डूंगरपुर के धंबोला पुलिस थाना अंतर्गत लिखी बड़ी गांव में नदी में नहाने गए चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चों को बचा लिया गया है। आज सुबह कुल छह बच्चे नदी पर नहाने गए थे, जहां नहाते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया। डूबने से जान गंवाने वालों में लिखी बड़ी निवासी इशिता बाबू डामोर (उम्र 15 साल), प्रतीक पिता बाबू डामोर (उम्र 20 साल), हिना बाबूलाल डामोर (उम्र 24 साल) और उनके घर पर मेहमान आई लड़की रोनक पिता गौतम परमार (उम्र 20 साल, निवासी पालनपुर, गुजरात) शामिल हैं। वहीं, हादसे के दौरान दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनकी पहचान राजवीर पिता कोहराम सिंह (उम्र 15 साल, निवासी पालनपुर, गुजरात) और जयसिंह पिता सुरेश सिंह डामोर (उम्र 11 साल, निवासी मेहसाणा, गुजरात) के रूप में हुई है। घटना के बाद सभी मृतकों के शवों को सीएचसी सीमलवाड़ा में शिफ्ट कराया गया है। मौके पर पुलिस जाब्ता मौजूद है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
डूंगरपुर के धंबोला पुलिस थाना अंतर्गत लिखी बड़ी गांव में नदी में नहाने गए चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चों को बचा लिया गया है। आज सुबह कुल छह बच्चे नदी पर नहाने गए थे, जहां नहाते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया। डूबने से जान गंवाने वालों में लिखी
बड़ी निवासी इशिता बाबू डामोर (उम्र 15 साल), प्रतीक पिता बाबू डामोर (उम्र 20 साल), हिना बाबूलाल डामोर (उम्र 24 साल) और उनके घर पर मेहमान आई लड़की रोनक पिता गौतम परमार (उम्र 20 साल, निवासी पालनपुर, गुजरात) शामिल हैं। वहीं, हादसे के दौरान दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनकी पहचान राजवीर
पिता कोहराम सिंह (उम्र 15 साल, निवासी पालनपुर, गुजरात) और जयसिंह पिता सुरेश सिंह डामोर (उम्र 11 साल, निवासी मेहसाणा, गुजरात) के रूप में हुई है। घटना के बाद सभी मृतकों के शवों को सीएचसी सीमलवाड़ा में शिफ्ट कराया गया है। मौके पर पुलिस जाब्ता मौजूद है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
- डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र के बड़ी गांव स्थित वात्रक एनीकट में रविवार सुबह करीब 10 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एनीकट में नहाने गए छह बच्चे गहरे पानी में चले गए, जिससे डूबने से चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और उनकी एक फुफेरी बहन शामिल हैं। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में जान गंवाने वालों में बाबूसिंह डामोर की बड़ी बेटी हिना (24), बेटा प्रतीक (20) और छोटी बेटी इशिता (15) शामिल हैं। इनके साथ ही पालनपुर निवासी गौतम भाई परमार की बेटी रौनक (20) की भी डूबने से मौत हो गई, जो उनकी फुफेरी बहन थी। वहीं, ग्रामीणों द्वारा बचाए गए घायल राजवीर (पुत्र कोहरा डामोर) और जयसिंह (पुत्र सुरेश डामोर) को इलाज के लिए सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही धम्बोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर सीमलवाड़ा अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। एक ही परिवार के चार बच्चों की इस आकस्मिक मौत से बड़ी गांव और पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।1
- डूंगरपुर से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अहमदाबाद पहुंचे। वहाँ उन्होंने एक निजी अस्पताल में जाकर दशा हुमड़ समाज के अध्यक्ष दिनेश खोडनिया के पुत्र अदिश खोडनिया के जुड़वां बच्चे होने पर उनके परिवार को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई दीं। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री अर्जुन, महेंद्रजीत सिंह मालवीय और असरार अहमद भी मौजूद रहे। इसके अलावा अहमदाबाद के पूर्व मेयर और विधायक हिम्मत पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।2
- डूंगरपुर शहर के सबका हॉस्पीटल में शनिवार को कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 20 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोगरा मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत में चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल सबका ने अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया। शिविर को संबोधित करते हुए विधायक गणेश घोगरा ने कहा कि रक्तदान आज के दौर में इंसानियत का जीता-जागता उदाहरण है, जो सामाजिक सरोकारों से जुड़ा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि रक्तदान में कभी जाति और धर्म आड़े नहीं आता और यह हमें इनसे ऊपर उठकर कार्य करने की सीख देता है, लेकिन मौजूदा दौर में भाजपा जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने लगी है। वहीं, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविंद पटेल ने आभार जताते हुए कहा कि सबका अस्पताल में यह पांचवां और चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले पहला शिविर है। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने डॉ. गोविंद पटेल की सराहना करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें थाने बुलाकर सवाल-जवाब किए थे, जिसका उन्होंने कांग्रेस विचारधारा के अनुरूप मजबूती से सामना किया। शिविर में पूर्व राज्यमंत्री असरार अहमद, वरिष्ठ नेता प्रेमकुमार पाटीदार, नारायण पण्ड्या, प्रियकांत पण्ड्या सहित कई कांग्रेस नेता उपस्थित रहे। इस अवसर पर ओमप्रकाश सिंह, रामनिवास, राजेंद्र, चेतन और डॉ. गोविंद पटेल समेत कुल 15 लोगों ने रक्तदान किया, जिन्हें अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।2
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चौरासी विधानसभा क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के विधायक अनिल कुमार कटारा ने वन मित्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग उठाई है। इस संबंध में विधायक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा को पत्र लिखकर पूरी चयन प्रक्रिया की समीक्षा करने का आग्रह किया है। विधायक ने सरकार का ध्यान खींचते हुए बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2024-25 के तहत वन विभाग द्वारा संचालित इस भर्ती के आदेश 07 जुलाई 2026 को रात 11:54 बजे जारी किए गए थे, और पंजीयन कराने व रिपोर्ट भिजवाने की अंतिम तिथि अगले ही दिन यानी 08 जुलाई 2026 की शाम तक ही निर्धारित कर दी गई। विधायक अनिल कटारा ने प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इतनी अल्प समयावधि मिलने और सूचना के सीमित साधनों के कारण ग्रामीण व आदिवासी अंचलों के हजारों जरूरतमंद व बेरोजगार युवा आवेदन करने से पूरी तरह वंचित रह गए हैं। उनका आरोप है कि इस जल्दबाजी के कारण केवल पूर्व जानकारी रखने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को ही इसका लाभ मिल सका है, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जनता में सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की है कि वर्तमान वन मित्र पंजीयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय समीक्षा कराई जाए और पर्याप्त समयावधि व ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ दोबारा आवेदन आमंत्रित किए जाएं ताकि सभी पात्र युवाओं और महिलाओं को समान अवसर मिल सके।1
- डूंगरपुर के पुनाली गांव में स्थित मां अंबे मंदिर और शिव शक्ति धाम श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस भव्य मां अंबे मंदिर की स्थापना नीलकंठ मित्र मंडल जय अंबे पदयात्रा संघ के सानिध्य में 18 वर्षों की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद ग्राम वासियों ने मिलकर की थी। वर्तमान में इस मंदिर में सुबह-शाम नियम से आरती की जाती है और हर पूर्णिमा को विशेष हवन का आयोजन होता है, जिसमें सैकड़ों भक्त अपनी मन्नतें पूरी होने पर शामिल होकर हवन का लाभ उठाते हैं। इसी के समीप स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर शिव शक्ति धाम की स्थापना भी देश के 22 संतों और समस्त ग्रामीणों के सहयोग से हुई थी, जिसमें लोगों की गहरी श्रद्धा बसी हुई है। इस पावन मंदिर परिसर में गणपति दादा की मूर्ति भी विराजमान है, जिसकी स्थापना स्वर्गीय नीता बहन की इच्छा के अनुसार की गई थी। इसके साथ ही, जय अंबे संघ डूंगरपुर द्वारा कई वर्षों से बिछीवाड़ा रोड पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन, दवाई और रात्रि विश्राम की पूरी व्यवस्था की जाती है। सभी भक्तों से एक बार यहाँ पधारकर दर्शन का लाभ उठाने का आग्रह किया गया है।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद राजकुमार रोत आगामी 13 से 17 जुलाई 2026 तक स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय 'पैलेस डेस नेशंस' में आयोजित होने वाले 'आदिवासी लोगों के अधिकारों पर विशेषज्ञ मंच' (EMRIP) के 19वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। संयुक्त राष्ट्र का यह वही प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसने 9 अगस्त को 'विश्व आदिवासी दिवस' के रूप में वैश्विक पहचान दिलाने और दुनिया भर में मूल निवासियों के अधिकारों को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। अब इसी वैश्विक पटल पर सांसद रोत भारतीय आदिवासी समाज की आवाज़ बुलंद करेंगे। इस गौरवपूर्ण अवसर पर सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि यह आमंत्रण केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों आदिवासियों के मुद्दों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक बड़ा माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सम्मेलन के दौरान जल, जंगल, जमीन, भारतीय संविधान की पाँचवीं और छठी अनुसूची, वनाधिकार अधिनियम, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक संरक्षण तथा विस्थापन जैसी गंभीर चुनौतियों और अधिकारों से जुड़े विषयों को संयुक्त राष्ट्र के समक्ष मजबूती से रखेंगे। सांसद रोत ने इस वैश्विक भागीदारी को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने के लिए देश भर के आदिवासी समाज, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, शोधकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से व्यापक सहयोग की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आदिवासियों के वास्तविक मुद्दों और सुझावों को उन तक पहुँचाया जाए। सांसद ने विश्वास दिलाया कि प्राप्त होने वाले सभी महत्वपूर्ण सुझावों का गहन अध्ययन कर उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के एजेंडे में शामिल किया जाएगा, ताकि भारतीय मूल निवासियों की वास्तविक परिस्थितियों और माँगों को वैश्विक स्तर पर सही ढंग से रेखांकित किया जा सके।1
- डूँगरपुर जिले के सिमलवाड़ा में धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव स्थित दुधेश्वर महादेव मंदिर के समीप नदी में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां नहाने के दौरान 4 बालक अचानक गहरे पानी में डूब गए। इस घटना से मौके पर तुरंत अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। उपसरपंच राजेश प्रजापत ने बताया कि ग्रामीणों की मदद से इन 4 बालकों को नदी से बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उनकी स्थिति की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता और तनाव का माहौल बन गया है और फिलहाल बालकों की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से बरसात के मौसम में नदी-नालों व गहरे जलाशयों से दूर रहने और बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है।1