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10 जुलाई 2026 की शाम तक देश और दुनिया की मुख्य खबरों का संकलन जारी किया गया है। आज की इन ताज़ा सुर्खियों में दिनभर के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को शामिल किया गया है।
कुमार
10 जुलाई 2026 की शाम तक देश और दुनिया की मुख्य खबरों का संकलन जारी किया गया है। आज की इन ताज़ा सुर्खियों में दिनभर के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को शामिल किया गया है।
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- संतकबीरनगर के विकासखंड बघौली के ग्राम बरईपार में 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के तहत "एक पेड़ माँ के नाम" थीम पर एक ऐतिहासिक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान का शुभारंभ रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चारु चौधरी ने पवित्र हरिशंकरी (पीपल, पाकड़ और बरगद) का पौधा लगाकर किया। इस विशेष अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती नीतू सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, जिलाधिकारी आलोक कुमार तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती चारु चौधरी ने कहा कि वृक्ष लगाना सेवा है और उसकी रक्षा करना साधना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए हर नागरिक से अपनी माँ के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेशभर में एक दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने के संकल्प के तहत संतकबीरनगर जिले में विभिन्न विभागों के सहयोग से 29.78 लाख पौधों का रोपण किया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा को माँ द्वारा बच्चों की देखभाल की तरह एक आवश्यक दायित्व बताया, वहीं मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने स्वच्छ वातावरण के लिए वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने की बात कही। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने भी जनपदवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और दूसरों को इस अभियान से जोड़ने की अपील की। इस दौरान उपस्थित महिलाओं और नागरिकों को आम एवं सहजन सहित कई प्रजातियों के पौधे उपहार स्वरूप वितरित किए गए। इस महायज्ञ के अंतर्गत जिले की सभी तहसीलों, विकासखंडों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी संस्थानों में भी व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी हरिकेश यादव, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार प्रभात द्विवेदी, एसडीएम खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, जिला पंचायत सदस्य ई. हनुमान कनौजिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र, बीडीओ बघौली अर्जित प्रकाश और सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- संत कबीर नगर जनपद के सेमरियावा ब्लॉक अंतर्गत खलीलाबाद तहसील की ग्राम पंचायत बिगरामीर में पानी निकासी का कोई जरिया न होने से गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। यहाँ स्थित गड़ाही नंबर 229 से पानी बाहर निकालने का निकास न होने के कारण पानी किसानों के खेतों में जमा हो रहा है। जल निकासी की व्यवस्था के अभाव में किसानों के खेत पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो चुके हैं।1
- संत कबीर नगर के महुली थाना क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर पुलिस टीम ने प्रमुख बाजारों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों और मुख्य मार्गों पर व्यापक पैदल गश्त की। 12 जुलाई 2026 को आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता में कानून-व्यवस्था के प्रति सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना था। इस दौरान पुलिस ने स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और किसी भी तरह की संदिग्ध या असामाजिक गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया। इसी कड़ी में पुलिस ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते हुए सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी। अभियान के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, शराब पीकर गाड़ी न चलाने और मोबाइल फोन का उपयोग न करने जैसे महत्वपूर्ण नियमों के प्रति सचेत किया गया। अधिकारियों ने कहा कि एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को प्रभावित कर सकती है। पुलिस की इस सक्रियता पर स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने संतोष व्यक्त किया और कहा कि ऐसी नियमित गश्त से अपराधियों में भय और आमजन में सुरक्षा की भावना पैदा होती है। महुली पुलिस ने अंत में जनता को संदेश दिया कि वे नियमों का पालन कर कानून का सम्मान करें और सजग रहकर समाज को सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।1
- संत कबीर नगर के रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह की उपस्थिति में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया गया। इस जनहितकारी अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त थाना और चौकी परिसरों में प्रभारी निरीक्षकों, थानाध्यक्षों तथा चौकी प्रभारियों द्वारा फलदार, छायादार और औषधीय पौधे रोपे गए। जनपद पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस पर्यावरण संरक्षण अभियान में उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज कराई। वृक्षारोपण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं, जो पर्यावरण को संतुलित रखने के साथ-साथ शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाते हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपील की कि लगाए गए पौधों का संरक्षण करें ताकि भविष्य में जनपद को अधिक हरित, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सके। इस कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव और पीआरओ मनीष जायसवाल सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- संतकबीरनगर के मेंहदावल में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में एसपी संदीप कुमार मीना द्वारा एएसपी सुशील कुमार सिंह की उपस्थिति में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प दिलाया गया। इस अभियान के तहत जनपद के सभी थाना और चौकी परिसरों में भी प्रभारी निरीक्षकों, थानाध्यक्षों और चौकी प्रभारियों द्वारा फलदार, छायादार तथा औषधीय पौधे रोपे गए। जनपद पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाया। वृक्षारोपण के दौरान एसपी ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं, जो न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं बल्कि शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ भी बनाते हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से लगाए गए पौधों के नियमित संरक्षण की अपील की ताकि जनपद को अधिक हरित, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सके। इस कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव और पीआरओ एसपी मनीष जायसवाल सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- बस्ती के कप्तानगंज रेंज के अंतर्गत कचौलिया और रैकवार मार्ग पर वन विभाग की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। बीती 11 जुलाई की रात को आई तेज आंधी-पानी के कारण कचौलिया फार्म के समीप एक विशालकाय पेड़ गिर गया, जो आज भी आधी सड़क को घेरे हुए है। 12 जुलाई का दिन ढलने को आ गया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की नींद अब तक नहीं टूटी है, जिससे यह मार्ग राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। इस व्यस्त मार्ग से हर पल लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन सड़क पर गिरी पेड़ की टहनियां और झाड़ियां अंधेरे में दिखाई नहीं देतीं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को इस संबंध में सूचना दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे विभाग के अधिकारी किसी बड़ी अनहोनी या हादसे का इंतजार कर रहे हैं। वन विभाग की इस उदासीनता से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने तीखे शब्दों में मांग की है कि युद्धस्तर पर कार्रवाई करते हुए अविलंब इस पेड़ को सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू किया जाए। इसके साथ ही, इतने घंटों तक सड़क को बाधित छोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब जागता है या फिर जनता को खुद अपनी जान जोखिम में डालकर कोई कदम उठाना पड़ेगा।1
- गाजियाबाद के एक स्पा सेंटर में हुई छापेमारी और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने कानून और समानता के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्पा सेंटर से पुलिस ने कथित तौर पर 'सेक्स रैकेट' चलाने के आरोप में 23 लड़कियों और 5 लड़कों को हिरासत में लिया था। लेकिन असली खेल थाने के भीतर देखने को मिला, जहां पुलिस ने इस मामले में बेहद ही पक्षपातपूर्ण और दोहरा रवैया अपनाया। हिरासत में लिए जाने के बाद, पुलिस ने लड़कियों को सिर्फ पूछताछ करके और चेतावनी देकर घर भेज दिया, जबकि हिरासत में लिए गए लड़कों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनका चालान काट दिया गया। इस सिलेक्टिव कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए अजीत मिश्रा (खोजी) ने पूछा है कि अगर कानून सबके लिए समान है, तो यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है? क्या अपराध की परिभाषा जेंडर यानी लिंग के आधार पर बदल जाती है? अगर यह वास्तव में एक रैकेट था, तो इसमें शामिल हर व्यक्ति—चाहे वह लड़का हो या लड़की—बराबर का गुनहगार क्यों नहीं है? पुलिस की इस कार्रवाई को 'पितृसत्तात्मक' सोच का चश्मा बताते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या लड़कियां हमेशा सिर्फ 'विक्टिम' ही होती हैं? महिलाओं के प्रति इस तरह का नरम रुख अपनाकर पुलिस असल में उन महिलाओं के साथ न्याय नहीं कर रही है जो शायद अपनी मर्जी से इस काम में थीं, बल्कि वह कानूनी प्रक्रिया का मजाक उड़ा रही है। कानून का काम निष्पक्ष होना है, न कि किसी की दया पर फैसला सुनाना। इस तरह का दोहरा रवैया न्याय व्यवस्था से भरोसा कम करता है और साबित करता है कि समानता सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। न्याय का तराजू संतुलित होना चाहिए, जो किसी के जेंडर या प्रभाव के बोझ से न झुके।1