स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्यों एवं सुझावों पर हुआ मंथन - स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी की वर्तमान स्थिति पर किया गया जमीनी अध्ययन - पिछड़ा वर्ग की वास्तविक स्थिति का जमीनी अध्ययन कर स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण के संबंध में तथ्य एवं सुझाव जुटा रहा आयोग औरैया। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक मा0 न्यायमूर्ति/अध्यक्ष राम औतार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार कक्ष में आयोजित की गयी। आयोग द्वारा मा0 जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गयी। बैठक का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकाय/पंचायत चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्य, जमीनी स्थिति एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त करना रहा। आयोग द्वारा यह जानने का प्रयास किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक स्थिति क्या है तथा स्थानीय निकायों में उनका प्रतिनिधित्व किस स्तर पर है। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त तथ्यों एवं अनुभवों के आधार पर पिछड़ा वर्ग की स्थिति का समग्र आकलन किया जा रहा है, ताकि आरक्षण से संबंधित विषय पर तथ्यपरक एवं उपयुक्त सुझाव/अनुशंसा प्रस्तुत करने में आवश्यक आधार प्राप्त हो सके। बैठक के दौरान आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, विभिन्न पिछड़ा वर्ग समुदायों की संख्या एवं उनकी सामाजिक स्थिति के संबंध में जानकारी ली गयी। जनप्रतिनिधियों से यह भी जाना गया कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से पिछड़े वर्ग के समुदाय अधिक संख्या में निवास करते हैं तथा विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में क्या अंतर है। आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जनप्रतिनिधियों के जमीनी अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की शैक्षिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तक पहुंच तथा शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली प्रमुख बाधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गयी। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि पिछड़ा वर्ग के लोगों को समाज में अन्य वर्गों के समान अवसर एवं सम्मान प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं तथा उनके साथ सामाजिक समानता एवं बराबरी का व्यवहार किस स्तर तक किया जा रहा है। बैठक में पिछड़ा वर्ग के परिवारों की आवासीय स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गयी। जनप्रतिनिधियों से यह जानकारी प्राप्त की गयी कि पिछड़ा वर्ग के कितने परिवार पक्के मकानों में निवास करते हैं तथा कितने परिवार अभी भी आवासीय सुविधाओं से वंचित हैं। इसी क्रम में शौचालय, पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं तक पिछड़ा वर्ग के लोगों की पहुंच के संबंध में भी क्षेत्रवार जानकारी एवं अनुभव प्राप्त किए गए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की आजीविका के प्रमुख साधनों एवं आर्थिक स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गयी। जनप्रतिनिधियों से यह जाना गया कि उनके क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के लोग मुख्य रूप से कृषि, पशुपालन, मजदूरी, छोटे व्यवसाय, कुटीर उद्योग, स्वरोजगार अथवा अन्य किन व्यवसायों पर निर्भर हैं। साथ ही भूमि एवं आर्थिक संसाधनों तक पहुंच, रोजगार के अवसर, स्वरोजगार तथा आर्थिक उन्नति में आने वाली कठिनाइयों के संबंध में भी तथ्य एवं सुझाव प्राप्त किए गये। बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय स्थानीय स्तर पर पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी का रहा। आयोग ने जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर पिछड़ा वर्ग के लोगों की राजनीतिक भागीदारी तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में उनके प्रतिनिधित्व की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से केवल आंकड़ों की जानकारी ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए गए। विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति, उनकी समस्याओं, विकास की आवश्यकताओं तथा स्थानीय स्तर पर उनके सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे। विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित विषयों पर जनप्रतिनिधियों के सुझाव एवं क्षेत्रीय अनुभव आयोग द्वारा गंभीरता से सुने गए। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति का जमीनी एवं तथ्यपरक अध्ययन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के माध्यम से पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, शैक्षिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच तथा स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। बैठक में प्राप्त जानकारी एवं सुझाव आयोग के अध्ययन में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे तथा आगामी स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आयोग द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट/सुझाव एवं अनुशंसा के लिए उपयोगी होंगे। बैठक के अंत में आयोग के माननीय सदस्यगण ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा उपलब्ध करायी गयी महत्वपूर्ण जानकारी एवं सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा आयोग के माननीय सदस्य गणों का आभार व्यक्त किया गया। बैठक में आयोग के मा0 सदस्य बृजेश कुमार (सेवानिवृत्त डीजे), मा0 सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त एडीजे), मा0 सदस्य डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस) एवं मा0 सदस्य एस.पी. सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस), मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे, अन्य मा0 जनप्रतिनिधिगण, मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी सहित संबंधित अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान/प्रशासक सहित विभिन्न स्तरों के जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्यों एवं सुझावों पर हुआ मंथन - स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी की वर्तमान स्थिति पर किया गया जमीनी अध्ययन - पिछड़ा वर्ग की वास्तविक स्थिति का जमीनी अध्ययन कर स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण के संबंध में तथ्य एवं सुझाव जुटा रहा आयोग औरैया। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक मा0 न्यायमूर्ति/अध्यक्ष राम औतार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार कक्ष में आयोजित की गयी। आयोग द्वारा मा0 जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गयी। बैठक का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकाय/पंचायत चुनावों से पूर्व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आवश्यक तथ्य, जमीनी स्थिति एवं जनप्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त करना रहा। आयोग द्वारा यह जानने का प्रयास किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक स्थिति क्या है तथा स्थानीय निकायों में उनका प्रतिनिधित्व किस स्तर पर है। आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त तथ्यों एवं अनुभवों के आधार पर पिछड़ा वर्ग की स्थिति का समग्र आकलन किया जा रहा है, ताकि आरक्षण से संबंधित विषय पर तथ्यपरक एवं उपयुक्त सुझाव/अनुशंसा प्रस्तुत करने में आवश्यक आधार प्राप्त हो सके। बैठक के दौरान आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, विभिन्न पिछड़ा वर्ग समुदायों की संख्या एवं उनकी सामाजिक स्थिति के संबंध में जानकारी ली गयी। जनप्रतिनिधियों से यह भी जाना गया कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से पिछड़े वर्ग के समुदाय अधिक संख्या में निवास करते हैं तथा विभिन्न समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में क्या अंतर है। आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जनप्रतिनिधियों के जमीनी अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की शैक्षिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तक पहुंच तथा शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली प्रमुख बाधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गयी। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि पिछड़ा वर्ग के लोगों को समाज में अन्य वर्गों के समान अवसर एवं सम्मान प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं तथा उनके साथ सामाजिक समानता एवं बराबरी का व्यवहार किस स्तर तक किया जा रहा है। बैठक में पिछड़ा वर्ग के परिवारों की आवासीय स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गयी। जनप्रतिनिधियों से यह जानकारी प्राप्त की गयी कि पिछड़ा वर्ग के कितने परिवार पक्के मकानों में निवास करते हैं तथा कितने परिवार अभी भी आवासीय सुविधाओं से वंचित हैं। इसी क्रम में शौचालय, पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं तक पिछड़ा वर्ग के लोगों की पहुंच के संबंध में भी क्षेत्रवार जानकारी एवं अनुभव प्राप्त किए गए। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग के लोगों की आजीविका के प्रमुख साधनों एवं आर्थिक स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गयी। जनप्रतिनिधियों से यह जाना गया कि उनके क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के लोग मुख्य रूप से कृषि, पशुपालन, मजदूरी, छोटे व्यवसाय, कुटीर उद्योग, स्वरोजगार अथवा अन्य किन व्यवसायों पर निर्भर हैं। साथ ही भूमि एवं आर्थिक संसाधनों तक पहुंच, रोजगार के अवसर, स्वरोजगार तथा आर्थिक उन्नति में आने वाली कठिनाइयों के संबंध में भी तथ्य एवं सुझाव प्राप्त किए गये। बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय स्थानीय स्तर पर पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी का रहा। आयोग ने जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर पर पिछड़ा वर्ग के लोगों की राजनीतिक भागीदारी तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में उनके प्रतिनिधित्व की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। आयोग के माननीय सदस्यगण द्वारा जनप्रतिनिधियों से केवल आंकड़ों की जानकारी ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए गए। विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति, उनकी समस्याओं, विकास की आवश्यकताओं तथा स्थानीय स्तर पर उनके सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे। विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से संबंधित विषयों पर जनप्रतिनिधियों के सुझाव एवं क्षेत्रीय अनुभव आयोग द्वारा गंभीरता से सुने गए। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति का जमीनी एवं तथ्यपरक अध्ययन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के माध्यम से पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, शैक्षिक स्थिति, आर्थिक स्थिति, मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच तथा स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। बैठक में प्राप्त जानकारी एवं सुझाव आयोग के अध्ययन में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेंगे तथा आगामी स्थानीय ग्रामीण निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में आयोग द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट/सुझाव एवं अनुशंसा के लिए उपयोगी होंगे। बैठक के अंत में आयोग के माननीय सदस्यगण ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा उपलब्ध करायी गयी महत्वपूर्ण जानकारी एवं सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा आयोग के माननीय सदस्य गणों का आभार व्यक्त किया गया। बैठक में आयोग के मा0 सदस्य बृजेश कुमार (सेवानिवृत्त डीजे), मा0 सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त एडीजे), मा0 सदस्य डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस) एवं मा0 सदस्य एस.पी. सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस), मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे, अन्य मा0 जनप्रतिनिधिगण, मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी सहित संबंधित अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान/प्रशासक सहित विभिन्न स्तरों के जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
- हसेरन: ग्राम पंचायत सकतपुर में अकीदत और अमन-चैन के साथ निकला ईद मिलादुन्नबी का जुलूस हसेरन: ब्लॉक हसेरन क्षेत्र की ग्राम पंचायत सकतपुर में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर जुलूस-ए-मोहम्मदी बड़े ही हर्षोल्लास, अमन और चैन के साथ निकाला गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारे का शानदार माहौल देखने को मिला। जुलूस में स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ब्लॉक प्रमुख पुष्पेंद्र शाक्य मौजूद रहे। उनके साथ क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रकाश तिवारी और पूर्व प्रधान आनंद दुबे ने भी शिरकत की और जुलूस में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया। **सैकड़ों लोगों ने दिया व्यवस्था में सहयोग** जुलूस की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और इसे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में समुदाय के लोगों ने अहम भूमिका निभाई। मुख्य रूप से रियासत अली, इलियास अली, अंसार अली, हाफिज शान मोहम्मद, इकराम खान, शमीम हुसैन, सोनू अली, इमरान खान, जाविद सिद्दीकी और नदीम हुसैन ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। इसके अलावा गांव के अन्य सैकड़ों लोगों ने भी इस जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होकर व्यवस्था में अपना पूर्ण सहयोग दिया, जिससे कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।1
- सावन के अंतिम सोमवार पर औरैया के प्रसिद्ध देवकली मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब। ड्रोन कैमरों और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल के साथ सुरक्षा के कड़े इंतजाम। आईसीसीसी (ICCC) कंट्रोल रूम से रखी जा रही है हर गतिविधि पर नजर। शांतिपूर्ण माहौल में श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक।1
- बारावफात पर्व के दृष्टिगत थाना कोतवाली औरैया क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर विभिन्न स्थानों पर निकल रहे *जिलाधिकारी औरैया एवं पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा बारावफात पर्व के दृष्टिगत थाना कोतवाली औरैया क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर विभिन्न स्थानों पर निकल रहे बारावफात जुलूसों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को सतर्कता एवं मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने, जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। तथा आमजन से बारावफात पर्व को आपसी प्रेम, भाईचारे, शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।👇*1
- डी एम और एस पी ने बारावफात जुलूसों का किया निरीक्षण, सुरक्षा के दिए कड़े निर्देश जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बारावफात पर्व के मद्देनजर कोतवाली क्षेत्र का सघन दौरा किया। इस दौरान दोनों उच्चाधिकारियों ने विभिन्न मार्गों से निकल रहे बारावफात जुलूसों का भौतिक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से त्योहार को आपसी प्रेम, भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाने तथा प्रशासनिक गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की।4
- कस्बा ऐरवा कटरा मे ईद उल मिलादुल नबी का जुलुस धूमधाम से मनाया गया मुस्लिम समाज मे खुशी की लहेर ऐरवा कटरा / औरैया - जनपद के विकास खंड ऐरवा कटरा मे आज ईद उल मिलादुन नबी का जुलुस कस्बे की सारी गलियों मे डी जे के साथ बड़ी धूमधाम से कस्बे मे घुमाया गया! और समाज के युवाओं दुवारा लोगो नारे भी लगाए! हैदर अली महफूज अली यूनिस अली मोमीन अली अयान अली असफाक अली कमेटी के तमाम लोग जुलुस मे मैजूद रहे3
- लगातार बारिश से दो भाइयों के कच्चे मकान भरभराकर गिरे बाल-बाल बचा परिवार, गृहस्थी का सामान मलबे में दबा; राजस्व टीम से नुकसान का आकलन कराने की मांग अजीतमल। क्षेत्र के ग्राम फूलपुर में लगातार हो रही बारिश के चलते दो सगे भाइयों के कच्चे मकान भरभराकर गिर गए। हादसे के समय एक मकान में बुजुर्ग महिला मौजूद थी, जबकि दूसरे मकान में परिवार के सदस्य अलग कमरे में सो रहे थे। गनीमत रही कि दोनों हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि मकानों में रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। ग्राम फूलपुर निवासी राशिद खान पुत्र अब्दुल्ला खान के परिवार के सदस्य बारिश के दौरान घर में मौजूद थे। रात में परिवार के लोग बाहरी कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक कच्चे मकान की छत और दीवार भरभराकर गिर पड़ी। तेज आवाज से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि परिवार के लोग सुरक्षित बच गए। मकान में रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। सुबह ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर सामान बाहर निकाला गया। वहीं, कुछ दूरी पर राशिद के छोटे भाई जाकिर हुसैन पुत्र अब्दुल्ला खान का कच्चा मकान भी बारिश के चलते गिर गया। मकान के मलबे में गृहस्थी का सामान, आटा चक्की, दो बक्से समेत अन्य सामान दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि बारिश से मकान गिरने की सूचना मिली है। संबंधित राजस्व कर्मचारी को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन कराया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार पीड़ित परिवार को अनुमन्य सहायता दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।1
- औरैया में मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर जुलूस का स्वागत, हिंदू-मुस्लिम एकता का दिया संदेश औरैया। मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर औरैया सदर में निकाले गए जुलूस का सदर तहसील चौराहा पर नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने फूल-मालाओं एवं जलपान के साथ स्वागत किया। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने भी नगर पालिका अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने कहा कि मोहम्मद साहब का जन्मदिन हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनपद में सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होकर मिलजुलकर पर्व मनाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि औरैया में गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द की परंपरा हमेशा कायम रहे। स्वागत के दौरान जुलूस में शामिल लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम में सभासद विनोद उर्फ कल्लू यादव, सभासद राशिद, सभासद कुल्लन नेता, सभासद छैया त्रिपाठी, सभासद अनबार, ठेकेदार अजय चौहान, ठेकेदार दीपेंद्र सिंह, जगन राईन, सोनी ट्यूबवेल ऑपरेटर समेत अन्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मोहम्मद साहब के जन्मदिन का जश्न मनाया और सामाजिक एकता का संदेश दिया।2
- कन्नौज पुलिस की बड़ी कामयाबी: फिंगरप्रिंट क्लोनिंग से 45 लाख की ठगी करने वाला शातिर अरेस्ट, 20 ATM बरामद उत्तर प्रदेश के कन्नौज से साइबर ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शातिर साइबर अपराधी ने लोगों के भरोसे का फायदा उठाते हुए उनके अंगूठे का क्लोन (फिंगरप्रिंट क्लोनिंग) बनाया और उनके खातों से 45 लाख रुपये की मोटी रकम पार कर दी। कन्नौज पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश करते हुए साइबर शातिर को धर दबोचा है। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से पुलिस को 20 अलग-अलग एटीएम (ATM) कार्ड बरामद हुए हैं। आरोपी इतने सारे एटीएम कार्ड लेकर घूम रहा था, जिससे पता चलता है कि वह इस तरह की ठगी का पुराना खिलाड़ी है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क और अन्य पीड़ितों के बारे में जानकारी मिल सके।1