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शहडोल के जयसिंहनगर थाना अंतर्गत ग्राम अमझोर में पट्टे की जमीन की जोताई को लेकर एक विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता आशा देवी कंवर ने आरोप लगाया है कि उनकी भूमि पर सरपंच कमलेश सिंह कंवर सहित चार लोगों ने ट्रैक्टर चलाकर जोताई की। आशा देवी का कहना है कि जब उन्होंने इस कृत्य का विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज और झूमाझपटी की गई। हालांकि, शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में उन्हें कोई चोट नहीं आई है और उन्होंने अपना चिकित्सीय परीक्षण कराने से भी इनकार कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एनसीआर क्रमांक 0986/2026 दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शिकायतकर्ता को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी है और फिलहाल मामले में वैधानिक प्रक्रिया जारी है।
अजय कुमार केवट
शहडोल के जयसिंहनगर थाना अंतर्गत ग्राम अमझोर में पट्टे की जमीन की जोताई को लेकर एक विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता आशा देवी कंवर ने आरोप लगाया है कि उनकी भूमि पर सरपंच कमलेश सिंह कंवर सहित चार लोगों ने ट्रैक्टर चलाकर जोताई की। आशा देवी का कहना है कि जब उन्होंने इस कृत्य का विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज और झूमाझपटी की गई। हालांकि, शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में उन्हें कोई चोट नहीं आई है और उन्होंने अपना चिकित्सीय परीक्षण कराने से भी इनकार कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एनसीआर क्रमांक 0986/2026 दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शिकायतकर्ता को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी है और फिलहाल मामले में वैधानिक प्रक्रिया जारी है।
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- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बैगा बहुल ग्राम पंचायत देवरा से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे कांधों पर उठाकर काफी दूरी तय कर नेशनल हाईवे तक पहुंचाया। बारिश के कारण गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया था, जिससे 108 एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी और हाईवे पर ही खड़ी इंतजार कर रही थी। इसके बाद महिला को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रसूता के पति सुनील रौतेल ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं आ सका, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें ग्रामीणों की मदद से पत्नी को कांधों पर उठाना पड़ा। आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी सिंह ने भी माना कि बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है और खराब सड़क के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उमरिया जिले की सीमा पर स्थित देवरा गाँव एक बैगा बहुल गाँव है, जिसे सेना में शहीद हुए स्वागत भूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण स्वीकृत किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही के कारण लोगों को अब भी कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को साफ उजागर करती है और इस वायरल वीडियो के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- उमरिया जिले में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात विभाग द्वारा विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर शुरू किए गए इस 7 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक 10 स्कूल बसों की गहन जांच की गई है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर 4 स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई है। यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्कूल बसों के संचालन के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध दस्तावेजों, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य बताया है। साथ ही, उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।4
- शहडोल के जयसिंहनगर क्षेत्र में स्थित ग्राम बराटोला के नजदीकी जंगल में एक बाघ को घूमते हुए देखा गया है। बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है और लोगों को फिलहाल जंगल की ओर न जाने के लिए कहा गया है। बराटोला के अलावा ग्राम अंतौली, ठेगरहा, अटरिया और बैरिया से लगे जंगलों के पास रहने वाले ग्रामीणों से विशेष निवेदन किया गया है कि वे पूटू पिहिरी निकालने के लिए जंगल के भीतर न जाएं। इसके साथ ही बच्चों को भी जंगल की तरफ भेजने से पूरी तरह बचने तथा हर समय सावधान, सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।1
- उमरिया जिले के ग्राम जरहा के निवासी प्रिंस शर्मा ने 'ब्रह्मांड एकता जिंदाबाद' का संकल्प लिया है। उनका दृढ़ता से मानना है कि समाज सेवा ही वास्तव में राष्ट्र सेवा है।1
- उमरिया जिले की जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अमिलिया में नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है और बेहद घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सरिया की गुणवत्ता काफी कमजोर है। साथ ही, सीमेंट, गिट्टी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं, जिससे नाली की मजबूती और लंबे समय तक टिकाऊ रहने पर संशय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस कार्य की तकनीकी जांच नहीं की गई, तो सरकारी धन का दुरुपयोग होगा और भविष्य में नाली के क्षतिग्रस्त होने का बड़ा खतरा बना रहेगा। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने और मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।4
- शहडोल के कृष्णा कॉलोनी वार्ड नंबर 28 में धनपुरी निवासी मथुरा अग्रवाल और मयंक अग्रवाल के एक निर्माणाधीन भवन में ढलाई के दौरान डबल सेंटरिंग का सपोर्ट अचानक खिसक जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के तीन मजदूर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा इस हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।1