 बजे बाइक सवार राम अवतार उम्र 40 वर्ष निवासी कोखराज वा उसके साथी को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी जिससे बाइक सवार घायल हो गए दुर्घटना के बाद घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज में ले जाया गया लेकिन अस्पताल मे डाक्टर मौजूद नहीं थे घायलों को इलाज नहीं मिल सका और वही रटा रटाया जवाब स्वास्थ्य कर्मियों ने दिया है कि घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है आधी रात को परिवार के लोग घायलों को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे लेकिन वहां भी घायलों को सही इलाज नहीं मिला मेडिकल कॉलेज में औपचारिकता निभाने के बाद मरीज को गंभीर बता कर दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह डॉक्टर देने लगे आखिर इन डॉक्टरों की योग्यता में क्या कमी थी या फिर मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था में क्या-क्या समस्या थी जिससे मेडिकल कॉलेज में घायल को समुचित इलाज नहीं मिल सका तब तक 2 घंटे का समय बीत चुका था और सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के चलते घायलों का इतना अधिक खून बह गया कि घायलों की हालत गंभीर हो गई घायलों के इलाज के मामले में सामान्य सी बात है कि उनके चोट के स्थान पर टांके लगा दिए जाएं तो खून बहना बंद हो जाएगा और मौत नहीं होगी लेकिन घायलों को टांके नहीं लगाए जाते हैं और उनका खून बहाने दिए जाते हैं जिससे मरीज गंभीर हो जाते हैं यह छोटा सी प्रक्रिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी किया जा सकता है लेकिन सरकारी अस्पतालों में घायल मरीजों के टांके नहीं लगाए जाते हैं और उन्हें गंभीर बता करके रेफर के बाद रेफर कर अपने ड्यूटी से पीछा छुड़ाया जाता है मेडिकल कॉलेज मे समुचित इलाज न मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने घायल राम अवतार को इलाहाबाद ले जाने के लिए रेफर किया लेकिन मौके पर स्वास्थ्य विभाग की कोई भी एंबुलेंस नहीं थी परिवार के लोग घायल को निजी एंबुलेंस से ले जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन मेडिकल कॉलेज के गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्ड ने निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के गेट के अंदर नहीं जाने दिया इस बात को लेकर परिवार के लोगों की डॉक्टर और सुरक्षा गार्ड से बहस भी हुई लेकिन उसके बाद भी घायल मरीज को ले जाने के लिए निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के गेट के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई और सरकारी एंबुलेंस मौजूद नहीं थी जिससे देखते-देखते एक घंटे का समय बीत गया और एक घंटे के दौरान मेडिकल कॉलेज मे घायल राम अवतार को इलाज न मिलने से दर्दनाक मौत हो गई घायल की मौत के बाद परिवार के लोगों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रकट करना शुरू कर दिया मरीज का इलाज ना करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने अपने बचाव में पुलिस का सहारा ले लिया मौत के दुख पर दुख व्यक्त करने के बजाय परिवार पर हंगामा का आप डॉक्टर लगाने लगे और पुलिस बुला ली पुलिस पहुंची तो मृतक के परिवार पर दबाव बनाया कि वह मेडिकल कॉलेज में हंगामा कर रहे हैं शांत हो जाओ वरना गिरफ्तार करके जेल भेज देंगे जिससे परिवार के लोग भयभीत हो गए और मजबूर हो गए परिजनों को शांत कराने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दूसरे घायल की हालत गंभीर है उसका भी इलाज चल रहा है दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है लेकिन मेडिकल कॉलेज की इस रवैया के बाद एक बार फिर प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज और उनकी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज क्यों नहीं मिल पाता है निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के अंदर क्यों नहीं जाने दिया गया है यदि मरीज को दूसरे अस्पताल लेकर परिवार के लोग पहुंच जाते तो उसकी जान बचाई जा सकती थी लेकिन जान बचाने के बजाय मरीज को मौत देने की व्यवस्था करने में मेडिकल कॉलेज के लोग अधिक लगे थे जो बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है आखिर कब तक बेवजह मरीजों की मौत होती रहेगी और मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य के तुगलकी फरमान में बदलाव नहीं होगा इस बात का जवाब आम जनता सूबे की योगी सरकार से चाहती है मामले को संज्ञान लेकर कब मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई होगी और मेडिकल कॉलेज सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वा ट्रामा सेंटर की चौपट व्यवस्था में सुधार कर मरीजों की बेवजह मौत रोकने का प्रयास होगा।।।
- लाखों खर्च, फिर भी शौचालय बेकार!, नगर अध्यक्ष अनूप सिंह ने कहा जल्द होगी समस्या दूर लाखों खर्च, फिर भी शौचालय बेकार!, नगर अध्यक्ष अनूप सिंह ने कहा जल्द होगी समस्या दूर नेवादा। नगर पंचायत सरायअकील में लाखों रुपये से बने सामुदायिक शौचालय बदहाल हैं। रामलीला मैदान के पास बने दो शौचालयों के आसपास गंदगी और कूड़े का अंबार लगा है। आदर्श इंटर कॉलेज के पास बने शौचालय में ताला लटक रहा है। कस्बे से फकीराबाद तक बने तीनों शौचालय लोगों के उपयोग में नहीं आ रहे हैं। दुकानदार विकास जायसवाल, रंजीत यादव और राज चक ने बताया कि ग्राहकों को शौचालय न होने से परेशानी होती है। रामलीला मैदान के शौचालय का उद्घाटन 15 सितंबर 2020 को तत्कालीन विधायक संजय गुप्ता ने किया था। ईओ अंशुमान सिंह का फोन नहीं उठा। नगर अध्यक्ष अनूप सिंह ने कहा कि मामले को संज्ञान में लेकर जल्द समस्या दूर कराई जाएगी।1
- कौशाम्बी प्राथमिक विद्यालय बरेठी में दीक्षा ऐप के माध्यम से बच्चों को रंग-बिरंगे चित्रों और फ्लैश कार्ड के द्वारा कहानी सुनाने की गतिविधि करायी गई1
- हाईकोर्ट बार एसोसिएशन कार्यकारिणी 2025-26 द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में योगी आदित्यनाथ का सम्बोधन #prayagrajnews #prayagraj #trendingreels1
- हण्डिया प्रयागराज थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा हण्डिया में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशों द्वारा ग्राम मुंगराव निवासी पवन कुमार यादव को गोली मारकर घायल कर देने व ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा आज दिनांक-15.09.2026 को दी गई बाइट.....1
- राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो द्वारा 84वाँ रक्तदान, दिव्यांग, निःशुल्क नेत्र परीक्षण, मेडिकल चेकअप व दवा वितरण शिविर महम में संपन्न प्रयागराज, रोहतक, भिवानी सहित देशभर के जुटे मानवाधिकार कार्यकर्ता। महम, रोहतक। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो द्वारा महम स्पोर्ट्स क्लब, महम के साथ मिलकर मुख्य अतिथि आर के पाण्डेय एडवोकेट चेयरमैन राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के उपस्थिति में 84वाँ रक्तदान, दिव्यांग, निःशुल्क नेत्र परीक्षण, मेडिकल चेकअप व दवा वितरण शिविर भव्यता, दिव्यता, नव्यता के साथ हरियाणा के रोहतक जिलांतर्गत महम में संपन्न हुआ जिसमें प्रयागराज, रोहतक, भिवानी सहित देशभर से मानवाधिकार कार्यकर्ता सक्रिय रूप से उपस्थित रहकर आम जनमानस से हजारों जरूरतमंदों को लाभान्वित किए। उपरोक्त के संदर्भ में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो के मुकेश कुमार सैनी जी, प्रदेश उपाध्यक्ष हरियाणा ने बताया कि इस शिविर में लगभग 400 यूनिट ब्लड का डोनेशन उपलब्ध हुआ जबकि लगभग 1000 जरूरतमंदों को निःशुल्क जांच व दवा से लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश कुमार सैनी व जिलाध्यक्ष रोहतक जोगिंदर जी के नेतृत्व में व राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आर के पाण्डेय एडवोकेट चेयरमैन राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के साथ राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र शर्मा, दलबीर सिंह, हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश कुमार सैनी, रोहतक के जिलाध्यक्ष जोगिंदर, जिला सचिव कुलदीप सिंह हुड्डा, जिला कोषाध्यक्ष राजकुमार, महा सिंह सहित सैकड़ों मानवाधिकार कार्यकर्ता, जन प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सा विभाग के चिकित्सक व कर्मचारी तथा लगभग एक हजार आम नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि सहित सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि आर के पाण्डेय एडवोकेट ने अपने उद्बोधन में उपस्थित जन समूह को मानवाधिकार संरक्षण, भ्रष्टाचार नियंत्रण व सामाजिक सेवा कार्य के प्रति जागरूक किया। रक्तदान करने वाले तथा अपनी सेवाएं देने वाले अधिकारी, कर्मचारी व समाजसेवियों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।4
- अंबेडकर इनामी कबड्डी प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ,दूरदराज से पहुचे लोग अंबेडकर इनामी कबड्डी प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ कौशाम्बी। चायल ब्लॉक के निजामपुर पुरैनी गांव में मंगलवार को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर इनामी कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। आजाद समाजवादी पार्टी के चायल विधानसभा के भावी विधायक प्रत्याशी डॉ. निसार अहमद सिद्दीकी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। आयोजकों ने मुख्य अतिथि का जोरदार स्वागत किया। डॉ. निसार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया। प्रधान पति प्रतिनिधि राकेश कुमार ने फीता काटकर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी पहुंचे। इस दौरान रामचंद्र, शिव पासी, विनोद कुमार, अजय कुमार, राहुल कुमार समेत आयोजक और ग्रामीण मौजूद रहे।1
- प्रयागराज में सपा नेता की हत्या: बाइक सवार 3 बदमाशों ने गोलियां बरसाईं ,थाने से 500 मीटर दूर हुई वारदात। प्रयागराज में मंगलवार शाम 6 बजे पूर्व प्रधान और सपा के जिला सचिव पवन यादव की हत्या कर दी गई। बाइक सवार 3 बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसाईं। गोली लगने से पवन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। वारदात हंडिया थाना क्षेत्र की है। प्रयागराज में सपा नेता की हत्या: बाइक सवार 3 बदमाशों ने गोलियां बरसाईं ,थाने से 500 मीटर दूर हुई वारदात। प्रयागराज में मंगलवार शाम 6 बजे पूर्व प्रधान और सपा के जिला सचिव पवन यादव की हत्या कर दी गई। बाइक सवार 3 बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसाईं। गोली लगने से पवन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। वारदात हंडिया थाना क्षेत्र की है।1
- प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत! प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब बाइक सवार तीन बदमाशों ने बातचीत के दौरान सपा नेता पवन यादव पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से पवन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सपा नेता की पीठ में गोली मारी और वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना हंडिया थाना क्षेत्र में पीलर नंबर 52 के पास की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। बड़ा सवाल: आखिर सपा नेता पवन यादव की हत्या के पीछे वजह क्या थी? बाइक सवार तीनों हमलावर कौन थे? पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है। प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: बातचीत के दौरान सपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग, मौत! प्रयागराज। हंडिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब बाइक सवार तीन बदमाशों ने बातचीत के दौरान सपा नेता पवन यादव पर कथित तौर पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से पवन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सपा नेता की पीठ में गोली मारी और वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना हंडिया थाना क्षेत्र में पीलर नंबर 52 के पास की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। बड़ा सवाल: आखिर सपा नेता पवन यादव की हत्या के पीछे वजह क्या थी? बाइक सवार तीनों हमलावर कौन थे? पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।1