आरक्षण नहीं तो वोट नहीं अतिपिछड़ो का यह नारा है धन धरती और राज पाट में संख्यात्मक भाग हमारा है........ सवाल सीधा है — *“अगर आरक्षण के असली समर्थक हो तो संवैधानिक रास्ते से क्यों कतरा रहे हो?”* और ये सवाल आज हर जागरूक अतिपिछड़े के मन में है। *1. मुद्दा क्या है — एकदम साफ* *उत्तराखंड शिल्पकार आरक्षण मॉडल*: उत्तराखंड में कुछ शिल्पकार जातियों को SC लिस्ट में शामिल किया गया है। उसी आधार पर *अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान* ने UP में 17 अतिपिछड़ी जातियों के लिए *अनुच्छेद 341* के तहत राज्य सरकार से सिफारिश + केंद्र से संविधान संशोधन की अपील दाखिल की है ताकि निर्विवाद रूप से एससी प्रमाण पत्र जारी हो सकें। *अनुच्छेद 341* कहता है: राष्ट्रपति राज्य के राज्यपाल से परामर्श करके अधिसूचना द्वारा SC की सूची घोषित करेंगे और तहसीलें पिछड़ी पर रोक लगाते हुए एससी प्रमाण पत्र जारी करेंगी। संसद कानून से उसमें बदलाव कर सकती है। मतलब: *रास्ता संविधान में लिखा है*, सिर्फ राजनीतिक इच्छाशक्ति चाहिए। *2. “बड़का नेता जी लोग” चुप क्यों हैं — जनता के 3 बड़े शक* हमने जो बोला, वही गांव-गांव में चर्चा है: 1. *“संख्यात्मक आरक्षण” की दुकान बंद हो जाएगी*: जब तक 17 अतिपिछड़ी जातियां आपस में बंटी हैं, तब तक हर चुनाव में “हिस्सेदारी दो” का नारा चलता है। SC में चले गए तो नारा खत्म, नेतागिरी खत्म। 2. *“क्रेडिट किसे मिलेगा”*: अगर अनिल प्रजापति के नेतृत्व में अपील पास हो गई तो चेहरा वही बनेंगे। इसलिए दूसरे नेता खुलकर समर्थन नहीं कर रहे — कहीं सियासी जमीन न खिसक जाए। 3. *“सत्ता की नाराजगी का डर”*: कई लोडर सरकार/संगठन में एडजस्ट हैं। खुलकर SC मांग पर बोलेंगे तो टिकट/पद खतरे में पड़ जाएगा। ये आरोप हैं। सच क्या है, वो उनका आचरण बताएगा। *3. 2027 चुनाव और सरकार की मजबूरी* UP में 17 अतिपिछड़ी जातियों का लगभग 20% वोट हैं। 2022 में सत्तापक्ष ने “SC में शामिल करेंगे” का वादा किया था। अभी तक केंद्र को प्रस्ताव भेजा या नहीं लोग असमंजस में हैं। *2027 नजदीक है*। अगर अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान का दबाव सड़क से कोर्ट तक बना रहा, तो सरकार के पास 2 ही रास्ते बचेंगे: 1. *लागू कर दो* → क्रेडिट महाअभियान/अनिल प्रजापति को जाएगा। 2. *टाल दो* → 20% वोट सीधा नाराज। विपक्ष मुद्दा लपक लेगा। इसलिए यह बात सही — *“फिर मुंह कहां दिखाओगे”* वाला दिन आएगा। *4. समाधान: सवाल सब से, एक ही* चाहे सत्ता पक्ष हो, विपक्ष हो, या समाज के स्वयंभू ठेकेदार — सब से एक लाइन का जवाब मांगिए: *“17 अतिपिछड़ी जातियों को उत्तराखंड मॉडल पर SC में परिभाषित करने के लिए हां या ना ?”* - हां = साथ लो। - ना = मैदान से बाहर करो। - गोल-मोल = सबसे खतरनाक, उसे पहले हटाओ। *संवैधानिक कंप्लायंस से डर कैसा ?* अनुच्छेद 341 कोई चोरी का रास्ता नहीं, संविधान सम्मत का दरवाजा है। जो नेता उस दरवाजे पर ताला लगाए, वो आरक्षण समर्थक नहीं, आरक्षण की दुकान का मालिक है। *निचोड़* अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान ने बॉल सरकार के पाले में डाल दी है। अब खेल जनता देखेगी। जो साथ आया, वो समाज का। जो चुप रहा, वो सत्ता की मलाई का। *2027 तक हिसाब बराबर होगा* — वोट से भी, इतिहास से भी। एकता रखिए। मुद्दा कोर्ट-कचहरी और कलम से लड़ा जा रहा है। सड़क तैयार है। रिजल्ट आने तक पैर पीछे नहीं हटेंगे। 🙏
आरक्षण नहीं तो वोट नहीं अतिपिछड़ो का यह नारा है धन धरती और राज पाट में संख्यात्मक भाग हमारा है........ सवाल सीधा है — *“अगर आरक्षण के असली समर्थक हो तो संवैधानिक रास्ते से क्यों कतरा रहे हो?”* और ये सवाल आज हर जागरूक अतिपिछड़े के मन में है। *1. मुद्दा क्या है — एकदम साफ* *उत्तराखंड शिल्पकार आरक्षण मॉडल*: उत्तराखंड में कुछ शिल्पकार जातियों को SC लिस्ट में शामिल किया गया है। उसी आधार पर *अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान* ने UP में 17 अतिपिछड़ी जातियों के लिए *अनुच्छेद 341* के तहत राज्य सरकार से सिफारिश + केंद्र से संविधान संशोधन की अपील दाखिल की है ताकि निर्विवाद रूप से एससी प्रमाण पत्र जारी हो सकें। *अनुच्छेद 341* कहता है: राष्ट्रपति राज्य के राज्यपाल से परामर्श करके अधिसूचना द्वारा SC की सूची घोषित करेंगे और तहसीलें पिछड़ी पर रोक लगाते हुए एससी प्रमाण पत्र जारी करेंगी। संसद कानून से उसमें बदलाव कर सकती है। मतलब: *रास्ता संविधान में लिखा है*, सिर्फ राजनीतिक इच्छाशक्ति चाहिए। *2. “बड़का नेता जी लोग” चुप क्यों हैं — जनता के 3 बड़े शक* हमने जो बोला, वही गांव-गांव में चर्चा है: 1. *“संख्यात्मक आरक्षण” की दुकान बंद हो जाएगी*: जब तक 17 अतिपिछड़ी जातियां आपस में बंटी हैं, तब तक हर चुनाव में “हिस्सेदारी दो” का नारा चलता है। SC में चले गए तो नारा खत्म, नेतागिरी खत्म। 2. *“क्रेडिट किसे मिलेगा”*: अगर अनिल प्रजापति के नेतृत्व में अपील पास हो गई तो चेहरा वही बनेंगे। इसलिए दूसरे नेता खुलकर समर्थन नहीं कर रहे — कहीं सियासी जमीन न खिसक जाए। 3. *“सत्ता की नाराजगी का डर”*: कई लोडर सरकार/संगठन में एडजस्ट हैं। खुलकर SC मांग पर बोलेंगे तो टिकट/पद खतरे में पड़ जाएगा। ये आरोप हैं। सच क्या है, वो उनका आचरण बताएगा। *3. 2027 चुनाव और सरकार की मजबूरी* UP में 17 अतिपिछड़ी जातियों का लगभग 20% वोट हैं। 2022 में सत्तापक्ष ने “SC में शामिल करेंगे” का वादा किया था। अभी तक केंद्र को प्रस्ताव भेजा या नहीं लोग असमंजस में हैं। *2027 नजदीक है*। अगर अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान का दबाव सड़क से कोर्ट तक बना रहा, तो सरकार के पास 2 ही रास्ते बचेंगे: 1. *लागू कर दो* → क्रेडिट महाअभियान/अनिल प्रजापति को जाएगा। 2. *टाल दो* → 20% वोट सीधा नाराज। विपक्ष मुद्दा लपक लेगा। इसलिए यह बात सही — *“फिर मुंह कहां दिखाओगे”* वाला दिन आएगा। *4. समाधान: सवाल सब से, एक ही* चाहे सत्ता पक्ष हो, विपक्ष हो, या समाज के स्वयंभू ठेकेदार — सब से एक लाइन का जवाब मांगिए: *“17 अतिपिछड़ी जातियों को उत्तराखंड मॉडल पर SC में परिभाषित करने के लिए हां या ना ?”* - हां = साथ लो। - ना = मैदान से बाहर करो। - गोल-मोल = सबसे खतरनाक, उसे पहले हटाओ। *संवैधानिक कंप्लायंस से डर कैसा ?* अनुच्छेद 341 कोई चोरी का रास्ता नहीं, संविधान सम्मत का दरवाजा है। जो नेता उस दरवाजे पर ताला लगाए, वो आरक्षण समर्थक नहीं, आरक्षण की दुकान का मालिक है। *निचोड़* अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान ने बॉल सरकार के पाले में डाल दी है। अब खेल जनता देखेगी। जो साथ आया, वो समाज का। जो चुप रहा, वो सत्ता की मलाई का। *2027 तक हिसाब बराबर होगा* — वोट से भी, इतिहास से भी। एकता रखिए। मुद्दा कोर्ट-कचहरी और कलम से लड़ा जा रहा है। सड़क तैयार है। रिजल्ट आने तक पैर पीछे नहीं हटेंगे। 🙏
- अनिल कुमार प्रजापतिघनघटा, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेशसंख्यात्मक आरक्षण/हिस्सेदारी के नाम पर समाज को टुकड़े टुकड़े गैंग में बांटकर सत्ता की मलाई काटने वाले वंचित अतिपिछड़ी जातियों के सभी लोडर आज अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान द्वारा उत्तराखंड शिल्पकार आरक्षण के तर्ज पर नियमानुसार दाखिल राज्य स्तरीय अपील पर चुप क्यों हैं। यदि आप लोग आरक्षण समर्थक हैं तो अनुच्छेद 341 के अनुपालन में इस संवैधानिक कंप्लायंस से पीछे क्यों हट रहे है। यहीं न कि निर्विवाद रूप से मुद्दा साल्व होने पर कहीं अनिल प्रजापति अतिपिछड़े समाज का चर्चित चेहरा बनकर न उभर जाएं। किन्तु उसके बावजूद भी अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान यदि अपने संविधान सम्मत संघर्षों के दमपर आर-पार की लड़ाई लड़ने में कामयाब हुआ तथा शासन प्रशासन और सरकार 2027 के विधानसभा चुनाव को गंभीरता से लेते हुए आरक्षण लागू दिया फिर समाज में क्या कहकर मुंह दिखाओगे ये बड़का नेता जी लोग।21 hrs ago
- *थाना मेंहदावल अन्तर्गत सोनवरसा रोडवेज बस स्टैंड के पास दो पक्षों के मध्य मारपीट की घटना घटित होने व पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी मेंहदावल द्वारा दी गयी जानकारी1
- संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने पुलिस लाइन स्थित जीर्णोद्धारित पुलिस कैंटीन का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कैंटीन का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं वस्तुओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। उद्घाटन के बाद पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। ड्यूटी की व्यस्तता के बीच कर्मियों को आवश्यक सुविधाएं सहजता से उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यह कैंटीन पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने बताया कि कैंटीन का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों एवं उनके परिजनों को रियायती दरों पर उच्च गुणवत्ता की दैनिक उपयोग की वस्तुएं एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। जीर्णोद्धार के बाद कैंटीन को आधुनिक रूप दिया गया है। इसमें सामानों के बेहतर रख-रखाव के लिए रैक, बैठने की समुचित व्यवस्था तथा डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैंटीन में उपलब्ध वस्तुओं की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि कर्मियों को बेहतर सेवाएं मिल सकें। #SantKabirNagar #PoliceNews #UPPolice #SandeepKumarMeena #PoliceCanteen #Inauguration #PublicService #PoliceWelfare #DigitalIndia #GoodGovernance #NewsUpdate #hindinewsupdate #liveuponenews2
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा पुलिस लाइन संतकबीरनगर के परिसर में स्थित जीर्णोद्धार कराए गए पुलिस कैंटीन का फीता काटकर उद्घाटन किया गया तथा कैंटीन का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं गुणवत्ता का जायजा लिया । उद्घाटन के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता उनके मानसिक और शारीरिक कल्याण पर निर्भर करती है। ड्यूटी की व्यस्तता के बीच पुलिस कर्मियों को बुनियादी सुविधाएं आसानी से मिल सकें, इसके लिए पुलिस प्रशासन सदैव प्रयासरत है । यह कैंटीन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है । उद्देश्य पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए, उन्हें रियायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली दैनिक उपयोगी वस्तुएं और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना । सुविधाएं जीर्णोद्धार के पश्चात कैंटीन को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। इसमें सामानों के रख-रखाव के लिए बेहतर रैक, बैठने की समुचित व्यवस्था और डिजिटल भुगतान की सुविधा सुनिश्चित की गई है । गुणवत्ता पर जोर उद्घाटन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैंटीन में सामानों की शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए ।4
- Post by Vipin Rai Journalist1
- *पब्लिक का भी ग़ज़ब हाल है!* *हापुड में रेलवे लाइन के पास पालीथीन में महिला की हेयर विग पड़ी थीं।* *किसी ने पुलिस को सूचना सरका दी,रेलवे लाइन के पास "महिला का सिर कटा पड़ा है"।* *पुलिस पहुंची,जांच की तो कटे सर का रहस्य पुलिस की समझ में आ गया।* *मौके पर बरामद स्टाइलिश हेयर विग को देखकर पुलिस भी हंसी नहीं रोक पाई।*1
- Post by BALRAM1
- ब्रेकअप के बाद गोरखपुर में टावर पर चढ़ा युवक, इंस्टाग्राम पर बयां करता रहा दर्द, पांच घंटे बाद पुलिस ने उतारा प्रेमिका से ब्रेकअप के बाद बिहार के बेतिया का रहने वाला युवक मानसिक तनाव में 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। करीब पांच घंटे तक नीचे नहीं उतरा। इस दौरान वह इंस्टाग्राम पर रील बनाकर अपना दर्द बयां करता रहा, जिससे इलाके में हलचल मच गई। शाहपुर पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा। पूछने पर उसने शांति की तलाश में टावर पर चढ़ने की बात बताई।1
- संत कबीर नगर। पूर्व सभासद टी.एन. गुप्ता के जन्मदिन पर उमड़ा स्नेह, बधाई देने वालों का लगा सुबह से ही लग रहा तांता। फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से दिनभर बधाईयों का सिलसिला चलता रहा। शाम को पूर्व सभासद टी.एन. गुप्ता का जन्मदिन शहर के एक निजी होटल में उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, मित्रगण एवं समाज के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सभी ने उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह का मुख्य आकर्षण केक कटिंग कार्यक्रम रहा, जिसमें पूर्व नगर अध्यक्ष सतविंदर पाल सिंह जज्जी सहित उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने टी एन गुप्ता को केक खिलाकर एवं अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया , जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी गरिमामय हो गया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने उनके सामाजिक कार्यों और जनसेवा में दिए गए योगदान की सराहना करते हुए कहा कि टी.एन. गुप्ता हमेशा लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं और समाज में उनकी विशेष पहचान है। अंत में सभी ने एकजुट होकर उन्हें शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। #liveuponenews #TNGupta #BirthdayCelebration #SammanSamaroh #LocalNews #HappyBirthday #Respect #SocialWork #PublicLeader #Celebration #IndiaNews #TrendingNews3