हरीश रावत के स्वागत पर बोले कांग्रेस नेता, संगठन में सभी अपने दायित्व निभा रहे स्थान - देहरादून रिपोर्ट - दीपक पंवार देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के लंबे समय बाद उत्तराखंड लौटने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए स्वागत को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि हरीश रावत वरिष्ठ नेता हैं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। लोगों के बीच उनके प्रति संवेदना और स्नेह है, इसलिए करीब दो महीने बाद प्रदेश लौटने पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अलग-अलग नेताओं को जो जिम्मेदारियां दी गई हैं, सभी नेता अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी और मजबूती से निर्वहन कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल संगठन को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। वहीं चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हरीश सिंह रावत, चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, आरोप पत्र समिति में करण माहरा और घोषणापत्र समिति में भुवन कापड़ी समेत सभी नेता अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार काम कर रहे हैं।कांग्रेस नेता ने कहा कि संगठन किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि सभी के मिलकर काम करने से बनता है। उन्होंने हरीश रावत के अनुभव को कांग्रेस संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री और कई बार सांसद रहे हैं, ऐसे में उनके अनुभव का लाभ पार्टी को निश्चित रूप से मिलेगा। चर्चाओं के बजाय जन मुद्दों पर हो बहस राजनीतिक चर्चाओं को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि आए दिन अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आती रहती हैं। कभी मुख्यमंत्री को हटाए जाने की चर्चा होती है तो कभी प्रधानमंत्री के नाम पर दीप जलाने जैसी बातें चर्चा में रहती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चाओं के बजाय जनता और प्रदेश से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चर्चा होनी चाहिए। साथ ही प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि देहरादून में लगातार गोली चलने की घटनाएं सामने आ रही हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा चिंता का विषय है।उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर भी न्याय की मांग उठी है और मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को बेहतर बनाने तथा प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होना जरूरी है। Byte - नीरज त्यागी ( प्रदेश महासचिव )
हरीश रावत के स्वागत पर बोले कांग्रेस नेता, संगठन में सभी अपने दायित्व निभा रहे स्थान - देहरादून रिपोर्ट - दीपक पंवार देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के लंबे समय बाद उत्तराखंड लौटने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए स्वागत को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि हरीश रावत वरिष्ठ नेता हैं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। लोगों के बीच उनके प्रति संवेदना और स्नेह है, इसलिए करीब दो महीने बाद प्रदेश लौटने पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अलग-अलग नेताओं को जो जिम्मेदारियां दी गई हैं, सभी नेता अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी और मजबूती से निर्वहन कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल संगठन को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। वहीं चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हरीश सिंह रावत, चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, आरोप पत्र समिति में करण माहरा और घोषणापत्र समिति में भुवन कापड़ी समेत सभी नेता अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार काम कर रहे हैं।कांग्रेस नेता ने कहा कि संगठन किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि सभी के मिलकर काम करने से बनता है। उन्होंने हरीश रावत के अनुभव को कांग्रेस संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री और कई बार सांसद रहे हैं, ऐसे में उनके अनुभव का लाभ पार्टी को निश्चित रूप से मिलेगा। चर्चाओं के बजाय जन मुद्दों पर हो बहस राजनीतिक चर्चाओं को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि आए दिन अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आती रहती हैं। कभी मुख्यमंत्री को हटाए जाने की चर्चा होती है तो कभी प्रधानमंत्री के नाम पर दीप जलाने जैसी बातें चर्चा में रहती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चाओं के बजाय जनता और प्रदेश से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चर्चा होनी चाहिए। साथ ही प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि देहरादून में लगातार गोली चलने की घटनाएं सामने आ रही हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा चिंता का विषय है।उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर भी न्याय की मांग उठी है और मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को बेहतर बनाने तथा प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होना जरूरी है। Byte - नीरज त्यागी ( प्रदेश महासचिव )
- कैंट विधानसभा BJP का गढ़, नही चलेगी कॉंग्रेस की नूरा कुश्ती, अपनी दावेदारी पर भी खुलकर बोलीं पार्षद अमिता सिंह... कैंट विधानसभा BJP का गढ़, नही चलेगी कॉंग्रेस की नूरा कुश्ती, अपनी दावेदारी पर भी खुलकर बोलीं पार्षद अमिता सिंह। Exclusive NIU CounselorAmitaSingh #CanntVidhansabha #Ward361
- नूनावाला में शराब की दुकान में देर रात सेंधमारी, चोरी की वारदात CCTV में कैद The Aman Times | डोईवाला नूनावाला में शराब की दुकान में देर रात सेंधमारी, चोरी की वारदात CCTV में कैद डोईवाला के नूनावाला क्षेत्र में स्थित देशी शराब की दुकान में देर रात दो अज्ञात चोरों ने शटर तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। दुकान मालिक संतराम सिंह के मुताबिक चोर करीब दो से तीन पेटी शराब और दुकान में रखी नकदी ले गए। चोरी की पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई है। सूचना के बाद डोईवाला पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में जुटी है।1
- धामी के विजन से एमडीडीए ने बदली आईएसबीटी की सूरत, 27.50 करोड़ के कायाकल्प का काम अंतिम चरण में* *मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA)* देहरादून 21 सितंबर 2026 *बस अड्डे से बनेगा आधुनिक ट्रांजिट हब, आईएसबीटी में सुविधाओं का विस्तार, यात्रियों को मिलेंगी नई सौगातें* *धामी विजन के अनुरूप ‘फाइल से फील्ड’ तक काम, यात्रियों की सुविधा से लेकर सुरक्षा और आधुनिक व्यवस्थाओं पर फोकस* देहरादून के प्रमुख अंतरराज्यीय बस टर्मिनल आईएसबीटी को अब आधुनिक और सुविधायुक्त स्वरूप देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप देहरादून को बेहतर यातायात और नागरिक सुविधाओं वाला आधुनिक शहर बनाने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने आईएसबीटी के सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण के कार्यों को गति दी है। करीब 10 एकड़ क्षेत्र में फैले इस महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र में लगभग 27.50 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित हैं। योजना का फोकस केवल भवन और ढांचे को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी है। *आईएसबीटी के कायाकल्प का पूरा काम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आधुनिक, व्यवस्थित और सुविधा संपन्न उत्तराखंड के विजन के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है।* मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे और योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, इस दिशा में एमडीडीए लगातार काम कर रहा है। उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में आईएसबीटी के निर्माण, सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण के कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच रहे हैं। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाओं को केंद्र में रखते हुए पूरे परिसर को आधुनिक और व्यवस्थित स्वरूप दिया जा रहा है। *प्लेटफॉर्म से प्रतीक्षालय तक बदलेगा स्वरूप* आईएसबीटी में प्लेटफॉर्म के फर्श को बदलने के साथ आधुनिक सार्वजनिक शौचालय विकसित किए जा रहे हैं। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रतीक्षालय, डोरमेट्री, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है। इसके साथ ही परिसर में लैंडस्केपिंग और ऊर्जा कुशल विद्युत व्यवस्था जैसे कार्य भी प्रस्तावित हैं। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आईएसबीटी से उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के अलावा देश के दूसरे राज्यों के लिए भी बड़ी संख्या में बसों का संचालन होता है। ऐसे में यहां प्रतिदिन आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को बेहतर करना परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। निर्माण कार्यों के दौरान यात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो और सुरक्षा मानकों का पालन हो, इसके लिए भी अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। *सचिव ने मौके पर पहुंचकर परखी निर्माण की रफ्तार* आईएसबीटी के सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण से जुड़े कार्यों की प्रगति का एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्माण की गति की जानकारी ली। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान यात्रियों की आवाजाही और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि विकास कार्यों के साथ आम यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो। *मॉल को भी मिलेगा आधुनिक स्वरूप* आईएसबीटी परिसर में स्थित मॉल को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में यहां फिल्मों का प्रदर्शन हो रहा है, जबकि शॉपिंग मॉल और अन्य दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया गतिमान है। इससे आईएसबीटी केवल बसों के संचालन और यात्रियों के आवागमन का केंद्र न रहकर एक अधिक व्यवस्थित और बहुउद्देश्यीय परिसर के रूप में विकसित हो सकेगा।करीब 10 एकड़ में फैले आईएसबीटी को भविष्य में प्रतिदिन लगभग 2 हजार से अधिक बसों की क्षमता को संभालने के लिहाज से डिजाइन किया गया है। देहरादून में बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ती परिवहन जरूरतों को देखते हुए आईएसबीटी का सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण शहर की परिवहन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। *कैब बूथ से ई-चार्जिंग तक, बदल रही परिसर की तस्वीर* आईएसबीटी के कायाकल्प की योजना में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ परिसर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया गया है। कैब सेवाओं के लिए ओला-उबर बूथ निर्धारित किए जा रहे हैं, जिससे बस से उतरने वाले यात्रियों को आगे के सफर के लिए सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिल सके। परिसर में ई-चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी पहले कदम उठाए जा चुके हैं।एमडीडीए ने आईएसबीटी परिसर के कियोस्कों को पारंपरिक पहाड़ी शैली में विकसित करने की पहल भी की है। इससे यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ परिसर को उत्तराखंड की स्थानीय वास्तुशैली का स्पर्श देने की कोशिश की जा रही है। वहीं जलभराव की समस्या के समाधान और परिसर की समग्र व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर भी काम किया गया है। *उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान* एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप देहरादून में सार्वजनिक सुविधाओं और यातायात से जुड़े प्रमुख स्थलों को आधुनिक स्वरूप देने पर लगातार काम किया जा रहा है। आईएसबीटी शहर का महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है, इसलिए इसके सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिले। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आईएसबीटी के मॉल और अन्य सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि पूरा परिसर अधिक व्यवस्थित और उपयोगी स्वरूप में विकसित हो सके। *सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान* एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आईएसबीटी में चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आईएसबीटी को आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त और अधिक व्यवस्थित परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करना हमारा प्रमुख उद्देश्य है।3
- पुनर्वास, सड़क, शिक्षा को लेकर जनता दरबार मे दर्ज हुई शिकायते जनता दरबार मे दर्ज हुई सत्तर शिकायते, जिलाधिकारी ने दिये निस्तारण के निर्देश1
- जनता दर्शन में सुनी गईं 36 जनसमस्याएं, डीएम ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश पौड़ी। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने सड़क, शिक्षा, आंगनबाड़ी, पेयजल, विद्युत, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, वन्यजीव, आपदा और अतिक्रमण समेत विभिन्न मामलों से संबंधित 36 शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। ।1
- *अजमेर-पाली में बढ़त के बाद भी कांग्रेस-हारी,भाजपा की मेयर बनीं:* बीकानेर में कांग्रेस जीती; 7 में से 6 नगर निगम में BJP का कब्जा, शिक्षा मंत्री के भाई हारे पाली नगर निगम: 65 वार्डों वाले पाली में कांग्रेस 29 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि भाजपा सिर्फ 21 सीटों पर सिमट गई थी. लेकिन मेयर चुनाव में निर्दलीयों के समर्थन से पासा पलट गया. भाजपा की नमिता बुबकिया को 33 वोट मिले और वे पाली की महापौर चुनी गईं. वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी राजबाला को 29 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी सुमित्रा को मात्र 3 वोट ही मिल सके अजमेर नगर निगम: अजमेर में भी शुरुआती नतीजों में कांग्रेस ने भाजपा के गढ़ में मजबूत पकड़ बनाई थी, लेकिन अंतिम मेयर चुनाव के समीकरणों में बाजी मारते हुए भाजपा ने यहां भी अपना बोर्ड बना लिया है ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा हिंदी दैनिक समाचार पत्र1
- हरिद्वार में सतपाल महाराज का 75वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया The aman times हरिद्वार में सतपाल महाराज का 75वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ संत सतपाल महाराज का 75वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में अनुयायी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। इस दौरान विदेशी भक्तों ने सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सतपाल महाराज ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए विश्व शांति, देश की प्रगति और सर्वे भवन्तु सुखिनः की भावना के साथ विश्व कल्याण की कामना की।1
- भाजपा का अंतर्कलह अब सड़क पर, अपनी ही सरकार में काम कराने में नाकाम चौहान दंपत्ति की बौखलाहट सामने आई : गरिमा मेहरा दसोनी उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसोनी ने चकराता क्षेत्र की योजनाओं को लेकर भाजपा के भीतर चल रहे विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा का अंतर्कलह अब पूरी तरह जनता के सामने आ चुका है। अपनी ही पार्टी की सरकार के समाज कल्याण मंत्री खजानदास के आवास पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि सरकार और संगठन के बीच समन्वय की स्थिति क्या है। गरिमा मेहरा दसोनी ने कहा कि मधु चौहान और मुन्ना सिंह चौहान अपनी ही सरकार में काम कराने में असफल साबित हो रहे हैं और अब अपनी राजनीतिक नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रहे हैं। गरिमा ने कहा कि चकराता-जौनसार क्षेत्र में भाजपा की राजनीतिक स्थिति और चौहान दंपत्ति की राजनीतिक पकड़ को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। चकराता में मधु चौहान को 2007 और 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रीतम सिंह से पराजय मिली थी। 2022 में भी भाजपा ने चकराता में मुंह की खाई। गरिमा मेहरा दसोनी ने कहा कि 2025 के पंचायत चुनाव में भी स्थिति चौहान दंपत्ति के पक्ष में नहीं रही। मधु चौहान ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जरूर जीता, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस समर्थित सुखविंदर कौर के हाथों भाजपा प्रत्याशी के रूप में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जौनसार-बावर की 11 जिला पंचायत सीटों में कांग्रेस ने सात सीटें जीतीं, जबकि भाजपा तीन पर रही। उन्होंने कहा कि इन राजनीतिक झटकों के बाद अपनी खीज और बौखलाहट मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन के रूप में निकालने के बजाय चौहान दंपत्ति को अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक भूमिका का आत्ममंथन करना चाहिए। चकराता-जौनसार की जनता विकास और अपने क्षेत्र के अधिकारों की बात चाहती है, भाजपा के नेताओं की आपसी लड़ाई नहीं। गरिमा ने कहा कि महेंद्र भट्ट बताएं भाजपा का अनुशासन कहां है? कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को भी घेरते हुए कहा कि भाजपा नेतृत्व लगातार अनुशासन और संगठन की मजबूती की बात करता है, लेकिन जब अपनी ही पार्टी के नेता अपनी ही सरकार के मंत्री के घर पर प्रदर्शन कर रहे हैं तो पार्टी का अनुशासन कहां चला जाता है? उन्होंने कहा महेंद्र भट्ट जी, कांग्रेस को अनुशासन का पाठ पढ़ाने से पहले अपनी पार्टी का अनुशासन देखिए। आपकी ही पार्टी के नेता अपनी ही सरकार के मंत्री के आवास पर धरना दे रहे हैं। अगर शिकायतों के समाधान के लिए पार्टी का संगठनात्मक मंच मौजूद है तो फिर यह मामला सड़क तक कैसे पहुंच गया? पार्टी के भीतर इस तरह का सार्वजनिक टकराव सामने आने पर भाजपा नेतृत्व क्या कार्रवाई करता है? मंत्री खजानदास को आत्महत्या तक की बात क्यों कहनी पड़ी? गरिमा मेहरा दसोनी ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का सबसे गंभीर पहलू यह है कि अपनी ही पार्टी के नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में मंत्री खजानदास को सार्वजनिक रूप से यह कहना पड़ा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित होते हैं तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और आत्महत्या कर लेंगे। गरिमा ने पूछा यह कैसा अनुशासन है और यह किस तरह की प्रेशर पॉलिटिक्स है, जिसमें भाजपा के एक मंत्री को अपनी ही पार्टी के लोगों के आरोपों का जवाब देते हुए आत्महत्या तक की बात कहनी पड़ रही है? क्या यही भाजपा का संगठनात्मक अनुशासन है?” भाजपा संगठन को तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, अब केवल लीपापोती से काम नहीं चलेगा गरिमा मेहरा दसोनी ने कहा कि भाजपा नेतृत्व द्वारा संबंधित नेताओं को तलब कर लेना या बंद कमरे में बैठक कर लेना इस विवाद का स्थायी समाधान नहीं है। जो राजनीतिक नुकसान और भाजपा की अंदरूनी कलह जनता के सामने आनी थी, वह सामने आ चुकी है। अब केवल डैमेज कंट्रोल और लीपापोती से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि चौहान दंपत्ति को जनता के बीच अपनी राजनीतिक स्थिति और संगठनात्मक भूमिका पर आत्ममंथन करना चाहिए। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को यह जवाब देना चाहिए कि उनकी पार्टी में अनुशासन और आंतरिक शिकायत निवारण की व्यवस्था वास्तव में कितनी प्रभावी है। भाजपा आज विपक्ष को अनुशासन का पाठ पढ़ा रही है, लेकिन उसकी अपनी सरकार में मंत्री के घर के बाहर उसके ही कार्यकर्ताओं का धरना और मंत्री का आत्महत्या तक की बात कहना भाजपा के संगठनात्मक दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। — गरिमा मेहरा दसौनी मुख्य प्रवक्ता, उत्तराखंड कांग्रेस1
- *राज ठाकरे के खिलाफ रील बनाने वाले को कालिख पोती:* माफी मंगवाई, सिर पर चप्पल रखी; पुणे का मामला विवाद की वजह: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महेश मोटे ने कुछ दिनों पहले एक रील (वीडियो) पोस्ट की थी, जिसमें कथित तौर पर मनसे (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक व व्यक्तिगत टिप्पणी की गई थी। कात्रज से पकड़ा: मनसे कार्यकर्ताओं को जब पता चला कि महेश मोटे केरल से लौटकर पुणे के कात्रज इलाके के एक पार्क में मौजूद हैं, तो वे वहां पहुंचे और उन्हें पकड़कर पार्टी के जनसंपर्क कार्यालय (हडपसर विधानसभा क्षेत्र) ले आए।कार्यालय में दी 'सजा': पार्टी दफ्तर में कार्यकर्ताओं ने महेश मोटे के चेहरे पर काली स्याही पोत दी। इसके बाद उनके सिर पर चप्पल रखकर उनसे उठक-बैठक कराई गई और राज ठाकरे की तस्वीर के सामने साष्टांग दंडवत (मथा टेकने) प्रणाम करने पर मजबूर किया रोते हुए मांगी माफी: इस पूरी प्रताड़ना के बाद महेश मोटे का एक वीडियो रिकॉर्ड किया गया, जिसमें वे बेहद डरे हुए और रोते हुए हाथ जोड़कर राज ठाकरे व मनसे कार्यकर्ताओं से अपनी गलती के लिए बिना शर्त माफी मांगते नजर आ रहे हैं। [1] 'मनसे स्टाइल' जवाब: मनसे के हडपसर उपविभाग अध्यक्ष शुभम जगदाले और पुणे शहर अध्यक्ष साईनाथ बाबर ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने इसे 'MNS स्टाइल' जवाब बताते हुए कहा कि उनके नेता के खिलाफ इस तरह की अभद्र टिप्पणी करने वालों के साथ आगे भी ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा हिंदी दैनिक समाचार1