आंगनबाड़ी भवन की शिकायत पर विभागीय पत्र ने खोले कई सवाल, मुख्य सेविका पर दबाव-धमकी के आरोप; जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मांगा जवाब कुशीनगर। विलेज फास्ट टाइम्स से विशेष संवाददाता। दुदही विकासखंड के एक गांव में आंगनबाड़ी भवन और केंद्र के संचालन को लेकर उठे सवाल अब विभागीय स्तर पर गंभीर जांच के घेरे में पहुंच गए हैं। जनसुनवाई संदर्भ संख्या 40018926024977, दिनांक 10 अगस्त 2026 को की गई शिकायत के मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी, कुशीनगर की ओर से 25 अगस्त 2026 को जारी पत्र ने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। शिकायतकर्ता चन्द्रमणि पाण्डेय ने आरोप लगाया था कि गांव में करीब पांच वर्ष पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा आंगनबाड़ी भवन विभाग को हैंडओवर किए जाने के बावजूद भवन उपलब्ध होने के बाद भी बच्चों की शिक्षा-दीक्षा, पोषण एवं निर्धारित आंगनबाड़ी सेवाओं का अपेक्षित संचालन नहीं हो सका। शिकायत में सरकारी धन से निर्मित भवन के उपयोग और विभागीय निगरानी पर भी सवाल उठाए गए थे। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष स्थलीय सत्यापन कराने के बजाय कागजी रिपोर्ट के आधार पर शिकायत निस्तारित करने का प्रयास किया जा रहा था। संबंधित सेक्टर की सुपरवाइजर अनामिका सिंह पर शिकायतकर्ता का पक्ष जाने बिना शिकायत निस्तारित कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया। सबसे गंभीर बात यह है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी के पत्र में दर्ज विवरण के अनुसार अधिकारी ने स्वयं शिकायतकर्ता से फोन पर बातचीत की। शिकायतकर्ता ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री के संबंध में की गई कार्रवाई से वह संतुष्ट है, लेकिन क्षेत्रीय मुख्य सेविका अनामिका सिंह द्वारा शिकायत के संबंध में कथित रूप से धमकी देने और दबाव बनाने की बात कही गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने क्षेत्रीय मुख्य सेविका अनामिका सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने का उल्लेख किया है। पत्र में यह भी दर्ज है कि शिकायतकर्ता द्वारा पूर्व में की गई शिकायत के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिका के मानदेय को बाधित किए जाने की कार्रवाई हो चुकी है। अब बड़ा सवाल यह है कि आंगनबाड़ी केंद्र की वास्तविक स्थिति क्या है? क्या भवन का अपेक्षित उपयोग हो रहा है? शिकायतों के निस्तारण में स्थलीय सत्यापन हुआ या केवल कागजी कार्रवाई? और यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? विलेज फास्ट टाइम्स इस मामले में निष्पक्ष जांच, वास्तविक स्थलीय सत्यापन और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग के साथ पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए है।
आंगनबाड़ी भवन की शिकायत पर विभागीय पत्र ने खोले कई सवाल, मुख्य सेविका पर दबाव-धमकी के आरोप; जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मांगा जवाब कुशीनगर। विलेज फास्ट टाइम्स से विशेष संवाददाता। दुदही विकासखंड के एक गांव में आंगनबाड़ी भवन और केंद्र के संचालन को लेकर उठे सवाल अब विभागीय स्तर पर गंभीर जांच के घेरे में पहुंच गए हैं। जनसुनवाई संदर्भ संख्या 40018926024977, दिनांक 10 अगस्त 2026 को की गई शिकायत के मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी, कुशीनगर की ओर से 25 अगस्त 2026 को जारी पत्र ने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। शिकायतकर्ता चन्द्रमणि पाण्डेय ने आरोप लगाया था कि गांव में करीब पांच वर्ष पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा आंगनबाड़ी भवन विभाग को हैंडओवर किए जाने के बावजूद भवन उपलब्ध होने के बाद भी बच्चों की शिक्षा-दीक्षा, पोषण एवं निर्धारित आंगनबाड़ी सेवाओं का अपेक्षित संचालन नहीं हो सका। शिकायत में सरकारी धन से निर्मित भवन के उपयोग और विभागीय निगरानी पर भी सवाल उठाए गए थे। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष स्थलीय सत्यापन कराने के बजाय कागजी रिपोर्ट के आधार पर शिकायत निस्तारित करने का प्रयास किया जा रहा था। संबंधित सेक्टर की सुपरवाइजर अनामिका सिंह पर शिकायतकर्ता का पक्ष जाने बिना शिकायत निस्तारित कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया। सबसे गंभीर बात यह है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी के पत्र में दर्ज विवरण के अनुसार अधिकारी ने स्वयं शिकायतकर्ता से फोन पर बातचीत की। शिकायतकर्ता ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री के संबंध में की गई कार्रवाई से वह संतुष्ट है, लेकिन क्षेत्रीय मुख्य सेविका अनामिका सिंह द्वारा शिकायत के संबंध में कथित रूप से धमकी देने और दबाव बनाने की बात कही गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने क्षेत्रीय मुख्य सेविका अनामिका सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने का उल्लेख किया है। पत्र में यह भी दर्ज है कि शिकायतकर्ता द्वारा पूर्व में की गई शिकायत के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिका के मानदेय को बाधित किए जाने की कार्रवाई हो चुकी है। अब बड़ा सवाल यह है कि आंगनबाड़ी केंद्र की वास्तविक स्थिति क्या है? क्या भवन का अपेक्षित उपयोग हो रहा है? शिकायतों के निस्तारण में स्थलीय सत्यापन हुआ या केवल कागजी कार्रवाई? और यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? विलेज फास्ट टाइम्स इस मामले में निष्पक्ष जांच, वास्तविक स्थलीय सत्यापन और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग के साथ पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए है।
- कटाव स्थल का निरीक्षण करते सांसद और विधायक ग्रामीणों को दिया भरोसा नौतन प्रखंड के मंगलपुर कला पंचायत के वार्ड नंबर 7 में बेतिया सांसद डॉक्टर संजय जयसवाल पूर्व आपदा मंत्री नारायण शाह के द्वारा दौरा किया गया ग्रामीण को दिया गया भरोसा1
- नौतन में गंडक का कटाव तेज, सांसद ने लिया जायजा बरियारपुर में कटाव से लोगों में दहशत, दर्जनों एकड़ फसल व कृषि योग्य भूमि नदी में समाई। नौतन।अंचल क्षेत्र के मंगलपुर कला पंचायत के बरियारपुर में गंडक नदी का कटाव तेज होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मंगलवार को बेतिया सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बरियारपुर पहुंचकर गंडक नदी के कटाव का जायजा लिया। उन्होंने कटाव प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों से स्थिति की जानकारी ली।ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि गंडक नदी लगातार कटाव कर रही है। नदी के कटाव से दर्जनों एकड़ फसल और कृषि योग्य भूमि गंडक में समा चुकी है। कटाव इसी तरह जारी रहा तो आसपास के अन्य इलाकों में भी नदी का पानी और कटाव पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों ने सांसद से कटाव रोकने के लिए तत्काल ठोस पहल कराने की मांग की।निरीक्षण के दौरान सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि कटाव की स्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है।संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर कटावरोधी कार्य कराने के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी भी ली।कटाव के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी लगातार जमीन काट रही है, जिससे उनकी खेती प्रभावित होने के साथ-साथ आने वाले दिनों में आवासीय क्षेत्रों पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटावरोधी कार्य में तेजी लाने की मांग की।मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष रुपकलाल श्रीवास्तव, उमेश पांडेय, चन्द्रमा सिंह, पप्पू सिंह, सांसद प्रतिनिधि पन्नालाल साह,प्रखंड अध्यक्ष छोटेलाल कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।3
- युवाओं के लिए खुशखबरी! 🚨 1 लाख सरकारी नौकरी का वादा, युवाओं में उम्मीद की नई किरण। 🇮🇳1
- व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), न होने से ट्रको के संचालन के परमिट पर सरकार ने रोक लगा रखा है हंगामा टाइम्स न्यूज़ कुशीनगर ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सरकार ने नियम बना तो दिए, लेकिन लागू करने के लिए व्यवस्था नहीं की गई, जिससे ट्रक मालिकों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को परेशान होना पड़ रहा है. उनका कहना था कि सरकार ने VLTD कंपलसरी किया है. यह GPS की तरह ट्रैकिंग डिवाइस है. इसे लगाने से कोई ऐतराज नहीं, लेकिन इसे लगाने के लिए थोड़ा समय दिया जाना चाहिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) तत्काल लग पाना मुश्किल हो रहा है. गाड़ियों के परमिट मिलना बंद हो गए हैं. ट्रैकिंग डिवाइस लगने तक अस्थाई परमिट से गाड़ियां चलती रहनी चाहिए. #KushinagarNews #BreakingNews2
- एक साथ दो बड़ी खबरें देखें गंडक नदी के कटाव स्थल का सांसद ने किया निरीक्षण मुख्य सड़क को किसी भी हाल में कटने नहीं दिया जाएगा : डॉ. संजय जायसवाल मझौलिया में विद्यार्थी सहयोग शिविर का शुभारंभ शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों में होगा अंतिम निराकरण : बीडीओ एक साथ दो बड़ी खबरें देखें गंडक नदी के कटाव स्थल का सांसद ने किया निरीक्षण मुख्य सड़क को किसी भी हाल में कटने नहीं दिया जाएगा : डॉ. संजय जायसवाल मझौलिया में विद्यार्थी सहयोग शिविर का शुभारंभ शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों में होगा अंतिम निराकरण : बीडीओ1
- सूर्यपुर पंचायत बनी बैरिया प्रखंड की पहली बाल श्रम मुक्त पंचायत बैरिया। बैरिया प्रखंड क्षेत्र की सूर्यपुर पंचायत को प्रखंड की पहली बाल श्रम मुक्त पंचायत घोषित किया गया। इस अवसर पर बाल श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्याम कुमार के नेतृत्व में तथा पंचायत के मुखिया इस्लाम गद्दी की अध्यक्षता में आमसभा का आयोजन किया गया। आमसभा में मौजूद ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से सूर्यपुर पंचायत को बाल श्रम मुक्त घोषित किया। आमसभा में बाल श्रम के दुष्परिणामों को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही पंचायत के किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रहने देने पर विशेष जोर दिया गया। सभी बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय से जोड़ने और बाल श्रम को पूरी तरह समाप्त करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस दौरान बताया गया कि प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक आमसभाओं का आयोजन कर पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से अपील की कि बच्चों से किसी भी प्रकार का मजदूरी कार्य नहीं कराया जाए और उन्हें नियमित विद्यालय भेजा जाए। इससे बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मौके पर पंचायत सचिव विकास कुमार, डाटा ऑपरेटर मनदीप कुमार सहित दर्जनों पंचायतवासी मौजूद रहे।1
- बेतिया में ट्रेन पर पत्थरबाजी को लेकर अलर्ट, GRP-RPF का ताबड़तोड़ जागरूकता अभियान बेतिया रेल क्षेत्र में ट्रेनों पर लगातार हो रही पत्थरबाजी की घटनाओं को देखते हुए रेल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मुजफ्फरपुर से आने-जाने वाली ट्रेनों और आनंद विहार से आने वाली ट्रेनों को असामाजिक तत्वों द्वारा निशाना बनाए जाने की सूचना के बाद GRP, RPF और स्थानीय थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। बेतिया रेलवे थाना अध्यक्ष राजेश पासवान ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और ऐसे मामलों में शामिल लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेल थाना अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि रेल क्षेत्र से गुजरने वाली किसी भी ट्रेन पर पत्थरबाजी करना गंभीर अपराध है। पुलिस की टीम लगातार संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रख रही है और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति ट्रेन पर पत्थर फेंकता हुआ दिखाई देता है या रेलवे क्षेत्र में किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तत्काल रेल पुलिस को इसकी सूचना दें। रेल पुलिस ने यह भी साफ किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अभियान के दौरान लोगों को ट्रेन पर पत्थरबाजी के खतरों और इसके कानूनी परिणामों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। रेल थाना अध्यक्ष राजेश पासवान ने कहा कि यह जागरूकता और निगरानी अभियान लगातार जारी रहेगा। रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, ताकि ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रेल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, ट्रेनों पर पथराव करने या किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें और समय रहते पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने पर ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- टायर यूनियन पडरौना के बैनर तले शहर के टायर पंचर दुकानदार अपनी मांगों के समर्थन में। तीन दिन तक हड़ताल पर रहे। हंगामा टाइम्स न्यूज़ कुशीनगर इस दौरान शहर की पंचर व टायर मरम्मत की दुकानें बंद रहीं। यूनियन ने पंचर बनाने और अन्य सेवाओं के लिए नई दर लागू करने की मांग उठाई। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण टायर मरम्मत, पंचर बनाने, मशीन, उपकरण और अन्य सामग्रियों की लागत काफी बढ़ गई है। इसके बावजूद वर्षों से पंचर बनाने का शुल्क नहीं बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि बढ़ी हुई लागत के अनुरूप शुल्क लेने का प्रयास करने पर कभी कभी कुछ लोग लड़ाई झगड़ा करने पर उतारू हो जाते है, जिससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी कारण सभी सदस्यों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी कुशीनगर कार्यालय पहुंच अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और नई दर सूची लागू करने की मांग की। #KushinagarNews #NewsUpdate1