21 जून को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के संकल्प सभागार, लोक सेवक आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खातीपुरा (जयपुर)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्य कार्यक्रम स्थल खातीपुरा (जयपुर) में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा तथा केन्द्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान रेलवे बोर्ड ने दिल्ली और पटना के बीच बुलेट ट्रेन चलाने के निर्णय की भी जानकारी दी, जिससे पटना से दिल्ली पहुंचने में लगभग सवा चार घंटा लगेगा और यह ट्रेन सिलीगुड़ी तक जाएगी। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने इस दिन को बिहार के लिए ऐतिहासिक बताया, जिससे बिहार की पावन धरती मिथिला के क्षेत्र दरभंगा और राजस्थान के जयपुर के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने देश के आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त किया, खासकर बिहार से देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर परिश्रम कर जीविकोपार्जन करने वालों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के लिए। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि खातीपुरा (जयपुर)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस केवल एक नई रेल सेवा नहीं है, बल्कि यह मिथिला और राजस्थान के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने वाला एक महत्वपूर्ण सेतु है, जो मिथिला के मखाना और राजस्थान के घेवर के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी रेल सेवाएँ राष्ट्रीय एकता और समावेशी विकास को भी मजबूती प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भी उल्लेख किया और बताया कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने भारतीय रेलवे में पिछले 12 वर्षों में हुए अभूतपूर्व परिवर्तनों की सराहना की, जिसमें रेलवे अवसंरचना का विस्तार, नई रेल लाइनों का निर्माण, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, आधुनिक स्टेशनों का विकास और यात्री सुविधाओं में व्यापक सुधार शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार इस परिवर्तन का एक प्रमुख लाभार्थी रहा है, जहाँ रेलवे परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन से व्यापार, पर्यटन, रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य के 38 में से 36 जिले रेल कनेक्टिविटी से जुड़े हैं और शेष दो जिलों पर भी तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार प्रत्येक वर्ष रेल बजट में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये बिहार को देती है और वर्तमान में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं बिहार में चल रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री जी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2029 से पहले सभी रेलवे स्टेशनों को पुनर्स्थापित करने का आह्वान किया है और बिहार को उसका हक मिल रहा है, जो बिहारवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री ने खाटू श्याम जी की धरती पर नया रेलवे स्टेशन बनाने के केन्द्रीय रेल मंत्री के निर्णय के लिए भी उन्हें बधाई दी। उन्होंने मढ़ौरा में वर्ष 2016 से अब तक 835 से अधिक रेलवे इंजनों के निर्माण का उल्लेख किया, जो देश और देश के बाहर भेजे गए हैं, और इसे राज्य की औद्योगिक क्षमता तथा कुशल मानव संसाधन का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बिहार को देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करती है और इससे बिहार को 1000 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में प्राप्त होते हैं, जिससे रेलवे के सहयोग से राज्य की आर्थिक प्रगति में सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से आग्रह किया कि वे हर दो महीने में बिहार आते रहें ताकि रेलवे के अधूरे कार्य तेजी से पूर्ण हो सकें। इस अवसर पर पटना में दरभंगा के सांसद श्री गोपालजी ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार सहित रेलवे के अधिकारीगण उपस्थित थे। वहीं, मुख्य कार्यक्रम स्थल खातीपुरा (जयपुर) पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा, केन्द्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, राजस्थान की उप मुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी और जयपुर की सांसद श्रीमती मंजू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और रेलवे के अधिकारीगण मौजूद थे।
21 जून को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के संकल्प सभागार, लोक सेवक आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खातीपुरा (जयपुर)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्य कार्यक्रम स्थल खातीपुरा (जयपुर) में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा तथा केन्द्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान रेलवे बोर्ड ने दिल्ली और पटना के बीच बुलेट ट्रेन चलाने के निर्णय की भी जानकारी दी, जिससे पटना से दिल्ली पहुंचने में लगभग सवा चार घंटा लगेगा और यह ट्रेन सिलीगुड़ी तक जाएगी। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने इस दिन को बिहार के लिए ऐतिहासिक बताया, जिससे बिहार की पावन धरती मिथिला के क्षेत्र दरभंगा और राजस्थान के जयपुर के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने देश के आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त किया, खासकर बिहार से देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर परिश्रम कर जीविकोपार्जन करने वालों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के लिए। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि खातीपुरा (जयपुर)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस केवल एक नई रेल सेवा नहीं है, बल्कि यह मिथिला और राजस्थान के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने वाला एक महत्वपूर्ण सेतु है, जो मिथिला के मखाना और राजस्थान के घेवर के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी रेल सेवाएँ राष्ट्रीय एकता और समावेशी विकास को भी मजबूती प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भी उल्लेख किया और बताया कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने भारतीय रेलवे में पिछले 12 वर्षों में हुए अभूतपूर्व परिवर्तनों की सराहना की, जिसमें रेलवे अवसंरचना का विस्तार, नई रेल लाइनों का निर्माण, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, आधुनिक स्टेशनों का विकास और यात्री सुविधाओं में व्यापक सुधार शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार इस परिवर्तन का एक प्रमुख लाभार्थी रहा है, जहाँ रेलवे परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन से व्यापार, पर्यटन, रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य के 38 में से 36 जिले रेल कनेक्टिविटी से जुड़े हैं और शेष दो जिलों पर भी तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार प्रत्येक वर्ष रेल बजट में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये बिहार को देती है और वर्तमान में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं बिहार में चल रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री जी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2029 से पहले सभी रेलवे स्टेशनों को पुनर्स्थापित करने का आह्वान किया है और बिहार को उसका हक मिल रहा है, जो बिहारवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री ने खाटू श्याम जी की धरती पर नया रेलवे स्टेशन बनाने के केन्द्रीय रेल मंत्री के निर्णय के लिए भी उन्हें बधाई दी। उन्होंने मढ़ौरा में वर्ष 2016 से अब तक 835 से अधिक रेलवे इंजनों के निर्माण का उल्लेख किया, जो देश और देश के बाहर भेजे गए हैं, और इसे राज्य की औद्योगिक क्षमता तथा कुशल मानव संसाधन का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बिहार को देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करती है और इससे बिहार को 1000 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में प्राप्त होते हैं, जिससे रेलवे के सहयोग से राज्य की आर्थिक प्रगति में सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से आग्रह किया कि वे हर दो महीने में बिहार आते रहें ताकि रेलवे के अधूरे कार्य तेजी से पूर्ण हो सकें। इस अवसर पर पटना में दरभंगा के सांसद श्री गोपालजी ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार सहित रेलवे के अधिकारीगण उपस्थित थे। वहीं, मुख्य कार्यक्रम स्थल खातीपुरा (जयपुर) पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा, केन्द्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, राजस्थान की उप मुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी और जयपुर की सांसद श्रीमती मंजू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और रेलवे के अधिकारीगण मौजूद थे।
- राजधानी पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र स्थित ढेलवा गांव से एक अत्यंत चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ एक भाई-बहन शनिवार शाम से लापता हैं। ढेलवा गांव निवासी खुशबू देवी के 10 वर्षीय पुत्र आरुश कुमार और 11 वर्षीय पुत्री अनुष्का कुमारी 20 जून 2026 की शाम लगभग पांच बजे अपने घर से स्कूल बैग, कॉपी और किताबों के साथ निकले थे, जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बच्चों की मां खुशबू देवी, जो घरों और दुकानों में मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करती हैं, ने बताया कि काफी खोजबीन के बाद भी बच्चों का कोई पता नहीं चला। उन्होंने रामकृष्ण नगर थाना पहुंचकर पुलिस से अपने बच्चों की बरामदगी की गुहार लगाई है। खुशबू देवी ने पुलिस से आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने की भी मांग की है, ताकि बच्चों के जाने की दिशा का पता चल सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उनके पति मानसिक रूप से बीमार हैं और वे भी काफी समय से घर से लापता हैं, जिससे बच्चों के गायब होने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और वह लगातार अपने बच्चों की सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रही हैं। रामकृष्ण नगर थाना पुलिस को इस मामले की सूचना दे दी गई है, और परिजन बच्चों की तलाश में जुटे हुए हैं। परिवार ने आम लोगों से भावुक अपील की है कि यदि किसी को आरुश कुमार और अनुष्का कुमारी के संबंध में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल मोबाइल नंबर 9262674686 पर सूचित करें, ताकि दोनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया जा सके।1
- पटना में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नालंदा मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर उषा कुमारी और सुपरीटेंडेंट डॉ. रश्मि प्रसाद सहित अस्पताल के सभी डॉक्टर, नर्स, स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। डॉ. अजय कुमार सिन्हा और डॉ. मुकुल प्रसाद जैसे कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी इस योगाभ्यास में भाग लिया, और सभी ने मिलकर लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पटना सिटी के कई अन्य स्थानों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कंगन घाट प्रमुख था। यहाँ स्थानीय विधायक, भाजपा नेता, भाजपा के महामंत्री और मंत्री सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने योगाभ्यास में हिस्सा लिया और योग के महत्व पर जोर दिया।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि योग ने न केवल पूरे राष्ट्र को, बल्कि समस्त विश्व को भी एक सूत्र में बांध दिया है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज दुनिया के कई देश भारत की इस प्राचीन योग परंपरा को स्वेच्छा से अपना रहे हैं और इसे अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि योग मात्र एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा को आपस में जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि योग की यही शक्ति लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम कर रही है, जिसने सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों की बाधाओं को तोड़कर पूरे विश्व को एक साथ खड़ा कर दिया है। भारत की इस गौरवशाली प्राचीन परंपरा को वैश्विक पहचान मिलने पर प्रधानमंत्री ने अपनी गहरी खुशी व्यक्त की।1
- एक पोस्ट के अनुसार, मौर्य साम्राज्य के आते ही चोर, दलाल, गुंडा, माफिया और देशद्रोही या तो मार दिए जाते हैं या फिर देश छोड़कर भाग जाते हैं। इस बात को 'ITS ASHOK SAMRAT' के साथ देखने के लिए कहा गया है।1
- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर सम्राट चौधरी के अधीन कार्यरत पुलिस की भूमिका और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।1
- राजधानी पटना के बेउर थाना क्षेत्र से बीते 13 जून से दो नाबालिग लड़के, करण कुमार और विशाल कुमार, लापता हैं। दोनों की उम्र 13 वर्ष है। 13 जून की शाम 6 बजे दोनों दोस्त ब्रह्मपुर स्थित आरपीएस स्कूल के निकट खेल मैदान में क्रिकेट खेलने गए थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। परिजनों और सगे-संबंधियों ने लड़कों की काफी खोजबीन की, लेकिन उन्हें ढूंढने में असमर्थ रहे। इसके बाद करण के पिता अखिलेश राय और विशाल के पिता अरुण कुमार ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के छह दिन बीत जाने के बावजूद, लापता युवकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। किसी अनहोनी की आशंका से दोनों युवकों के परिजन बेहद चिंतित एवं आशंकित हैं, और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। अपने बच्चों का सही पता बताने वाले व्यक्ति को परिजनों ने 20 हजार रुपये का सुनिश्चित इनाम देने की घोषणा की है।1
- आज फतुहा के छपाक वॉटर पार्क में मारपीट का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घायल हुए लोगों को फतुहा थाने लाया। हालांकि, घायलों के परिजनों ने थाने पर एकपक्षीय कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 23वीं किस्त जारी की है। इस पहल के अंतर्गत, देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में लगभग ₹18,880 करोड़ की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान को ₹2,000 की किस्त प्रदान की गई, जिससे 2.18 करोड़ से अधिक महिला किसानों को भी सीधा लाभ पहुंचा है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, PM-KISAN योजना के शुभारंभ के बाद से अब तक किसानों को कुल 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है।1